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डॉ. परदेशीराम वर्मा व यमुनोत्री वर्मा के 50 वें वैवाहिक वर्षगांठ पर आयोजन : ‘अगासदिया’ का वार्षिक सम्मेलन : ‘अगासदिया’ के 99 वें अंक और ‘छत्तीसगढ़ आसपास’ के 17 वें वर्ष के ब्रोशर का विमोचन

👉 50 वीं वैवाहिक वर्षगांठ समारोह में [बाएँ से] रवि श्रीवास्तव, डॉ. परदेशीराम वर्मा और यमुनोत्री वर्मा
छत्तीसगढ़ आसपास न्यूज़ :
भिलाई : रिपोर्ट प्रदीप भट्टाचार्य और पुनीत कुमार गुप्ता:
विगत 25 वर्षों से निरंतर प्रकाशित लोक-जीवन, साहित्य और संस्कृति की त्रिमासिक पत्रिका ‘अगासदिया’ के 99 वें अंक का विमोचन वार्षिक समारोह में सम्पन्न हुआ. सांस्कृतिक जागरण, छत्तीसगढ़ के मान-सम्मान एवं स्वाभिमान के लिए प्रतिबद्ध मंच ‘अगासदिया’ विगत 25 वर्षों से लगातार सक्रिय है. छत्तीसगढ़ के सपूतों पर केंद्रित कार्यक्रम एवं उनके नाम पर प्रतिष्ठित सम्मान देने वाला यह मंच ‘पाटन’ में गाँधी विचार यात्रा के लिए भी चर्चित रहा.

👉 ‘अगासदिया’ के 99वें अंक के विमोचन के अवसर पर [बाएँ से] महेश वर्मा, डॉ. परदेशीराम वर्मा, डॉ.आरएस नायक,बाल ब्रह्मचारी संतश्री मारुती नंदन, डॉ. सुधीर शर्मा, श्री पैकरा, डॉ. महेशचंद्र शर्मा, प्रदीप भट्टाचार्य और नारायणलाल चंद्राकर

👉 ‘छत्तीसगढ़ आसपास’ के 17 वर्ष के ब्रोशर का विमोचन [बाएँ से] महेश वर्मा, डॉ. परदेशीराम वर्मा, डॉ. आरएस नायक, ब्रह्मचारी संतश्री मारुती नंदन, पूर्व कमिश्नर श्री पैकरा, डॉ. महेशचंद्र शर्मा, प्रदीप भट्टाचार्य और पुनीत कुमार गुप्ता.

👉 ‘छत्तीसगढ़ आसपास’ के ब्रोशर विमोचन पर [बाएँ से] डॉ. रजनी नेलसन, महेश वर्मा, डॉ. परदेशीराम वर्मा, डॉ. आरएस नायक, ब्रह्मचारी संतश्री मारुती नंदन, श्री पैकरा और श्रीमती पैकरा, डॉ. महेशचंद्र शर्मा, डॉ. डीपी देशमुख और प्रदीप भट्टाचार्य.
2 मई को ‘अगासदिया’ के अध्य्क्ष व संपादक डॉ. परदेशीराम वर्मा एवं इनकी धर्मपत्नी श्रीमती यमुनोत्री वर्मा के 50वीं वर्षगांठ पर आयोजित समारोह में ‘ छत्तीसगढ़ आसपास’ के संपादक प्रदीप भट्टाचार्य और पुनीत कुमार गुप्ता की उपस्थिति में लोकशिक्षण, लोक-जागरण की विकास मूलक राष्ट्रीय मासिक पत्रिका ‘ छत्तीसगढ़ आसपास’ के 17वें वर्ष के ब्रोशर का भी विमोचन किया गया.
इस अवसर पर प्रमुख वक्ता लेखक डॉ. सुधीर शर्मा ने कहा-
सही दिशा निर्धारण, संकल्प शक्ति और निरंतरता डॉ.परदेशी राम वर्मा में है, जो उन्हें हम सबसे आगे रखता है. वे संपादन, लेखन, कार्यक्रम संयोजन के साथ बहुत यात्राएं करते हैं. देश के सभी श्रेष्ठ पत्रिकाओं में वे 50 वर्षों से लगातार प्रकाशित हो रहे हैं. हमारे इस दौर के बहुत महत्त्वपूर्ण और छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाने वाले साहित्यकार हैं. उनका उपन्यास ‘आवा’ एमए के पाठ्यक्रम में है.10 वीं और बीए के पाठ्यक्रम में भी उनकी रचनाएँ हैं. अभी-अभी उनके उपन्यास ‘आवा’ पर निर्माता प्रकाश पाठक ने फिल्म बनाने का ऐलान किया है. वे कई सीरियल, दूरदर्शन के लिए लिख चुके हैं. उम्र उन पर हावी नहीं है. वे फौजी हैं इसलिए ऊर्जा से लबालब हैं.
मंचासीन अतिथियों के उद्बोधन के पूर्व महिला मंडल आमदी नगर द्वारा दानेश्वरी साहू और चमेली साहू के नेतृत्व में मानस गायन हुआ. कुमारी खुशबू वर्मा ने नाना- नानी के लिए दो गीत गाकर समाँ बाँध दिया. सिरकिट्टी आश्रम से जुड़े ब्रह्मचारी संत श्री मारुती नंदन ने मंगलकामना देते हुए हनुमान चालीसा का पाठ किया. संत पवन दीवान के शिष्य स्वामी चित्रानंद सरस्वती ने पवन दीवान के गीतों को प्रस्तुत किया. महंत अंतराम ने सस्वर पाठ कर संत पवन दीवान को याद किया. रूही साहू ने पंडवानी गायन और कलाकार राजेंद्र साहू ने ‘ छत्तीसगढ़ महतारी’ गीत का गायन किया.
इस अवसर पर पूर्व कमिश्नर सरगुजा महेश्वर साय ने कहा-
डॉ.परदेशीराम वर्मा आदिवासी समाज के साथ काफी समय से जुड़कर काम कर रहे हैं. वे ‘ आदिवासी सत्ता’ के सलाहकार संपादक भी हैं.
‘छत्तीसगढ़ हिंदी साहित्य सम्मेलन’ के राज्य अध्यक्ष एवं वरिष्ठ साहित्यकार रवि श्रीवास्तव ने कहा- बड़े-बड़े आयोजन के सूत्रधार रहकर भी डॉ. परदेशीराम वर्मा लेखन को हमेशा आगे रखते हैं, इसलिए उनका लेखन निरंतर चर्चा में है. डॉ. परदेशी परदेशीराम वर्मा पहले व्यक्ति हैं जिन्होंने छत्तीसगढ़ समाज, परंपरा और भाषा को हिंदी कहानियों में लाकर देशभर के विद्वानों का ध्यान आकृष्ट किया. उन्हें कमलेश्वर का भरपूर स्नेह मिला. हम विगत 45 वर्षों से साथ हैं.
छत्तीसगढ़ राजपत्रित अधिकारी कर्मचारी फेडरेशन के अध्यक्ष कमल वर्मा ने कहा- ‘अगासदिया’ हमें रोशनी और राह दिखाते हुए 99 अंक का प्रकाशन हो गया. बधाई.
संस्कृत और संस्कृति के मर्मज्ञ डॉ. महेशचंद्र शर्मा ने कहा कि लिखना सरल नहीं है, मगर लगातार लिखना कठिन है और श्रेष्ठता को बनाए रखकर लगातार 50 वर्षों तक लेखन जगत में चर्चा में रहना सबसे कठिन है डॉ. परदेशीराम वर्मा कठिन राह के सफल यात्री हैं.
इस अवसर पर समाजसेविका चमेली वर्मा, शिक्षाविद् डॉ. रजनी नेलसन, ‘कला परंपरा’ के संपादक डॉ. डीपी देशमुख, रायगढ़ से पधारीं शिक्षाविद् रूपाली पैकरा ने भी अपने विचार रखें.
हेमंत मढ़रिया, देवजोशी और अशोक आकाश ने काव्य पाठ किया. विशेष सहयोगी नीतीश वर्मा, निक्कू पटेल और करण वर्मा थे.

👉 कमल वर्मा का सम्मान एवं अभिनंदन करते हुए…

डॉ. परदेशीराम वर्मा ने अंत में स्वागत और आभार व्यक्त करते हुए बोले- ‘अगासदिया’ का प्रथम अंक 25 वर्ष पूर्व डॉ. खुबचंद बघेल पर निकला था. प्रतिवर्ष डॉ. खुबचंद बघेल और कांगला मांझी पर आज भी कार्यक्रम होता है. संत कवि पवन दीवान, पंथीनृत्य देवदास बंजारे और कवि नारायणलाल परमार की स्मृति में ‘अगासदिया सम्मान’ भी प्रतिवर्ष दिया जा रहा है. आगामी अंक 100 वां अंक होगा. हम आप सबके सहयोग से इस मुकाम तक आये हैं.
इस अवसर पर साहित्यकार, लेखक, कवि, पत्रकार,शिक्षाविद् और कलाकार उपस्थित थे-
‘छत्तीसगढ़ आसपास’ के संपादक प्रदीप भट्टाचार्य, पुनीत कुमार गुप्ता, बद्रीप्रसाद पारकर, हेमंत मढ़रिया, रामलाल यादव, मुनीलाल निषाद, मधु वर्मा, हेमा साहू, ललिता साहू, पुष्पा डडसेना, गंगा सिन्हा, अर्चना मिश्रा, कुंती साहू, सुलोचना साहू, श्रीमती कृष्णा, कमलेश चंद्राकर, अजय चंद्राकर, धानेश्वर निर्मल, स्मिता वर्मा, हरिसेन, शिव कुमार पटेल, रूही साहू, नारायण चंद्राकर, देव जोशी, गुलाब, अशोक, आकाश, धरमलाल वर्मा, प्रदीप पारकर, प्रहलाद वर्मा, जीवन सेन, पीतांबर साहू, खड़ानंद वर्मा, अशोक आकाश और बड़ी संख्या में सुधिजन.
संचालन कृषि दर्शन कार्यक्रम दूरदर्शन रायपुर के संचालक महेश वर्मा ने किया.
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