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- छत्तीसगढ़ : राजधानी से प्रकाशित मासिक पत्रिका ‘निरंतर पहल’ के 5 वें स्थापना दिवस : ‘प्रेस की स्वतंत्रता या पर्स की स्वतंत्रता’ विषय पर वरिष्ठ पत्रकार पी. साईनाथ का व्याख्यान : पी. साईनाथ ने कहा – ‘मुख्य मीडिया पूरी तरह कॉर्पोरेट के कब्जे में-देशहित की खबरों के लिए छोटे मीडिया समूहों को मदद जरूरी’
छत्तीसगढ़ : राजधानी से प्रकाशित मासिक पत्रिका ‘निरंतर पहल’ के 5 वें स्थापना दिवस : ‘प्रेस की स्वतंत्रता या पर्स की स्वतंत्रता’ विषय पर वरिष्ठ पत्रकार पी. साईनाथ का व्याख्यान : पी. साईनाथ ने कहा – ‘मुख्य मीडिया पूरी तरह कॉर्पोरेट के कब्जे में-देशहित की खबरों के लिए छोटे मीडिया समूहों को मदद जरूरी’

‘छत्तीसगढ़ आसपास’ [रायपुर]
राजधानी रायपुर के वृंदावन हॉल के सभागार में दर्जनों पुरस्कारों से सम्मानित भारत के वरिष्ठ पत्रकार पी साईनाथ ने अपने व्याख्यान में देश की मूल समस्याओं के लिए जिम्मेदारों के बारे में विस्तार से बताया।
अवसर था राजधानी से प्रकाशित मासिक पत्रिका ‘निरंतर पहल’ के स्थापना दिवस वार्षिक समारोह का। शुरूआत में संपादक समीर दीवान ने पी साईनाथ का स्वागत किया। द हिंदू के कृषि संपादक रहे, ग्रामीण पत्रकारिता के पुरोधा पत्रकार पी साईनाथ ने देश के अखबारों और मीडिया के आज बड़ी पूंजी के दास हो जाने से उत्पन्न परिस्थितियों, विसंगतियों पर अपनी बात रखी।
प्रेस की स्वतंत्रता या पर्स की स्वतंत्रता, इस विषय पर देश के ख्यातिनाम पत्रकार पी. साईनाथ ने खुलकर अपने विचार रखे। उन्होंने कॉरपोरेट मीडिया के हथकंडों की जमकर बखिया उधेड़ी। पी साईनाथ ने किसान आंदोलन के समय किस तरह सरकार और कारपोरेट मीडिया ने व्यवहार किया इसे बताया। उन्होंने वैकल्पिक मीडिया यानी इंडिपेंडेंट मीडिया की वकालत करते हुए इसकी हर संभव मदद करने कहा। उन्होंने कहा कि यदि आपको कॉरपोरेट मीडिया या ऑनलाईन मीडिया से शिकायत है तो अपना विरोध दर्ज करायें तथा जो लोग इंडिपेंडेंट मीडिया चला रहे वैकल्पिक मीडिया हैं जो कारपोरेट नहीं हैं उनकी खुलकर मदद करें।
इस दौरान वरिष्ठ पत्रकार मधु डी. जोशी ने भी अपने विचार रखे। डॉ. सुशील त्रिवेदी ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। इस अवसर पर बड़ी संख्या में पत्रकार, साहित्यकार, संस्कृति कर्मी उपस्थित रहे। निरंतर पहल पत्रिका के 5 वें स्थापना दिवस समारोह के अवसर पर जनसंपर्क विभाग छत्तीसगढ़ शासन के सहयोग से यह आयोजन हुआ। पत्रिका के संपादक समीर दीवान ने अतिथियों का स्वागत किया।
इससे पहले कार्यक्रम के प्रारंभ में बीजापुर में मारे गये पत्रकार मुकेश चन्द्राकर को मौन श्रद्धांजलि दी गई।इस अवसर पर रायपुर प्रेस क्लब अध्यक्ष प्रफुल्ल कुमार ठाकुर को प्रदेश के चर्चित पत्रकार रहे मुकेश चंद्राकर की एक हस्तनिर्मित तस्वीर भी भेंट की गई। व्याख्यान की शुरूआत में पी साईनाथ ने कहा कि आज जब मझौली पूंजी मीडिया संचालित कर रही है तब देश में खबरों में सेंसर और प्रतिबंधों का ये हाल है आने वाले भविष्य में जब अंतरराष्ट्रीय बड़े कॉरपोरेट का मालिकाना हो जाएगा तो क्या हो जाएगा, सोचा जा सकता है।
राजधानी के पत्रकारों , बुद्धिजीवियों, साहित्यकारों और नागरिकों के समक्ष उन्होंने कहा बड़े चैनलों के बड़े बड़े ताकतवर माने जाने वाले पत्रकार केवल तब तक ताकतवर रहते हैं जब तक वे ताकतवर कारपोरेट प्रभुओं के पक्ष में रहते हैं, जैसे ही वे उस पक्ष की जगह छोड़ कर जनहित की बात करते हैं, दीन हीन और दुर्बल हो जाते हैं। एक आध अपवाद रवीश कुमार जैसे का छोड़ दीजिए, जिन्होंने अपने श्रोता और पाठक वर्ग का फॉलोइंग अलग तैयार कर लिया था तो वे यू ट्यूब में भी लोकप्रिय हैं बाक़ी का हाल देख सकते हैं। वैसे भी अब देश में यू ट्यूब, पोर्टल्स में ही पत्रकार बचे हैं। पिछले चुनावों में यू ट्यूबरों ने ही बताया था कि यूपी में भाजपा को 40 सीटों का नुकसान है जो परिणाम निकलने पर बिल्कुल सही साबित हुआ। मुख्यधारा की कथित मीडिया तो केवल गुणगान में लगी हुई थी।
पी साईनाथ की पीपल्स आर्काइव रूरल इंडिया (परी) संस्था की ओर से छत्तीसगढ़ी सहित देश की 16 भाषाओं में सभी समाचारों और रिपोर्ताज को नियमित प्रसारित की जाती है। साईं नाथ का कहना था कि कॉरपोरेट मीडिया की बजाय इस तरह के निजी प्रयास के मीडिया जनहित में ज्यादा भरोसेमंद काम कर सकते हैं।


कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप मे दिल्ली से आई लेखिका, शिक्षाशास्त्री तथा अनुवादक मधु बी जोशी ने कहा कि अखबार जो विचारों के फ्लैगशिप हुआ करते थे दरअसल पिछले 3–4 दशकों में अचानक अखबार एक उत्पाद में तब्दील हो गया है। ऐसे में उपभोक्ता के तौर पर हमारी भूमिका क्या होनी चाहिए इसपर विचार करना चाहिए।
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chhattisgarhaaspaas
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