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- मुलाकात : कथाकार विजय वर्तमान ने ‘ छत्तीसगढ़ आसपास ‘ के संपादक प्रदीप भट्टाचार्य को अपनी दो पुस्तक ‘ आ बैल, मुझे मार! ‘ और ‘ धानी के अक्षरगीत ‘ ससम्मान भेंटकर दिए…
मुलाकात : कथाकार विजय वर्तमान ने ‘ छत्तीसगढ़ आसपास ‘ के संपादक प्रदीप भट्टाचार्य को अपनी दो पुस्तक ‘ आ बैल, मुझे मार! ‘ और ‘ धानी के अक्षरगीत ‘ ससम्मान भेंटकर दिए…
2 years ago
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विगत दिनों हमारे शहर के चर्चित कथाकार विजय वर्तमान, भाभी जी द्रौपदी दिल्लीवार के साथ मेरे स्वास्थ की खबर लेने मेरे निवास आए.
ज्ञात हो कि 2 माह पूर्व मेरा एक्सीडेंट 17 सितम्बर को हुआ था. सर्जरी हुई. घर पर ही आराम कर रहा हूँ.जैसे- जैसे जानकारी मिल रही है, शुभचिन्तकों का आना – जाना लगा है.
दुःख की इस घड़ी में अपनों से मिलकर अच्छा लगता है.
विजय वर्तमान ने अपनी कहानी संग्रह आ बैल, मुझे मार! और धानी के अक्षरगीत पढ़ने को दिए.

▪️ बाएँ से – शेफाली प्रदीप भट्टाचार्य, श्रीमती द्रौपदी दिल्लीवार विजय वर्तमान, विजय वर्तमान और प्रदीप भट्टाचार्य.
मैं दोनों किताबों को पढ़ रहा हूँ.
पढ़ने के बाद इन पुस्तकों में से कुछ रचनाओं को ‘ छत्तीसगढ़ आसपास ‘ में प्रकाशित करूँगा…
– प्रदीप भट्टाचार्य, संपादक
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chhattisgarhaaspaas
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