- Home
- Chhattisgarh
- कविता : पल्लव चटर्जी
कविता : पल्लव चटर्जी
7 months ago
327
0
• प्रेम
• पल्लव चटर्जी
[ भिलाई, छत्तीसगढ़ ]

प्रेम करने के लिए
अच्छे दिन के आने का
इंतजा़र नहीं होता,
आँखें चार होते ही
प्रेम पनपने लगता है
और
प्रेम हो जाये तो
खुद ब खुद दिन
अच्छे होने लगते हैं
इसके लिए शरतचंद्र या
रविंद्रनाथ को पढ़ना आवश्यक नहीं
पहली मुलाक़ात या
पहली नज़र में ही
प्रेम हो सकता है।
• कवि संपर्क-
• 81093 03936
🟥🟥🟥
chhattisgarhaaspaas
विज्ञापन (Advertisement)