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- ‘बंगीय साहित्य संस्था’ के तत्वावधान में साहित्य सभा की 348वीं गोष्ठी, गीत-संगीत एवं गुरुदेव रविंद्रनाथ टैगोर जयंती कवि प्रदीप भट्टाचार्य के साहित्यिक निवास में सम्पन्न हुई : संस्था के पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित हुए
‘बंगीय साहित्य संस्था’ के तत्वावधान में साहित्य सभा की 348वीं गोष्ठी, गीत-संगीत एवं गुरुदेव रविंद्रनाथ टैगोर जयंती कवि प्रदीप भट्टाचार्य के साहित्यिक निवास में सम्पन्न हुई : संस्था के पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित हुए

👉 मंचासीन अतिथि [बाएँ से] बानी चक्रवर्ती, दीपाली दासगुप्त और स्मृति दत्त
‘छत्तीसगढ़ आसपास’ [13 मई, 2025 : रिपोर्ट प्रदीप भट्टाचार्य, फोटो क्लिक पल्लव चटर्जी]
कला,साहित्य और संस्कृति के प्रति समर्पित ‘बंगीय साहित्य संस्था’ की 348वीं साहित्य सभा ‘छत्तीसगढ़ आसपास’ के संपादक एवं प्रगतिशील कवि प्रदीप भट्टाचार्य के साहित्यिक निवास [सेक्टर-5, बालाजी मन्दिर के पास] में सम्पन्न हुई. ‘बंगीय साहित्य संस्था’ इस्पात नगरी भिलाई में मासिक साहित्य सभा/प्रति सप्ताह कॉफी विथ साहित्यिक विचार-विमर्श आड्डा और लिटिल साहित्यिक पत्रिका ‘मध्यबलय’ का प्रकाशन विगत 60 वर्षों से निरंतरता के साथ कर रही है. संस्था के संस्थापक अध्यक्ष थे स्व. शिबव्रत देवानजी.
348 वीं साहित्य सभा की अध्यक्षता संस्था की सभापति एवं बांग्ला की सुप्रसिद्ध कवयित्री श्रीमती बानी चक्रवर्ती ने की. मुख्य अतिथि संस्था की उप सभापति द्वय श्रीमती स्मृति दत्त एवं श्रीमती दीपाली दासगुप्ता थे. विशेष अतिथि के रूप में ‘मध्यबलय’ के संपादक दुलाल समाद्दार और बांग्ला के ख्यातिलब्ध कवि समरेंद्र विश्वास मंचासीन थे. माँ सरस्वती और गुरुदेव रविंद्रनाथ टैगोर के चित्र में माल्यार्पण, दीप प्रज्ज्वलित कर सभा की शुरुआत की गई. स्वागत भाषण देते हुए प्रदीप भट्टाचार्य ने उपस्थित सभी रचनाकारों का अभिवादन किया.
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साहित्य सभा में उपस्थित रचनाकार एवं प्रभुद्धजन श्रोता-
* श्रीमती बानी चक्रवर्ती •स्मृति दत्त • दीपाली दासगुप्त •दुलाल समाद्दार • प्रकाशचंद्र मण्डल •समरेंद्र विश्वास • मीता दास •पल्लव चटर्जी •प्रदीप भट्टाचार्य •वीरेंद्रनाथ सरकार •बृजेश मल्लिक • पं.वासुदेव भट्टाचार्य •मिहिर समाद्दार •शंकर भट्टाचार्य •मनोरंजन दास •सुबीर रॉय •आलोक कुमार चंदा •रविंद्रनाथ देबनाथ •सुमिता मण्डल • जयंती भट्टाचार्य और शेफाली भट्टाचार्य
प्रथम सत्र में बानी चक्रवर्ती, स्मृति दत्त, दीपाली दासगुप्ता और वीरेंद्रनाथ सरकार ने विश्व कवि रविंद्रनाथ टैगोर की 164 वीं जयंती का सस्मरण करते हुए उनकी कुछ रचनाओं का पाठ किया.
द्वितीय सत्र का संचालन ‘बंगीय साहित्य संस्था’ के उपसचिव एवं बांग्ला के सुप्रसिद्ध कवि प्रकाशचंद्र मण्डल ने किया. इनके सफल संचालन में बांग्ला/ हिंदी भाषा में काव्य पाठ/गीत- संगीत का कार्यक्रम 2 घंटे से अधिक चला. बानी चक्रवर्ती, स्मृति दत्त और दीपाली दासगुप्त ने साहित्य सभा का आग़ाज़ करते हुए अपनी- अपनी प्रतिनिधि रचनाओं का पाठ किया.मीता दास ने सुकांत भट्टाचार्य के कविताओं का पाठ किया. मनोरंजन दास और प्रकाशचंद्र मण्डल ने अपनी मधुर आवाज से सभा में रस विभोर दिया. प्रदीप भट्टाचार्य द्वारा हिंदी में लिखित कविता ‘लोकतंत्र बनाम शासनतंत्र’ बांग्ला में अनुवाद पाठ प्रकाशचंद्र मण्डल ने किया. पल्लव चटर्जी और समरेंद्र विश्वास की कविता सम सामयिकी एवं गंभीर रचना थी. दुलाल समाद्दार ने एक लघु कथा ‘सुनयनी’ का पाठ किया. मिहिर समाद्दार की कविता सोच एवं चिंतन की रचना थी. पं. वासुदेव भट्टाचार्य ने एक अच्छी रचना के साथ समां को बाँधा. वीरेंद्रनाथ सरकार की रचना हमेशा की तरह एक प्रश्नचिन्ह छोड़ जाता है. बृजेश मल्लिक ने हॉल में कश्मीर में हुए घटना पर चिंता प्रकट करते हुए रचना का पाठ किया. साहित्य सभा में पहली बार शामिल हुए शंकर भट्टाचार्य ने चिंतनशील छोटी-छोटी कविताओं का पाठ किया.
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साहित्य सभा-348वीं कार्यक्रम की कुछ प्रमुख झलकियाँ-

👉 { बाएँ से } बानी चक्रवर्ती, दीपाली दासगुप्त, स्मृति दत्त और मीता दास

👉 स्मृति दत्त कविता पाठ करती हुई

👉 पं. वासुदेव भट्टाचार्य के जन्मदिवस पर उपहार भेंट करते हुए दुलाल समाद्दार और शेफाली भट्टाचार्य

👉 ‘बंगीय साहित्य संस्था’ की सभापति बानी चक्रवर्ती का अभिनंदन करते हुए शेफाली भट्टाचार्य

👉 {बाएँ से} शेफाली भट्टाचार्य, स्मृति दत्त, जयंती भट्टाचार्य और सुमिता मण्डल

👉 ‘बंगीय साहित्य संस्था’ की उप सभापति स्मृति दत्त का स्वागत करते हुए संस्था के नए सदस्य शंकर भट्टाचार्य

👉 साहित्य सभा के विशेष अतिथि कवि समरेंद्र विश्वास का स्वागत करते हुए समाजसेवी सुबीर रॉय

👉 स्वागत भाषण देते हुए ‘छत्तीसगढ़ आसपास’ के संपादक प्रदीप भट्टाचार्य

• कविता पाठ और गीत प्रस्तुति देते संस्था के सदस्य

👉 ‘बंगीय साहित्य संस्था’ को रायपुर में सम्मानित किया गया, जिसे संस्था की सभापति बानी चक्रवर्ती ने ग्रहण किया था, शील्ड एवं प्रमाणपत्र संस्था कार्यालय में आज साहित्य सभा के माध्यम से भेंट करते हुए…

👉 शील्ड एवं प्रमाणपत्र के साथ {बाएँ से} बृजेश मल्लिक, शंकर भट्टाचार्य, बानी चक्रवर्ती, प्रकाशचंद्र मण्डल, स्मृति दत्त और मीता दास

👉 {बाएँ से} मिहिर समाद्दार, शंकर भट्टाचार्य, प्रकाशचंद्र मण्डल, वीरेंद्रनाथ सरकार और बानी चक्रवर्ती

👉 {बाएँ से} सुमिता मण्डल, दुलाल समाद्दार, शेफाली भट्टाचार्य, बानी चक्रवर्ती, सुबीर रॉय, दीपाली दासगुप्त और स्मृति दत्त

👉 {बाएँ से} दुलाल समाद्दार, वीरेंद्रनाथ सरकार, बानी चक्रवर्ती, दीपाली दासगुप्त, सुबीर रॉय और शेफाली भट्टाचार्य


👉 उपस्थिति रचनाकार एवं प्रबुधजन
अंत में राष्ट्रवादी कवि बृजेश मल्लिक ने आभार व्यक्त किया.
▪️ ‘बंगीय साहित्य संस्था’ की सभापति बानी चक्रवर्ती प्राप्त प्रशस्तिपत्र का वाचन करके सदस्यों को सुनाती हुई…
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chhattisgarhaaspaas
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