- Home
- Chhattisgarh
- कविता आसपास : तारकनाथ चौधुरी
कविता आसपास : तारकनाथ चौधुरी
7 months ago
270
0
• स्वागत
• तारकनाथ चौधुरी
[ चरोदा भिलाई, जिला-दुर्ग, छत्तीसगढ़ ]

देवताओं के देश में रहता हूँ,
राक्षसों से लड़ता रहता हूँ
आहत-पराजित होकर
देवालयों पर लोटता हूँ।
चुप रहकर ,चुप रहने वाले
इष्ट से वेदना व्यक्त करता हूँ
बजाता नहीं मैं जो़र -जो़र से घंटियाँ
और न पीटता हूँ ढोल
क्योंकि मैं जानता हूँ
देवता अब अवतरित नहीं होंगे
अणुवत सबके अंतस् में समा गये हैं
विवेक की ज्योति जले तो
अनुभव होता है उनका- आत्म विश्वास में
सहयोगी हाथों में,प्रेम में,करुणा में,
क्षमा में,सृजन में…
इसलिए मैं माँगता कुछ भी नहीं उनसे
बल्कि उसकी स्थिरता से प्रेरित होकर
अपनी अस्थिरता को शांत करता हूँ
और फिर लौट आता हूँ
इस बोध के साथ कि
हार और जीत में,सुख में दुख में
हानि-लाभ की स्धितियों मैं
तटस्थ होकर रहना ही
मानव जीवन की श्रेष्ठता को प्राप्त करना है।
• संपर्क-
• 83494 08210
🟥🟥🟥
chhattisgarhaaspaas
विज्ञापन (Advertisement)