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राहुल गांधी के महाकुंभ नहीं जाने की ये है वजह, आखिर क्यों नहीं अपनाया सॉफ्ट हिंदुत्व का रूख, फिर निशाने पर नेता प्रतिपक्ष
यूपी के प्रयागराज (Prayagraj) में डेढ़ महीने से ज्यादा चले महाकुंभ (Maha Kumbh) में देशभर के 66 कराेड़ से ज्यादा लोगों ने पहुंचकर संगम में डुबकी लगाई. महाकुंभ को लेकर जमकर राजनीति भी हुई. सत्तारूढ़ पार्टियों के नेताओं समेत कई विपक्षी दल के नेता भी अपने परिवार के संग त्रिवेणी संगम में आस्था की डुबकी लगाई. कांग्रेस (Congress) सांसद और लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) के महाकुंभ नहीं जाने पर अब सत्तापक्ष एक बार फिर हमलावर है. श्री राम मंदिर आयोध्या (Ayodhya) के बाद अब हिंदुओं के सबसे बड़े आस्था के समागम महाकुंभ में राहुल के शामिल नहीं होने पर उनके हिंदुत्व पर प्रश्न उठा रहे है.
गौरतलब है कि राहुल गांधी जिस दिन रायबरेली पहुंचे थे, उस दिन उनके महाकुंभ में जाने की कयास लगाए जा रहे थे. ये बात इसलिए भी गंभीर लग रही थी क्योंकि सपा सांसद अखिलेश यादव संगम में डुबकी वाली तस्वीर पहले ही सोशल मीडिया पर शेयर कर चुके थे.
महाकुंभ के मामले में राहुल गांधी की तरफ से पहले जैसा कोई संकेत नहीं मिल रहा था. खासकर, सपा नेता अखिलेश यादव के महांकुभ जाने के बाद. क्योंकि पहले तो वो भी महाकुंभ के न्योते और व्यवस्था पर लगातार सवाल उठा चुके थे. सवाल तो अब भी उठा रहे हैं – अब सवाल ये उठता है कि आखिर अचानक ऐसा क्या हुआ कि राहुल गांधी के महाकुंभ दौरे की चर्चा ही बंद हो गई?
नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के पूरे परिवार के साथ महाकुंभ जाने की खबर आ रही थी. और, ये खबर अयोध्या जाने से बिल्कुल अलग थी. इसके अलावा समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव के संगम में डुबकी लगा लेने के बाद तो ये खबर और भी पक्की भी लगने लगी थी.
खबर आई थी, राहुल गांधी के साथ वायनाड सांसद और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी और उनके बेटे रेहान वाड्रा भी प्रयागराज जाने वाले हैं. जाने का कार्यक्रम करीब करीब फाइनल और तारीख 19-20 फरवरी बताई गई थी, लेकिन अचानक राहुल गांधी अपने चुनाव क्षेत्र रायबरेली पहुंच गये.
इसी तरह लोकसभा चुनाव से पहले, राम मंदिर उद्घाटन समारोह को लेकर कांग्रेस नेतृत्व में काफी उलझन महसूस की जा रही थी. कांग्रेस नेताओं की तरफ से कभी मल्लिकार्जुन खड़गे तो कभी गांधी परिवार के अयोध्या जाने के संकेत दिये जा रहे थे. लेकिन राहुल गांधी महाकुंभ की तरह ही वहां भी नहीं पहुंचे
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