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छत्तीसगढ़ आसपास, संयंत्र की खबरें[ हर किसी की जिंदगी से जुड़ा हुआ है सेल ]

भिलाई इस्पात संयंत्र में 345 अधिकारी हुए पदोन्नत

सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र में 30 जून, 2024 को संयंत्र के विभिन्न विभागों में अलग-अलग पदों में कुल 345 अधिकारी पदोन्नत किये गये। ई-6 से ई-7 पद पर पदोन्नत अधिकारियों को इस्पात भवन के सभागार में संयंत्र के निदेशक प्रभारी श्री अनिर्बान दासगुप्ता ने दिनांक 30 जून 2024 को पदोन्नति आदेश वितरित किया।
श्री दासगुप्ता ने पदोन्नति आदेश वितरित करते हुए सभी कार्यपालकों को बधाई दी और अपने सम्बोधन में कहा कि आप सभी एक महत्वपूर्ण पद पर पहुंच गए है ऐसे में आप सभी की जिम्मेदारियां भी बढ़ गई हैं। मेरा मानना है कि कंपनी सेल में स्वयं की उन्नति के बहुत अवसर मिलते है जो आप सभी को मोटिवेट करते है। यह मोटिवेशन आपके निष्पादन में दिखलाई पड़े तो कंपनी को इसका लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि सभी पदोन्नति के लिए हमने सही स्थान के लिए सही व्यक्ति को चयनित करके पदोन्नति दी है यह बहुत कठिन काम था पर हमने प्रयास किया है कि कंपनी को अधिक मजबूती मिल सके। उन्होंने संगठन के लक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए बड़े और महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित कर कार्य करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि उत्पादन जरूरी है पर सुरक्षा उससे ज्यादा जरूरी है। उन्होंने सभी विभागप्रमुखों को अपने-अपने कार्य क्षेत्र में कास्ट रिडक्शन तथा कंसिस्टेंसी पर अधिक ध्यान केन्द्रित करने कहा।

इस अवसर पर उपस्थित कार्यपालक निदेशक (वर्क्स) श्री अंजनी कुमार, कार्यपालक निदेशक (परियोजनाएं) श्री एस मुखोपाध्याय, कार्यपालक निदेशक (सामग्री प्रबंधन) श्री ए के चक्रवर्ती, कार्यपालक निदेशक (वित्त एवं लेखा), डाॅ ए के पंडा, कार्यपालक निदेशक (मानव संसाधन) श्री पवन कुमार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी प्रभारी (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएँ) डाॅ एम रविन्द्रनाथ तथा प्रभारी कार्यपालक निदेशक (खदान) श्री आर बी गहरवार और सेफी चेयरमैन एवं आॅफिसर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री एन के बंछोर ने भी पदोन्नत अधिकारियों को संबोधित करते हुए अपनी शुभकामनाएं दी।
निदेशक प्रभारी सभागार में आयोजित पदोन्नति प्रमाण पत्र वितरण समारोह में सभी उपस्थितों का स्वागत एवं कार्यक्रम का संचालन महाप्रबंधक (मानव संसाधन) श्री एस रामाराजू ने किया। इस अवसर पर पदोन्नत सभी अधिकारियों ने अपने-अपने विचार व्यक्त करते हुए प्रबंधन का आभार व्यक्त किया और भविष्य मेें पूरी निष्ठा के साथ अपने दायित्व निर्वहन का आश्वासन दिया। कार्यक्रम में महाप्रबंधक (डीआईसी सचिवालय) श्री अतुल नौटियाल, आॅफिसर्स एसोसिएशन के महासचिव श्री परविंदर सिंह सहित अन्य अधिकारीगण भी उपस्थित थे।
भिलाई इस्पात संयंत्र में सहायक प्रबंधक (ई-1) से लेकर सहायक महाप्रबंधक (ई-5) तक के नव पदोन्नत अधिकारियों को पदोन्नति आदेश संबंधित विभाग के विभागप्रमुखों/कार्यपालक निदेशकगण के कार्यालय में वितरित किए गए। इसके अंतर्गत सहायक प्रबंधक से उप प्रबंधक (ई-1 से ई-2) पद पर कुल 20 कार्यपालक, उप प्रबंधक से प्रबंधक (ई-2 से ई-3) पद पर कुल 04 कार्यपालक, प्रबंधक से वरिष्ठ प्रबंधक (ई-3 से ई-4) पद पर कुल 159 कार्यपालक, वरिष्ठ प्रबंधक से सहायक महाप्रबंधक (ई-4 से ई-5) पद पर कुल 55 तथा सहायक महाप्रबंधक से उप महाप्रबंधक (ई-5 से ई-6) पद पर कुल 66 कार्यपालक पदोन्नत हुए। उप महाप्रबंधक से महाप्रबंधक (ई-6 से ई-7) पद पर कुल 41 कार्यपालक पदोन्नत हुए, जिसमें चिकित्सा विभाग से एसीएमओ (ई-6 से ई-7) पद पर पदोन्नत 3 अधिकारी शामिल है।
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भिलाई इस्पात संयंत्र में 15 मेगावाट क्षमता वाले फ्लोटिंग सौर ऊर्जा संयंत्र का आधारशिला समारोह
छत्तीसगढ़ राज्य का पहला फ्लोटिंग सौर ऊर्जा संयंत्र भिलाई में स्थापित होगा

सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र के एक परियोजना के तहत, छत्तीसगढ़ राज्य के पहले फ्लोटिंग सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापना के लिए भिलाई के मरोदा-1 जलाशय में आधारशिला रखी गई। जिसको सेल-बीएसपी के निदेशक प्रभारी श्री अनिर्बान दासगुप्ता एवं एनटीपीसी के निदेशक (प्रचालन) तथा एनएसपीसीएल के चेयरमैन श्री रविन्द्र कुमार द्वारा 30 जून 2024 को किया गया। 15 मेगावाट क्षमता वाले फ्लोटिंग सौर ऊर्जा संयंत्र की स्थापना, भिलाई इस्पात संयंत्र के ग्रीन एनर्जी उत्पादन के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। भारत सरकार की नीति के अंतर्गत इस ऊर्जा संयंत्र की स्थापना को सस्टेनेबल एनर्जी समाधानों के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।
समारोह के प्रारंभ में अतिथियों के स्वागत किया गया। तत्पश्चात अतिथियों द्वारा भूमि पूजन के बाद नारियल फोड कर फ्लोटिंग सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापना के लिए आधारशिला रखी गई। सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र ने एनटीपीसी-सेल सप्लाई कंपनी लिमिटेड (एनएसपीसीएल) के साथ फ्लोटिंग सौर ऊर्जा संयंत्र की स्थापना के लिए 9 मई, 2024 को विद्युत खरीद समझौता (पीपीए) किया था। जिसके तहत 15 मेगावाट क्षमता वाले फ्लोटिंग सौर ऊर्जा संयंत्र की स्थापना संयंत्र के मरोदा-1 जलाशय में होना था, जो कि छत्तीसगढ़ राज्य का पहला फ्लोटिंग सौर ऊर्जा संयंत्र होगा।
यह परियोजना बीएसपी के कार्बन उत्सर्जन को कम करने एवं ऊर्जा संरक्षण को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है और ऐसा अनुमान है कि इस संयंत्र से सालाना 34.26 मिलियन यूनिट ग्रीन विद्युत का उत्पादन होगा। जिसका उपयोग बीएसपी अपने कैप्टिव विद्युत जरूरतों को पूरा करने के लिए करेगा। इससे बीएसपी के कार्बन उत्सर्जन में सालाना 28,330 टन की कमी आने की संभावना है। एनएसपीसीएल, जो एनटीपीसी और सेल का एक संयुक्त उद्यम है, इस परियोजना के लिए परामर्शदाता के रूप में कार्य करेगा। इस परियोजना को ईपीसी अनुबंध के तहत मई 2025 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
इस परियोजना की आधारशिला 30 जून 2024 को रखी गई। इस अवसर पर सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र के निदेशक प्रभारी श्री अनिर्बान दासगुप्ता, एनटीपीसी के निदेशक-प्रचालन एवं एनएसपीसीएल के चेयरमैन श्री रविन्द्र कुमार, कार्यपालक निदेशक (वर्क्स-बीएसपी) श्री अंजनी कुमार, कार्यपालक निदेशक (परियोजनाएं-बीएसपी) श्री एस मुखोपाध्याय, कार्यपालक निदेशक (सामग्री प्रबंधन-बीएसपी) श्री अजय कुमार चक्रबर्ती, कार्यपालक निदेशक (वित्त एवं लेखा-बीएसपी) डॉ अशोक कुमार पंडा, कार्यपालक निदेशक (मानव संसाधन-बीएसपी) श्री पवन कुमार तथा मुख्य महाप्रबंधक प्रभारी (सेवाएं-बीएसपी) श्री पी के सरकार, मुख्य महाप्रबंधक (पॉवर फैसिलिटीज-बीएसपी) श्री राजीव पाण्डेय सहित मुख्य महाप्रबंधक (इलेक्ट्रिकल-बीएसपी) श्री टी के कृष्णकुमार और अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे। डीआईजी (सीआईएसएफ) सुश्री प्रतिभा अग्रवाल एवं कमांडेंट (सीआईएसएफ) श्री अभिजीत कुमार भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
साथ ही निदेशक (एनएसपीसीएल) एवं क्षेत्रीय कार्यपालक निदेशक (एनटीपीसी- डब्ल्यू आर 2) श्री सी शिवकुमार, मुख्य कार्यपालक अधिकारी (एनएसपीसीएल) श्री दिवाकर कौशिक, महाप्रबंधक एवं बिजनेस यूनिट प्रमुख (एनएसपीसीएल-भिलाई) श्री सोमनाथ चट्टोपाध्याय, मुख्य महाप्रबंधक (ओएस-एनएसपीसीएल) श्री त्रिदिब देब, सीएफओ (एनएसपीसीएल) श्री राजीव श्रीवास्तव, महाप्रबंधक (एफजीडी-एनएसपीसीएल) श्री आलोक सिंह, महाप्रबंधक (एचआर-एनएसपीसीएल) सुश्री प्रेमलता, महाप्रबंधक (इंजीनियरिंग और पीएम-एनएसपीसीएल) श्री अरुणाशीष दास, महाप्रबंधक (एफ एंड ए-एनएसपीसीएल) श्री पलाश गंगोपाध्याय एवं बीएसपी तथा एनएसपीसीएल-भिलाई के अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे। सेल बीएसपी और एनएसपीसीएल कॉर्पोरेट सेंटर सहित एनटीपीसी रायपुर के वरिष्ठ अधिकारी, एचओडी, एक्ज़ीक्यूटिव एसोसिएशन के प्रतिनिधि, यूनियन के प्रतिनिधि, कर्मचारी और अन्य आमंत्रित अतिथिगण भी उपस्थित थे।

इस अवसर पर सेल-बीएसपी के निदेशक प्रभारी श्री अनिर्बान दासगुप्ता ने कहा कि बीएसपी के प्लांट को इस सोलर फ्लोटिंग संयंत्र से अब ग्रीन एनर्जी प्राप्त होगी। उन्होंने बताया कि बीएसपी के लिए सोलर एनर्जी सिस्टम परियोजना दो चरणों में मरोदा-1 व मरोदा-2 जलाशय में पूरी की जायेगी। उन्होंने इस परियोजना के तहत अगले चरण में एनएसपीसीएल के माध्यम से, 35 मेगावाट क्षमता वाले अतिरिक्त फ्लोटिंग सौर ऊर्जा संयंत्र की प्रस्तावित योजना के बारे में बताया। श्री दासगुप्ता ने बताया कि इससे जल वाष्पीकरण में कमी आएगी और यह परियोजना, संयंत्र के लिए उपयोग किये जाने वाले कोयले की निर्भरता को कम करने में भी सहायक है, जिससे कार्बन के उत्सर्जन को कम किया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि भारत सरकार की नीति के तहत इस परियोजना से हमें ग्लोबल वार्मिग के प्रभाव को कम करने में सहायता मिलेगी और पर्यावरण को संरक्षित किया जा सकेगा। श्री अनिर्बान दासगुप्ता ने कहा, यह 15 मेगावाट प्लांट पूरे भारत में सभी सेल प्लांट्स में एक प्रमुख परियोजना होगी, जो नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों की ओर मार्गदर्शन करेगा। सेल- भिलाई इस्पात संयंत्र, ऊर्जा संरक्षण के लिए समर्पित है और ग्लोबल वार्मिंग से लड़ने की अपनी प्रतिबद्धता को प्रदर्शित कर रहा है।
आधारशिला समारोह के दौरान, एनटीपीसी के निदेशक (प्रचालन) तथा एनएसपीसीएल के चेयरमैन श्री रविंद्र कुमार ने परियोजना के महत्व पर जोर देते हुए कहा, “15 मेगावाट का फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट न केवल एनएसपीसीएल के लिए एक मील का पत्थर है बल्कि हमारे सतत विकास के प्रति समर्पण का प्रमाण भी है। हम भारत की नवीकरणीय ऊर्जा क्षमताओं को बढ़ाने और जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता को कम करने के लिए प्रतिबद्ध है।” उन्होंने भारत के महत्वाकांक्षी नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्यों का समर्थन करते हुए, स्वच्छ एवं हरित भविष्य में एनएसपीसीएल की भूमिका को रेखांकित किया।
आरंभ में, महाप्रबंधक एवं बिजनेस यूनिट हेड (एनएसपीसीएल) श्री सोमनाथ चट्टोपाध्याय ने स्वागत भाषण दिया और इस परियोजना के महत्व को रेखांकित किया। उप प्रबंधक (एचआर-एनएसपीसीएल) श्री पी के पाणिग्रही ने 15 मेगावाट फ्लोटिंग सोलर प्लांट की तकनीकी विशिष्टताओं के बारे में जानकारी दी। शिलान्यास समारोह में महाप्रबंधक (एफजीडी-एनएसपीसीएल) श्री आलोक सिंह ने धन्यवाद प्रस्ताव दिया, जबकि कार्यक्रम का संचालन उप प्रबंधक (एचआर-एनएसपीसीएल) श्री सैम अब्राहम द्वारा किया गया।
उल्लेखनीय है कि सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र अपने कार्बन फुटप्रिंट में सुधार के लिए प्रतिबद्ध है और इस उद्देश्य से कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने, ऊर्जा संरक्षण और नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न परियोजनाएं शुरू की जा रही है। यह एनएसपीसीएल की पहली सौर ऊर्जा परियोजना होगी और यह कंपनी के लिए ग्रीन ऊर्जा पोर्टफोलियो विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। ये प्रणालियाँ भूमि उपयोग को काफी कम करती है। इसके अतिरिक्त, ये जल निकायों से वाष्पीकरण की दर को कम करके पानी को संरक्षित करने में मदद करती हैं और जल के प्राकृतिक शीतलन प्रभाव के कारण सोलर पैनलों की दक्षता को बढ़ाती हैं।
यह 15 मेगावाट का फ्लोटिंग सोलर प्लांट लगभग एक वर्ष में स्थापित होने की उम्मीद है। यह पर्याप्त विद्युत उत्पादन भिलाई स्टील प्लांट की ऊर्जा आवश्यकताओं के एक महत्वपूर्ण हिस्से को पूरा करेगा, जिससे एक स्थिर और पर्यावरण अनुकूल बिजली आपूर्ति सुनिश्चित होगी। इसके अलावा, यह पहल इस्पात संयंत्र के कार्बन फुटप्रिंट को काफी हद तक कम करने में योगदान देगी, जो ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को कम करने के वैश्विक और राष्ट्रीय लक्ष्यों के अनुरूप है। महत्वपूर्ण रूप से, इस परियोजना को सेल की नवीकरणीय ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए डिजाइन किया गया है और यह छत्तीसगढ़ में अपनी तरह की पहली परियोजना है, जो राज्य में भविष्य की ग्रीन एनर्जी परियोजनाओं के लिए एक मिसाल कायम करेगी। एनटीपीसी लिमिटेड, एनएसपीसीएल की मातृ कंपनी, विभिन्न स्थानों पर फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट स्थापित करने और सफलतापूर्वक संचालित करने में व्यापक अनुभव रखती है।
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सेल स्वीडन में लीडआईटी में हुआ शामिल

क्लाइमेट एक्शन के प्रति मज़बूत प्रतिबद्धता दिखाई
सार्वजनिक क्षेत्र की महारत्न स्टील निर्माता कंपनी स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) को यह साझा करते हुए बेहद खुशी हो रही है कि हाल ही में उसे लीडरशिप ग्रुप फॉर इंडस्ट्री ट्रांजिशन (लीडआईटी) के सदस्य के तौर पर शामिल किया गया, जिसकी घोषणा 25 जून, 2024 को स्वीडन के विस्बी में आयोजित ‘एंगेजिंग इंडिया एट अल्मेडालेन’ में की गई।
लीडआईटी को स्वीडन और भारत की सरकारों ने सितंबर 2019 में यूनाइटेड नेशंस क्लाइमेट एक्शन सम्मिट में लॉन्च किया था। “लीडआईटी” विश्व आर्थिक (वर्ल्ड इकोनोमिक फोरम) मंच से समर्थित है। लीडआईटी उन देशों और दूरदर्शी कंपनियों का गठबंधन है जो पेरिस समझौते और नेट-जीरो ट्रांजिशन को हासिल करने की कार्रवाई के लिए प्रतिबद्ध हैं। लीडआईटी के सदस्य इस धारणा से सहमत हैं कि अधिक ऊर्जा खपत वाले उद्योग कम कार्बन उत्सर्जन की राह अपनाएं और उन्हें अपनाना भी चाहिए, जिससे 2050 तक नेट जीरो कार्बन उत्सर्जन के लक्ष्य को हासिल किया जा सके। लीडआईटी विजन के साथ तालमेल बिठाने के लिए सेल का यह रणनीतिक कदम सेल की क्लाइमेट एक्शन की दिशा में उसकी प्रतिबद्धता को उजागर करता है और कंपनी को जलवायु परिवर्तन से निपटने के वैश्विक प्रयासों के साथ भी जोड़ता है। लीडआईटी में शामिल होने से सेल को सेक्टोराल एंड इंटरसेक्टोराल लर्निंग उपलब्ध हो सकेगी, नई प्रौद्योगिकियों के बारे में वैल्यूबल इनसाइट्स मिलेगी और इनोवेटिव अवसरों का लाभ भी मिल सकेगा।

हाल ही में, इस सहयोग को मजबूत करने के उद्देश्य से स्वीडन के दौरे पर रहे सेल अध्यक्ष श्री अमरेंदु प्रकाश एक सत्र के दौरान “संबंध फॉर क्लाइमेट एक्शन” विषय पर अतिथि वक्ता थे। सेल अध्यक्ष ने कहा, “भारत में बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देने की दिशा में बहुत बड़ा कदम उठाया जा रहा है और भारतीय इस्पात उद्योग को न केवल बुनियादी ढांचे के निर्माण में बल्कि यह सुनिश्चित करने में भी अग्रणी भूमिका निभानी होगी कि यह टिकाऊ तरीके से किया जाए। जलवायु परिवर्तन के महत्व और जलवायु परिवर्तन कार्रवाई की तत्काल आवश्यकता को समझते हुए हम इसे दुनिया के लिए अस्तित्व के प्रश्न के रूप में देखते हैं और हमारा दृढ़ विश्वास है कि विश्व स्तर पर केवल साथ – साथ कार्य करने के तरीके से ही मानवता के सामने आने वाली इस चुनौती का समाधान कर सकता है। हमारी नज़र में लीडआईटी एक बेहतरीन मंच है, जहाँ सरकारें और उद्योग दोनों ही वास्तव में विचारों को साझा करने, विचारों को सामने लाने और इस समस्या को हल करने के लिए सहयोगी नवाचार को तलाश करने के लिए एक साथ आ रहे हैं।”
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बीएसपी अस्पताल के बर्न यूनिट ने पुनः एक बार साबित की अपनी श्रेष्ठता
4 साल के बच्चे का किया सफल स्किन ग्राफ्टिंग

सेल- भिलाई इस्पात संयंत्र के जे एल एन अस्पताल के बर्न यूनिट की टीम ने एक 4 साल के बच्चे को बचाकर एक और उपलब्धि प्राप्त की है। 24 मार्च 2024 को झारखण्ड के जमशेदपुर के 4 साल के बच्चे के साथ एक दर्दनाक घटना घटित हुई। जिसमें गर्म तेल से उस बच्चे का चेस्ट बुरी तरह से जल गया। जिसके बाद तत्काल उसे स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया, यहाँ ढाई महीने तक चले लंबे इलाज के बाद भी बच्चे की स्थिति में कोई सुधार दिखाई ना देने पर माता-पिता हताश हो चुके थे। इन मुश्किल घड़ियों में लगभग 3 महीने बाद, भिलाई के सेक्टर 9 स्थित पं. जवाहरलाल नेहरु चिकित्सालय एवं अनुसन्धान केंद्र में कार्यरत उनके एक रिश्तेदार ने सेक्टर 9 अस्पताल के बर्न यूनिट के बारे में उन्हें अवगत कराया और बताया कि यहां बर्निंग सम्बन्धी पीड़ितों का बेहतर इलाज होता है और इस अस्पताल की बर्न यूनिट बेस्ट है।
जानकारी मिलते ही माता-पिता अपने पीड़ित बच्चे को लेकर 16 जून 2024 को सेक्टर 9 जेएलएन अस्पताल पहुंचे और बच्चे को भर्ती कराया। जहाँ तत्काल प्रभाव से उस बच्चे का इलाज शुरू किया गया। सभी आवश्यक जाँच के बाद 22 जून 2024 को किया गया ऑपरेशन पूर्णता सफल हुआ। डॉ उदय और उनकी टीम ने बच्चे की जले हुए स्थान की स्किन पर बच्चे की ही स्किन से ग्राफ्टिंग की जो कि सफल रही। जेएलएन अस्पताल में इलाज के बाद अब सभी तकलीफों से मरीज और उसके परिवार को निजात मिल गई है। बच्चे को 26 जून 2024 को डिस्चार्ज कर दिया गया है। बच्चा अब पूरी तरह से स्वस्थ हो चुका है

भिलाई इस्पात संयंत्र के मुख्य चिकित्सालय के बर्न यूनिट में यह काम 10 दिन में ही सफलतापूर्वक किया गया। भिलाई इस्पात संयंत्र के एडवांस बर्न केयर डिपार्टमेंट में अच्छा इलाज होने से मरीज के माता-पिता काफी खुश हैं। पीड़ित बच्चे के माता-पिता ने बच्चे के इलाज में उच्च स्तरीय सेवाएं प्रदान करने के लिए पूरे भिलाई इस्पात संयंत्र, सेक्टर 9 अस्पताल के साथ एसीएमओ (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवांयें- प्लास्टिक सर्जरी) डॉ उदय और उनकी बर्न यूनिट टीम की सराहना की एवं उनका आभार व्यक्त किया। बच्चे की माँ ने अपने स्वस्थ बच्चे के चेहरे पर एक बार फिर मुस्कान देख कर बहुत खुशी जताई।
डॉ विनीता द्विवेदी कुशल मार्गदर्शन में एनेस्थीसिया की टीम ने मरीज बच्चे को जनरल एनेस्थीसिया देकर ऑपरेशन करने में मदद की। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवांयें) डॉ प्रमोद बिनायके ने इलाज के दौरान डेली राउंड के समय बच्चे का सतत निरिक्षण किया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवांयें) डॉक्टर कौशलेंद्र ठाकुर द्वारा बच्चे को खिलौने भेंट किया गया।
मरीज के इलाज में उच्च स्तरीय सेवाएं प्रदान करने के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी प्रभारी (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवांयें) डॉ एम रविन्द्रनाथ ने बर्न यूनिट टीम एवं एनेस्थीसिया टीम की सराहना की और उन्हें आगे भी इसी तरह अपनी सेवाएं देने के लिए प्रेरित किया।
इस उपलब्धि पर डॉ उदय के साथ जेएलएन हॉस्पिटल के डॉक्टरों का कहना है कि प्रदेश के साथ साथ दूसरे प्रदेश के मरीजों का भी हमारे संस्थान और विभाग के प्रति विश्वास बढ़ रहा है। उन्होंने कहा “हम नहीं, जवाहरलाल नेहरु चिकित्सालय एवं अनुसन्धान केंद्र का काम बोलता है।” उन्होंने कहा, ऐसे केस का आना और उनको सफल करना, हमारे भिलाई के सेक्टर 9 स्थित जेएलएन हॉस्पिटल के प्रति लोगों के बढते विश्वास का सूचक है। इस विश्वास को कायम रखने के लिए जेएलएन हॉस्पिटल के समर्पित डॉक्टरों की टीम हमेशा प्रयासरत रही है और भविष्य में भी रहेगी। जेएलएन सिर्फ हॉस्पिटल नहीं लोगों का विश्वास है।
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बीएसपी प्रबंधन ने कार्यपालक निदेशक (रावघाट) श्री समीर स्वरूप और मुख्य महाप्रबंधक (आरईडी) श्री सुधीर कुमार को सेवानिवृत्ति पर भावभीनी विदाई दी

सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र प्रबंधन द्वारा, 30 जून 2024 को कार्यपालक निदेशक (रावघाट) श्री समीर स्वरूप और मुख्य महाप्रबंधक (रिफ्रेक्टरी इंजीनियरिंग विभाग) श्री सुधीर कुमार के सेवानिवृत्ति पर, भिलाई क्लब में एक विदाई समारोह का आयोजन किया गया। इस विदाई समारोह उन्हें, निदेशक प्रभारी (सेल-बीएसपी) श्री अनिर्बान दासगुप्ता एवं संयंत्र के कार्यपालक निदेशकों द्वारा भावभीनी विदाई दी गई। समारोह में निदेशक प्रभारी (बीएसपी) श्री अनिर्बान दासगुप्ता ने श्री समीर स्वरूप और श्री सुधीर कुमार को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया|
विदाई समारोह में श्री अनिर्बान दासगुप्ता के साथ संयंत्र के कार्यपालक निदेशक (वर्क्स) श्री अंजनी कुमार, कार्यपालक निदेशक (परियोजनाएं) श्री एस मुखोपाध्याय, कार्यपालक निदेशक (सामग्री प्रबंधन) श्री अजय कुमार चक्रबर्ती, कार्यपालक निदेशक (वित्त एवं लेखा) डॉ अशोक कुमार पंडा, कार्यपालक निदेशक (मानव संसाधन) श्री पवन कुमार एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी प्रभारी (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवांयें) डॉ एम रविन्द्रनाथ सहित सेवानिवृत्त श्री समीर स्वरूप और श्री सुधीर कुमार अपने परिजनों के साथ उपस्थित थे।
विदाई समारोह में सेल-बीएसपी के निदेशक प्रभारी श्री अनिर्बान दासगुप्ता ने बीएसपी इस्पात बिरादरी की ओर से श्री समीर स्वरूप और श्री सुधीर कुमार को विदाई देते हुए, सेवानिवृत्ति के बाद उनके स्वस्थ और सुखद जीवन की कामना की। श्री अनिर्बान दासगुप्ता ने भिलाई इस्पात संयंत्र में उनकी लंबी सेवा अवधि के दौरान उनके सराहनीय योगदान और प्रयासों के लिए उन्हें धन्यवाद दिया। श्री समीर स्वरूप और श्री सुधीर कुमार ने स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) और बीएसपी में अपनी सेवाकाल के अनुभव और सेवानिवृत्ति के बाद भविष्य की योजनाओं को साझा किया।

खनन में बैचलर ऑफ टेक्नोलॉजी की उपाधि के साथ, कार्यपालक निदेशक (रावघाट) श्री समीर स्वरूप 30 अगस्त 1985 को प्रबंधन प्रशिक्षु (तकनीकी) के रूप में सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र में शामिल हुए। अपने 38 से अधिक वर्षों की सेवा अवधि के दौरान, श्री समीर स्वरूप ने सेल-बीएसपी में खदान विभाग में विभिन्न पदों पर कार्य किया और जून 2010 में उप महाप्रबंधक (खदान) के रूप में पदस्थ होते हुए अपनी सेवाएं दी। जुलाई 2018 में उन्हें सेल के रॉ मटेरियल डिविज़न (आरएमडी-सेल) में महाप्रबंधक के रूप में पदोन्नत किया गया। सितंबर 2019 में पदोन्नति मिलने पर उन्होंने मुख्य महाप्रबंधक (आरएमडी-सेल) के पद पर अपनी सेवाएं दी और जनवरी 2020 में श्री समीर स्वरूप, मुख्य महाप्रबंधक (खदान एवं रावघाट) के रूप में भिलाई लौट आए। दिसंबर 2022 में उन्होंने कार्यपालक निदेशक (खदान) का प्रभार लिया और मार्च 2023 को उन्हें मुख्य महाप्रबंधक प्रभारी (खदान एवं रावघाट) के पद पर नियुक्त किया गया। 15 जुलाई 2023 को बीएसपी रावघाट माइंस के कार्यपालक निदेशक के रूप में उन्हें पदोन्नत किया गया और अंततः वे 30 जून 2024 को कार्यपालक निदेशक (रावघाट) के पद से सेवानिवृत्त हुए।
मुख्य महाप्रबंधक (आरईडी) श्री सुधीर कुमार ने खनन में बैचलर ऑफ टेक्नोलॉजी की उपाधि ली तथा 27 जून 1988 को भिलाई इस्पात संयंत्र में प्रबंधन प्रशिक्षु (तकनीकी) के रूप में स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) में शामिल हुए। बीएसपी में अपने 36 वर्षों की सेवा अवधि के दौरान, श्री सुधीर कुमार ने एसएमएस-2 में कंटीन्यूअस कास्टिंग शॉप (सीसीएस) और रिफ्रैक्टरी इंजीनियरिंग विभाग में विभिन्न पदों पर कार्य किया और अंततः 30 जून 2024 को मुख्य महाप्रबंधक (आरईडी) के पद से सेवानिवृत्त हुए।
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भिलाई इस्पात कल्याण चिकित्सालय में ‘मिशन लक्ष्मी’ के तहत 28 महिलाओं का हुआ स्वास्थ्य परीक्षण

‘मिशन लक्ष्मी’ के तहत 1 जुलाई 2024 को भिलाई इस्पात कल्याण चिकित्सालय, सेक्टर 06 में महिलाओं से सम्बन्धित पूर्ण शैक्षिक स्वास्थ्य कार्यक्रम और निःशुल्क परीक्षण शिविर का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में डी. आई. ओ. (दुर्ग) डॉ. दिव्या श्रीवास्तव उपस्थित थीं। ‘मिशन लक्ष्मी’ के तहत बालिकाओं, युवतियों एवं महिलाओं का निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण, आयरन, फोलिक एसिड व अल्बंदाजोल टेबलेट का वितरण तथा रक्त में हीमोग्लोबिन व शुगर की मात्रा की जाँच व पेप स्मेअर जाँच करने के साथ-साथ स्वास्थ्य संबंधित जानकारी दी जाती है।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि डॉ. दिव्या श्रीवास्तव ने ‘मिशन लक्ष्मी’ कार्यक्रम की सराहना करते हुए डायरिया के रोकथाम पर विशेष जानकारी प्रदान की व उपस्थित महिला सफाईकर्मियों को जागरूक किया| कार्यक्रम में विशेष रूप से उपस्थित अतिरिक्त मुख्य चिकित्सा अधिकारी (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं) डॉ. मनीषा कांगो द्वारा मिशन लक्ष्मी की परिकल्पना, महत्व तथा भविष्य में इसके विस्तार पर प्रकाश डाला गया| डॉ. निशा ठाकुर ने स्तन कैंसर व प्रजनन अंगों के कैंसर के लक्षण, परीक्षण तथा सजगता के बारे में अवगत कराया व श्रीमती लता मिश्रा द्वारा खान-पान व संतुलित आहार के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई।
यह आयोजन सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र के जवाहरलाल नेहरु चिकित्सालय एवं अनुसंधान केंद्र तथा निगमित सामाजिक उत्तरदायित्व विभाग के संयुक्त तत्वाधान में किया गया। जिसमें कुल 28 महिला सफाईकर्मियों का निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। उपस्थित महिला सफाईकर्मियों के एनीमिया व कैंसर से संबंधित शंकाओं का समाधान कर आहार विशेषज्ञों द्वारा संतुलित आहार के महत्व के विषय में विस्तृत जानकारी साझा की गई।
कार्यक्रम में प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित की गयी, जिसका संचालन डॉ. प्रिया साहू ने किया तथा 10 विजेताओं को पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम का संचालन श्रीमती लता मिश्रा द्वारा किया गया। कार्यक्रम में डॉ निशी मिंज, डॉ कौशिक, श्रीमती शशि सिंह समेत नर्सिंग स्टाफ एवं संविदा कर्मचारियों का विशेष सहयोग रहा|
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डेंगू रोकथाम और नियंत्रण हेतु बीएसपी टाउनशिप में अभियान शुरू

भिलाई नगर निगम आयुक्त ने किया निरीक्षण
विगत कई वर्षों से देखा जा रहा है कि बारिश के मौसम में भिलाई टाउनशिप में डेंगू का प्रकोप बढ़ जाता है। पूर्व के वर्षों में डेंगू, मलेरिया और मच्छर जनित रोगों से कई मौतें भी हो चुकी है। इसे ध्यान में रखते हुए, इस्पात नगरी में मच्छरों के प्रकोप को कम करने और डेंगू, मलेरिया की रोकथाम को सुनिश्चित करने के लिए भिलाई इस्पात संयंत्र के जन स्वास्थ्य विभाग द्वारा तैयारियां की जा चुकी है। इसके लिए टाउनशिप के विभिन्न सेक्टरों में पोर्टेबल फॉगिंग, वाटर फॉगिंग, ऑयलिंग, घरों में टेमीफॉस का वितरण और बैकलाइन क्षेत्रों में फॉगिंग एवं दवाओं के स्प्रे का कार्य भी किया जा रहा है, जिससे उत्पन्न लार्वा को समय रहते नष्ट किया जा सके एवं डेंगू के मच्छर को पनपने से रोका जा सके।
टाउनशिप में डेंगू फैलने की आशंका के मद्देनजर आवश्यक प्रतिबंधात्मक उपायों हेतु भिलाई इस्पात संयंत्र का जन स्वास्थ्य विभाग एवं नगर पालिक निगम द्वारा लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। भिलाई इस्पात संयंत्र का जन स्वास्थ्य विभाग, जिला मलेरिया विभाग, दुर्ग के साथ मिलकर उनके प्रशिक्षित कर्मचारियों के सहयोग से घर-घर 15 जून 2024 से सर्वेक्षण अभियान के साथ-साथ डेंगू, मलेरिया की रोकथाम हेतु दवाइयों के वितरण और स्प्रे आदि का कार्य विगत माह के मध्य से प्रारम्भ किया जा चूका है। इसी कड़ी में डेंगू से निपटने के लिए तैयारियों का जायजा लेने हेतु सुबह-सुबह आयुक्त (नगर निगम भिलाई) श्री देवेश कुमार ध्रुव, जन स्वास्थ्य विभाग के कार्यालय पहुँचे। जहाँ, भिलाई नगर निगम आयुक्त श्री देवेश ध्रुव ने डेंगू प्रतिरक्षण कार्यक्रम एवं बैक लेन सफाई का जायजा लेते हुए, बीएसपी के नगर सेवाएं विभाग के जन स्वास्थ्य अनुभाग (पीएचडी) अधिकारियों के साथ टाउनशिप का सघन दौरा किया।

पीएचडी के अधिकारियों के साथ भिलाई नगर निगम आयुक्त श्री देवेश ध्रुव ने सेक्टर 4 एवं सेक्टर 1 में डेंगू प्रतिरक्षण कार्यक्रम का जायजा लिया तथा ब्रीडिंग चेकर्स से चर्चा भी की। उन्होंने, उपलब्ध संसाधनों जैसे मशीन, कीटनाशक एवं मैन पावर का अवलोकन करते हुए आवश्यक दिशानिर्देश दिये और डेंगू को दूर करने के लिए कार्य योजना सुनिश्चित की। अवलोकन पश्चात, भिलाई नगर निगम आयुक्त ने बीएसपी द्वारा डेंगू, मलेरिया की रोकथाम हेतु किये गए कार्यों एवं प्रयासों की सराहना की। डेंगू को दूर करने के लिए कार्य योजना के अंतर्गत श्री देवेश ध्रुव ने ‘बाईट द फाइट’ अभियान के तहत, प्रत्येक रविवार को सामुदायिक ड्राई डे, बुधवार को कार्यालयों में श्रमदान के माध्यम से ड्राई डे मनाने एवं शुक्रवार को डेंगू को रोकने सम्बन्धित विभिन्न गतिविधियों के प्रचार प्रसार किये जाने हेतु निर्देशित किया। उन्होंने, बीएसपी अधिकारीयों से घर-घर सर्वेक्षण अभियान के अंतर्गत आवासों के टबों, गमलों, खाली रखे पात्रों में पड़े पानी एवं गड्ढों में रुके पानी को खाली करने सम्बंधी जन-जागरूकता एवं लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने हेतु चर्चा की।
बीएसपी का जन स्वास्थय विभाग, आम जनों से वेक्टर जनित बीमारियों से बचने के लिए व्यक्तिगत स्तर पर किये जा सकने वाले उपायों जैसे प्रति सप्ताह पानी की टंकियों को खाली करना, खाली बर्तन, पुराने टायरों तथा कबाड आदि में पानी का जमाव न होने देने की अपील करता है। भिलाई इस्पात संयंत्र, प्रत्येक वर्ष डेंगु रोकथाम हेतु समुचित प्रयासों को अंजाम देता आ रहा है। इस्पात नगरी क्षेत्र के सभी निवासियों से अनुरोध है कि वे सतर्क रहें और मच्छरों और लार्वा को समाप्त करने के लिये सामूहिक रूप से निरंतर प्रयास करें। बीएसपी के डेंगू रोकथाम के गतिविधियों में सहयोग कर शहर को डेंगू व मलेरिया जैसे बिमारियों से बचने में अपना बहुमूल्य योगदान दें।
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