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छत्तीसगढ़ आसपास, संयंत्र की खबरें[ हर किसी की जिंदगी से जुड़ा हुआ है सेल ]

बीएसपी द्वारा टायफाईड, डेंगू, दस्त एवं मलेरिया रोकथाम हेतु अभियान जारी, एक सप्ताह में 16920 आवासों का सर्वे

मानसून के दौरान शहर में विभिन्न बिमारियों जैसे टायफाईड, डेंगू, दस्त और मलेरिया आदि के मरीजों की संख्या में वृद्धि होने की आशंका बनी रहती है। मानसून के इन्हीं खतरों के दृष्टिगत भिलाई इस्पात संयंत्र के जनस्वास्थ्य विभाग, नगर सेवाएं विभाग इन बीमारयों से सुरक्षा हेतु, शहरवासियों को जागरूक करने के साथ साथ इस्पात नगरी के आवासों का सर्वेक्षण, निरीक्षण, दवाओं का वितरण तथा छिड़काव कर निरंतर प्रयास कर रहा है। इस अभियान के तहत, 21 जुलाई 2024 से 27 जुलाई 2024 तक इस्पात नगरी के विभिन्न सेक्टरों में कुल 16920 आवासों का निरीक्षण एवं सर्वेक्षण किया गया।
उल्लेखनीय है कि 21 जुलाई 2024 से 27 जुलाई 2024 तक इस्पात नगरी के विभिन्न सेक्टरों में कुल 165 टूटे हुए मकानों का सर्वेक्षण किया गया। कुल 12940 कूलरों का निरीक्षण किया गया, जिसमें से 1253 कूलरों को खाली कराया गया। कुल 747 टंकियों का निरीक्षण किया गया, जिसमें से 246 टंकियों को खाली कराया गया। इसके अतिरिक्त 1126 कंटेनरों, 133 टायरों का निरीक्षण कर उन्हें खाली कर उनकी सफाई व दवाइयों का छिड़काव आदि किया गया है। 2028 पानी के अन्य पात्रों का निरीक्षण किया गया, जिसमें से 1475 पात्रों को खाली कराया गया। 5652 घरों में टेमिफॉस दवाओं का वितरण तथा 313 घरों में होम स्प्रे से छिड़काव किया गया।
इस अभियान के तहत, 26 जुलाई 2024 को इस्पात नगरी के सेक्टर 1,4,6,7,9,10 एवं मरोदा सेक्टर में कुल 1106 आवासों का निरीक्षण एवं सर्वेक्षण किया गया। कुल 615 कूलरों का निरीक्षण किया गया, जिसमें से 127 कूलरों को खाली कराया गया। कुल 97 टंकियों का निरीक्षण किया गया, जिसमे से 26 टंकियों को खाली कराया गया। इसके अतिरिक्त 117 कंटेनरों, 11 टायरों का निरीक्षण कर उन्हें खाली कर उनकी सफाई व दवाइयों का छिड़काव आदि किया गया है। 216 पानी के अन्य पात्रों का निरीक्षण किया गया, जिसमें से 143 पात्रों को खाली कराया गया। 422 घरों में टेमिफॉस दवाओं का वितरण किया गया।
27 जुलाई 2024 को इस्पात नगरी के सेक्टर 2,5,6,7,9,10 एवं रुआबांधा सेक्टर में कुल 3889 आवासों का निरीक्षण एवं सर्वेक्षण किया गया। कुल 2959 कूलरों का निरीक्षण किया गया, जिसमें से 337 कूलरों को खाली कराया गया। कुल 178 टंकियों का निरीक्षण किया गया, जिसमें से 36 टंकियों को खाली कराया गया। इसके अतिरिक्त 314 कंटेनरों, 37 टायरों का निरीक्षण कर उन्हें खाली कर उनकी सफाई व दवाइयों का छिड़काव आदि किया गया है। 414 पानी के अन्य पात्रों का निरीक्षण किया गया, जिसमे से 354 पात्रों को खाली कराया गया। 1286 घरों में टेमिफॉस दवाओं का वितरण तथा 164 घरों में होम स्प्रे से छिड़काव किया गया।
डेंगू के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सक की सलाह लें। डेंगू से बचने के लिए सावधानी ही सुरक्षा है, अत: डेंगू से बचाव के उपायों को अवश्य अपनाएं। जैसे कि कूलर, पानी की टंकी, पक्षियों के पीने के पानी का बर्तन, फ्रिज की ट्रे, फूलदान, इत्यादि को प्रति सप्ताह खाली करें व धूप में सुखाकर प्रयोग करें, नारियल का खोल, टूटे हुए बर्तन व टायरों में पानी जमा न होने दें, घरों के दरवाजे व खिड़कियों में जाली/परदे लगायें, पैर में मोजे पहने एवं दिन में भी सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करें।
नागरिकों से अपील:
भिलाई इस्पात संयंत्र का जनस्वास्थ्य विभाग, नगर सेवाएं विभाग पुन: इस्पात नगरी के सभी शहरवासियों से अपील करता है कि उपरोक्त मौसमी बीमारियाँ हमारे स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती हैं, अत: इन बीमारियों के प्रति जागरूक रहते हुए सभी आवश्यक सावधानियों एवं उपायों का पालन अवश्य करें।
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बार एवं रॉड मिल ने टीएमटी बार के रोलिंग में एक और नया रिकॉर्ड बनाया

सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र के बार एवं रॉड मिल (बीआरएम) के लिए 2024 का जुलाई माह, दैनिक उत्पादन में नए कीर्तिमान स्थापित करने का माह रहा है। मिल ने 28 जुलाई 2024 को 16 मिमी व्यास में 3,930 टन टीएमटी बार का उत्पादन किया, जो 17 मई 2024 को 16 मिमी व्यास के रोल किए गए 3,890 टन टीएमटी बार के अपने ही पिछले सर्वश्रेष्ठ रिकॉर्ड से अधिक है।
इसी महीने 10 जुलाई 2024 को बार एंड रॉड मिल ने, 2589 टन उत्पादन करके टीएमटी बार्स के 10 मिमी के उत्पादन में एक नया रिकॉर्ड बनाया था, जो 7 जुलाई 2024 को 10 मिमी के रोल किए गए 2579 टन टीएमटी बार के पिछले सर्वश्रेष्ठ रिकॉर्ड को पार कर गया था।
इससे पहले 4 जुलाई 2024 को, बीआरएम ने 1984 बिलेट्स को 4078 टन टीएमटी बार में रोल करके किसी भी प्रोफाइल में टीएमटी बार के उत्पादन में एक नया दैनिक रिकॉर्ड स्थापित किया था, जो 19 मई 2024 को 1955 बिलेट्स को 4013 टन टीएमटी बार में रोल करने के पिछले सर्वश्रेष्ठ उत्पादन से अधिक था।
संयंत्र के वरिष्ठ अधिकारियों ने टीएमटी बार के रोलिंग में नए कीर्तिमान स्थापित करने के लिए बीआरएम और सभी सम्बद्ध सहयोगी एजेंसियों की टीम को बधाई दी है।
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एसएमएस-3 ने सीवी-1 में बिलेट की ओपन कास्टिंग के साथ एक और उपलब्धि हासिल की

क्लोज/सबमर्ज्ड रूट के माध्यम से सीवी-1 बिलेट कास्टिंग की सफल कमीशनिंग के बाद, सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र की माॅडेक्स इकाई, स्टील मेल्टिंग शॉप-3 ने उपयुक्त माॅडीफिकेशनों के बाद 27 जुलाई 2024 को ओपन कास्टिंग रूट के जरिए बिलेट कास्टिंग का सफलतापूर्वक ट्रायल किया। इन माॅडीफिकेशनों के अंतर्गत संयंत्र के इंजीनियरिंग डिजाइन और ड्राइंग विभाग के सहयोग से मोल्ड ऑयल प्लेट्स का विकास, गुरुत्वाकर्षण आधारित मोल्ड ऑयल फीड सिस्टम की स्थापना, लॉन्डर सुविधा के साथ टंडिश एनसीडी तंत्र की स्थापना, मोल्ड के अंदर सेंटर हॉट मेटल स्तर की गति को सिंक्रोनाइज करने के लिए ओपन कास्टिंग से पीएलसी प्रोग्राम का विकास और ओपन कास्टिंग में सुरक्षित संचालन के लिए पीएलसी में विकास कार्य किया गया।

ओपन स्ट्रीम रूट के जरिए सीवी-1 से बिलेट्स की कास्टिंग कई मायनों में फायदेमंद होगी। स्ट्रैंड के बंद होने की स्थिति में यह संभावित सीमा तक प्रचालन को फिर से स्ट्रैंड करने में सक्षम बनाएगा। क्लोज स्ट्रीम में फिर से स्ट्रैंड करने के लिए, ऑपरेशन को टंडिश अनुक्रम के पूर्ण होने तक प्रतीक्षा करनी होती है।
क्लोज स्ट्रीम में आॅपरेशन की गति 2.8 मीटर प्रति सेकंड रहती है। इसके अनुपात ओपन स्ट्रीम प्रणाली के माध्यम से इससे अधिक गति पर कास्टर सीवी-1 को संचालित करने में सक्षम करेगा। इस प्रणाली से एक अन्य महत्वपूर्ण लाभ है कि प्रति टन स्टील पर लगभग 150 रुपये की बचत होगी, जो प्रतिदिन 4 लाख रुपये से अधिक लागत बचत के बराबर है। ओपन स्ट्रीम प्रणाली से सीवी-1 कास्टर से अधिक बिलेट्स के उत्पादन संभव हो सकेगा।
स्टील मेल्टिंग शॉप-3 के शॉप नेतृत्व ने एसएमएस-3 टीम बिरादरी के सदस्यों को बधाई दी और इस उपलब्धि के लिए सभी संबद्ध विभागों को उनके सहयोग के लिए धन्यवाद दिया।
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एनफोर्समेंट कार्यवाही को सीखने-समझने राउरकेला इस्पात संयंत्र की एनफोर्समेंट टीम के सदस्य भिलाई आये

सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र के नगर सेवाएँ विभाग के एनफोर्समेंट टीम के साथ राउरकेला इस्पात संयंत्र एनफोर्समेंट टीम ने, आज 30 जुलाई 2024 को दो घंटे का इंटरेक्शन सेशन रखा था। इस इंटरेक्शन सेशन में, सभी अधिकारियों और इंस्पेक्टर्स सहित इन्फोर्सेंट विभाग द्वारा की जाने वाली विभिन्न कार्यवाहियों जैसे- फंक्शनिंग कैसे की जाती है, क्या-क्या प्रक्रिया अपनाई जाती है, इस दौरान क्या परेशानियां आती है, कार्यवाही को और आसान तथा बेहतर विधि से कैसे किया जा सकता है, एस्टेट कोर्ट व प्रशासनिक सहयोग के साथ विभिन्न प्रकार के शिकायतों तथा अवैध कब्जा के विविध विषयों पर चर्चा की गई।
राउरकेला इस्पात संयंत्र के सहयोगियों के साथ भिलाई इस्पात संयंत्र के एनफोर्समेंट अनुभाग द्वारा, अवैध कब्जा मुक्ति हेतु अपनाई जा रही पद्धतियों पर प्रकाश डाला गया और इस पर चर्चा की गई। राउरकेला इस्पात संयंत्र की एनफोर्समेंट टीम को खाली कराए गए अवैध कब्जे का साइट विजिट कराया गया। विज़िट के दौरान राउरकेला एनफोर्समेंट टीम को विभिन्न सेक्टरों, कैंप, खुर्सीपार, मह-मरा दुर्ग, नेवई, सिविक सेंटर, सेक्टर-06, इत्यादि दिखाया गया।
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टाउनशिप के साथ संयंत्र के भीतर भी आवारा मवेशियों के नियंत्रण हेतु की जा रही है कार्यवाही

सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र के नगर सेवाएँ विभाग द्वारा निरन्तर अवैध कब्जा हटाने, अवैध बैनर पोस्टर हटाने तथा यातायात को सुगम बनाने हेतु आवारा मवेशियों पर नियंत्रण का कार्य जारी है। इसके साथ ही संयंत्र के अंदर भी कुछ आवारा मवेशियों को पकड़ा जा रहा है। कर्मियों को चोट पहुंचाने वाले पागल सांड को भी पकड़ा गया। सेकंड हॉफ में संयंत्र के भीतर से भी आवारा पशुओं को पकड़ा जा रहा है।

आवारा मवेशियों को नियंत्रित करने हेतु चलाए जा रहे इस अभियान के अंतर्गत भिलाई इस्पात संयंत्र के नगर सेवाएँ विभाग के प्रवर्तन अनुभाग द्वारा टाउनशिप के विभिन्न स्थानों से आवारा मवेशियों को पकड़कर उन्हें कोसानगर गौठान भेजा जा रहा है। बरसात के मौसम में आवारा मवेशी अक्सर हरी घास की तलाश में टाउनशिप की सड़कों की ओर रुख कर लेते हैं। इससे सड़कों पर आवारा मवेशियों की बढ़ती संख्या ने यातायात के लिए गंभीर खतरा पैदा कर दिया है। नगर सेवाएँ विभाग द्वारा यह कार्यवाही निरंतर जारी है।
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79 ग्रामीणों ने उठाया निःशुल्क चिकित्सा शिविर का लाभ

सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र के तत्वाधान में निगमित सामाजिक उत्तरदायित्व विभाग (सीएसआर) द्वारा निःशुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन अपने आस-पास के परिधीय क्षेत्रों एवं खदान क्षेत्रों में किया जाता है। इसी कड़ी में 30 जुलाई 2024 को ग्राम स्टोर पारा पुरेना में निःशुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया।
ग्राम स्टोर पारा पुरेना में आयोजित चिकित्सा शिविर में चिकित्सक डॉ निशि मिंज, बीपी, शुगर एवं रक्त जांच हेतु श्रीमती रेखा देव, फार्मासिस्ट श्री अशरफ, पंजीयन हेतु श्री शशि भूषण राय व श्री शम्भू दयाल तथा सीएसआर विभाग से श्री बुधेलाल एवं सीआईएसएफ से कमांडेंट श्री आर के वर्मा एवं डिप्टी कमांडेंट श्री नरेंद्र यादव उपस्थित थे| प्रातः 10 बजे से प्रारंभ हुए शिविर में कुल 79 लोगों की जांच कर उन्हें निःशुल्क दवाएं प्रदान की गई, लाभान्वित ग्रामीणों में 20 पुरुष, 53 महिला तथा 06 बच्चे शामिल थे।

भिलाई इस्पात संयंत्र अपने आस-पास के परिधीय क्षेत्रों में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य की निःशुल्क जाँच की सुविधा काफी लंबे समय से उपलब्ध कराता आ रहा है। इसका उद्देश्य दूरस्थ ग्रामीण एवं वनांचल क्षेत्र में रहने वाले लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है। भिलाई इस्पात संयंत्र के सीएसआर विभाग द्वारा सामाजिक उत्तरदायित्वों का निर्वहन करते हुए निरन्तर स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन, संयंत्र के परिधीय क्षेत्रों तथा खनि नगरियों में किया जा रहा है।
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मैत्री बाग में सेल-बीएसपी और क्रेडा के संयुक्त तत्वाधान में 200 KWP सोलर पावर प्लांट की स्थापना हेतु भूमिपूजन

सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र के ग्रिड से जुड़े सोलर पावर प्लांट की आपूर्ति, स्थापना और कमीशनिंग के लिए, बीएसपी और क्रेडा के संयुक्त तत्वाधान में 30 जुलाई, 2024 को मैत्री बाग में भूमिपूजन किया गया। सेल- भिलाई इस्पात संयंत्र के कार्यपालक निदेशक (मानव संसाधन) श्री पवन कुमार ने मैत्री बाग में 200 KWP सोलर पावर प्लांट की स्थापना के लिए भूमिपूजन किया।

इस अवसर पर मुख्य महाप्रबंधक (नगर सेवाएं और सीएसआर) श्री जे वाई सपकाले, मुख्य महाप्रबंधक (मानव संसाधन) श्री संदीप माथुर, महाप्रबंधक (सीएसआर) श्री शिवराजन, महाप्रबंधक (ईडी-एचआर सचिवालय) श्री एच शेखर, महाप्रबंधक (नगर सेवाएं) श्री विष्णु पाठक, एस. ई. (क्रेडा) श्री भानु प्रताप, जिला प्रभारी (दुर्ग-क्रेडा) श्री रवींद्र देवांगन, ए. ई. (क्रेडा) श्री नितेश बंछोर, वरिष्ठ प्रबंधक (सीएसआर) श्री सुशील कामड़े, उप प्रबंधक (सीएसआर) श्री कमल वर्मा सहित सीएसआर और टाउनशिप विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।
इस दौरान, कार्यपालक निदेशक (मानव संसाधन) श्री पवन कुमार ने कहा कि इस परियोजना की परिकल्पना कुछ महीने पहले की गई थी। अगर यह परियोजना हमारे कार्बन फुटप्रिंट को कम करने में मदद करती है, तो हम इसे अन्य स्थानों पर भी दोहरा सकते हैं। उन्होंने इस परियोजना में शामिल सभी संबंधित एजेंसियों को बधाई दी।

श्री जे वाई सपकाले ने कहा कि यह परियोजना ग्रीन एनर्जी में हमारे विश्वास को बढाती है। उन्होंने कहा कि इसकी त्वरित स्वीकृति और प्रगति के कारण यह सभी के लिए एक यादगार परियोजना होगी। क्रिस्टलीय सौर फोटो वोल्टीक मॉड्यूल लगभग 800 यूनिट प्रति दिन और लगभग 24,000 यूनिट प्रति माह उत्पन्न करेगा। इस परियोजना में इस संयंत्र को इतनी ऊंचाई पर स्थापित किया जाएगा, कि मैत्री बाग में हिरणों के लिए चारा भी सोलर पावर प्लांट के नीचे सुरक्षित रहेगा।
स्विक्सोल सिस्टम्स के श्री प्रांजल पांडेय ने उपस्थित सदस्यों को सोलर पावर प्लांट परियोजना के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम का संचालन सहायक अभियंता (क्रेडा) सुश्री वर्षा बघेल द्वारा किया गया।
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