नज़्म : नूरुस्सबाह खान ‘सबा’
10 months ago
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ये जंग है लोगों
– नुरूस्सबाह खान ‘सबा’
[ छत्तीसगढ़ – दुर्ग ]

ये जंग है लोगों
कोई तमाशा नहीं है
इतिहास गवाह है
जब भी जंग हुई है
क़ुर्बानी इंसानों को देनी पड़ी है
हर जंग में बेचारी अवाम पिसी है
सत्ता उन्हें मिली तो इसको मौत मिली है
क़ीमत उसे ही इसकी चुकानी पड़ी है
इस जंग का नतीजा
अभी तुमने सोचा नहीं है
आगे का मंज़र अभी तुमने
देखा ही नहीं है
रिसते हुए ज़ख़्मों का
दर्द जाना ही नहीं हैं
कांधों पे लाशों को
उठाया ही नहीं है
ये जंग है,लोगों
कोई तमाशा नहीं है
लेकिन इस बार की
जंग है सबसे निराली
शामिल है इसमें
क्यूंकि आज की नारी
वो आज हुई है उन सब पे भारी
सिंदूर की ख़ातिर
वो आतंकवादियों के
ख़िलाफ़ खड़ी है
दिल में उसके वतन की
मोहब्बत भरी है
लेकिन ये ‘सबा’ अब भी
इसी ज़िद पे अड़ी है
ये जंग है लोगों
कोई तमाशा नहीं है
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संपर्क-
99267 72322
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chhattisgarhaaspaas
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