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भिलाई इस्पात संयंत्र के दो वरिष्ठ अधिकारी ‘राष्ट्रीय कर्मयोगी मिशन’ के अंतर्गत प्रमुख प्रशिक्षक के रूप में प्रशिक्षित : हरियाणा लोक प्रशासन संस्थान गुड़गांव में आयोजित चयनित अधिकारियों में उप महाप्रबंधक [ज्ञानार्जन एवं विकास] यशवंत सिंह जौहरी एवं उप महाप्रबंधक [ऑटोमेशन एंड डिजिटलाइजेशन] श्रीमती नीरजा शर्मा शामिल हैं

सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र के दो वरिष्ठ अधिकारियों ने भारत सरकार के प्रमुख “राष्ट्रीय कर्मयोगी मिशन” के अंतर्गत आयोजित पाँच दिवसीय ‘लीड ट्रेनर’ प्रशिक्षण कार्यक्रम को सफलतापूर्वक पूरा कर एक नई उपलब्धि अर्जित की है। यह प्रशिक्षण हरियाणा लोक प्रशासन संस्थान (हिपा), गुड़गांव में आयोजित किया गया था। चयनित अधिकारियों में उप महाप्रबंधक (ज्ञानार्जन एवं विकास) श्री यशवंत सिंह जौहरी एवं उप महाप्रबंधक (ऑटोमेशन एंड डिजिटलाईजेशन) श्रीमती नीरजा शर्मा शामिल हैं।
राष्ट्रीय कर्मयोगी मिशन, जिसे भारत के प्रधानमंत्री द्वारा सितंबर 2020 में प्रारंभ किया गया, का उद्देश्य सरकारी कर्मियों की मानसिकता, दृष्टिकोण एवं कौशल को आधुनिक बनाना है, ताकि वे समर्पण और दक्षता के साथ देश एवं नागरिकों की सेवा कर सकें। इस मिशन के दोहरे लक्ष्य हैं — सेवा भाव का विकास एवं अपने आंतरिक उद्देश्य की पुनः खोज, और राष्ट्रीय लक्ष्यों व हितधारकों, विशेषकर नागरिकों के प्रति सेवा को और सशक्त बनाना। भारत सरकार का क्षमता निर्माण आयोग (सीबीसी) इस पहल का नेतृत्व कर रहा है, जिसमें मुंबई स्थित ‘इल्युमिन नॉलेज रिसोर्सेज’ नॉलेज पार्टनर के रूप में कार्य कर रहा है।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम को दो चरणों में संचालित किया जा रहा है। प्रथम चरण (नवंबर 2024 – अप्रैल 2025) में दिल्ली में 10,000 से अधिक कर्मियों को प्रशिक्षित किया गया, जबकि द्वितीय चरण में भारतभर के मंत्रालयों, विभागों एवं सार्वजनिक उपक्रमों के लगभग 7 लाख कर्मचारी सम्मिलित होंगे। सेल में अब तक कुल 13 लीड ट्रेनर तैयार किए गए हैं, जिनमें बीएसपी के ये दोनों अधिकारी भी शामिल हैं।
ये प्रमुख प्रशिक्षक आगे चलकर ‘कर्मयोगी फैसिलिटेटर्स’ का विकास करेंगे, जो भिलाई इस्पात संयंत्र के सभी कर्मचारियों को प्रशिक्षित करेंगे, जिससे मिशन का विज़न संगठन के प्रत्येक स्तर तक पहुँच सके। बीएसपी में 140 मास्टर प्रशिक्षक विकसित करने की भी योजना है। मास्टर प्रशिक्षकों का प्रशिक्षण बीएसपी के लीड ट्रेनरों द्वारा आयोजित किया जाएगा, और ये मास्टर प्रशिक्षक एक दिवसीय प्रशिक्षण मॉड्यूल के अंतर्गत संयंत्र के अन्य कर्मचारियों को प्रशिक्षित करेंगे।
भिलाई इस्पात संयंत्र के सभी कर्मचारियों का पंजीकरण भारत सरकार के ‘आईगॉट कर्मयोगी’ ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर किया जाएगा तथा उन्हें इस्पात मंत्रालय एवं क्षमता निर्माण आयोग के निर्देशानुसार छह निर्धारित प्रशिक्षण मॉड्यूल पूर्ण करने होंगे.
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भिलाई इस्पात संयंत्र में ‘कर्मचारी सहायता कार्यक्रम [ईएपी]’ के अंतर्गत विषयगत कार्यशालाओं का शुभारंभ : मुख्य अतिथि मुख्य महाप्रबंधक [मानव संसाधन] संदीप माथुर थे

सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र के मानव संसाधन विभाग द्वारा दिनांक 18 अगस्त 2025 को मानव संसाधन विभाग के मुख्य सभागार में कर्मचारी सहायता कार्यक्रम (ईएपी) के अंतर्गत विषयगत कार्यशालाओं का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में मुख्य महाप्रबंधक (मानव संसाधन) श्री संदीप माथुर उपस्थित थे।
मुख्य अतिथि श्री संदीप माथुर ने अपने संबोधन में कहा कि सेल ने सदैव सुरक्षा, हाउसकीपिंग एवं तकनीकी अनुशासन के साथ-साथ कर्मचारियों की खुशी एवं मानसिक संतुलन को भी सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। साथ ही उन्होंने कहा आशा करता हूं आप सभी ऐसे कार्यक्रमों से लाभान्वित होंगे और सभी को मानसिक स्वास्थ्य के बारे में जागरूक करेंगे।
इस कार्यक्रम के अंतर्गत विशेषज्ञों द्वारा व्यक्तिगत एवं कार्य-संबंधी मुद्दे, मानसिक स्वास्थ्य एवं भावनात्मक कल्याण, तनाव प्रबंधन (कार्यस्थल एवं व्यक्तिगत), वित्तीय एवं कानूनी चिंताएँ, कार्य-जीवन संतुलन तथा पारिवारिक एवं संबंध संबंधी विषयों पर मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि इस कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ 17 फरवरी 2025 को निदेशक (कार्मिक) श्री के के सिंह द्वारा एक ज़ूम मीटिंग के माध्यम से किया गया था, जिसमें सेल के सभी संयंत्रों एवं इकाइयों ने भाग लिया।
मेसर्स ईएपी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड द्वारा 19 फरवरी से 5 मार्च 2025 के बीच सभी पाँच इस्पात संयंत्रों में तीन दिवसीय ओरिएंटेशन प्रोग्राम आयोजित किया गया था। भिलाई इस्पात संयंत्र में यह कार्यक्रम 24 से 26 फरवरी 2025 तक संपन्न हुआ था। इसके क्रम में अब 18 से 20 अगस्त 2025 तक विषयगत कार्यशालाओं का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें अधिकारियों के लिए “परामर्श के लिए जाएँ या न जाएँ” तथा गैर-अधिकारियों के लिए “तनाव से शक्ति तक” जैसे विषय शामिल हैं। आज आयोजित कार्यशालाओं में विभिन्न विभागों से लगभग 300 प्रतिभागियों ने सक्रिय भागीदारी की.


इस कार्यक्रम का समन्वय मानव संसाधन विभाग द्वारा किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य कर्मचारियों को एक स्वस्थ, संतुलित एवं सहयोगात्मक कार्य वातावरण उपलब्ध कराना है। कार्यक्रम का संचालन उप प्रबंधक (मानव संसाधन) सुश्री शालिनी चौरसिया एवं श्री सिकंदर इंदौरिया द्वारा किया गया व धन्यवाद ज्ञापन महाप्रबंधक (मानव संसाधन) सुश्री के. सुपर्णा ने प्रस्तुत कि
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स्वतंत्रता दिवस पर देशभक्ति एवं फिल्मी गीतों पर आधारित संगीत संध्या का आयोजन : संगीत संध्या में कार्यपालक निदेशक [माइंस] बिपिन कुमार गिरी, कार्यकारी कार्यपालक निदेशक [मानव संसाधन] संदीप माथुर और महाप्रबंधक [मानव संसाधन, ईडी सचिवालय] सौमिक डे उपस्थित रहे


स्वतंत्रता दिवस समारोह की श्रृंखला को सांस्कृतिक रंग प्रदान करते हुए सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र के क्रीड़ा, सांस्कृतिक एवं नागरिक सुविधाएं विभाग द्वारा महात्मा गाँधी कला मंदिर में एक मनमोहक संगीत संध्या का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कार्यपालक निदेशक (माइन्स) श्री बिपिन कुमार गिरी, कार्यकारी कार्यपालक निदेशक (मानव संसाधन) श्री संदीप माथुर तथा महाप्रबंधक (मानव संसाधन, ईडी सचिवालय) श्री सौमिक डे ने विशेष अतिथि के रूप में अपनी गरिमामयी उपस्थिति प्रदान की।
देशभक्ति गीत तथा नये-पुराने फिल्मी गीतों की प्रस्तुति इस संध्या का मुख्य आकर्षण रही। संयंत्रकर्मियों और अंतर्विभागीय संगीत प्रतियोगिता के विजेताओं ने एक से बढ़कर एक मधुर गीत प्रस्तुत कर श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया। देशभक्ति गीतों ने स्वतंत्रता संग्राम की स्मृतियों को ताज़ा कर दिया और देशप्रेम की भावना से सभागार को ओतप्रोत कर दिया, वहीं फिल्मी गीतों ने मनोरंजन का सुंदर आयाम जोड़ते हुए संध्या को और भी रंगीन व यादगार बना दिया।
उपस्थित अतिथियों ने कलाकारों के उत्साहवर्धन हेतु उन्हें साधुवाद दिया और कहा कि ऐसे आयोजन कर्मियों की प्रतिभा को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ संगठन की सांस्कृतिक धरोहर को भी आगे बढ़ाते हैं। “संगीत समाज को जोड़ने वाली शक्ति है। स्वतंत्रता दिवस जैसे अवसर पर कर्मियों द्वारा प्रस्तुत किए गए गीत केवल मनोरंजन ही नहीं बल्कि हमारे सांस्कृतिक मूल्यों और राष्ट्रीय भावनाओं को भी जीवंत करते हैं।”
कार्यक्रम का संचालन श्री सुप्रियो सेन द्वारा किया गया। आयोजन को सफल बनाने में उप महाप्रबंधक (क्रीड़ा, सांस्कृतिक एवं नागरिक सुविधाएं) श्री राजेंद्र प्रसाद एवं उप प्रबंधक (क्रीड़ा, सांस्कृतिक एवं नागरिक सुविधाएं) श्री अभिजीत भौमिक तथा कार्यक्रम के संयोजक के रूप में अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कलाकार श्री प्रभंजय चतुर्वेदी, श्री पी.टी. उल्लास कुमार एवं श्री दुष्यंत हरमुख ने आयोजन की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कार्यक्रम में सर्व श्री दिलीप शर्मा, दीपांकर दास, रविन्द्र कर्मकार, भालचन्द्र शेगेकर, देबब्रत मजुमदार, भागवत साहू, सतीश सिन्हा, साई चक्रवर्ती, समीर दास संगतकार के रूप में उपस्थित रहे। संगीत संध्या के आयोजन में श्री अलंकर समद्दर व श्री सरजीत चक्रवर्ती तथा श्री ओंकार निर्मलकर ने अपना विशेष सहयोग प्रदान किया।
कार्यक्रम में प्रस्तुति देने वालों कलाकारों में शामिल हैं- कुमार पाल, गोविन्द खरवार, मंजीता भारद्वाज, उत्तरा ओखदे / शिरीश ओखदे, मधुरिमा रे, उमाशंकर, भाश्वती बोस, नूर मोहम्म्द, पंकजिनी / रंजीत मिंज, सरोज दुबे, टी निखिल, तान्या समद्दार, जी पी पांडियन / शालिनी पांडियन, जहांआरा, जितेन्द्र साहू, ज्ञानु मैत्रेय, उत्तरा ओखदे, मधुरिमा रे / दीपंकर रे, नूर मोहम्मद / जहांआरा, गोविन्द खरवार तथा समवेत स्वर.


आज़ादी की शाम को एक नया आयाम प्रदान करती हुए संगीत संध्या ने न केवल देशभक्ति की भावना को जागृत किया, बल्कि भिलाई इस्पात संयंत्र के कर्मियों की समृद्ध कलात्मक प्रतिभा एवं सांस्कृतिक परंपरा का भी जीवंत रूप प्रस्तुत किया.
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भिलाई इस्पात संयंत्र से निर्मित एक्सपोर्ट-ग्रेट स्लैब की प्रथम रैक इंडोनेशिया निर्यात के लिए रवाना : प्रथम रैक को हरी झंडी दिखाकर कार्यपालक निदेशक [संकार्य] राकेश कुमार ने रवाना किए : इस अवसर पर मुख्य महाप्रबंधक [एसएमएस-2] के सुशांत कुमार घोषाल और महाप्रबंधक [एसएमएस-2] के टी. गोविंद उपस्थित थे

वैश्विक बाजार में अपनी उपस्थिति को और सुदृढ़ करते हुए और आत्मनिर्भर भारत की ओर एक सशक्त कदम बढ़ाते हुए सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र ने स्टील मेल्टिंग शॉप-2 (एसएमएस-2) में निर्मित एक्सपोर्ट-ग्रेड स्टील स्लैब (एसएई1006 ग्रेड) की प्रथम रैक को 14 अगस्त, 2025 को इंडोनेशिया को निर्यात के लिए रवाना किया।
एसएमएस-2 के एसबीएस यार्ड से इस निर्यात के लिए निकले प्रथम रैंक का को हरी झंडी दिखाकर कार्यपालक निदेशक (संकार्य) श्री राकेश कुमार ने रवाना किया। इस अवसर पर मुख्य महाप्रबंधक (एसएमएस-2) श्री सुशांत कुमार घोषाल, महाप्रबंधक (एसएमएस-2) श्री टी. गोविंद, सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी, कर्मचारी तथा प्रमुख हितधारक उपस्थित थे।
पहली खेप के निर्गमन के शुभारंभ के अवसर पर 30,000 टन के उच्च-गुणवत्ता वाले स्टील स्लैब के निर्यात आदेश की शुरुआत है, जो अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार किए गए हैं। यह प्रथम रैक इंडोनेशिया भेजा जा रहा है, जहाँ इन स्लैब का उपयोग विभिन्न उद्योगों में उच्च स्तरीय अनुप्रयोगों में किया जाएगा।
इस उपलब्धि के पीछे एसएमएस-2 के साथ-साथ संयंत्र के अन्य विभागों का महत्वपूर्ण योगदान है। संयंत्र के आरसीएल, पीपीसी, ब्लास्ट फर्नेस, इंस्ट्रूमेंटेशन और आरडीसीआईएस सहित कई विभागों का समन्वित योगदान रहा है।
यह डिस्पैच, सेल की प्रमुख इकाई के रूप में, भिलाई इस्पात संयंत्र ने निरंतर वैश्विक बाज़ार की आवश्यकताओं को पूरा करने की अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया है। एसएई1006 ग्रेड स्लैब के सफल निर्यात की शुरुआत से न केवल भिलाई इस्पात संयंत्र की पहचान एक विश्वसनीय अंतरराष्ट्रीय इस्पात आपूर्तिकर्ता के रूप में और मजबूत हुई है, बल्कि वैश्विक व्यापार में इसकी भागीदारी को भी नए आयाम प्राप्त होंगे.
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