• Chhattisgarh
  • मासूम कृतार्थ की बलि के शरीके जुर्म और भी हैं : आलेख, बादल सरोज

मासूम कृतार्थ की बलि के शरीके जुर्म और भी हैं : आलेख, बादल सरोज

2 years ago
433

हाथरस मुख्यालय से कोई 35 किलोमीटर दूर सहपऊ कसबे के करीब के गांव रसगवां में एक 11 साल के मासूम बच्चे की हत्या खुद उसके स्कूल के प्रबंधक और प्रबंधक के पिता,  प्रिंसिपल और शिक्षकों द्वारा किये जाने की खबर ने अनेक अभिभावकों को ही नहीं हिलाया, जिन तक वह खबर पहुंची उन्हें भी स्तब्ध कर दिया । बच्चे की लाश को ठिकाने लगाने के लिए इधर-उधर घूम रहे आरोपी पकड़े जा चुके हैं और बताते हैं कि  उन्होंने कबूल भी कर लिया है कि उस मासूम कृतार्थ कुशवाहा की ‘बलि’ चढ़ाई गयी थी, ताकि “स्कूल तरक्की कर सके, प्रसिद्धि पा सके”, मतलब यह कि उसकी कमाई बढ़ सके। स्कूल मालिक के पिता तांत्रिक हैं, उन्हीं की देखरेख में यह काण्ड किया गया और इसमें प्रिंसिपल, अध्यापक, हॉस्टल वार्डन कुल मिलाकर 5 लोग शामिल हुए । सवाल यह है कि पांचवी तक की अनुमति वाले स्कूल में उससे आगे की कक्षाएं कैसे चल रही हैं, बिना अनुमति के ही हॉस्टल भी कैसे चलाया जा रहा है। स्कूल के पास ही तंत्र क्रिया का केंद्र बना हुआ है, जिसमें लगातार लोग आते जाते रहते हैं …. मतलब यह कि कुछ भी छुपा ढँका नहीं है, सब कुछ खुल्लम खुल्ला है । सवाल और भी हैं,  उम्मीद है, पुलिस उनके जवाब खोज लेगी, लेकिन मुख्य बात वह है जो कृतार्थ के पिता ने कही है कि “मैंने अपने इकलौते बेटे को खो दिया है, मुझे इन्साफ चाहिए, सरकार ऐसे कदम उठाये कि किसी और पिता को अपना बेटा न गंवाना पड़े।“ कृतार्थ की बलि के मुजरिम पकडे जा चुके हैं, मगर जो पकड़े गए हैं, सिर्फ अकेले वे ही अपराधी हैं, यह मान लेने से उसके पिता की फ़िक्र और वारदात की तह तक नहीं पहुंचा जा सकता । जब तक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष दोनों तरह के शरीके जुर्मों की शिनाख्त नहीं कर ली जाती, तब तक ऐसे जघन्य कांडों की  पुनरावृत्ति नहीं रोकी जा सकती

सवाल कई है, जैसे प्राइमरी की कक्षा में पढने वाले एक मासूम बच्चे को एक निजी आवासीय स्कूल में जाने के लिए क्यों मजबूर होना पड़ा? एक  छोटे से कसबे के और भी छोटे से गाँव के बाहर डोरीलाल पब्लिक स्कूल कैसे खड़ा हो गया? इसका जवाब उसी गाँव के एक नागरिक के कहे में मिलता है। उनका कहना है कि “मैं पेशे से ड्राईवर हूँ और चाहता हूँ कि मेरे बच्चे अच्छे से पढ़ें, सरकारी स्कूल में माहौल उतना अच्छा नहीं होता, इसलिए ऐसे स्कूल देखने पड़ते हैं।“ सवाल ये है कि सरकारी स्कूल कहां गए? जिन सरकारी स्कूल और कॉलेजों ने ही आजादी के बाद की अब तक की पीढ़ियां तैयार करने में अहम् और निर्णायक भूमिका निबाही, उनके माहौल को क्या हो गया?

15 अगस्त 1947 के दिन आजाद हुए भारत में कुल 8431 प्राइमरी स्कूल थे – आजादी के बाद जनवादी आंदोलनों की जद्दोजहद के चलते सरकारें मजबूर हुईं, शिक्षा के प्रसार की नीतियां बनी और देश भर स्कूल और उच्चतर शिक्षा के केन्द्रों का जाल फैला। एक समय आया, जब प्राइमरी और सेकेंडरी मिलाकर स्कूलों की संख्या करीब 20 लाख तक पहुंच गयी। इनमें 90 फीसद से अधिक सरकारी या सरकार पोषित नियंत्रित स्कूल्स थे। उदारीकरण के दौर के बाद शिक्षा के काम से सरकार ने हाथ खींचने का जो सिलसिला शुरू किया, वह मोदी राज में इसका पूरा भट्ठा बिठाने तक जा पहुंचा। मोदी की नई शिक्षा नीति ने तो जैसे इसकी कपाल क्रिया ही कर दी। एक सर्वेक्षण के अनुसार 2014-15 में देश भर में 11,07,118 सरकारी स्कूल और 83,402 सरकारी सहायता प्राप्त स्कूल थे। 2021-22 में इन स्कूलों की संख्या घटकर क्रमशः 10,22,386 और 82,480 रह गई। वहीं, 2014-15 में निजी स्कूलों की संख्या 2,88,164 थी, जो 2021-22 में बढ़कर 3,35,844 हो गई, यानी 47,68 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। इनमें भी उत्तर प्रदेश सबसे आगे रहा। जिन तीन सालों के आंकड़े उपलब्ध हैं, उनके अनुसार प्राइमरी स्कूलों की संख्या सबसे ज्यादा उत्तर प्रदेश में कम हुई है। 2017-18 में राज्य में सरकारी प्राइमरी स्कूलों की संख्या 1.14 लाख थी, जो 2020-21 में घटकर 87 हजार 895 रह गई । इसके बाद के आंकड़े जारी करना बंद कर दिए गए हैं । अगर ज्यादा नहीं, इसी अनुपात में कमी हुई मानें, तो अब देश के इस सबसे बड़े प्रदेश में महज 60 हजार से भी कम सरकारी  स्कूल बचे हैं। शिक्षा विनाश की इस नीति का मोदी के नीति आयोग द्वारा व्यवस्थाओं और व्यय को समायोजित करने की नीति का विस्तार करते हुए देश के हजारों स्कूलों को बंद या उनका विलय कर दिया । भविष्य में भी  कई और स्कूलों को बंद करने की योजना है। कई सरकारी स्कूलों का भी निजीकरण किया जा रहा है या निजी प्रबंधन को सौंपा जा रहा है।

नई शिक्षा नीति के नाम पर हुए इस हमले का दूसरा आयाम, जो स्कूल चल भी रहे हैं, उनकी दुर्दशा का है। संसद की स्थायी समिति की रिपोर्ट के अनुसार शिक्षकों के राज्य स्तर पर स्वीकृत 62.71 लाख पदों में से 10 लाख पद खाली पड़े हैं। लगभग एक चौथाई स्कूल्स ऐसे हैं, जिनमे न्यूनतम 6 शिक्षकों की बाध्यता की जो शर्त है, वह पूरी नहीं होती। इनमे से अनेक तो ऐसे हैं, जो एक ही शिक्षक के भरोसे चल रहे हैं। शिक्षकों की यह कमी मुख्यतः ग्रामीण क्षेत्रों में हैं या फिर उन इलाकों में है, जहां सामाजिक रूप से वंचित आदिवासी और दलितों का बाहुल्य है। भविष्य में इस स्थिति के सुधरने की कितनी उम्मीद है, यह शिक्षा पर घटते खर्च से समझा जा सकता है। स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग के लिए बजट आबंटन 2013-14 के 3.16% से लगभग आधा होकर 2024-25 में सिर्फ 1.53% रह गया है, जबकि अब तक की मान्यता के हिसाब से शिक्षा पर कम से कम 6% का खर्चा होना चाहिए। नए स्कूली शिक्षकों की भर्ती के नाम पर भी किस तरह का मजाक हो रहा है, यह यूपी, बिहार और पश्चिम बंगाल में कई-कई वर्षों से लटकी परीक्षाओं, परिणामों और न हो रही नियुक्तियों के खिलाफ युवाओं के आन्दोलनों में देखा जा सकता है। कुल मिलाकर यह कि इस नई शिक्षा नीति ने सरकारी शिक्षा प्रणाली में इतनी तेजी के साथ जो सिकुड़न पैदा की, उससे खाली हुई जगहों को भरने डोरीलाल पब्लिक स्कूल जैसे कत्लगाह खड़े होते रहे और कृतार्थ जैसे बच्चों के अभिभावक अपने बच्चों को इनमे दाखिल करने के लिए विवश किये जाते रहे। सिर्फ वामपंथ शासित केरल ही ऐसा अपवाद था, जहां की सरकार ने सरकारी स्कूलों को इतना बेहतर और सुविधा संपन्न बनाया कि वे निजी स्कूलों के सामने न सिर्फ डट कर खड़े हुए हैं, बल्कि उनमें पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को भी अपनी तरफ आकर्षित करने में कामयाब हो रहे हैं।

इसलिए शरीके-जुर्म वह कथित नई शिक्षा नीति है, जिसने कुकुरमुत्तों की तरह उग आयी इन दुकानों को पांव
पसारने का मौक़ा दिया और तालीम जैसी चीज को मुनाफे का जरिया बना दिया। अब जब मुनाफ़ा ही एकमात्र लक्ष्य होगा, तो वही होगा जो हाथरस के रसगवां के स्कूल में हुआ। यह मुनाफे को ही एकमात्र लक्ष्य मानने वाली इस जघन्य प्रणाली का एकमेव विशिष्ट स्वभाव है। कोई 157 साल पहले लिखी अपनी किताब पूंजी में कार्ल मार्क्स ने एक मजदूर टी जे डनिंग की चिट्ठी को उद्धृत करते हुए इसे तभी उजागर कर दिया था। इस मजदूर नेता ने लिखा था कि “जैसे जैसे मुनाफ़ा बढ़ता जाता है, पूंजी की हवस और ताक़त बढ़ती जाती है। 10% के लिए यह कहीं भी चली जाती है ; 20% मुनाफ़ा हो, तो इसके आल्हाद का ठिकाना नहीं रहता; 50% के लिए यह कोई भी दुस्साहस कर सकती है ; 100% मुनाफ़े के लिए मानवता के सारे नियम क़ायदे कुचल डालने को तैयार हो जाती है और 300% मुनाफ़े के लिए तो ये कोई भी अपराध ऐसा नहीं, जिसे करने को तैयार ना हो जाए, कोई भी जोख़िम उठाने से नहीं चूकती, भले इसके मालिक को फांसी ही क्यों ना हो जाए। अगर भूकम्प और भुखमरी से मुनाफ़ा बढ़ता हो, तो ये खुशी से उन्हें आने देगी। तस्करी और गुलामों का व्यापार इसकी मिसालें हैं।” इस तरह से कृतार्थ की हत्या के हालात पैदा करने वाली वह नई शिक्षा नीति भी है, जिसे मोदी निजाम ने इस देश पर थोपा है ।

यह नई शिक्षा नीति ही है, जिसने आधुनिक भारत की अवधारणा को पूरी तरह उलट-पुलट कर रख दिया है।इसने कथित हजारों वर्ष पुरानी ‘महान’ भारतीय शिक्षा प्रणाली की बहाली के नाम पर अंधविश्वास, कर्मकांड और जहालत को मान्यता और प्रतिष्ठा प्रदान की है। फलित ज्योतिष से लेकर अच्छी बहू बनने, पोंगापंथ और जादू-टोने तक के विषयों को पाठ्यक्रमों में शामिल करने से हुई शुरुआत और इन ढोंग-धतूरों को प्रोत्साहन देने, महिमा मंडित करने में राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री से लेकर मुख्यमंत्री से होते हुए सत्ता शीर्ष पर बैठे हुक्मरानों की इस तरह की फूहड़ अवैज्ञानिकताओं को बढ़ावा देने के कामों में भागीदारी उस माहौल को बनाती है, जो डोरीलाल पब्लिक स्कूल की कमाई बढाने की हवस में कृतार्थ की बलि चढाने तक के हादसों तक जा पहुंचता है। यह काला जादू पहली बार नहीं हुआ था। कृतार्थ की बलि के बाद उजागर हुआ है कि यही लोग इससे पहले भी दो अन्य छात्रों के साथ भी इसी तरह, गला दबाकर मारने की कोशिश कर चुके थे। अगर उन्हीं प्रकरणों को गंभीरता से ले लिया जाता, तो इस हादसे को टाला जा सकता था। मगर होता कैसे? भगत जी अभयदानी परिधान भगवा धारण करते हैं और जैसा कि इन दिनों प्रचलन है, बड़े-बड़े नेताओं के साथ उनकी  तस्वीरें टंगी हैं। सत्ता पार्टी के नेताओं के स्वागत में उनकी ओर से पलक पांवड़े बिछाने वाले बैनर लगे हुए है। किसकी मजाल, जो उनकी तंत्र विद्या और काले जादू पर पूछताछ करे। योगी राज में क़ानून व्यवस्था की यह स्थिति चूक नहीं है – इस तरह के लोगों के प्रति अपनाए जाने वाले उदार रुख का नतीजा है। यह भाजपा राज का न्यू नार्मल है और ताज्जुब नहीं होना चाहिए कि कुछ दिनों बाद यह खबर मिले कि इस हत्यारे तांत्रिक और उसके गिरोह को सच्चा हिन्दू बताने वाली एक गैंग सामने आ गयी है।

सभ्य समाज वही होता है, जो जानता है कि सिर्फ परिणामों से लड़ने से काम नहीं चलता, उनके कारणों की शिनाख्त करके उनसे भी निजात पानी होती है । छात्र और शिक्षकों के समावेश वाली देश की शिक्षा बिरादरी इसी तरह की कोशिशों में लगी है – इन्हें और अधिक व्यापक करने और सबके लिए मुफ्त और आधुनिक शिक्षा के साथ साथ उस वैज्ञानिक रुझान को बहाल करने की मुहिम तेज करने की जरूरत है, जिसका प्रावधान भारत का संविधान इस देश के नागरिकों के कर्तव्यों में दर्ज कर चुका है।

• बादल सरोज
[ आलेख के लेखक ‘लोकजतन’ के संपादक और अखिल भारतीय किसान सभा के संयुक्त सचिव हैं. ]

🟥🟥🟥

विज्ञापन (Advertisement)

ब्रेकिंग न्यूज़

छत्तीसगढ़ में शुरू होगा ‘बासमती धान मिशन’, अंतरराष्ट्रीय बाजारों में महकेगा प्रदेश का चावल, बढ़ेगी किसानों की आय
breaking Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ में शुरू होगा ‘बासमती धान मिशन’, अंतरराष्ट्रीय बाजारों में महकेगा प्रदेश का चावल, बढ़ेगी किसानों की आय

नई पीढ़ी को डिजिटल एडिक्शन और पॉपकॉर्न स्टेटस से बाहर निकलने की आवश्यकता है – श्री रमेन डेका
breaking Chhattisgarh

नई पीढ़ी को डिजिटल एडिक्शन और पॉपकॉर्न स्टेटस से बाहर निकलने की आवश्यकता है – श्री रमेन डेका

जनता तक पहुंचे योजनाओं का वास्तविक लाभ, प्रशासन जवाबदेही के साथ करे कार्य : मुख्यमंत्री श्री साय
breaking Chhattisgarh

जनता तक पहुंचे योजनाओं का वास्तविक लाभ, प्रशासन जवाबदेही के साथ करे कार्य : मुख्यमंत्री श्री साय

भारत के पड़ोस में नया देश बनेगा: म्यांमार के होंगे दो टुकड़े, रखाइन प्रांत के 17 में से 14 इलाकों पर विद्रोहियों का कब्जा, राजधानी सितवे को भी घेरा
breaking international

भारत के पड़ोस में नया देश बनेगा: म्यांमार के होंगे दो टुकड़े, रखाइन प्रांत के 17 में से 14 इलाकों पर विद्रोहियों का कब्जा, राजधानी सितवे को भी घेरा

पीएम मोदी सूरत के हथियार फैक्ट्री पहुंचे; मेड इन इंडिया टैंक और ड्रोन देखा, जनसभा को संबोधित करेंगे
breaking National

पीएम मोदी सूरत के हथियार फैक्ट्री पहुंचे; मेड इन इंडिया टैंक और ड्रोन देखा, जनसभा को संबोधित करेंगे

छत्तीसगढ़ में इबोला की आहट: दुर्ग-भिलाई में मिले तीन संदिग्ध मरीज, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट
breaking Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ में इबोला की आहट: दुर्ग-भिलाई में मिले तीन संदिग्ध मरीज, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट

छत्तीसगढ़ के पांच नए सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 149 संविदा पदों पर होगी भर्ती, प्रोफेसर-असिस्टेंट प्रोफेसर और सीनियर रेजीडेंट्स की होगी नियुक्ति
breaking Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ के पांच नए सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 149 संविदा पदों पर होगी भर्ती, प्रोफेसर-असिस्टेंट प्रोफेसर और सीनियर रेजीडेंट्स की होगी नियुक्ति

तेल संकट के बीच मोदी कैबिनेट का बड़ा फैसला, ATF के के दाम स्थिर करने लिए 10000 करोड़ के फंड का किया ऐलान
breaking international

तेल संकट के बीच मोदी कैबिनेट का बड़ा फैसला, ATF के के दाम स्थिर करने लिए 10000 करोड़ के फंड का किया ऐलान

नए शैक्षणिक सत्र से पहले सरकारी स्कूलों के छात्रों को बड़ी राहत, एक साथ मिलेंगे यूनिफॉर्म के दो सेट
breaking Chhattisgarh

नए शैक्षणिक सत्र से पहले सरकारी स्कूलों के छात्रों को बड़ी राहत, एक साथ मिलेंगे यूनिफॉर्म के दो सेट

खेती केवल आजीविका नहीं, हमारी संस्कृति और पहचान का आधार : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय
breaking Chhattisgarh

खेती केवल आजीविका नहीं, हमारी संस्कृति और पहचान का आधार : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

कभी गोलियों की गूंज, अब बच्चों के सपनों की आवाज
breaking Chhattisgarh

कभी गोलियों की गूंज, अब बच्चों के सपनों की आवाज

मुख्यमंत्री ने बिहान की दीदियों को सौंपी आजीविका ग्रामीण एक्सप्रेस योजना के तहत टाटा मैजिक वाहन
breaking Chhattisgarh

मुख्यमंत्री ने बिहान की दीदियों को सौंपी आजीविका ग्रामीण एक्सप्रेस योजना के तहत टाटा मैजिक वाहन

तमिलनाडु में बंधक बने छत्तीसगढ़ के 50 श्रमिकों को मिली आजादी, जांजगीर-चांपा प्रशासन की तत्परता से हुई सुरक्षित घर वापसी
breaking Chhattisgarh

तमिलनाडु में बंधक बने छत्तीसगढ़ के 50 श्रमिकों को मिली आजादी, जांजगीर-चांपा प्रशासन की तत्परता से हुई सुरक्षित घर वापसी

छत्तीसगढ़ में फिर बढ़ेगी गर्मी, लेकिन बारिश-अंधड़ का भी अलर्ट… रायपुर समेत कई जिलों में बदलेगा मौसम
breaking Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ में फिर बढ़ेगी गर्मी, लेकिन बारिश-अंधड़ का भी अलर्ट… रायपुर समेत कई जिलों में बदलेगा मौसम

छत्तीसगढ़ के पूर्व IAS अधिकारी बीकेएस रे का निधन, प्रशासनिक और सामाजिक क्षेत्र में शोक
breaking Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ के पूर्व IAS अधिकारी बीकेएस रे का निधन, प्रशासनिक और सामाजिक क्षेत्र में शोक

शासकीय योजनाओं का लाभ हर पात्र परिवार तक पहुंचे, प्रशासन संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ करे कार्य : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय
breaking Chhattisgarh

शासकीय योजनाओं का लाभ हर पात्र परिवार तक पहुंचे, प्रशासन संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ करे कार्य : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

’गाँव के द्वार पहुँची डिजिटल सरकार: बड़ेकनेरा का ‘सेवा सेतु’ मॉडल बना ग्रामीण सुशासन की नई मिसाल – मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय’
breaking Chhattisgarh

’गाँव के द्वार पहुँची डिजिटल सरकार: बड़ेकनेरा का ‘सेवा सेतु’ मॉडल बना ग्रामीण सुशासन की नई मिसाल – मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय’

’महिला सशक्तिकरण और मातृ-शिशु कल्याण योजनाओं से बदल रही जिंदगी: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय’
breaking Chhattisgarh

’महिला सशक्तिकरण और मातृ-शिशु कल्याण योजनाओं से बदल रही जिंदगी: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय’

सुप्रीम कोर्ट को 5 नए जज मिले, जजों की संख्या अब 37 हुई, जानें इससे क्या फायदा होगा
breaking National

सुप्रीम कोर्ट को 5 नए जज मिले, जजों की संख्या अब 37 हुई, जानें इससे क्या फायदा होगा

10वीं-12वीं के टॉपर्स को मिलेंगे 2-2 लाख रुपये, शीर्ष 10 बच्चों की सूची तैयार
breaking Chhattisgarh

10वीं-12वीं के टॉपर्स को मिलेंगे 2-2 लाख रुपये, शीर्ष 10 बच्चों की सूची तैयार

कविता

साहित्यिक ‘आरंभ’ : सुरभि ताम्रकार ‘शावि’
poetry

साहित्यिक ‘आरंभ’ : सुरभि ताम्रकार ‘शावि’

विश्व पर्यावरण दिवस पर विशेष दोहावली : ठाकुर दशरथ सिंह भुवाल सोनपांडर
poetry

विश्व पर्यावरण दिवस पर विशेष दोहावली : ठाकुर दशरथ सिंह भुवाल सोनपांडर

गीत – डॉ. दीक्षा चौबे
poetry

गीत – डॉ. दीक्षा चौबे

इस माह की नवाकुंर कवयित्री – सुरभि ताम्रकार ‘शावि’
poetry

इस माह की नवाकुंर कवयित्री – सुरभि ताम्रकार ‘शावि’

इस माह के बाल साहित्यकार : कमलेश चंद्राकर
poetry

इस माह के बाल साहित्यकार : कमलेश चंद्राकर

साहित्यनामा – अमृता मिश्रा
poetry

साहित्यनामा – अमृता मिश्रा

इस माह के ग़ज़लकार : शुभेंदु बागची ‘मुन्तज़िर’
poetry

इस माह के ग़ज़लकार : शुभेंदु बागची ‘मुन्तज़िर’

कवि और कविता : हरिप्रकाश गुप्ता ‘सरल’
poetry

कवि और कविता : हरिप्रकाश गुप्ता ‘सरल’

इस माह के कवि : प्रकाशचंद्र मण्डल
poetry

इस माह के कवि : प्रकाशचंद्र मण्डल

कवि और कविता : दशरथ सिंह भुवाल सोनपांडर
poetry

कवि और कविता : दशरथ सिंह भुवाल सोनपांडर

कवि और कविता : पल्लव चटर्जी
poetry

कवि और कविता : पल्लव चटर्जी

कवि और कविता : कमलेश चंद्राकर
poetry

कवि और कविता : कमलेश चंद्राकर

कवि और कविता : पल्लव चटर्जी
poetry

कवि और कविता : पल्लव चटर्जी

कविता श्रृंखला आरंभ : डॉ. शिरोमणि माथुर
poetry

कविता श्रृंखला आरंभ : डॉ. शिरोमणि माथुर

कविता श्रृंखला ‘आरंभ’ में : दीप्ति श्रीवास्तव
poetry

कविता श्रृंखला ‘आरंभ’ में : दीप्ति श्रीवास्तव

कृति आरंभ : कविता आसपास- दीप्ति श्रीवास्तव
poetry

कृति आरंभ : कविता आसपास- दीप्ति श्रीवास्तव

स्तम्भ ‘आरंभ’ : इस माह की कवयित्री- दीप्ति श्रीवास्तव
poetry

स्तम्भ ‘आरंभ’ : इस माह की कवयित्री- दीप्ति श्रीवास्तव

कविता आसपास स्तम्भ ‘आरंभ’ – संजय एम तरानेकर
poetry

कविता आसपास स्तम्भ ‘आरंभ’ – संजय एम तरानेकर

रचना और रचनाकार- पल्लव चटर्जी
poetry

रचना और रचनाकार- पल्लव चटर्जी

होली विशेष [दो फागुनी रचना यें] – तारकनाथ चौधुरी
poetry

होली विशेष [दो फागुनी रचना यें] – तारकनाथ चौधुरी

कहानी

लेख : कैलाश जैन बरमेचा
story

लेख : कैलाश जैन बरमेचा

कहानी : दीप्ति श्रीवास्तव
story

कहानी : दीप्ति श्रीवास्तव

लघु कथा : डॉ. प्रेमकुमार पाण्डेय
story

लघु कथा : डॉ. प्रेमकुमार पाण्डेय

लघुकथा : सरस सलिला – दीप्ति श्रीवास्तव
story

लघुकथा : सरस सलिला – दीप्ति श्रीवास्तव

आलेख : ‘बहकता बचपन’ – साजिद अली ‘सतरंगी’
story

आलेख : ‘बहकता बचपन’ – साजिद अली ‘सतरंगी’

स्वर्ग का न्याय : महेश की आत्मकथा – लेखक शायर नावेद रज़ा दुर्गवी
story

स्वर्ग का न्याय : महेश की आत्मकथा – लेखक शायर नावेद रज़ा दुर्गवी

कहानी : ‘पीहू’ – डॉ. दीक्षा चौबे
story

कहानी : ‘पीहू’ – डॉ. दीक्षा चौबे

संदेशप्रद लघु कथा : ‘पुकार’ – कैलाश बरमेचा जैन
story

संदेशप्रद लघु कथा : ‘पुकार’ – कैलाश बरमेचा जैन

लेखिका विद्या गुप्ता की कृति ‘मैं हस्ताक्षर हूँ’ की समीक्षा लेखक कवि विजय वर्तमान के शब्दों में – ‘मैं हस्ताक्षर हूँ’ यह विद्या गुप्ता की सच्ची, निर्भीक और सर्व स्वीकार्य घोषणा है
story

लेखिका विद्या गुप्ता की कृति ‘मैं हस्ताक्षर हूँ’ की समीक्षा लेखक कवि विजय वर्तमान के शब्दों में – ‘मैं हस्ताक्षर हूँ’ यह विद्या गुप्ता की सच्ची, निर्भीक और सर्व स्वीकार्य घोषणा है

मास्टर स्ट्रोक [व्यंग्य] : राजशेखर चौबे
story

मास्टर स्ट्रोक [व्यंग्य] : राजशेखर चौबे

लघु कथा : डॉ. सोनाली चक्रवर्ती
story

लघु कथा : डॉ. सोनाली चक्रवर्ती

सत्य घटना पर आधारित कहानी : ‘सब्जी वाली मंजू’ :  ब्रजेश मल्लिक
story

सत्य घटना पर आधारित कहानी : ‘सब्जी वाली मंजू’ : ब्रजेश मल्लिक

लघुकथा : डॉ. सोनाली चक्रवर्ती
story

लघुकथा : डॉ. सोनाली चक्रवर्ती

कहिनी : मया के बंधना – डॉ. दीक्षा चौबे
story

कहिनी : मया के बंधना – डॉ. दीक्षा चौबे

🤣 होली विशेष :प्रो.अश्विनी केशरवानी
story

🤣 होली विशेष :प्रो.अश्विनी केशरवानी

चर्चित उपन्यासत्रयी उर्मिला शुक्ल ने रचा इतिहास…
story

चर्चित उपन्यासत्रयी उर्मिला शुक्ल ने रचा इतिहास…

story

रचना आसपास : उर्मिला शुक्ल

story

रचना आसपास : दीप्ति श्रीवास्तव

story

कहानी : संतोष झांझी

story

कहानी : ‘ पानी के लिए ‘ – उर्मिला शुक्ल

लेख

विशेष : भाईदूज, भाई-बहन के परस्पर प्रेम और दायित्व का त्योहार : भाईदूज और रक्षा बंधन की सनातनी मान्यताएं – श्रीमती संजीव ठाकुर
Article

विशेष : भाईदूज, भाई-बहन के परस्पर प्रेम और दायित्व का त्योहार : भाईदूज और रक्षा बंधन की सनातनी मान्यताएं – श्रीमती संजीव ठाकुर

Article

तीन लघुकथा : रश्मि अमितेष पुरोहित

व्यंग्य : देश की बदनामी चालू आहे ❗ – राजेंद्र शर्मा
Article

व्यंग्य : देश की बदनामी चालू आहे ❗ – राजेंद्र शर्मा

Article

लघुकथा : डॉ. प्रेमकुमार पाण्डेय [केंद्रीय विद्यालय वेंकटगिरि, आंध्रप्रदेश]

जोशीमठ की त्रासदी : राजेंद्र शर्मा
Article

जोशीमठ की त्रासदी : राजेंद्र शर्मा

18 दिसंबर को जयंती के अवसर पर गुरू घासीदास और सतनाम परम्परा
Article

18 दिसंबर को जयंती के अवसर पर गुरू घासीदास और सतनाम परम्परा

जयंती : सतनाम पंथ के संस्थापक संत शिरोमणि बाबा गुरु घासीदास जी
Article

जयंती : सतनाम पंथ के संस्थापक संत शिरोमणि बाबा गुरु घासीदास जी

व्यंग्य : नो हार, ओन्ली जीत ❗ – राजेंद्र शर्मा
Article

व्यंग्य : नो हार, ओन्ली जीत ❗ – राजेंद्र शर्मा

🟥 अब तेरा क्या होगा रे बुलडोजर ❗ – व्यंग्य : राजेंद्र शर्मा.
Article

🟥 अब तेरा क्या होगा रे बुलडोजर ❗ – व्यंग्य : राजेंद्र शर्मा.

🟥 प्ररंपरा या कुटेव  ❓ – व्यंग्य : राजेंद्र शर्मा
Article

🟥 प्ररंपरा या कुटेव ❓ – व्यंग्य : राजेंद्र शर्मा

▪️ न्यायपालिका के अपशकुनी के साथी : वैसे ही चलना दूभर था अंधियारे में…इनने और घुमाव ला दिया गलियारे में – आलेख बादल सरोज.
Article

▪️ न्यायपालिका के अपशकुनी के साथी : वैसे ही चलना दूभर था अंधियारे में…इनने और घुमाव ला दिया गलियारे में – आलेख बादल सरोज.

▪️ मशहूर शायर गीतकार साहिर लुधियानवी : ‘ जंग तो ख़ुद ही एक मसअला है, जंग क्या मसअलों का हल देगी ‘ : वो सुबह कभी तो आएगी – गणेश कछवाहा.
Article

▪️ मशहूर शायर गीतकार साहिर लुधियानवी : ‘ जंग तो ख़ुद ही एक मसअला है, जंग क्या मसअलों का हल देगी ‘ : वो सुबह कभी तो आएगी – गणेश कछवाहा.

▪️ व्यंग्य : दीवाली के कूंचे से यूँ लक्ष्मी जी निकलीं ❗ – राजेंद्र शर्मा
Article

▪️ व्यंग्य : दीवाली के कूंचे से यूँ लक्ष्मी जी निकलीं ❗ – राजेंद्र शर्मा

25 सितंबर पितृ मोक्ष अमावस्या के उपलक्ष्य में… पितृ श्राद्ध – श्राद्ध का प्रतीक
Article

25 सितंबर पितृ मोक्ष अमावस्या के उपलक्ष्य में… पितृ श्राद्ध – श्राद्ध का प्रतीक

Article

🟢 आजादी के अमृत महोत्सव पर विशेष : डॉ. अशोक आकाश.

Article

🟣 अमृत महोत्सव पर विशेष : डॉ. बलदाऊ राम साहू [दुर्ग]

Article

🟣 समसामयिक चिंतन : डॉ. अरविंद प्रेमचंद जैन [भोपाल].

⏩ 12 अगस्त-  भोजली पर्व पर विशेष
Article

⏩ 12 अगस्त- भोजली पर्व पर विशेष

Article

■पर्यावरण दिवस पर चिंतन : संजय मिश्रा [ शिवनाथ बचाओ आंदोलन के संयोजक एवं जनसुनवाई फाउंडेशन के छत्तीसगढ़ प्रमुख ]

Article

■पर्यावरण दिवस पर विशेष लघुकथा : महेश राजा.

राजनीति न्यूज़

breaking Politics

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने उदयपुर हत्याकांड को लेकर दिया बड़ा बयान

Politics

■छत्तीसगढ़ :

Politics

भारतीय जनता पार्टी,भिलाई-दुर्ग के वरिष्ठ कार्यकर्ता संजय जे.दानी,लल्लन मिश्रा, सुरेखा खटी,अमरजीत सिंह ‘चहल’,विजय शुक्ला, कुमुद द्विवेदी महेंद्र यादव,सूरज शर्मा,प्रभा साहू,संजय खर्चे,किशोर बहाड़े, प्रदीप बोबडे,पुरषोत्तम चौकसे,राहुल भोसले,रितेश सिंह,रश्मि अगतकर, सोनाली,भारती उइके,प्रीति अग्रवाल,सीमा कन्नौजे,तृप्ति कन्नौजे,महेश सिंह, राकेश शुक्ला, अशोक स्वाईन ओर नागेश्वर राव ‘बाबू’ ने सयुंक्त बयान में भिलाई के विधायक देवेन्द्र यादव से जवाब-तलब किया.

breaking Politics

भिलाई कांड, न्यायाधीश अवकाश पर, जाने कब होगी सुनवाई

धमतरी आसपास
Politics

धमतरी आसपास

Politics

स्मृति शेष- बाबू जी, मोतीलाल वोरा

Politics

छत्तीसगढ़ कांग्रेस में हलचल

breaking Politics

राज्यसभा सांसद सुश्री सरोज पाण्डेय ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से कहा- मर्यादित भाषा में रखें अपनी बात

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल  ने डाॅ. नरेन्द्र देव वर्मा पर केन्द्रित ‘ग्रामोदय’ पत्रिका और ‘बहुमत’ पत्रिका के 101वें अंक का किया विमोचन
Politics

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने डाॅ. नरेन्द्र देव वर्मा पर केन्द्रित ‘ग्रामोदय’ पत्रिका और ‘बहुमत’ पत्रिका के 101वें अंक का किया विमोचन

मरवाही उपचुनाव
Politics

मरवाही उपचुनाव

Politics

प्रमोद सिंह राजपूत कुम्हारी ब्लॉक के अध्यक्ष बने

Politics

ओवैसी की पार्टी ने बदला सीमांचल का समीकरण! 11 सीटों पर NDA आगे

breaking Politics

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, ग्वालियर में प्रेस वार्ता

breaking Politics

अमित और ऋचा जोगी का नामांकन खारिज होने पर बोले मंतूराम पवार- ‘जैसी करनी वैसी भरनी’

breaking Politics

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री, भूपेश बघेल बिहार चुनाव के स्टार प्रचारक बिहार में कांग्रेस 70 सीटों में चुनाव लड़ रही है

सियासत- हाथरस सामूहिक दुष्कर्म
breaking National Politics

सियासत- हाथरस सामूहिक दुष्कर्म

breaking Politics

हाथरस गैंगरेप के घटना पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने क्या कहा, पढ़िए पूरी खबर

breaking Politics

पत्रकारों के साथ मारपीट की घटना के बाद, पीसीसी चीफ ने जांच समिति का किया गठन