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खास खबर : लिंक खोलकर जरूर देखें…

2023 का 58वां ज्ञानपीठ पुरुस्कार : संस्कृत के विद्वान जगद्गुरु रामभद्राचार्य और सु प्रसिद्ध उर्दू कवि गुलजार को ज्ञान पीठ पुरुस्कार…

ज्ञानपीठ चयन समिति ने शनिवार को इसका ऐलान किया. साहित्यकार प्रतिभा राय की अध्यक्षता में यह निर्णय लिया गया.
संस्कृत को दूसरी और उर्दू को पांचवीं बार ज्ञानपीठ सम्मान दिया जा रहा है.
उत्तरप्रदेश के जौनपुर में 1950 को जन्में चित्रकूट में तुलसी पीठ के संस्थापक और प्रमुख श्रीरामभद्राचार्य 100 से अधिक पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं. उन्हें 22 भाषाओं का ज्ञान है. वे 1988 से रामानंद संप्रदाय के चार जगद् गुरु रामानंदचार्यों में से एक हैं. वर्ष 2015 में रामभद्राचार्य जी को पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया था.
गुलज़ार का असली नाम संपूर्ण सिंह कालरा है. गीतकार, कवि, पटकथा लेखक, निर्देशक, नाटककार और शायर गुलजार नाम से प्रसिद्ध उन्हें साहित्य अकादमी पुरस्कार, दादा साहेब फाल्के पुरुस्कार, पद्म भूषण और 5 राष्ट्रीय पुरुस्कार मिल चुके हैं.
वर्ष 2009 में डैनी बॉयल निर्देशित फिल्म ‘स्लमडॉग मिलेनियेर’ में उनके लिखे गीत ‘जय हो’ के लिए ऑस्कर और ग्रैमी अवार्ड भी मिल चुका है.
गुलजार की ‘चाँद पुखराज का’, ‘ रात पशिमने की’ और ‘ पंद्रह पांच पचहत्तर’ चर्चित रचनाएँ हैं.
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अलविदा : ‘दंगल’ की बाल कलाकार सुहानी भटनागर का निधन…

अभिनेता आमिर खान अभिनीत फिल्म ‘दंगल’ में पहलवान बबिता फोगाट के बचपन का किरदार निभाने वाली अभिनेत्री सुहानी भटनागर का 19 वर्ष की आयु में दिल्ली के ‘एम्स’ में निधन हो गया.
सुहानी भटनागर जनसंचार पाठ्यक्रम की पढ़ाई कर रही थी.
सुहानी भटनागर के पिता पुनीत भटनागर ने बताया कि-
उनकी बेटी ‘डर्मेटोमायोसाइटिस’ नाम की बीमारी से पीड़ित थीं. यह बीमारी हर 10 लाख लोगों में किसी एक को होती है. सुहानी को 7 फरवरी को ‘एम्स’ में भर्ती कराया गया और 16 फरवरी को निधन उनका निधन हो गया.
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