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शिक्षा और बच्चों के विकास के लिए भी प्रयासरत है भिलाई इस्पात संयंत्र


शिक्षा और बच्चों के विकास के लिए भी प्रयासरत है भिलाई इस्पात संयंत्र क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास में सार्वजनिक उपक्रमों एवं औद्योगिक संस्थानों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। ये संस्थान न केवल अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हैं, बल्कि विभिन्न पहलों और कार्यक्रमों के माध्यम से अपने कार्यक्षेत्र के निकटवर्ती समुदाय में सकारात्मक बदलाव लाने का भी प्रयास करते हैं। भिलाई इस्पात संयंत्र जैसे बड़े औद्योगिक संस्थान इस बात का उत्कृष्ट उदाहरण हैं कि कैसे एक संगठन केवल उत्पादन तक सीमित न रहकर, व्यापक विकास का सूत्रधार बन सकता है। इस दिशा में भिलाई इस्पात संयंत्र द्वारा सामुदायिक उत्थान हेतु की गई पहलें विकास के नए आयाम स्थापित कर रही हैं।
बीएसपी द्वारा अपने निगमित सामाजिक दायित्व (सीएसआर) के अंतर्गत समाज के समग्र विकास, पर्यावरण संरक्षण, शिक्षा, संस्कृति , स्वास्थ्य और आर्थिक सशक्तिकरण हेतु की गयी पहलों ने पिछड़े व दूरस्थ क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई हैं। बच्चे देश का भविष्य होते है उन्हें शैक्षणिक विकास के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व्यवस्था हेतु आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराने के लिए भिलाई इस्पात संयंत्र ने सीएसआर के तहत कई प्रयास किये है जिसमें स्कूलों में अतिरिक्त क्लासरूम की व्यवस्था, बाउंड्री वाल निर्माण, शौचालय व स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता, उच्च शिक्षा हेतु छात्रवृत्ति योजनाएं व छात्रावास की व्यवस्था शामिल है। साथ ही युवाओं के लिए रोजगारपरक प्रशिक्षण और महिला सशक्तिकरण के लिए भी अनेक कार्यक्रम चलाये जाते हैं।
इन्ही विकास कार्यक्रमों के अंतर्गत रावघाट खदान के समीपस्थ गाँवों में अपने निगमित सामाजिक उत्तरदायित्व गतिविधियों के तहत चलायी जा रही “गिफ्ट मिल्क” योजना बच्चों के पोषण स्तर को सुधारने में अहम योगदान देने के साथ-साथ स्वस्थ समाज के निर्माण और सतत विकास लक्ष्यों की दिशा में एक कारगर प्रयास सिद्ध हो रहे हैं। एनडीडीबी फाउंडेशन फॉर न्यूट्रिशन (एनएफएन) के साथ समझौता कर रावघाट क्षेत्र के कुल 82 शासकीय विद्यालयों के लगभग 4000 विद्यार्थियों को प्रतिदिन 200 मिली फोर्टिफाइड दूध का वितरण किया जाता है। इसके अतिरिक्त शहरी क्षेत्र के स्कूलों के लगभग 25,000 बच्चों को अक्षय पात्र फाउंडेशन के माध्यम से “मध्यान्ह भोजन” का वितरण भी किया जा रहा है।
ज्ञात हो कि खदान क्षेत्र के बफर जोन गांवों में विटामिन ए और डी से भरपूर 200 मिलीलीटर फोर्टीफाईड फ्लेवर्ड दूध की आपूर्ति और वितरण के लिए सेल-बीएसपी और एनडीडीबी फाउंडेशन फॉर न्यूट्रिशन (एनएफएन) के बीच मार्च 2023 में एक एमओयू साइन किया गया था, जिसका शुभारंभ सेल के तात्कालिक अध्यक्ष ने 18 अप्रैल 2023 को किया था। इस योजना को स्थानीय लोगों के साथ-साथ स्कूली बच्चों और कर्मचारियों से भी काफी सराहना मिली है। इस समझौता ज्ञापन के तहत छत्तीसगढ़ के कांकेर, नारायणपुर, मोहला-मानपुर अंबागढ़ चौकी, बालोद जिलों के सरकारी स्कूलों या अन्य स्कूलों के लगभग 4000 स्कूली बच्चे गिफ्ट मिल्क योजना से लाभान्वित हो रहे हैं। परियोजना में रावघाट, महामाया और दुलकी माइंस बफर जोन के गावों को भी शामिल किया गया हैं।
एनएफएन की कार्य गुणवत्ता वाले दूध की आपूर्ति सुनिश्चित करना और चयनित स्कूलों में ‘गिफ्ट मिल्क’ स्कीम का सुचारू क्रियान्वयन करना और उसका रिकॉर्ड रखना है। स्कूल के प्रधानाध्यापकों के माध्यम से दूध के दैनिक वितरण और उसके कुल उपभोग की व्यवस्था की गई है। इसके लिए पर्यवेक्षक भी नियुक्त किये गये है, जो नियमित अंतराल पर स्कूलों का दौरा कर आपूर्ति किए गए दूध का डेटा/रिकॉर्ड रखते है।
सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र, नारायणपुर एवं कांकेर के अंतर्गत रावघाट खदान के समीपस्थ गाँवों में अपने निगमित सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत, सामाजिक कल्याण के लिए विभिन्न कार्य कर रहा है। अब इस परियोजना के लाभ को और अधिक लोगों तक पहुँचाने के लिए सीएसआर विभाग ने अपने कार्य क्षेत्र का विस्तार करते हुए कुछ और नए गांवों को इसमें सम्मिलित किया है। रावघाट बफर जोन के गांव 22 से बढाकर 60 किये गए और कलवार नागूर माइंस क्षेत्र के नए बफर जोन गांवों को भी जोड़ा गया हैं। बीएसपी ने प्रारंभ से ही अपने 16 किलोमीटर परिधीय क्षेत्र के गाँवों में विकास और उत्थान के लिए निरंतर प्रयास किया है तथा शिक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ करने के लिए आवश्यक सहयोग प्रदान किया है।
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जुलाई माह में सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों हेतु विदाई समारोह का आयोजन : जुलाई-2025 में कुल-91 कर्मचारी सेवानिवृत्त हो रहे हैं

सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र की सेवा से जुलाई 2025 माह में कुल 91 कर्मचारी सेवानिवृत्त हो रहे हैं, जिनमें खदान बिरादरी के सदस्यों सहित 14 कार्यपालक व 77 गैर-कार्यपालक शामिल हैं।
जुलाई 2025 में सेवानिवृत्त हो रहे कार्यपालकों हेतु विदाई समारोह का आयोजन इस्पात भवन स्थित निदेशक प्रभारी सभागार में किया जायेगा वहीं गैर-कार्यपालकों को भिलाई निवास में आयोजित समारोह में भावभीनी विदाई दी जाएगी। सेवानिवृत्त होने वाले कार्यपालकों में शामिल हैं- मुख्य महाप्रबंधक श्री राजीव कुमार श्रीवास्तव, महाप्रबंधक श्री सुधीर सोरते, महाप्रबंधक श्री सेवाराम जटरेले, अतिरिक्त मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.नोहर सिंह ठाकुर, महाप्रबंधक श्री श्याम नारायण सिंह, उप महाप्रबंधक श्री सुनील कुमार, सहायक महाप्रबंधक श्री मोहम्मद आरिफ खान, सहायक महाप्रबंधक श्री मृदुल कुमार श्रीवास्तव, सहायक महाप्रबंधक श्री राजिल कुमार रणदीवे, सहायक महाप्रबंधक श्री दीपांकर कुमार मजुमदार, सहायक महाप्रबंधक श्री राज कुमार शुक्ला, सहायक महाप्रबंधक श्री जीएमवी पद्मिनी कुमार, वरिष्ठ प्रबंधक श्री बीरेंद्र कुमार सिंह तथा उप प्रबंधक श्री अनिल कुमार फुले।
समारोह में भिलाई इस्पात संयंत्र के कार्यपालक निदेशकों तथा वरिष्ट अधिकारियों द्वारा कार्यपालकों तथा गैर-कार्यपालक को सेवानिवृत्ति आदेश प्रदान कर सम्मानित किया जाएगा तथा भिलाई इस्पात संयंत्र प्रबंधन की ओर से उनके कार्यकाल की सराहना करते हुए उन्हें स्वस्थ एवं सुखद भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी जाएगी।
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chhattisgarhaaspaas
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