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छत्तीसगढ़ आसपास, संयंत्र की खबरें[ हर किसी की जिंदगी से जुड़ा हुआ है सेल ]

संयंत्र के निदेशक प्रभारी श्री अनिर्बान दासगुप्ता ने बीआरएम विभाग को रिकॉर्डतोड़ प्रदर्शन के लिए दी बधाई

सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र के निदेशक प्रभारी श्री अनिर्बान दासगुप्ता तथा कार्यपालक निदेशक (वर्क्स) श्री अंजनी कुमार ने 5 जुलाई 2024 को बार एंड राॅड मिल विभाग का दौरा कर टीम बीआरएम को रिकाॅर्डतोड़ प्रदर्शन के लिए बधाई दी। बीआरएम ने दिनांक 04 जुलाई 2024 को 4078 टन (1984 बिलेट) टीएमटी बार रोलिंग का नया रिकॉर्ड बनाकर, 19 मई 2024 को दर्ज पिछले रिकाॅर्ड 4013 टन (1955 बिलेट) को पार किया।
बार और रॉड मिल की ऊर्जावान टीम सुरक्षा, गुणवत्ता और उत्पादकता पर ध्यान केंद्रित कर अपने उत्कृष्ट प्रयासों के माध्यम से रिकॉर्ड प्रदर्शन कर रही है। इस अवसर पर संयंत्र के निदेशक प्रभारी श्री अनिर्बान दासगुप्ता ने उत्कृष्ट निष्पादन हेतु बीआरएम बिरादरी, संबंधित शाॅप्स और सहयोगी विभागों को बधाई देते हुए कहा कि आपमें उच्च स्तर पर प्रदर्शन करने की क्षमता है और आप आगे भी इसी प्रकार निरन्तर नए रिकॉर्ड बनाकर अपना श्रेष्ठ प्रदर्शन जारी रखें।
कार्यपालक निदेशक (वर्क्स) श्री अंजनी कुमार ने भी टीम को बधाई दी और उनका हौसला अफजाई करते हुए टीम बिरादरी को अपनी प्रक्रियाओं में सभी बाधाओं को दूर करने के लिए प्रोत्साहित किया।
बीआरएम विभाग के महाप्रबंधक प्रभारी श्री योगेश शास्त्री ने टीम बीआरएम को प्रेरित और प्रोत्साहित करने के लिए निदेशक प्रभारी और कार्यपालक निदेशक (वर्क्स) का आभार व्यक्त किया और उन्होंने यह आश्वासन दिया कि टीम बीआरएम भविष्य में नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगी। इस अवसर पर महाप्रबंधक (बीआरएम-प्रचालन) श्री सच्चिदानंद त्रिपाठी, श्री शाश्वत मोहंती तथा श्री समीर पांडे, महाप्रबंधक (बीआरएम-इलेक्ट्रिकल) श्री आशीष, महाप्रबंधक (बीआरएम-मैकेनिकल) श्री शिखर तिवारी, उप महाप्रबंधक (बीआरएम-इलेक्ट्रिकल) श्री तुषार श्रीखंडे सहित विभागीय अधिकारी व कर्मचारीगण उपस्थित थे। संयंत्र के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भी टीम बीआरएम को रिकाॅर्डतोड़ प्रदर्शन के लिए बधाई दी।
उल्लेखनीय है कि भिलाई इस्पात संयंत्र के 7 मिलियन टन विस्तारीकरण एवं आधुनिकीकरण योजना के तहत संयंत्र के बार एंड रॉड मिल विभाग की स्थापना की गयी थी। उन्नत बार एंड रॉड मिल को विभिन्न प्रकार के सेक्शन को टीएमटी और वायर रॉड कॉइल में रोल करने के लिए डिजाइन किया गया है। बुनियादी ढांचा परियोजनाओं और निर्माण गतिविधियों में तेजी के साथ सेल-बीएसपी के बार और रॉड मिल से उत्पादित उच्च गुणवत्ता वाले टीएमटी ग्रेड उत्पादों की मांग काफी बढ़ गई है। बार और रॉड मिल के उत्पाद पहले ही नागपुर, विशाखापत्तनम, अहमदाबाद, हैदराबाद, गाजियाबाद और जयपुर सहित देश के विभिन्न कोनों में पहुंच चुके हैं। नेगेटिव टॉलरेंस के साथ उत्पादों की उच्च गुणवत्ता और सुसंगत यांत्रिक गुण तथा अच्छी वेल्डेबिलिटी के कारण मिल के उत्पाद सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र के ग्राहकों द्वारा सराहे जाते है।
सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र के बार एंड राॅड मिल विभाग में तैयार उत्पादों का उपयोग राष्ट्रीय महत्व की कई प्रतिष्ठित परियोजनाओं जैसे मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल कॉरिडोर, तटीय सड़क परियोजनाओं, सेंट्रल विस्टा परियोजना, सीमा सड़क परियोजना, बीएआरसी मुंबई तथा अयोध्या में राम मंदिर निर्माण में किया गया है।
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मानसूनी बीमारियों का प्रकोप, बीएसपी ने बचाव के प्रयास शुरू किये

मानसून की रिमझिम बारिश गर्मी से राहत देने के साथ ही अनेक तरह की बीमारियां भी लेकर आती हैं, इस मौसम के दौरान विभिन्न कीटाणुओं और विषाणुओं के संपर्क में आने का खतरा होता है, जिनकी ओर ध्यान न देने पर गंभीर बीमारियों का सामना करना पड़ सकता है।
मानसून के इन्हीं खतरों के दृष्टिगत भिलाई इस्पात संयंत्र के जनस्वास्थ्य विभाग, नगर सेवाएं विभाग एवं जवाहर लाल नेहरु चिकित्सालय एवं अनुसन्धान केंद्र द्वारा इन बीमारयों से सुरक्षा हेतु शहरवासियों को जागरूक करने का निरंतर प्रयास किया जा रहा है| भिलाई इस्पात संयंत्र के जन स्वास्थ्य विभाग द्वारा, इस्पात नगरी में मच्छर जनित रोग जैसे मलेरिया, डेंगू आदि की रोकथाम के लिए 15 जून 2024 से सघन अभियान प्रारंभ कर दिया गया है। इस अभियान के तहत, इस्पात नगरी के आवासों का सर्वे, निरीक्षण, दवाओं का वितरण तथा छिड़काव शुरू हो चुका है। बीएसपी का जन स्वास्थ्य विभाग, जिला मलेरिया विभाग, दुर्ग के साथ मिलकर उनके प्रशिक्षित कर्मचारियों के सहयोग से घर-घर सर्वेक्षण, दवाइयों के वितरण और छिड़काव आदि के कार्य के साथ इस्पात नगरी के नागरिकों को इसके लिए जागरूक भी किया जा रहा है।
बरसात के दौरान होने वाली बीमारियां मुख्यत: वातावरण में अचानक आए बदलाव से बड़ी मात्रा में पनपे माइक्रोऑर्गेनिज्म के कारण होती है। बरसात में होने वाली बीमारियों में डेंगू, मलेरिया, दस्त व आंत्रज्वर (टायफायड), वायरल फीवर आदि प्रमुख हैं| इन बीमारियों से बचाव हेतु इसके कारण, लक्षण और बचाव के तरीकों की जानकारी होना अति आवश्यक है|

डेंगू के कारण, लक्षण एवं रोकथाम के उपाय
डेंगू एडिस नामक मच्छर के काटने से होती है, जो दिन के समय काटता है, अतः इससे बचाव के लिए मच्छरों से बचने का पूरा प्रबंध करें जैसे मच्छरदानी का उपयोग, शरीर को पूरा ढकने वाले कपड़ों का इस्तेमाल आदि करें| डेंगू के प्रमुख लक्षण अचानक सिर दर्द व तेज बुखार, मांसपेशियों तथा जोड़ों में दर्द होना, आँखों के पीछे दर्द होना, जी मिचलाना एवं उल्टी होना, गंभीर मामलों में नाक, मुँह, मसूड़ों से खून आना, त्वचा पर चकत्ते उभरना आदि हैं|
डेंगू के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सक की सलाह लें| डेंगू से बचने के लिए सावधानी ही सुरक्षा है, अत: डेंगू से बचाव के उपायों को अवश्य अपनाएं| जैसे कि कूलर, पानी की टंकी, पक्षियों के पीने के पानी का बर्तन, फ्रिज की ट्रे, फूलदान, इत्यादि को प्रति सप्ताह खाली करें व धूप में सुखाकर प्रयोग करें, नारियल का खोल, टूटे हुए बर्तन व टायरों में पानी जमा न होने दें, घरों के दरवाजे व खिड़कियों में जाली/परदे लगायें, पैर में मोजे पहने एवं दिन में भी सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करें।
मलेरिया के कारण, लक्षण एवं रोकथाम के उपाय
मलेरिया एक गंभीर और कभी-कभी जानलेवा बीमारी है। यह संक्रमित मादा एनाफिलिज़ मच्छर के काटने से फैलती है। आमतौर पर संक्रमित मच्छर द्वारा काटे जाने के 10-15 दिन बाद इसके लक्षण दिखने लगते हैं।
मलेरिया के लक्षणों में तेज़ बुखार के साथ कपकपी आना, पसीना आना, मतली या उलटी, सिरदर्द, दस्त, थकान महसूस होना, शरीर में दर्द इत्यादि हो सकते हैं| इससे बचने के लिए मच्छरों से बचाव के तरीके अपनाएं व लक्षण दिखाई देने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें|
दस्त/ पेचिश रोग के कारण, लक्षण एवं रोकथाम के उपाय
प्रायः दस्त रोग दूषित पानी के सेवन से होता है। बच्चों में यह बीमारी गंभीर हो सकती है। शरीर से ज्यादा पानी निकल जाने से बच्चे की मृत्यु का खतरा भी बना रहता है।
इसके प्रमुख लक्षणों में पेचिश, बुखार आना, पेट में ऐंठन, निर्जलीकरण, मतली और उल्टी, भूख में कमी इत्यादि हैं| इससे बचने के लिए तरल पदार्थों का, शुद्ध पेयजल एवं शुद्ध भोजन का सेवन करें| अच्छी तरह से हाथ धोकर खाना खाएं, हरी सब्जी एवं फलों का सेवन धोकर करें, सड़े गले फल एवं खाद्य पदार्थों का उपयोग न करें, खाने-पीने की वस्तुओं को ढंककर रखें, दस्त लगने पर डॉक्टर की सलाह पर ओ.आर.एस. एवं जिंक सल्फेट गोली का उपयोग करें।
आंत्रज्वर (टायफायड) के कारण, लक्षण एवं रोकथाम के उपाय
आंत्रज्वर जीवन के लिए एक खतरनाक रोग है जो सलमोनेल्ला टायफी नामक जीवाणु (बैक्टीरिया) से होता है, जिसकी संभावना बारिश के मौसम में अत्यंत बढ़ जाती है| आंत्रज्वर (टाइफायड) का उपचार सामान्यतः एंटीबायोटिक दवाइयों से किया जा सकता है। इसे मियादी बुखार भी कहा जाता है।
यह रोग गंदे हाथों से खाना खाने से, दुषित पानी पीने से दूषित खाना खाने से होता है। टायफायड में दस्त लगना व मल में खून आना, भूख न लगना व कमज़ोरी आना, पेट पर पित्तिका निकलना, उल्टियां आना, तेज बुखार व सिर में तेज दर्द होना आदि लक्षण दिखाई देते हैं| इसके उपचार के लिए तुरंत डॉक्टर से सलाह लें, साथ ही समय पर दवाइयों का सेवन करें व पूरा आराम करें। शौच के बाद व खाना बनाने अथवा खाने से पहले हाथ अच्छी तरह से अवश्य धोएं, स्वच्छ पानी पियें और पूर्णत: पका खाना ही खायें। अपनें आसपास सफाई बनाये रखें और पानी को इकट्ठा न होने दें।
नागरिकों से अपील
भिलाई इस्पात संयंत्र का जनस्वास्थ्य विभाग, नगर सेवाएं विभाग एवं जवाहर लाल नेहरु चिकित्सालय एवं अनुसन्धान केंद्र सयुक्त रूप से इस्पात नगरी के सभी शहरवासियों से अपील करता है कि उपरोक्त मौसमी बीमारियाँ हमारे स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती हैं, इसलिए इन बीमारियों के प्रति जागरूक रहते हुए सभी आवश्यक सावधानियों का अवश्य पालन करें|
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बीएसपी की आज भी नेवई क्षेत्र में अवैध कब्जाधारियों के विरुद्ध बड़ी कार्यवाही

भिलाई इस्पात संयंत्र के नगर सेवा विभाग के इन्फोर्समेंट सेक्शन ने आज 5 जुलाई, 2024 को नेवई, उतई रोड, रिसाली बस्ती सहित भिलाई के कई क्षेत्रों में अवैध कब्जाधारियों के विरुद्ध बड़ी कार्यवाही की हैं। इस कार्यवाही में प्रभावशाली और असमाजिक तत्वों जैसे लोगों के कब्जों को ध्वस्त किया है।

आज जिला प्रशासन, रिसाली नगर पालिक निगम भिलाई, पुलिस प्रशासन और भिलाई इस्पात संयंत्र द्वारा अवैध कब्जेधारियों के विरुद्ध कार्यपालक मजिस्ट्रेट और भारी पुलिस बल के मौजूदगी में 150 से अधिक लोगों की टीम द्वारा कार्यवाही की गई। उतई रोड में अवैध छत्तीसगढ़ ढाबा, राय ट्रेडर्स, मरोदा चौक तथा रिसाली बस्ती में जेसीबी के मदद से अवैध कब्जा तोड़ा गया। बीएसपी द्वारा की गई। इस कार्यवाही में कुल 18,000 अठारह हजार स्क्वायर फीट से अधिक भूमि से कब्जा हटाया गया। भारी पुलिस बल जिसमे सी एस पी भिलाई, टी आई नेवई, टी आई भट्टी थाना, टी आई वैशाली नगर, टी आई स्मृति नगर , कार्यपालक मजिस्ट्रेट सम्मिलित थे।उतई रोड तथा रिसाली बस्ती में हिस्ट्री शीटर के विरुद्ध कार्यवाही किया गया जिसमे पिंकी राय, मुकुल सोना, मंगल देवार इत्यादि व्यक्तियों के विरुद्ध कार्यवाही की है।
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