- Home
- Chhattisgarh
- छत्तीसगढ़ प्रगतिशील लेखक संघ भिलाई-दुर्ग : नवें दशक के चार कवियों शरद कोकास, परमेश्वर वैष्णव, विमल शंकर झा ‘ विमल’ और छगनलाल सोनी की कविताओं पर चर्चा गोष्ठी
छत्तीसगढ़ प्रगतिशील लेखक संघ भिलाई-दुर्ग : नवें दशक के चार कवियों शरद कोकास, परमेश्वर वैष्णव, विमल शंकर झा ‘ विमल’ और छगनलाल सोनी की कविताओं पर चर्चा गोष्ठी

भिलाई-दुर्ग [छत्तीसगढ़ आसपास न्यूज़] :
‘छत्तीसगढ़ प्रगतिशील लेखक संघ’ के तत्वावधान में नवें दशक के चार कवियों शरद कोकास, परमेश्वर वैष्णव, विमल शंकर झा ‘ विमल’ और छगनलाल सोनी की कविताओं पर चर्चा गोष्ठी का आयोजन विगत दिनों ‘ मैत्री विद्या निकेतन’ के सभागार में किया गया.

▪️ शरद कोकास

▪️ परमेश्वर वैष्णव

▪️ विमल शंकर झा ‘विमल’
चर्चा गोष्ठी के मुख्यअतिथि व प्रमुख वक्ता जनकवि डॉ. जीवन यदु थे. साथ में पंजाब होशियारपुर से पहुंचे कवि जसवीर धीमान, कथाकार लोकबाबू, कवयित्री संतोष झांझी और कथाकार डॉ. नलिनी श्रीवास्तव अतिथि वक्ता थे. अध्यक्षता ‘छत्तीसगढ़ हिंदी साहित्य सम्मेलन’ के प्रदेश अध्यक्ष व वरिष्ठ साहित्यकार कवि रवि श्रीवास्तव थे.
▪️
जीवन और समाज की आलोचना ही कविता है – डॉ. जीवन यदु
डॉ.जीवन यदु ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि मनुष्य के जीवन और समाज की आलोचना ही कविता है , कविता में विचार उनके प्राण हैं ।चारों कवि शरद कोकास ,परमेश्वर वैष्णव, विमल शंकर झा ‘विमल’ छगन लाल सोनी की कविताओं में उनका जनपक्ष बहुत स्पष्ट है, कविताएं पूरे प्रभाव के साथ समाज को संदेश देती हैं । इस अवसर पर डॉ.जीवन यदु ने अपनी हिंदी छत्तीसगढ़ी रचनाओं का भी पाठ किया.

▪️
रवि श्रीवास्तव ने चारों कवियों की कविताओं को उम्दा निरूपित करते हुए कहा कि चारों कवि समय के साथ आगे बढ़ने वाले कवि हैं वे अपनी प्रगतिशीलता कभी नहीं छोड़ सकते । ऐसे वैचारिक आयोजन से हौसला बढ़ता है.

▪️ रवि श्रीवास्तव
लोकबाबू ने कहा चारों कवियों ने अच्छी रचनाएं पढ़ी ,रचनाओं में मारक क्षमता है साथ ही वैचारिक आग्रह भी.

▪️ लोकबाबू
श्रीमती संतोष झांझी ने कहा सभी कवियों ने अपनी कविताओं में समाज का यथार्थ और विसंगतियों को अभिव्यक्त किया है.

▪️ संतोष झांझी
डॉ.नलिनी श्रीवास्तव ने कहा शरद कोकास की कविता में रिटायरमेंट के बाद मकान में बुढ़ापे का दर्द और परमेश्वर वैष्णव की कविता ‘चिड़िया और आदमी’ में आदमी के हिंसात्मक रूप को उकेरा गया है ।विमल झा की गजलें उनके पत्रकार होने के कारण व्यवस्था के यथार्थ को बयां करती हैं छगन लाल सोनी की रचनाओं में भी संवेदनात्मक पुट है । सभी की रचनाओं में आत्मानुभव व मन का भाव प्रकट हुआ है.

▪️ डॉ.नलिनी श्रीवास्तव
जसवीर सिंह धीमान ने भी चारों कवियों की रचनाओं को समसामयिक बताते हुए अपनी रचनाएं सुनाई.

▪️ जसवीर सिंह धीमान
आयोजन के आरंभ में अतिथियों का स्वागत विमल शंकर झा ‘ विमल’, डॉ. संजय दानी, कामरेड विनोद कुमार सोनी, मणिमय मुखर्जी, कवयित्री शुचि भवि, पुन्नु यादव, भारत भूषण परगनिहा, कंचन सोनी, टीआर कोसरिया, मेनका वर्मा, डॉ. नौशाद अहमद सिद्दीकी ‘सब्र’ और शिव मंगल सिंह ने किया.

▪️ कवयित्री शुचि भवि प्रगतिशील कवि छ्गनलाल सोनी का स्वागत करते हुए…
कार्यक्रम का संचालन योगेंद्र शर्मा और आभार व्यक्त डॉ. कोमल सिंह शारवा ने किया.
▪️
इस अवसर पर प्रमुख गणमान्य उपस्थित हुए-



▪️ सभागार में उपस्थितगण मान्य
वरिष्ठ कथाकार गुलबीर सिंह भाटिया, चंद्रशेखर पिल्लई, डॉ. थान सिंह वर्मा, इंदुशंकर मनु, ऋषि गजपाल, शायर मुमताज, ‘ कला परंपरा ‘ के संपादक डॉ. डीपी देशमुख, चित्रकार हरिसेन, पत्रकार सहदेव देशमुख, व्हीएन प्रसाद राव, बसंत कुमार उइके, प्रियंका यादव, एमएस वर्मा, डॉ. प्रशांत कानस्कर, नीलम जायसवाल, माला सिंह, टीआर कन्नौजे, संकल्प यदु, एलएन मौर्य ‘प्रीतम’, टीएन कुशवाहा ‘अंजन’, हाजी रियाज खान गौहर, टिकेंद्र यदु, नीरज शर्मा, नरोत्तम साहू, रमेश सोनी, गौरव सोनी और सविता सोनी एवं अनेक बुद्धिजीवी.
[ •रपट, डॉ. नौशाद अहमद सिद्दीकी ‘सब्र’ ]
🟥🟥🟥🟥🟥🟥
chhattisgarhaaspaas
विज्ञापन (Advertisement)