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भिलाई : ‘ बंगीय साहित्य संस्था ‘ द्वारा आयोजित ‘ साहित्यिक विचार – विमर्श और शनिवारीय कॉफी विथ आड्डा ‘ : नोबेल पुरस्कार पर चर्चा, जन्मदिवस, सम्मान और कवितापाठ

भिलाई [इंडियन कॉफी हाउस भिलाई निवास से छत्तीसगढ़ आसपास के लिए रपट आलोक कुमार चंदा] : भिलाई में बंग साहित्यिक एवं सांस्कृतिक कल्चर को लेकर 62 वर्ष पुरानी बंगीय साहित्य संस्था वर्ष भर चलने वाली विभिन्न आयोजन में एक आयोजन यह भी है – साहित्यिक विचार – विमर्श और शनिवारीय कॉफी विथ आड्डा
आज जिन्होंने शिरकत की
बानी चक्र वर्ती
दुलाल समाद्दार
प्रकाश चंद्र मण्डल
स्मृति दत्ता
दीपाली दास
रवींद्रनाथ देबनाथ
और
आलोक कुमार चंदा

आड्डा की अध्यक्षता ‘ बंगीय साहित्य संस्था ‘ की सभापति, बांग्ला की चर्चित कवयित्री श्रीमती बानी चक्रवर्ती ने की और संचालन ‘ बंगीय साहित्य संस्था ‘ के सह सचिव एवं बांग्ला व हिंदी के सिद्धहस्त कवि, नाट्यकार प्रकाश चंद्र मण्डल ने किया.

▪️ रवींद्रनाथ देबनाथ को जन्म दिन की बधाई देते हुए संस्था के सदस्य
प्रारंभ में संस्था के वरिष्ठ सदस्य एवं साहित्यिक चिंतक व रुचिकर रवींद्रनाथ देबनाथ का जन्म दिवस मनाया गया. सदस्यों ने उन्हें पुष्पगुच्छ देकर दीर्घायु होने की हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई दी.

▪️ ‘ मध्यबलय ‘ पत्रिका के संपादक दुलाल समाद्दार को बधाई देते हुए सदस्य…
विगत दिनों दुर्गापुर में ‘ मध्यबलय ‘ पत्रिका को सम्मानित किया गया था. यह लिटिल मेग्ज़िन ‘ बंगीय साहित्य संस्था ‘ का मुखपत्र है, इसके संपादक हिंदी व बांग्ला के गंभीर कवि दुलाल समाद्दार हैं.

▪️ नोबेल पुरस्कार –
साहित्य का नोबेल पुरस्कार नार्वे के लेखक 64 वर्षीय जॉन फॉसे को दिया गया और ईरान में महिलाओं पर आत्याचारों के खिलाफ बुलंद करने वाली मानवा धिकारी कार्यकर्ता 51 वर्षीय नर्गिस मोहम्मदी को नोबेल शांति पुरुस्कार से सम्मानित किया गया.
संस्था के सदस्यों ने उनकी उपलब्धियों पर अपनी – अपनी बातों को साझा करते हुए बोले –
अनकही को आवाज़ देने वाले लेखक जॉन फॉसे ने चार दशक की साहित्यिक यात्रा के दौरान दो दर्जन से अधिक नाटकों के अलावा उपन्यास, निबंध, कविता संग्रह और बच्चों के लिए कई किताबें लिखीं. जॉन फॉसे की 1000 से ज्यादा नाटकों की प्रस्तुतियां हो चुकी हैं.
नर्गिस मोहम्मदी ने ईरान में मानवाधिकारों को बढ़ावा देने के साथ सभी के लिए आजादी का समर्थन किया. नर्गिस मोहम्मदी अभी भी जेल में बंद हैं. 31 साल की सजा काट रही हैं. नर्गिस मोहम्मदी दुनिया की 100 प्रेरक और प्रभावी महिलाओं की सूची में शामिल हैं.

▪️ कविता पाठ करते हुए बाएँ से – दीपाली दास, स्मृति दत्ता, बानी चक्रवर्ती
▪️ काव्य पाठ –
बानी चक्रवर्ती, स्मृति दत्ता, दुलाल समाद्दार, प्रकाश चंद्र मण्डल और दिपाली दास ने बांग्ला व हिंदी में नवनिर्मित बिंब के साथ सारगर्भित उत्कृष्ट कविता का पाठ किया.
आभार व्यक्त ‘ बंगीय साहित्य संस्था ‘ की उप सभापति श्रीमती स्मृति दत्ता ने किया.
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