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- भिलाई नगरनिगम : फर्जी जाति प्रमाणपत्र देकर पार्षद बनें, वार्ड- 35 शारदा पारा के कांग्रेस पार्षद मो. सलमान को संभाग आयुक्त सत्यनारायण राठौर ने धारा 19[1] के तहत पार्षद पद से हटाया : इसके पूर्व वार्ड-24 हाउसिंग बोर्ड के कांग्रेस पार्षद नीतीश कुमार यादव भी बर्खास्त किए गए थे.
भिलाई नगरनिगम : फर्जी जाति प्रमाणपत्र देकर पार्षद बनें, वार्ड- 35 शारदा पारा के कांग्रेस पार्षद मो. सलमान को संभाग आयुक्त सत्यनारायण राठौर ने धारा 19[1] के तहत पार्षद पद से हटाया : इसके पूर्व वार्ड-24 हाउसिंग बोर्ड के कांग्रेस पार्षद नीतीश कुमार यादव भी बर्खास्त किए गए थे.

👉 बर्खास्त पार्षद मो. सलमान
छत्तीसगढ़ आसपास न्यूज़ :
भिलाई नगर निगम :

पार्षद चुनाव में वार्ड-35 शारदा पारा अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षण था. मो. सलमान पिता मो. सुभान फर्जी जाति प्रमाणपत्र के आधार पर पार्षद पद के लिए निर्वाचित हुए. जिस जाति प्रमाण पत्र के आधार पर चुनाव लड़ा गया. उक्त जाति प्रमाण पत्र की अनुविभागीय अधिकारी दुर्ग के कार्यालय के तहत राजस्व दायरा पंजी की जाँच हुई, तो उक्त क्रमांक में नोमिता देशमुख के नाम पर प्रमाण पत्र जारी हुआ है. इससे स्पष्ट होता है कि मो. सलमान द्वारा अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित वार्ड-35 पर फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर पार्षद चुने गए.
मो. सलमान ने 2 दिसम्बर 2021 को अपना नामांकन दाखिल किया था. मो. सलमान ने अन्य पिछड़ा वर्ग का प्रमाण पत्र स्थायी राप्रक्र 363 ब-121 वर्ष 2015-16 दिनाँक 15.06.2016 प्रस्तुत किया था, जो फर्जी निकला. अनुविभागीय अधिकारी दुर्ग के कार्यालय से सूचना का अधिकार के तहत राजस्व दायरा पंजी 2015-16 भाग-1 प्राप्त किया गया, जिसके उक्त क्रमांक में मो. सलमान नहीं, नोमिता देशमुख पाया गया.
भिलाई नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष भोजराज सिन्हा भोजू ने इसकी शिकायत सुपेला थाना में की थी. धारा 420,467,468,471 के तहत मामला दर्ज किया गया. शिकायतकर्ता और चंदन यादव की तरफ से उच्च न्यायालय में अधिवक्ता अनिमेष वर्मा ने पैरवी की. संभाग आयुक्त की तरफ से पैरवी अधिवक्ता अशोक शर्मा ने की थी. पार्षद मो. सलमान के जाति प्रमाण पत्र मामले में हाईकोर्ट ने दोषी पाया, उनके द्वारा प्रस्तुत अन्य पिछड़ा वर्ग का जाति प्रमाण पत्र में उल्लेखित प्रकरण क्रमांक मो. सलमान का नहीं है. यह जाति प्रमाण पत्र ग्राम- समोदा की नोमिता देशमुख पिता युवराज देशमुख के नाम से जारी हुआ था. जांच एवं सबूत में फर्जी प्रमाण पत्र पाए जाने पर उच्च न्यायालय बिलासपुर ने 3 माह के भीतर निराकरण के निर्देश संभाग आयुक्त दुर्ग को दिए. जांच में पाया गया ,संभाग आयुक्त के पास कोई जाति प्रमाण पत्र प्रस्तुत नहीं किया गया. इस तरह मो. सलमान को छत्तीसगढ़ नगरपालिक निगम अधिनियम 1956 की धारा 19(1) अ (1) के तहत बर्खास्त किया गया.
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