- Home
- Chhattisgarh
- विमोचन : प्रथम कहानी संग्रह ‘ मैं हस्ताक्षर हूँ ‘ – विद्या गुप्ता
विमोचन : प्रथम कहानी संग्रह ‘ मैं हस्ताक्षर हूँ ‘ – विद्या गुप्ता

खुशियों का एक पर्व…. आकर नहलाता गुजर गया…. एक रचनाकार की किसी कृति का प्रकाशित होना और लोक मंच पर न केवल प्रस्तुत होना बल्कि पूरी शिद्दत से स्वीकृत होना, रचनाकार के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि है…. और मैंने उस उपलब्धि को दिल की गहराइयों तक महसूस किया, मेरा पहला कहानी संग्रह ” मैं हस्ताक्षर हूं” ने सचमुच जिन्होंने पढ़ा ,उनके दिल पर हस्ताक्षर किए…!!
इसकी गवाही लोकार्पण समारोह में भोपाल से पधारे मुख्य अतिथि की आसंदी पर, प्रो.dr. संजय द्विवेदी( आई आई एम सी) के पूर्व महानिदेशक)
श्री सतीश जायसवाल बिलासपुर , अध्यक्ष श्री रवि श्रीवास्तवजी, डॉक्टर परदेसीरामजी वर्मा, वरिष्ठ लेखक चिंतक समालोचक प्रो. सियाराम जी शर्मा, वरिष्ठ लेखक कवि गुलबीर सिंह जी भाटिया और श्री विनोद साव जी जो व्यंग्य और कथा के क्षेत्र में एक हस्ताक्षर हैं, सभी ने बहुत प्रामाणिक ढंग से कहानियों के बारे में अपने निष्कर्ष रखे, जिन्होंने कहानियों को एक ऊंचाई पर स्थापित कर दिया। वरिष्ठ लेखिका अनीता कार्डेकर ने बहुत संतुलित सुव्यवस्थित जी संचालन किया।

मैं अभीभूत हूं ….. आभारी हूं … कहानी का मूल्यांकन सही स्वरों में हुआ मैं आभारी हूं उन सभी मित्रों की जो कार्यक्रम में पधारे और अंत तक मुझे अपनी स्वीकृति और उपस्थिति से
सराबोर करते रहे।
आभारी हूं श्री इंदु शंकर जी मनु , ऋषि गजपाल, विजय वर्तमान, मीता दास, मनोरंजन दास,
डॉ. शांतिलाल कोठारी, रतन पाटनी, ललित जैन जी, कमलेश चंद्राकर, पत्रकार सहदेव देशमुख, पंजाब से आए हुए भाटिया जी के मेहमान जसवीर धीमान जी, शुचि भवी, स्वतंत्र स्वर के संपादक.. श्री मिश्रा जी श्रीमती निवेदिता तामस्कर , अन्य कुछ परिचित मित्र और परिवार के सदस्य जिनकी उपस्थिति से मैं गौरवान्वित हुई ।मेरे बच्चों के द्वारा बहुत उत्साह से किए गए कार्यक्रम ने, न केवल मेरा लेखकीय गौरव बढ़ाया बल्कि मेरे मातृत्व को भी गोरवान्वित किया।
बहुत से स्वजन मित्र जो आमंत्रित थे किसी कारण से नहीं पहुंच पाए जिनका अभाव खटकता रहा। फिर भी सबके अपने निर्णय है परिस्थितियों है
सबका शुक्रिया.
▪️▪️▪️▪️▪️▪️▪️▪️▪️▪️▪️▪️
chhattisgarhaaspaas
विज्ञापन (Advertisement)