- Home
- Chhattisgarh
- छत्तीसगढ़ आसपास, संयंत्र की खबरें[ हर किसी की जिंदगी से जुड़ा हुआ है सेल ]
छत्तीसगढ़ आसपास, संयंत्र की खबरें[ हर किसी की जिंदगी से जुड़ा हुआ है सेल ]

बीआरएम विभाग के कर्मचारी शिरोमणि पुरस्कार से हुए सम्मानित

सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र के मिल्स जोन-1 के अन्तर्गत बीआरएम विभाग में 28 जून 2024 को पाली एवं कर्म शिरोमणि पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य कार्मिकों के बीच स्वस्थ्य प्रतिस्पर्धा के साथ-साथ कार्यक्षेत्र में नवीनता, संसाधनों का बेहतर उपयोग एवं उच्चतम स्तर के सुरक्षा मानकों को बनाये रखते हुए कर्मचारियों को प्रेरित करने तथा उन्हें पहचान देने के लिए कर्मठ कर्मचारियों को सम्मानित करना है। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में बीआरएम के महाप्रबंधक प्रभारी श्री योगेश शास्त्री उपस्थित थे।
बीआरएम विभाग में आयोजित कार्यक्रम में वरिष्ठ प्रबंधक श्री प्रमोद खन्ना को पाली शिरोमणि एवं एमओसीटी श्री धन्कुराम ठाकुर, ओसीटी श्री मनोज कुमार, ओसीटी श्री गौतम कुमार को कर्म शिरोमणि पुरस्कार से सम्मानित किया गया। शिरोमणि पुरस्कार विजेताओं को प्रमाण पत्र, स्मृति चिन्ह, कर्मचारी की पत्नी हेतु प्रशंसा पत्र एवं मिठाई का पैकेट प्रदान किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि महाप्रबंधक प्रभारी (बीआरएम) श्री योगेश शास्त्री ने अपने उद्बोधन में कार्य के दौरान सभी सुरक्षा उपकरणों का उपयोग करने व संसाधनों का उच्चतम उपयोग करते हुए बेहतर प्रतिफल प्राप्त करने पर जोर दिया। कार्यक्रम में महाप्रबंधक (प्रचालन-बीआरएम) श्री सच्चिदानंद त्रिपाठी, महाप्रबंधक (विद्युत-बीआरएम) श्री आशीष, महाप्रबंधक (यांत्रिकी-बीआरएम) श्री शिखर तिवारी तथा विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।
इस कार्यक्रम का संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन अतिरिक्त श्रम-कल्याण अधिकारी (एचआर मिल्स जोन-1) श्री राजेश कुमार पाण्डेय द्वारा किया गया। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में अतिरिक्त श्रम-कल्याण अधिकारी (एचआर मिल्स जोन-1) श्री हरीश बैतुले का सराहनीय योगदान रहा।
इस योजना के तहत कर्म शिरोमणि पुरस्कार से उन कार्मिकों को सम्मानित किया जाता है जिन्होंने उस माह में बेहतरीन कार्य का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया हो एवं पाली शिरोमणी पुरस्कार से उन कार्मिकों को सम्मानित किया जाता है जिन्होंने उस तिमाही में पाली प्रभारी का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया हो।
—————–
जम्मू-कश्मीर में चिनाब नदी पर बने विश्व के सबसे ऊंचे पुल के निर्माण में प्रयुक्त है सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र का इस्पात

भिलाई इस्पात संयंत्र सहित सेल के अन्य इस्पात संयंत्रों ने विश्व के सबसे ऊंचे रेलवे पुल के निर्माण हेतु 16,000 टन स्टील की आपूर्ति की है, जिसके अंतर्गत प्लेट्स, टीएमटी बार और स्ट्रक्चरल्स शामिल हैं। जम्मू-कश्मीर में चिनाब नदी के ऊपर बना यह पुल नदी तल से 359 मीटर की ऊंचाई पर है।
किसी भी निर्माण प्रक्रिया और औद्योगिक गतिविधि के लिए स्टील सबसे महत्वपूर्ण घटकों में से एक है। प्रकाशित समाचारों के अनुसार इस पुल के निर्माण में लगभग 29,000 मीट्रिक टन स्टील, 10 लाख क्यूबिक मीटर अर्थवर्क, 66,000 क्यूबिक मीटर से अधिक कांक्रीट तथा 84 किलोमीटर रॉक बोल्ट और केबल एंकर का प्रयोग किया गया है।
1.3 किलोमीटर लंबा यह पुल पेरिस के प्रतिष्ठित एफिल टॉवर से 35 मीटर ऊंचा है। अभियांत्रिकी की अभिनव कृति यह पुल 266 किमी प्रति घंटे हवा की तेज रफ्तार और उच्चतम तीव्रता के भूकंपीय तरंगों का सामना करने में सक्षम है। उधमपुर-श्रीनगर-बारामुल्ला रेल लिंक परियोजना (यूएसबीआरएल) के अंतर्गत यह पुल जो कटरा से बनिहाल तक 111 किलोमीटर लंबे घुमावदार खंड का हिस्सा है, इस क्षेत्र में आवागमन को सुलभ करेगा।
यह पुल क्षेत्र में तेज और कुशलतम परिवहन की सुविधा प्रदान करेगा तथा सभी मौसम में उपयोग किया जा सकेगा। चेनाब रेल पुल वस्तुतः देश के लिए सामरिक महत्व की परियोजना है।
स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल), जो अपने इस्पात संयंत्रों के माध्यम से विभिन्न प्रकार के इस्पात का उत्पादन करती है, ने राष्ट्रीय महत्व की कई ऐसी महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजनाओं जैसे बांधों, पुलों, सुरंगों, फ्लाईओवरों और एक्सप्रेसवे सहित ऊर्जा क्षेत्र व रक्षा क्षेत्र में प्रयोग हेतु वांछित ग्रेड के इस्पात की आपूर्ति की है।
सेल के इस्पात संयंत्रों ने जम्मू-कश्मीर में निर्मित दुनिया के सबसे ऊंचे रेलवे पुल में प्रयोग हेतु 6690 टन टीएमटी उत्पाद, 1793 टन स्ट्रक्चरल स्टील और 7511 टन स्टील प्लेट्स, हॉट स्ट्रिप मिल प्रोडक्ट और चेकर्ड प्लेटों सहित कुल 16,000 टन इस्पात की आपूर्ति की है।
पुल के निर्माण हेतु सेल द्वारा आपूर्ति की गई इस्पात में से, भिलाई इस्पात संयंत्र ने 5922 टन टीएमटी स्टील, 6454 टन प्लेट्स और 56 टन स्ट्रक्चरल स्टील सहित कुल 12,432 टन इस्पात की आपूर्ति की है। सेल के बर्नपुर स्थित इस्को स्टील प्लांट, दुर्गापुर स्टील प्लांट, राउरकेला स्टील प्लांट और बोकारो स्टील लिमिटेड ने भी स्टील की आपूर्ति की है।
सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र के इस्पात का उपयोग विभिन्न सामरिक क्षेत्रों और राष्ट्रीय महत्व की परियोजनाओं में किया गया है। भारतीय रेलवे के लिए वांछित ग्रेड के रेल्स उत्पादन के अलावा सेल-बीएसपी चौड़ी, मोटी और हेवी प्लेटों की विविध श्रृंखला का उत्पादन तथा विभिन्न अनुप्रयोगों हेतु वैल्यू एडेड स्पेशल स्टील ग्रेड की रोलिंग करता है। संयंत्र द्वारा उत्पादित टीएमटी उत्पादों की पूरी श्रृंखला भूकंपरोधी और जंगरोधी गुणों के साथ उच्च गुणवत्ता की है। इसके अतिरिक्त संयंत्र चैनल्स, एंगल्स और बीम्स सहित स्ट्रक्चरल ग्रेड स्टील का भी उत्पादन करता है।
सेल-बीएसपी में उत्पादित इस्पात का उपयोग रक्षा, ऊर्जा और बिजली क्षेत्र के साथ ही कंस्ट्रक्शन और इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स जैसे पुलों, राजमार्गों, सुरंगों, फ्लाईओवर सहित भूकंपीय और संक्षारण संभावित क्षेत्रों में ऊंची इमारतों और औद्योगिक संरचनाओं में, भारी मशीनरी, तेल और गैस क्षेत्र, अंतरिक्ष क्षेत्र, परमाणु ऊर्जा प्रतिष्ठानों आदि में किया जाता है।
उल्लेखनीय है कि भिलाई द्वारा उत्पादित स्टील का उपयोग बांद्रा-वर्ली सी-लिंक के साथ ही मुंबई में अटल सेतु, अरुणाचल प्रदेश में सेला सुरंग, हिमाचल प्रदेश में अटल सुरंग और राष्ट्रीय महत्व की कई अन्य इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के निर्माण में किया गया है।
भारतीय नौसेना के विमानवाहक पोत, आईएनएस विक्रांत और अन्य युद्धपोतों के निर्माण में भी सेल-भिलाई द्वारा उत्पादित स्टील का उपयोग किया गया है। बुलेट ट्रेन परियोजना हेतु सेल-बीएसपी द्वारा बड़ी मात्रा में टीएमटी बार्स की आपूर्ति की गई है। सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र ने देश की राजधानी में निर्मित सेंट्रल विस्टा परियोजना में उपयोग हेतु भी टीएमटी उत्पादों की आपूर्ति की है।
—————-
एसएमएस-3 के सीवी 1 कास्टर में आंतरिक संसाधनों के माध्यम से ब्लूम वजन (वेइंग) सिस्टम स्थापित

सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र के स्टील मेल्टिंग शाॅप-3 में आंतरिक संसाधनों के माध्यम से (इन-हाउस) स्थापित ब्लूम वजन (वेइंग) सिस्टम का उद्घाटन 28 जून 2024 को मुख्य महाप्रबंधक प्रभारी (एम एंड यू) श्री असित साहा द्वारा मुख्य महाप्रबंधक (यांत्रिकी) श्री एस के गजभिये, मुख्य महाप्रबंधक (यूआरएम) श्री अनीश सेनगुप्ता, महाप्रबंधक व विभागाध्यक्ष (एसएमएस-3) श्री ए बी श्रीनिवास, विभागाध्यक्ष (आरसीएल) श्री राहुल श्रीवास्तव, विभागाध्यक्ष (इंस्ट्रूमेंटेशन) श्रीमती मधु पिल्लई तथा महाप्रबंधक व विभागाध्यक्ष (शॉप्स) श्री नीलकंठ साहू की उपस्थिति में किया गया।
सीवी 1 ब्लूम कम बिलेट कास्टर में स्थापित ब्लूम वेइंग सिस्टम वास्तविक-समय डेटा ट्रांसमिशन के साथ उन्नत वेइंग तकनीक को एकीकृत करता है, जिससे तत्काल प्रतिक्रिया और सुधारात्मक कार्रवाई की जा सकती है। नई ब्लूम वेइंग प्रणाली का कार्यान्वयन एसएमएस-3 के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे उत्पादन प्रक्रिया पर बेहतर नियंत्रण और उच्च व कड़े गुणवत्ता मानकों की ब्लूम आवश्यकताओं को पूरा करने की क्षमता में वृद्धि सुनिश्चित होगी। कास्टर कन्वेंयेंस सिस्टम में एकीकृत लोड सेल के माध्यम से ब्लूम कास्टर से जब बाहर निकलता है तो यह सिस्टम प्रत्येक ब्लूम का सटीक वजन मापता है। यहां से डेटा तुरंत कंट्रोल रूम में प्रेषित किया जाता है, जिससे ऑपरेटर वजन की निगरानी कर, नियत समय में आवश्यक समायोजन कर सकते हैं।
इससे पूर्व एसएमएस-3 में ब्लूम वजन करने की सुविधा नहीं थी, ब्लूम के वजन के लिए मिल पूरी तरह यूनिवर्सल रेल मिल पर निर्भर थी। विभिन्न परिचालन कारकों के कारण, सीवी 1 कास्टर में डाले गए ब्लूम के आयाम में उतार-चढ़ाव होता है, जिससे उनका वजन प्रभावित होता है। इन ब्लूम्स को रेल में रोल करने हेतु यूनिवर्सल रेल मिल में भेजा जाता है और इसलिए रोलिंग से पहले हीट ट्रीटमेंट प्रक्रिया के लिए यूआरएम की रीहीटिंग फनेर्सों में फीड करते समय ब्लूम्स की विशिष्ट आयाम और वजन मानदंडों को पूरा करना आवश्यक होता है।

इस समस्या को हल करने के लिए एसएमएस-3 टीम ने आंतरिक संसाधनों से ब्लूम वेइंग सिस्टम स्थापित करने के लिए कार्य प्रारंभ किया। एसएमएस-3 के प्रबंधक द्वय श्री लोकेश मोगरे और श्री अभिषेक झा ने सहायक महाप्रबंधक, इंजीनियरिंग डिजाइन एंड डेवलपमेंट (ईडीडी) श्री डी आर सोनार, उप महाप्रबंधक (इंस्ट्रूमेंटेशन) श्री टी डी जॉनसन तथा सहायक महाप्रबंधक (इंस्ट्रूमेंटेशन) श्री आशुतोष शुक्ला के साथ मिलकर उप प्रबंधक द्वय (एसएमएस 3 ऑपरेशन) श्री संजय नंदी और श्री बी एस चंदेल से आवश्यक इनपुट लेकर लेआउट बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। ब्लूम वेइंग सिस्टम का निर्माण संयंत्र के इंजीनियरिंग शॉप में वरिष्ठ प्रबंधक (स्टील स्ट्रक्चरल शॉप) श्री एम एस बघेल के मार्गदर्शन में किया गया।
स्थापना के बाद सिस्टम को कठोर परीक्षण प्रक्रिया से गुजारा गया, जिसके अंतर्गत 8 मई 2024 को पहला वेइंग ट्रायल किया गया। इसके पश्चात सिस्टम को ज्ञात वजन के ब्लूम का उपयोग करके कैलिब्रेट किया गया तथा लोड सेल पर ब्लूम के समायोजन के लिए ड्राइंग को संशोधित कर सिस्टम को फिर से स्थापित किया गया।
27 जून 2024 को सीवी 1 कास्टर के प्रत्येक स्ट्रैंड से ब्लूम वेइंग के लिए सफल परीक्षण किया गया। यह सिस्टम अब स्टील मेल्टिंग शाॅप-3 को रियल टाइम में ब्लूम के वजन का सटीक माप दे पाएगा जिससे एमएसमएस-3, ब्लूम्स में त्वरित सुधारात्मक कार्रवाई जैसे लंबाई में कटौती आदि करने में सक्षम होगा। इस सिस्टम के सफल कार्यान्वयन से एसएमएस-3, यूआरएम को सही वजन और आयामों के साथ ब्लूम का प्रेषण सुनिश्चित कर सकेगा।
ब्लूम वेइंग सिस्टम के उद्घाटन के अवसर पर उपस्थित वरिष्ठ अधिकारियों ने आंतरिक संसाधनों का प्रयोग करके इस सिस्टम स्थापित करने में शामिल सभी लोगों को बधाई दी। वेइंग सिस्टम सटीक वजन सुनिश्चित करने के साथ ही बेहतर गुणवत्ता नियंत्रण, प्रोसेस आॅप्टीमाइजेशन, स्टॉक की कमी या अधिकता को रोकने के लिए बेहतर इन्वेंट्री प्रबंधन, न्यूनतम मटेरियल वेस्टेज, संसाधन उपयोग का अनुकूलन, परिचालन लागत में कमी जैसे दीर्घकालिक लाभ सुनिश्चित करेगा। इसके अतिरिक्त यह सिस्टम ब्लूम वेट पर व्यापक डेटा एकत्र करता है, जिसका विश्लेषण कास्टिंग प्रक्रिया में ट्रेंड्स और पैटर्न की पहचान करने हेतु किया जा सकता है। यह विश्लेषण समय के साथ निरंतर प्रक्रिया सुधार तथा दक्षता और गुणवत्ता में वृद्धि लाएगा।
—————-
कार्यपालकों एवं गैर-कार्यपालकों को सेवानिवृत्ति पर बीएसपी प्रबंधन ने दी भावभीनी विदाई

सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र की सेवा से जून माह 2024 में सेवानिवृत्त हो रहे कार्यपालकों एवं गैर-कार्यपालकों को 29 जून 2024 को भावभीनी विदाई दी गई। भिलाई इस्पात संयंत्र के कुल 213 कर्मचारी, जिनमें 18 कार्यपालक एवं खदान सहित विभिन्न विभागों में कार्यरत रहे 195 गैर- कार्यपालकों शामिल हैं, जो 30 जून 2024 को सेवानिवृत्त हो रहे हैं।

अधिकारियों के लिए विदाई समारोह इस्पात भवन के निदेशक प्रभारी सभागार में आयोजित किया गया। इस अवसर पर संयंत्र के निदेशक प्रभारी श्री अनिर्बान दासगुप्ता के साथ कार्यपालक निदेशक (मानव संसाधन) श्री पवन कुमार द्वारा सेवानिवृत्त अधिकारियों को सेवानिवृत्ति आदेश और प्रमाण पत्र सौंपे गये।

इस अवसर पर निदेशक प्रभारी श्री अनिर्बान दासगुप्ता ने संयंत्र बिरादरी के सदस्यों को विदाई दी और उनके स्वस्थ और सुखी जीवन की कामना की। श्री दासगुप्ता ने अपने-अपने क्षेत्र में सराहनीय योगदान के लिए सेवानिवृत्त अधिकारियों की सराहना करते हुए उनके स्वस्थ एवं उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं प्रदान दी। सेवानिवृत्त होने वाले अधिकारियों ने सेल में अपने सेवा अनुभव और सेवानिवृत्ति के बाद भविष्य की योजनाओं को भी साझा किया।

सयंत्र के गैर-कार्यपालक कार्मिकों के लिए विदाई समारोह का आयोजन महात्मा गांधी कला मंदिर में किया गया। इस अवसर पर मुख्य महाप्रबंधक (मानव संसाधन) श्री संदीप माथुर, मुख्य चिकित्सा अधिकारी (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं) डॉ. विनीता द्विवेदी और महाप्रबंधक (मानव संसाधन-गैर संकार्य एवं खदान) श्री सूरज कुमार सोनी द्वारा यूनियन प्रतिनिधियों के साथ सेवानिवृत्त कर्मियों को सेवानिवृत्ति आदेश और सेवा प्रमाण पत्र प्रदान किये गये।
इस अवसर पर उपस्थित मुख्य महाप्रबंधक (मानव संसाधन) श्री संदीप माथुर और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने संयंत्र बिरादरी के सदस्यों के योगदान को रेखांकित किया और सेवानिवृत्ति के बाद उनके स्वस्थ और खुशहाल जीवन की कामना की।
——————
कुल 90 ग्रामीणों ने उठाया बीएसपी सीएसआर द्वारा आयोजित निःशुल्क चिकित्सा शिविर का लाभ

सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र के तत्वाधान में निगमित सामाजिक उत्तरदायित्व विभाग (सीएसआर) द्वारा निःशुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन अपने आस-पास के परिधीय क्षेत्रों एवं खदान क्षेत्रों में किया जाता है। इसी कड़ी में 29 जून 2024 को ग्राम परसही में निःशुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया।
ग्राम परसही में आयोजित चिकित्सा शिविर में डॉ मोहनलाल, नर्स श्रीमती रेखा देव, बीपी सुगर जांच हेतु फार्मेसिस्ट श्री खिलावन कुंभकार, पंजीयन हेतु श्री शंभू दयाल तथा सीएसआर विभाग से सहायक श्री बुधेलाल उपस्थित थे| इस शिविर में कुल 90 लोगों की जांच करके उनको दवाईयों का वितरण किया गया, जिसमें 36 पुरुष, 51 महिलाएं एवं 3 बच्चे लाभान्वित हुए| प्रातः 10 बजे से प्रारंभ हुए शिविर में सामान्य जांच, शुगर, बीपी जांच के अतिरिक्त निःशुल्क दवाएं भी प्रदान की गई।

भिलाई इस्पात संयंत्र अपने आस-पास के परिधीय क्षेत्रों में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य की निःशुल्क जाँच की सुविधा काफी लंबे समय से उपलब्ध कराता आ रहा है। इसका उद्देश्य दूरस्थ ग्रामीण एवं वनांचल क्षेत्र में रहने वाले लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है। भिलाई इस्पात संयंत्र के सीएसआर विभाग द्वारा सामाजिक उत्तरदायित्वों का निर्वहन करते हुए निरन्तर स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन, संयंत्र के परिधीय क्षेत्रों तथा खनि नगरियों में किया जा रहा है।
——००——
भिलाई स्टील प्लांट में 15 मेगावाट फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट की रखी गई आधारशिला

भिलाई। टिकाऊ ऊर्जा समाधानों के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में, एनएसपीसीएल (एनटीपीसी-सेल पावर कंपनी लिमिटेड) ने भिलाई स्टील प्लांट में 15 मेगावाट के फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट की स्थापना के लिए आधारशिला रखी। रविवार को हुए इस आयोजन में एनएसपीसीएल के चेयरमैन रविंद्र कुमार और सेल-बीएसपी निदेशक प्रभारी अनिर्बान दासगुप्ता मुख्य रूप से शामिल हुए। इनके साथ निदेशक, एनएसपीसीएल सी. शिवकुमार और आरईडी (डब्ल्यूआर-II), एनटीपीसी लिमिटेड,दिवाकर कौशिक, सीईओ-एनएसपीसीएल और एनटीपीसी लिमिटेड और सेल के प्रतिष्ठित बोर्ड सदस्य व अन्य गणमान्य लोग मौजूद थे। यह पहल एनएसपीसीएल की नवीकरणीय ऊर्जा और पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
आधारशिला समारोह के दौरान एनएसपीसीएल के चेयरमैन रविंद्र कुमार ने परियोजना के महत्व पर जोर देते हुए कहा, “15 मेगावाट का फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट न केवल एनएसपीसीएल के लिए एक मील का पत्थर है बल्कि हमारे सतत विकास के प्रति समर्पण का प्रमाण है। हम भारत की नवीकरणीय ऊर्जा क्षमताओं को बढ़ाने और जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता को कम करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।” उन्होंने अपने उद्बोधन में भारत के महत्वाकांक्षी नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्यों का समर्थन करने और स्वच्छ, हरित भविष्य में एनएसपीसीएल की भूमिका को रेखांकित किया।
सेल-बीएसपी के निदेशक प्रभारी अनिर्बान दासगुप्ता ने कहा, “यह 15 मेगावाट प्लांट पूरे भारत में सभी सेल प्लांट्स में एक प्रमुख परियोजना होगी, जो नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों की ओर मार्गदर्शन करेगा। सेल ऊर्जा संरक्षण के लिए समर्पित है और वैश्विक वार्मिंग से लड़ने की अपनी प्रतिबद्धता को प्रदर्शित कर रहा है।”

भिलाई स्टील प्लांट के मरोदा टैंक में यह तैरते हुए सोलर पैनल ऊर्जा उत्पादन की दिशा में अत्याधुनिक परियोजना साबित होंगे, जो औद्योगिक अनुप्रयोगों में नवीकरणीय ऊर्जा की क्षमता को प्रदर्शित करेंगे। पारंपरिक भूमि आधारित सौर प्रतिष्ठानों की तुलना में पानी में तैरते सोलर पावर प्लांट कई लाभ प्रदान करते हैं। ये प्रणालियाँ भूमि उपयोग को काफी कम करती हैं, जिससे वे उन क्षेत्रों के लिए आदर्श बनती हैं जहाँ भूमि की उपलब्धता एक बाधा होती है। इसके अतिरिक्त, ये जल निकायों से वाष्पीकरण की दर को कम करके पानी को संरक्षित करने में मदद करती हैं और जल के प्राकृतिक शीतलन प्रभाव के कारण सोलर पैनलों की दक्षता को बढ़ाती हैं। भिलाई स्टील प्लांट के लिए जल वाष्पीकरण में बचत के कारण अनुमानित मौद्रिक बचत करोड़ों में होगी।
यह 15 मेगावाट का फ्लोटिंग सोलर प्लांट लगभग एक वर्ष में स्थापित होने की उम्मीद है। यह पर्याप्त विद्युत उत्पादन भिलाई स्टील प्लांट की ऊर्जा आवश्यकताओं के एक महत्वपूर्ण हिस्से को पूरा करेगा, जिससे एक स्थिर और पर्यावरण अनुकूल बिजली आपूर्ति सुनिश्चित होगी। इसके अलावा, यह पहल स्टील प्लांट के कार्बन फुटप्रिंट को काफी हद तक कम करने में योगदान देगी, जो ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को कम करने के वैश्विक और राष्ट्रीय लक्ष्यों के अनुरूप है। महत्वपूर्ण रूप से, इस परियोजना को सेल की नवीकरणीय ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए डिजाइन किया गया है और यह छत्तीसगढ़ में अपनी तरह की पहली परियोजना है, जो राज्य में भविष्य की ग्रीन एनर्जी परियोजनाओं के लिए एक मिसाल कायम करेगी। एनटीपीसी लिमिटेड, एनएसपीसीएल की मातृ कंपनी, विभिन्न स्थानों पर फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट स्थापित करने और सफलतापूर्वक संचालित करने में व्यापक अनुभव रखती है। इनमें से सबसे बड़ी रामागुंडम में 100 मेगावाट की क्षमता वाली है।
एनएसपीसीएल (एनटीपीसी-सेल पावर कंपनी लिमिटेड) राष्ट्रीय ताप विद्युत निगम और स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड का एक संयुक्त उद्यम है जो भारत भर में सेल के विभिन्न स्टील प्लांट्स की कैप्टिव पावर आवश्यकता को पूरा करने के लिए बिजली उत्पादन में लगा हुआ है। एनएसपीसीएल एक सुरक्षित और स्वस्थ कार्य वातावरण सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है और उद्योग के लागू नियमों और वैधानिक आवश्यकताओं का पालन करता है। इसके अलावा, इसके पास एक सुरक्षा नीति है और जहां भी आवश्यक हो, सुधारात्मक उपाय करने के लिए लगातार सुरक्षा ऑडिट किए जा रहे हैं।
एनएसपीसीएल नए और नवोन्मेषी समाधानों की खोज करके नवीकरणीय ऊर्जा में अपनी नेतृत्व क्षमता को जारी रखने का लक्ष्य रखता है। भिलाई स्टील प्लांट में फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट की सफलता एनएसपीसीएल की उच्च-प्रभाव वाली नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं को वितरित करने की क्षमता और सतत विकास के प्रति इसकी प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है।
एनएसपीसीएल द्वारा भिलाई स्टील प्लांट में 15 मेगावाट का फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट कंपनी की सतत भविष्य की यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। यह परियोजना न केवल औद्योगिक संचालन के लिए एक हरित विद्युत समाधान प्रदान करती है बल्कि एनएसपीसीएल के नवीकरणीय ऊर्जा पदचिह्न को बढ़ाने के रणनीतिक दृष्टिकोण को भी मजबूत करती है। जैसे-जैसे भारत एक हरित अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ रहा है, एनएसपीसीएल की पहले राष्ट्र के लिए एक सतत और ऊर्जा-सुरक्षित भविष्य को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
इस अवसर पर एनएसपीसीएल कॉर्पोरेट सेंटर, सेल बीएसपी, एनटीपीसी रायपुर के वरिष्ठ अधिकारी, सभी विभागों के एचओडी, एग्जीक्यूटिव एसोसिएशन के प्रतिनिधि, पावर यूनियन के प्रतिनिधि, विभिन्न क्लबों के प्रतिनिधि, कर्मचारी और अन्य आमंत्रित अतिथि उपस्थित थे।
——००——
chhattisgarhaaspaas
विज्ञापन (Advertisement)