कविता, देखा करूंगी अपना नाम आसमान पर लिखा हुआ- मेनका वर्मा
6 years ago
1180
0
●कविता
●देखा करूंगी अपना नाम आसमान पर लिखा हुआ…
-मेनका वर्मा
मैं रेत पर लिखती रही
समुंदर की लहरें मिटाती रही
रफ़्तार बढ़ाती रही
मैं निरन्तर चलती रही
पांव धँसते रहे रेत पर
गिरती सम्भलती रही
रुकी नही दौड़ती रही
लहरों के बीच
बार बार लहरों ने लौटाया
और फिर लहरों ने
थककर डुबो दिया
बता दिया मुझे
नही टिक सकता
मेरा लिखा नाम
कभी समय के समुंदर में
मैं भी हारूँगी नही
अब मैं पतंग पर बैठकर
आसमान पर चढूंगी
बादलों की सीढ़ी चढ़
कील से ठोक दूंगी अपना वजूद
और नीचे बैठ
देखा करूंगी अपना नाम
आसमान पर लिखा हुआ..
●कवयित्री संपर्क-
●75874 75075
chhattisgarhaaspaas
Previous Post पर्यटन- छत्तीसगढ़
Next Post गीत, सूरज नया उगाना है- बलदाऊ राम साहू
विज्ञापन (Advertisement)