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छत्तीसगढ़ आसपास, संयंत्र की खबरें [ हर किसी की जिंदगी से जुड़ा हुआ है सेल ]

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सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र : एआई इनोवेशन के लिए उत्पादकता उत्कृष्टता पुरुस्कार-2024 से सम्मानित

सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग प्रौद्योगिकियों के अभिनव उपयोग के लिए “उत्पादकता उत्कृष्टता पुरस्कार-2024” से सम्मानित किया गया है। 14 मई 2024 को पाटिया, भुवनेश्वर में आयोजित उत्पादकता दिवस समारोह-2024 में बीएसपी से उप महाप्रबंधक (प्रचालन-बीएफ) श्री मनीष कुमार तिवारी, और सहायक महाप्रबंधक (ए एंड डी कार्यालय) श्री सरोज कुमार की टीम ने प्लेटिनम श्रेणी में यह प्रतिष्ठित पुरस्कार प्राप्त किया। यह कार्यक्रम उड़ीसा राज्य उत्पादकता परिषद (ओएसपीसी) तथा राष्ट्रीय उत्पादकता परिषद (एनपीसी) द्वारा आयोजित किया गया था। ।
भारतीय उत्पादकता सप्ताह-2024 के तहत आयोजित प्रतियोगिता में दी गई प्रस्तुति के आधार पर भिलाई इस्पात संयंत्र की टीम ने यह पुरस्कार जीता। ओडिशा राज्य उत्पादकता परिषद (ओएसपीसी) और राष्ट्रीय उत्पादकता परिषद (एनपीसी) द्वारा दिनांक 12 से 18 फरवरी 2024 के मध्य भारतीय उत्पादकता सप्ताह-2024 मनाया गया, जिसका विषय “आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) – प्रोडक्टिविटी इंजन फाॅर इकोनाॅमिक ग्रोथ” था।
प्रतियोगिता में बीएसपी टीम के श्री मनीष कुमार तिवारी व श्री सरोज कुमार द्वारा “महामाया ब्लास्ट फर्नेस डिजिटल ट्विनः प्रोडक्टिविटी एनहेंसमेंट यूजिं़ग एआई/एमआई” विषय पर 16 फरवरी 2024 को केस स्टडी व ऑनलाइन प्रस्तुति दी गई थी। बीएसपी की टीम की प्रस्तुति व केस स्टडी ने लॉजिस्टिक्स संचालन को सुव्यवस्थित करने और दक्षता में सुधार करने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और मशीन लर्निंग (एमएल) टेक्नोलाॅजिस का उपयोग करने में भिलाई इस्पात संयंत्र के प्रयासों को रेखांकित किया।
सेल-बीएसपी का लक्ष्य एआई और एमआई का उपयोग करके परिचालन दक्षता बढ़ाना, लागत कम करना तथा अपने प्रदर्शन और उत्पादन को सुदृढ़ करना है। उत्पादकता उत्कृष्टता पुरस्कार नवाचार और प्रौद्योगिकी के माध्यम से आर्थिक विकास को आगे बढ़ाने में सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र के भूमिका को प्रदर्षित करता है।
ओडिशा राज्य उत्पादकता परिषद (ओएसपीसी) एक स्वायत्त, गैर-लाभकारी संस्थान है जो राष्ट्रीय उत्पादकता परिषद, उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग, वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार से संबद्ध है।
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बीएसपी के टाउनशिप में अवैध गतिविधियों के लिए वैधानिक सूचना जारी

सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र ने अवैध कब्ज़ा और भू-माफियाओं के विरुद्ध कई प्रयास किये हैं और अब भी इस दिशा में प्रयासरत है। बीएसपी प्रबंधन ने अवैध कब्ज़ा, बैनर, पोस्टर, बीएसपी सम्पतियों के गैरकानूनी खरीदी एवं बिक्री आदि के विरुद्ध कई अभियान चलाए, जिसके तहत आम जनता को जागरूक भी किया। लेकिन इसके बाद भी बीएसपी को धोखाधड़ी व गैरकानूनी कार्यों की सूचना प्राप्त हुई है। इसे देखते हुए संयंत्र प्रबंधन ने वैधानिक सूचना का विज्ञापन प्रकाशित कर नियम के विरुद्ध कार्य करने वालों को अंतिम चेतावनी दी गई है, कि संयंत्र की सम्पत्ति का गलत उपयोग पूर्णतः वर्जित है। अब इस तरह के प्रकरण मिलने या नियमों का उल्लंघन करने पर, नियमानुसार उन पर कड़ी क़ानूनी कार्यवाही की जायेगी।
इसलिए वैधानिक सूचना के तहत, भिलाई इस्पात संयंत्र द्वारा, आम जनता को सूचित किया जाता है एवं चेतावनी दी जाती है कि स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड भिलाई इस्पात संयंत्र (सेल-बीएसपी) के लीजधारी / लाइसेंसी के साथ संपत्तियो (भूमि / भवन / मकान) के संबंध में सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र (सेल-बीएसपी) की सहमति के बिना कोई लेनदेन न करें और इनका कोई गलत उपयोग ना करे।
हमारे संज्ञान में आया है कि सेल-बीएसपी संपत्तियों के संबंध में कुछ व्यक्तियों द्वारा अवैध लेन-देन (लाइसेंस/लीज/भूमि), स्वयं को ऐसी संपत्तियों का स्वामी या सेल-बीएसपी का एजेंट बताकर धोखाधड़ी की जा रही है। बीएसपी द्वारा आम जनता को आगाह किया जाता है कि ऐसे व्यक्तियों से सावधान रहें और उनके साथ कोई लेनदेन ना करें।
इस तरह के लेनदेन के माध्यम से यदि कोई व्यक्ति (सेल- बीएसपी) की संपत्ति पर कब्जा करता है, तो उस व्यक्ति पर उसी की लागत और जोखिम पर, सार्वजनिक संपत्ति (अवैध कब्जाधारियों का निष्कासन) लोक परिसर अधिनियम 1971 के तहत कड़ी कानूनी कार्यवाही की जाएगी। हमारी जानकारी में यह भी आया है, कि कुछ अनैतिक व्यक्ति बीएसपी की जमीन पर अवैध गतिविधियां कर रहे हैं। जिनमें बीएसपी की जमीन व खाली पड़े क्वार्टरों पर कब्जा करना, अनाधिकृत गुमटी (कियोस्क) और ठेला लगाना, बिना अनुमति के निर्माण, शेड बनाना, क्वार्टरों पर अवैध कब्जा करना शामिल है। इसके साथ ही देखा जा रहा है कि इस्पात नगरी भिलाई के सौंदर्य को भी क्षति पहुचाई जा रही है। जगह जगह होर्डिंग्स, बैनर, पोस्टर, वाल पेंटिंग आदि के माध्यम से अविध रूप से प्रचार किया जा रहा है, यह पूर्णतः गलत है। बिना अनुमति के इस्पात नगरी में किसी भी प्रकार की प्रचार सामग्री को लगाना दंडनीय और गैरकानूनी है। इससे संयंत्र की शासकीय सम्पत्ति को क्षति पहुँचती है तथा इस्पात नगरी के सौंदर्य को नुकसान होता है।इस सूचना के बाद अवैध प्रचार सामग्री लगाने वालों पर नियमानुसार क़ानूनी कार्यवाही की जायेगी। इन अनैतिक गतिविधियों में, बीएसपी क्षेत्र में बिना किसी अनुमति के फ्लेक्स, पोस्टर, होर्डिंग्स आदि लगाना भी शामिल है।
बीएसपी प्रबंधन ने यह पाया कि कई असामाजिक तत्व एवं दलों द्वारा, भिलाई टाउनशिप के मुख्य मार्गों व चौक चौराहों पर अवैध रूप से बैनर, पोस्टर, होर्डिंग्स, झंडे, वाल पेंटिंग, वाल पेस्टिंग तथा विद्युत पोल में बैनर-पोस्टर लगा दिए जाते हैं। कई स्थानों पर एक-एक विद्युत पोल में तीन-चार बैनर-पोस्टर पाए गए। इन अवैध बैनर, पोस्टर, झंडों, वाल पेंटिंग आदि से शहर की स्वच्छता व सुंदरता तो बिगड़ती ही है, साथ ही कई बार इन बड़े बड़े बैनर, पोस्टर के अचानक उड़ जाने या गिर जाने से सड़कों पर दुर्घटना होने की सम्भावना बढ़ जाती है। शहर की स्वच्छता, सुंदरता बिगाड़ रहे इन बैनर, पोस्टर, होर्डिंग्स लगाने हेतु कई बार मना किया जा चुका है। यह भी पाया गया कि कई बार इन बैनर पोस्टर की साइज भी बड़ी कर दी जाती है, जिसके गिरने की संभावना अधिक होती है और इस वजह से सड़क दुर्घटनाएं बढ़ जाती है।
ऐसे सभी व्यक्तियों को सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र द्वारा, इस सार्वजनिक वैधानिक सूचना के माध्यम से चेतावनी दी जाती है कि वे अवैध गतिविधियों को तत्काल समाप्त कर दें, अन्यथा उनके विरुद्ध उन्ही के जोखिम और लागत पर कानून और / या कंपनी की नियमानुसार सख्त दंडात्मक कार्यवाही की जाएगी और उन पर हर्जाना भी लगाया जायेगा।
सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र सभी नागरिकों से अपील करता है, कि इस तरह के किसी भी संदिग्ध गतिविधियों और क्रियाकलापों से दूर रहें और इसकी सूचना बीएसपी को अवश्य दें। अपनी सजगता और जागरूकता से स्वयं को सुरक्षित करें और दूसरों को भी सुरक्षित रखने में हमारा सहयोग करें।
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