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बीएसपी नगर सेवाएं विभाग के आपदा प्रबंधन कार्य से भारी बारिश के बावजूद जनजीवन सामान्य रहा


भिलाई इस्पात संयंत्र की पहचान सिर्फ इस्पात उत्पादन तक सीमित नहीं, बल्कि नागरिक जीवन की सुरक्षा और सुविधा के प्रति उसकी प्रतिबद्धता में भी झलकती है। हाल ही में जब भिलाई में लगातार तीन दिन मूसलाधार बारिश हुई, तब नगर सेवाएं विभाग की सतर्कता और पूर्व-योजना के चलते जल भराव के संकट, जिससे कभी यातायात प्रभावित होता था और घरों में पानी भर जाता था| इस बार नगर सेवाएं विभाग के आपदा प्रबंधन कार्य ने स्थिति को नियंत्रण में बनाये रखा।
इस बार बारिश की तीव्रता कम न थी। जुलाई 2025 के शुरुआती सप्ताह में लगभग 5.3 सेंटीमीटर वर्षा दर्ज की गई। सेक्टर 4, 6, 2 आदि जैसे क्षेत्रों में पानी भरने की स्थिति बनी, लेकिन विभाग पहले से ही तैयार था। हर वर्ष की तरह वर्षा ऋतू से पहले ही मानसून प्रीपेरेशन में नालों की गहराई से सफाई, किनारों की मरम्मत और बहाव की दिशा को सुव्यवस्थित करने का कार्य किया जा चुका था। यह कार्य संयंत्र में व संयंत्र के सभी स्थानों पर नियमित रूप से किया जाता है, इसके बावजूद कुछ क्षेत्रों में जल निकासी प्रभावित हुई| तीन दिनों से हो रही लगातार बारिश एवं एक ही दिन में तीन घंटे की लगातार वर्षा तथा रहवासियों के द्वारा किये गये अवैध निर्माण कार्य ने वर्षा जल के निकास को बुरी तरह अवरुद्ध कर दिया| इसके आलावा सेक्टर-6 के प्रमुख मार्केट में नालियों पर निर्माण कार्य के बाद अवशेष मलबे, नालियों पर निर्मित मंदिर से निर्गमित पूजा सामग्री का कचरा तथा सेक्टर 10 में नालियों के उपर विभिन्न प्रकार के केबल के कारण अवरुद्ध पानी व आवासों के बैकलेन में पेवर ब्लाक का उचित तरीके से नहीं लगाया जाना जल भराव की स्थिति निर्मित होने के प्रमुख कारक बन गये|
इन प्रभावित क्षेत्रों पर नगर सेवाएँ विभाग की आपदा प्रबंधन टीम तत्परता से 4 जेसीबी एवं 10 से 15 मजदूरों की सहायता से जल भराव की स्थिति होने के बावजूद मौजूद अवरुद्ध को हटाने में कामयाब रही एवं 4 से 5 घंटे के कार्य से ही जल भराव को नियंत्रित कर लिया गया। भविष्य में इस प्रकार की स्थिति की पुनरावृत्ति न हो इसलिए नगर सेवाएँ विभाग द्वारा नाले सफाई का कार्य निरंतर प्रगति पर है।
उल्लेखनीय है कि इसे ध्यान में रखते हुए नगर सेवाएँ विभाग की आपदा प्रबंधन टीम ने रहवासियों को सख्त हिदायत दी है कि नालियों पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्ज़ा व कंस्ट्रक्शन कार्य न किया जाये, जिससे भविष्य में पुन: ऐसी स्थिति न उत्पन्न हो व टाउनशिप में व्यवस्था और सभी का जीवन सामान्य बना रहे| भिलाई इस्पात संयंत्र के नगर सेवाएँ विभाग की आपदा प्रबंधन टीम द्वारा किये गये इस प्रयास को नगरवासियों ने सराहा और सभी ने चैन की साँस ली है|
यह सिर्फ आंकड़ों की नहीं, बल्कि सेवा भावना की कहानी है। यह उन कर्मियों की कहानी है, जो बारिश की हर बूँद को गंभीरता से लेते हैं और नागरिकों को सुरक्षित, व्यवस्थित और सामान्य जीवन जीने देने के लिए सतत प्रयास करते हैं। भिलाई कह सकता है कि यहाँ बारिश डर नहीं, व्यवस्था और विश्वास की परीक्षा है — जिसे नगर सेवाएं विभाग पूरी निष्ठा से निभा रहा है।
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सेल के निदेशक [कार्मिक] की भिलाई इस्पात संयंत्र अधिकारियों संग बैठक : रणनीतिक विषयों पर हुआ व्यापक मंथन : बैठक में सेल के निदेशक [कार्मिक] केके सिंह, कार्यपालक निदेशक [परियोजनाएं] एस. मुखोपाध्याय, कार्यपालक निदेशक [सामग्री प्रबंधन] एके चक्रवर्ती, कार्यपालक निदेशक [वित्त एवं लेखा] प्रवीण निगम, कार्यपालक निदेशक [मानव संसाधन] पवन कुमार, कार्यपालक निदेशक [खदान] बीके गिरी, कार्यपालक निदेशक [संकार्य] राकेश कुमार, कार्यपालक निदेशक [चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा] डॉ. रविंद्रनाथ एम. और कार्यपालक निदेशक [रावघाट] अरुण कुमार उपस्थित थे

स्टील अथारिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड {सेल} के निदेशक (कार्मिक) श्री के.के. सिंह ने 14 जुलाई 2025 को भिलाई इस्पात संयंत्र के वरिष्ठ प्रबंधन व विभाग प्रमुखों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। यह बैठक इस्पात भवन में आयोजित हुई, जिसमें कार्यपालक निदेशक (परियोजनाएं) श्री एस. मुखोपाध्याय, कार्यपालक निदेशक (सामग्री प्रबंधन) श्री ए.के. चक्रवर्ती, कार्यपालक निदेशक (वित्त एवं लेखा) श्री प्रवीण निगम, कार्यपालक निदेशक (मानव संसाधन) श्री पवन कुमार, कार्यपालक निदेशक (खदान) श्री बी.के. गिरि, कार्यपालक निदेशक (संकार्य) श्री राकेश कुमार, कार्यपालक निदेशक (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा) डॉ. रविंद्रनाथ एम., कार्यकारी कार्यपालक निदेशक (रावघाट) श्री अरुण कुमार सहित सभी मुख्य महाप्रबंधक उपस्थित थे.
इस अवसर पर निदेशक (कार्मिक) श्री के.के. सिंह ने अपने संबोधन में सेल-भिलाई की समृद्ध विरासत को सहेजते हुए उद्योग में हो रहे तीव्र बदलावों के अनुरूप दक्षता, प्रतिस्पर्धा और सतत सुधार की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने सभी क्षेत्रों में लागत-न्यूनता की रणनीतियों को अपनाने तथा न्यूनतम मैनपावर में उच्च गुणवत्ता युक्त उत्पादन की दिशा में प्रयासों को तीव्र करने की आवश्यकता बताई। श्री सिंह ने यह भी कहा कि सुरक्षा के प्रति पूर्ण प्रतिबद्धता एवं सहयोगात्मक प्रयासों से ही संयंत्र निरंतर सफलता की दिशा में आगे बढ़ सकता है।
श्री सिंह ने इसके उपरांत एक अलग बैठक में वरिष्ठ मानव संसाधन अधिकारियों के साथ भी संवाद किया। इस बैठक में कार्यपालक निदेशक (मानव संसाधन) श्री पवन कुमार व मुख्य महाप्रबंधक (एचआर) श्री संदीप माथुर सहित एचआर विभाग के विभागाध्यक्ष एवं महाप्रबंधकगण व अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।



बैठक में वरिष्ठ मानव संसाधन अधिकारियों के साथ भी संवाद किया। इस बैठक में कार्यपालक निदेशक (मानव संसाधन) श्री पवन कुमार व मुख्य महाप्रबंधक (एचआर) श्री संदीप माथुर सहित एचआर विभाग के विभागाध्यक्ष एवं महाप्रबंधकगण व अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में श्री सिंह ने संयंत्र की वर्तमान एवं भावी परियोजनाओं, संविदा कर्मचारियों के कार्यबल प्रबंधन एवं कार्यकुशलता में वृद्धि तथा मानव संसाधन रणनीतियों के समग्र उन्नयन पर विस्तार से अपने विचार साझा किए। उन्होंने स्पष्ट किया कि आगामी चुनौतियों का सामना करने के लिए ठोस एवं प्रभावशाली क्रियान्वयन आवश्यक है। उन्होंने सभी से आह्वान किया कि उत्पादन और प्रदर्शन में उच्चतम उपलब्धियों को सामूहिक लक्ष्य के रूप में देखा जाए और उसी दिशा में कार्य किया जाए।
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