- Home
- Chhattisgarh
- ‘सूत्र सम्मान’ 2024 : 50 वर्षों से निरंतर सक्रिय कवि, लेखक, एक्टिविस्ट शरद कोकास को वर्ष 2024 का ‘सूत्र सम्मान’ 31 अगस्त को कल्याण महाविद्यालय में प्रदान किया जाएगा
‘सूत्र सम्मान’ 2024 : 50 वर्षों से निरंतर सक्रिय कवि, लेखक, एक्टिविस्ट शरद कोकास को वर्ष 2024 का ‘सूत्र सम्मान’ 31 अगस्त को कल्याण महाविद्यालय में प्रदान किया जाएगा

👉 शरद कोकास
छत्तीसगढ़ आसपास [जगदलपुर, 16 जुलाई] : वर्ष-2024 का ठाकुर पूरन सिंह स्मृति ‘सूत्र सम्मान’ अपनी युवा उम्र की बंदिशें छोड़,अब दीर्घ रचनात्मक लेखकों की फेहरिस्त में इस रूप में जाने को तत्पर है कि यह सम्मान उस लेखक को भी दिया जाय, जिसका लेखन अनवरत जारी हो, तथा वह लेखन वैचारिक प्रतिबद्धता, इतिहास बोध तथा वैज्ञानिक वैचारिक बोध के करीब हो।
अतः निर्णायक समिति द्वारा यह निर्णय लिया है कि वर्ष 2024 का ‘सूत्र सम्मान’ पिछले 50 वर्षों से निरंतर सक्रिय कवि, लेखक, एक्टिविस्ट शरद कोकास को दिया जाय।
शरद कोकास का पहला संग्रह ‘गुनगुनी धूप में बैठकर’ 1993 में प्रकाशित हुआ। फिर लम्बी कविता ‘पुरातत्ववेत्ता’ (पहल पुस्तिका 2005), ‘देह’ (पहल 2016),एक संग्रह ‘हमसे तो बेहतर हैं रंग’ (2014) और ‘चयनित कविताएं’ (2023) में प्रकाशित हुए । इसके अतिरिक्त ‘कोकास परिवार की चिट्ठियां’ और नव साक्षरों हेतु कहानी पुस्तिकाएं भी उनकी प्रकाशित हुईं ।
शरद कोकास ने दुर्ग जिला साक्षरता अभियान तथा अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति से भी ऐक्टिविस्ट की तरह जुड़कर काम किया।
हाल में छपी उनकी वैचारिक निबंधात्मक पुस्तक ‘मन मशीन’ मनुष्य के मन मस्तिष्क की बुनावट से जुड़ी सामाजिक प्रक्रिया के विभिन्न आयाम प्रस्तुत करती हुई महत्वपूर्ण किताब है। इसी क्रम में उनकी ‘एक पुरातत्त्ववेत्ता की डायरी’ ; ‘बैतूल से भंडारा : एक जन इतिहास’ ; ‘सुख दुख की कविताएं’ तथा ‘अनकही’ कविता संकलन शीघ्र प्रकाश्य है ।
सूत्र सम्मान निर्णायक समिति 2024 का ‘सूत्र सम्मान’ शरद कोकास को देने की सहर्ष घोषणा करते हुए गौरवान्वित अनुभव करती है।
यह सम्मान 31 अगस्त को भिलाई कल्याण महाविद्यालय में शरद कोकास को प्रदान किया जाएगा.
▪️▪️▪️▪️▪️▪️
chhattisgarhaaspaas
विज्ञापन (Advertisement)