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- क्राइम : अपोलो बीएसआर के पूर्व निदेशक डॉ. मनमोहन कुमार खंडूजा [डॉ. एमके खंडूजा, 67 वर्षीय] गिरफ्तार : 100 करोड़ रु. का जालसाजी भिलाई इस्पात संयंत्र का पूर्व शिशु रोग विशेषज्ञ कोलकाता से गिरफ्तार कर भिलाई लाया गया : डॉ. एमके खंडूजा को कोर्ट में पेश किया गया, फिर न्यायिक रिमांड में जेल भेज दिया गया : 2 साल से फरार था
क्राइम : अपोलो बीएसआर के पूर्व निदेशक डॉ. मनमोहन कुमार खंडूजा [डॉ. एमके खंडूजा, 67 वर्षीय] गिरफ्तार : 100 करोड़ रु. का जालसाजी भिलाई इस्पात संयंत्र का पूर्व शिशु रोग विशेषज्ञ कोलकाता से गिरफ्तार कर भिलाई लाया गया : डॉ. एमके खंडूजा को कोर्ट में पेश किया गया, फिर न्यायिक रिमांड में जेल भेज दिया गया : 2 साल से फरार था

• अपोलो बीएसआर अस्पताल के पूर्व डायरेक्टर 67 वर्षीय डॉ. एमके खंडूजा कोलकाता से गिरफ्तार
• डॉ. एमके खंडूजा बीएसआर स्कैन सेंटर भिलाई-दुर्ग-नागपुर के भी डायरेक्टर थे.
• डॉ.एमके खंडूजा पूर्व में जे एलएन अनुसंधान केंद्र बीएसपी में शिशु रोग विशेषज्ञ थे. बीएसपी से सेवानिवृत लेकर एक निजी क्लिनिक खोला.
• डॉ. एमके खंडूजा ‘अपोलो’ को बेचकर फरार हो गए थे. जानकारी के मुताबिक डॉ. एमके खंडूजा संतोष रुंगटा ग्रुप से अस्पताल का सौदा 19.14 लाख में किया था, बाद में अस्पताल को विपीन कुमार अग्रवाल बेच दिया. अभी ‘अपोलो’ का नाम ‘हाईटेक’ हो गया.
• डॉ. एमके खंडूजा के खिलाफ धारा 420,406,34 के तहत प्रकरण दर्ज होने के बाद डॉ. पूरे परिवार सहित भिलाई छोड़कर भाग गये थे.
• दुर्ग एसपी जितेंद्र शुक्ला के निर्देश पर थाना प्रभारी छावनी उप निरीक्षक चेतन सिंह चंद्राकर की टीम में उप निरीक्षक वरुण देवता, महिला प्रधान आरक्षक हेमलता मरकाम, प्रधान आरक्षक जसपाल सिंह ने लोकेशन सर्च कर डॉ. एमके खंडूजा को कोलकाता से गिरफ्तार किया गया.
• डॉ. एमके खंडूजा कोलकाता में हेल्थ मैक्स डायग्नोस्टिक लैब का संचालन कर रहे थे, लैब से ही उनको दबोचा गया.

भिलाई छावनी : सीएसपी हरीश पाटिल के मुताबिक डॉ. एमके खंडूजा ने 96 करोड़ रुपये में ‘अपोलो बीएसआर हॉस्पिटल’ का सौदा संतोष रुंगटा ग्रुप के डायरेक्टर सोनल रुंगटा से किया था. जिसका रकबा 3.5 एकड़ है. सोनल रुंगटा से 19.14 लाख रुपये अग्रिम एडवांस लेने के बाद विपीन कुमार अग्रवाल को बेच दिया.
डॉ. एमके खंडूजा पर शहर के बड़े ग्रुप्स व इंजिनियरिंग कॉलेज संस्थान और बीएसपी से सेवा निर्वत हुए कर्मचारियों से करोड़ों रु. धोखाधड़ी किए जाने का आरोप है.
डॉ. एमके खंडूजा ने लोगों से ‘ अपोलो बीएसआर अस्पताल’ के नाम से इंवेस्ट कराया और किसी को इसका अंश प्रमाण पत्र नहीं दिया. निवेशकों को ऐसे चेक थमाए, जो बैंक से कैश कराने पर बाउंस हो गए. निवेशकों की संख्या 400 के करीब है. ‘अपोलो बीएसआर अस्पताल’ में उसका बेटा रोहितास खंडूजा और उनकी पत्नी भी डायरेक्टर थे. इस प्रकरण में वे दोनों भी आरोपी हैं. उनकी खोज जारी है.
डॉ. एमके खंडूजा की गिरफ्तारी से इंवेस्टरों को उम्मीद जागी है कि उनकी रकम वापस होगी. एएसपी सुखनंदन राठौर के मुताबिक जांच जारी है.
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chhattisgarhaaspaas
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