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- कॉफी विथ साहित्यिक विचार- विमर्श आड्डा : इस सप्ताह श्रीमती स्मृति दत्ता, गोविंद पाल, दुलाल समाद्दार, प्रकाशचंद्र मण्डल, पं. वासुदेव भट्टाचार्य, आलोक कुमार चंदा, रविंद्रनाथ देबनाथ और प्रदीप भट्टाचार्य शामिल हुए.
कॉफी विथ साहित्यिक विचार- विमर्श आड्डा : इस सप्ताह श्रीमती स्मृति दत्ता, गोविंद पाल, दुलाल समाद्दार, प्रकाशचंद्र मण्डल, पं. वासुदेव भट्टाचार्य, आलोक कुमार चंदा, रविंद्रनाथ देबनाथ और प्रदीप भट्टाचार्य शामिल हुए.

👉 [बाएँ से] – आलोक कुमार चंदा, पं. वासुदेव भट्टाचार्य, प्रदीप भट्टाचार्य, प्रकाशचंद्र मण्डल, श्रीमती स्मृति दत्ता, गोविंद पाल, दुलाल समाद्दार और रविंद्रनाथ देबनाथ.
▪️ विचार – विमर्श हुए –
•श्रीमती स्मृति दत्ता का 80 वां जन्मदिन मनाया गया.
•सम- समायिकी विचार विमर्श.
•काव्य पाठ
भिलाई [भिलाई निवास कॉफी हाउस] : बांग्ला साहित्य व संस्कृति की संस्था ‘ बंगीय साहित्य संस्था ‘ लौहनगरी भिलाई में विगत 62 वर्षों से संचालित है. वर्ष भर ‘ बंगीय साहित्य संस्था ‘ के महत्त्वपूर्ण आयोजन होते रहते हैं. इसी कड़ी में प्रति शनिवार को ‘ कॉफी विथ साहित्यिक विचार- विमर्श आड्डा ‘ में संस्था के कुछ सदस्य एकत्रित होकर देश – विदेश में घट रहे सामयिक विषयों पर अपनी राय को साझा करते हैं और बांग्ला – हिंदी में काव्यपाठ होता है.

आज के इस आड्डा में ‘ बंगीय साहित्य संस्था ‘ की उपसभापति व बांग्ला की वयोवृद्ध लोकप्रिय लेखिका श्रीमती स्मृति दत्ता का 80वां जन्मदिन सदस्यों ने मनाया और उनके शतायु होने की शुभकामनाएं दी गई.

👉 [बाएँ से] – रविंद्रनाथ देबनाथ, गोविंद पाल, प्रदीप भट्टाचार्य, स्मृति दत्ता, पं. वासुदेव भट्टाचार्य, प्रकाशचंद्र मण्डल, दुलाल समाद्दार और आलोक कुमार चंदा
▪️ कवितापाठ-
• ‘बंगीय साहित्य संस्था ‘ के कोषाध्यक्ष और बांग्ला-हिंदी के कवि व नाट्यकार प्रकाशचंद्र मण्डल ने स्मृति दत्ता के जन्मदिन पर एक कविता प्रस्तुत की.. ‘ जन्मदिन दीदी… ‘
• ‘हिंदू मिलन सेवासंघ ‘ के पुरोहित पं. वासुदेव भट्टाचार्य ने प्रेम पर एक कविता को पढ़ा और बांग्ला में छोटी-छोटी एक दो रचना…
• बांग्ला समाज के सामाजिक कार्यकर्ता आलोक कुमार चंदा ने हिंदी में एक कविता, मेरी जिंदगी… और कवि प्रकाशचंद्र मण्डल के संग्रह से एक कविता ‘ हिंसा ‘ को पढ़कर सुनाया.
• बांग्ला भाषा की लिटिल पत्रिका ‘ मध्य बलय’ के संपादक और बांग्ला-हिंदी के चर्चित कवि
दुलाल समाद्दार ने बांग्ला कवि मधु भट्टाचार्य लिखित कविता पर कविता को पढ़ा.. ‘ कथा पे कथन ‘.
• ‘ बंगीय साहित्य संस्था ‘ के
सलाहकार, ‘ मुक्तकंठ साहित्य समिति ‘ के केंद्रीय अध्यक्ष एवं बांग्ला-हिंदी के देशव्यापी कवि गोविंद पाल ने हिंदी में दो रचना को पढ़ा- ‘ खेद के साथ कविता को लौटाना… और ‘ क्या है कविता…
• ‘ छत्तीसगढ़ आसपास ‘ के संपादक प्रदीप भट्टाचार्य ने स्मृति
दत्ता के जन्मदिन पर उन्हें शुभकामनाएं देते हुए कहा –
‘ मिलेंगी इतनी सारी खुशियाँ मुझे खबर न थी/महकेगी मुहब्बत की बगिया मुझे खबर न थी/बहुत तमन्ना थी आपसे मिलने की प्रिय दीदी स्मृति जी/आप मेरे दिल में ही रहोगे ‘ प्रदीप’/ मुझे खबर न थी.
• स्मृति दत्ता ने बांग्ला में ‘ शंख चिले – र- दाना… और ‘ शेष र कविता… को पढ़ा.
• सामाजिक चिंतक रविंद्रनाथ देबनाथ ने समाज में घट रही है
घटनाओं पर अपनी बात रखी.

आज के इस ‘आड्डा’ की अध्यक्षता श्रीमती स्मृति दत्ता, संचालन प्रकाशचंद्र मण्डल और आभार व्यक्त गोविंद पाल ने किया.
▪️ आगामी ‘ आड्डा बैठक ‘-
13 जनवरी 2024 को 10.30 बजे भिलाई निवास कॉफी हाउस में है. ‘ बंगीय साहित्य संस्था ‘ के सदस्य सादर आमंत्रित हैं.
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