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- स्मृति शेष स्व. ओमप्रकाश शर्मा : हरिद्वार में हुआ ओमप्रकाश शर्मा का अस्थि विसर्जन : छोटे भाई सुरेंद्र शर्मा के साथ हरिद्वार से उनके चचेरे भाई रवि मैंदोला और चाचाजी रहे मौजूद
स्मृति शेष स्व. ओमप्रकाश शर्मा : हरिद्वार में हुआ ओमप्रकाश शर्मा का अस्थि विसर्जन : छोटे भाई सुरेंद्र शर्मा के साथ हरिद्वार से उनके चचेरे भाई रवि मैंदोला और चाचाजी रहे मौजूद

वरिष्ठ अधिवक्ता एवं मुक्तकंठ साहित्य समिति के संस्थापक व महासचिव ओम प्रकाश शर्मा जी (Adv. Om Prakash Sharma) की अस्थियों को सोमवार दोपहर हरिद्वार के सुभाष गंगा घाट पर गंगा जी में विसर्जित किया गया । इस मौके पर शर्मा जी के छोटे भाई सुरेंद्र शर्मा और हरिद्वार वाले चचेरा भाई रवि मैंदोला और मित्र सुनील शर्मा मौजूद रहे ।
14 अगस्त रात के 11 बजे दिल का दौरा पड़ने से हरिनगर, कातुल बोर्ड साकेतनगर निवासी ओमप्रकाश शर्मा का निधन हो गया था । 15 अगस्त को उनके निवास स्थान के निकटतम स्थान शिवनाथ मुक्तिधाम दुर्ग में सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार हुआ ।
कल अपराह्न 4.00 बजे गंगा में प्रवाहित की गईं अस्थियां –
19 अगस्त की दोपहर लगभग 3.30 बजे शर्मा जी के छोटे भाई सुरेंद्र शर्मा, दिल्ली रेलवे स्टेशन से हरिद्वार बस अड्डे पहुचें । इसके बाद लगभग 4.00 बजे हरिद्वार के सुभाष गंगा घाट पर ओम प्रकाश शर्मा जी की अस्थियां विसर्जित की गईं ।
स्व. ओम प्रकाश शर्मा विषेश लोक अभियोजक, जिला न्यायालय, दुर्ग, छत्तीसगढ़ के एक सीनियर अधिवक्ता थे साथ ही वह अंतर्राष्ट्रीय हिंदू परिषद छत्तीसगढ के प्रदेश अध्यक्ष, ब्रह्म समर्पित ब्राह्मण म़हासभा सम्पूर्ण भारत छत्तीसगढ के प्रदेश अध्यक्ष, जिला अधिवक्ता संघ, दुर्ग, छत्तीसगढ के पूर्व सचिव, मुक्त कंठ सहित्य समिति, भिलाई, के महासचिव थे । स्व. ओम प्रकाश शर्मा समाज सुधारक के साथ – साथ बहुत बड़े समाज सेवी भी थे। हमेशा हर एक कार्यकर्मों में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेना उनकी बहुत आदतों में से एक रहा । ‘मुक्तकंठ साहित्य समिति’ के अध्यक्ष गोविंद पाल ने बताया महज 53 वर्ष की उम्र में उनका यूँ हमें छोड़कर चले जाना, कला जगत की बहुत बड़ी क्षति है।
18 अगस्त को मुक्तकंठ साहित्य समिति द्वारा रखी गयी श्रद्धांजलि सभा –
‘मुक्तकंठ साहित्य समिति’ के अध्यक्ष गोविंद पाल, के दिशानिर्देशानुसार आलोक कुमार चंदा ने स्व. ओमप्रकाश शर्मा जी के श्रद्धांजलि सभा कार्यक्रम को सुचारू रूप से सम्पन्न करवाया । श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित श्री नरेंद्र सिक्केवाल साहब, डॉक्टर बीना सिंह रागी, दुलाल समाद्दार, रजनीकांत श्रीवास्तव, तुंगभद्र राठौर, डॉक्टर महेश चन्द्र शर्मा, डॉक्टर परदेशी राम वर्मा, प्रकाश चन्द्र मंडल, पल्लव चटर्जी, वासुदेव भट्टाचार्य रहे । सभी ने श्रद्धांजलि सभा को शालीनता व गरीमापूर्ण बनाने में मदद की तथा सबके चहेते एवं परम मित्र रहे स्व० ओमप्रकाश शर्मा को भावभीनी श्रद्धांजलि देकर उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की ।
27 अगस्त, मंगलवार को होगा शांति भोज कार्यक्रम –
स्व. ओमप्रकाश शर्मा की आत्मा की शांति के लिए 27 अगस्त को शिव मंदिर, हरिनगर, कातुल बोर्ड, दुर्ग में शांति भोज कार्यक्रम का आयोजन किया गया है । गरूड़ पुराण के अनुसार, किसी व्यक्ति के निधन के 13 दिन बाद पर तेरहवीं रखी जाती है । 13 दिनों तक मृतक के संस्कार से जुड़ी सभी आवश्यक रीतियां निभाई जाती हैं। ऐसी मान्यता है कि आत्मा अपने परिवार वालों के द्वारा किए जाने वाले कामों को ध्यान से देखती है। 13वें दिन ब्राह्मण भोज भी कराया जाता है और पिंडदान होता है। पिंड दान से आत्मा को बल मिलता है और वह मृत्युलोक से यमलोक तक की यात्रा संपन्न करती है।
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