- Home
- Chhattisgarh
- ▪️ छत्तीसगढ़ आसपास ▪️ संयंत्र की खबरें…
▪️ छत्तीसगढ़ आसपास ▪️ संयंत्र की खबरें…

▪️
‘सेल रिसर्स एंड डेवलपमेंट, टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट और इनोवेशन’ के लिए ‘स्कोप एमिनेंस अवार्ड’ से सम्मानित : यह पुरुस्कार भारत की राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु ने 29 अगस्त, 2025 को नई दिल्ली में स्कोप द्वारा आयोजित समारोह में प्रदान किया : सेल की ओर से यह सम्मान निदेशक [तकनीकी, परियोजना एवं कच्चा माल] मनीष राज गुप्ता ने ग्रहण किया


नई दिल्ली [29 अगस्त, 2025] स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) को साल 2022-23 के लिए रिसर्च एंड डेवलपमेंट, टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट और इनोवेशन के क्षेत्र में शानदार काम करने के लिए प्रतिष्ठित “स्कोप एमिनेंस अवार्ड” से सम्मानित किया गया है। यह पुरस्कार भारत की राष्ट्रपति माननीय श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने 29 अगस्त 2025 को नई दिल्ली में स्कोप द्वारा आयोजित एक समारोह में प्रदान किया। यह अवार्ड सेल के स्वदेशी रिसर्च, प्रक्रियाओं में इनोवेशन को अपनाने और टेक्नोलॉजी में लगातार आगे बढ़ने की अटूट प्रतिबद्धता को दिखाता है। सेल की ओर से यह सम्मान श्री मनीष राज गुप्ता, निदेशक (तकनीकी, परियोजना एवं कच्चा माल) ने ग्रहण किया।
सेल भारत सरकार के ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘मेक इन इंडिया’ अभियानों के अनुरूप, स्टील के पूरे वैल्यू चेन में इनोवेशन को बढ़ावा दे रहा है और देश की आयात पर निर्भरता कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण उपयोगों के लिए अत्याधुनिक स्टील ग्रेड और तकनीकों के स्वदेशी विकास पर ज़ोर दे रहा है। कंपनी रेलवे, रक्षा और बुनियादी ढाँचे जैसे रणनीतिक क्षेत्रों को उच्च-गुणवत्ता वाला इस्पात प्रदान करके, राष्ट्रीय महत्व की परियोजनाओं और औद्योगिक विकास को सक्षम बनाकर राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
कंपनी ने अपने कामकाज को और बेहतर बनाने के लिए IIoT-आधारित स्वास्थ्य निगरानी प्रणाली (Health Monitoring Systems) एवं इसकी प्रक्रियाओं और कॉइल यार्ड प्रबंधन प्रणाली (Coil Yard Management Systems) जैसे अगली पीढ़ी के समाधानों को अपनाया है। इसके अलावा, सेल कचरे का दोबारा इस्तेमाल करने, चक्रीय अर्थव्यवस्था (Circular Economy) और नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable Energy) के एकीकरण के जरिये सस्टेनेबिलिटी पर भी ज़ोर दे रहा है।
सेल को मिले इस सम्मान पर बात करते हुए, सेल अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, श्री अमरेंदु प्रकाश ने कहा, “यह पुरस्कार हमारी अनुसंधान एवं विकास टीमों द्वारा उत्कृष्टता के लिए निरंतर प्रयास और सेल में नवाचार और प्रचालन के बीच गहरे तालमेल को दर्शाता है। यह एक ऐसे फ्यूचर-रेडी इस्पात उद्योग के विकास के प्रति हमारी प्रतिबद्धता की पुष्टि करता है, जो जो भारत की जरूरतों को पूरा कर सके और दुनिया भर में मुकाबला कर सके।
▪️
भिलाई इस्पात संयंत्र के एमआरडी में डीआईसी-25 द्वारा ‘सुरक्षा मित्र’ पहल का शुभारंभ


सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र के वरिष्ठ प्रबंधन -निदेशक प्रभारी और कार्यपालक निदेशक-वर्क्स द्वारा सुरक्षा को अपने प्रचालन की आधारशिला मानते हुए संयंत्र के कार्यप्रणाली और प्रचालन दिशानिर्देशों में सुरक्षा को प्रथम और सर्वाधिक महत्वपूर्ण स्तंभ के रूप में रखा गया है।
इसी कार्य सिद्धांत के अनुरूप, विभागीय कार्यान्वयन समिति (डीआईसी-25), जिसमें मटेरियल रिकवरी विभाग (एमआरडी), लागत एवं बजट विभाग (सीबीडी), उत्पादन योजना एवं नियंत्रण विभाग (पीपीसी) तथा कच्चा माल विभाग (आरएमडी) सम्मिलित हैं, ने ठेका श्रमिकों की कार्यस्थल सुरक्षा को मजबूती प्रदान करने हेतु “सुरक्षा मित्र” नामक विशेष पहल का शुभारंभ किया है।
विभागीय कार्यान्वयन समिति (डीआईसी-25) के लीडर व मुख्य महाप्रबंधक प्रभारी (सेवाएँ) श्री तुषार कांत द्वारा परिकल्पित इस पहल का उद्देश्य प्रतिबद्ध ठेका श्रमिकों को बदलाव का माध्यम बनाना तथा उन्हें कार्यस्थल की सुरक्षा व्यवस्था सुधारने में प्रत्यक्ष रूप से शामिल करना है। इस दृष्टिकोण को आगे बढ़ाते हुए मुख्य महाप्रबंधक (एमआरडी) श्री सुशील कुमार ने एमआरडी में “सुरक्षा मित्र” कार्यक्रम को प्रारंभ किया, जिसके अंतर्गत उन ठेका श्रमिकों की पहचान कर उन्हें “सुरक्षा मित्र बैज” प्रदान कर सम्मानित किया गया, जिन्होंने निरंतर उत्कृष्ट सुरक्षा प्रतिबद्धता का प्रदर्शन किया है।
इस अवसर पर मुख्य महाप्रबंधक (एमआरडी) श्री सुशील कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि “सुरक्षा मित्र” पहल, जमीनी स्तर पर संचालित सुरक्षा संस्कृति के निर्माण की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम है, जिसमें ठेका श्रमिक स्वयं प्रशिक्षक, प्रेरक और सुरक्षित कार्यप्रणाली के आदर्श की भूमिका निभाते हैं। उन्होंने बताया कि यह कार्यक्रम भिलाई इस्पात संयंत्र की “जीरो हार्म” (शून्य दुर्घटना) की परिकल्पना को साकार करने तथा सभी परिचालनों में सुरक्षा संस्कृति को आत्मसात करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
“सुरक्षा मित्र बैज” उन ठेका श्रमिकों को प्रदान किया जाता है जो कठोर सुरक्षा मानकों को पूरा करते हैं व जिनके द्वारा सभी अनिवार्य सुरक्षा प्रशिक्षणों की सफलतापूर्वक पूर्णता, मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) एवं मानक अनुरक्षण प्रक्रियाओं (एसएमपी) का सुचारू अनुपालन, टूल बॉक्स टॉक्स एवं सुरक्षा चर्चाओं में सक्रिय भागीदारी, तथा विभागीय सुरक्षा जागरूकता अभियानों में योगदान सम्मिलित है। इन मानकों से आगे बढ़कर, “सुरक्षा मित्र” अपने सहकर्मियों के बीच नेतृत्व क्षमता प्रदर्शित करते हैं, उन्हें सुरक्षा संबंधी मार्गदर्शन देते हैं, टूल बॉक्स टॉक्स आयोजित करते हैं, सुरक्षा क्विज़ में सहयोग करते हैं तथा विविध जागरूकता गतिविधियों के माध्यम से उन्हें प्रेरित करते हैं। यह सहकर्मी-से-सहकर्मी मॉडल जमीनी स्तर पर सुरक्षित कार्यप्रणालियों को और सुदृढ़ करता है।
एमआरडी की इस पहल के पश्चात, डीआईसी-25 के अन्य विभाग – सीबीडी, पीपीसी और आरएमडी – भी निकट भविष्य में अधिक “सुरक्षा मित्र” तैयार करने की दिशा में प्रयासरत हैं, जिससे ठेका श्रमिकों की गहन भागीदारी सुनिश्चित हो सके और संयंत्र में सुरक्षा-प्रथम संस्कृति को और मजबूत किया जा सके।
▪️
राष्ट्रीय खेल दिवस पर भिलाई इस्पात संयंत्र में ‘खेल प्रतिभा सम्मान समारोह’ व विविध खेल एवं फिटनेस गतिविधियाँ आयोजित की गयी : मुख्य अतिथि रहे, मुख्य महाप्रबंधक [मानव संसाधन] संदीप माथुर. अन्य विशिष्ट अतिथि उपस्थित थे- महाप्रबंधक [नगर सेवाएं] ए. बी. श्रीनिवास, महाप्रबंधक [सीएसआर] शिवराजन, महाप्रबंधक [शिक्षा] श्रीमती शिखा दुबे और महाप्रबंधक [एचआर-एल एंड डी] एसके श्रीवास्तव.


राष्ट्रीय खेल दिवस 2025 के अवसर पर सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र के शिक्षा विभाग द्वारा भिलाई निवास में ‘खेल प्रतिभा सम्मान समारोह (2024-25)’ का आयोजन किया गया। इस अवसर पर भिलाई इस्पात संयंत्र के स्कूलों के पदक विजेता एवं खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मुख्य महाप्रबंधक (मानव संसाधन) श्री संदीप माथुर उपस्थित रहे। अन्य विशिष्ट अतिथियों में महाप्रबंधक (नगर सेवाएं) श्री ए. बी. श्रीनिवास, महाप्रबंधक (सीएसआर) श्री शिवराजन, महाप्रबंधक (शिक्षा) श्रीमती शिखा दुबे तथा महाप्रबंधक प्रभारी (एचआर-एल एंड डी) श्री एस. के. श्रीवास्तव शामिल रहे। समारोह की शुरुआत दीप प्रज्वलन से हुई, जिसके उपरांत बीएसपी सीनियर सेकेंडरी स्कूल, सेक्टर-10 के छात्र-छात्राओं ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया।
वर्ष 2024-25 में बीएसपी के लगभग 200 विद्यार्थियों ने ब्लॉक, जिला, संभाग, क्षेत्रीय, राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में सक्रिय भागीदारी की। राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने कुल 10 पदक (08 स्वर्ण, 01 रजत, 01 कांस्य) जीते। ओपन स्टेट स्तरीय स्पर्धाओं में 05 पदक (01 स्वर्ण, 03 रजत, 01 कांस्य) अर्जित किए। स्कूली राष्ट्रीय स्तर पर 03 पदक (02 स्वर्ण, 01 रजत) प्राप्त हुए, वहीं ओपन नेशनल प्रतियोगिताओं में 06 पदक (01 स्वर्ण, 04 रजत, 01 कांस्य) हासिल किए गए। इस दौरान 15 खिलाड़ियों ने स्कूली राष्ट्रीय खेलों में तथा 10 खिलाड़ियों ने ओपन राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लिया।
अपने संबोधन में मुख्य अतिथि मुख्य महाप्रबंधक (एचआर) श्री संदीप माथुर ने विजेताओं को बधाई देते हुए शिक्षा विभाग की सराहना की। उन्होंने कहा कि खेल से न केवल व्यक्तित्व का निर्माण होता है, बल्कि टीम भावना, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता का भी विकास होता है।
महाप्रबंधक (शिक्षा) श्रीमती शिखा दुबे ने स्वागत उद्बोधन में खेलों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ये विद्यार्थियों में शारीरिक स्फूर्ति, मानसिक दृढ़ता और सामुदायिक भावना का विकास करते हैं। उन्होंने युवा खिलाड़ियों के त्याग, समर्पण और उपलब्धियों की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।


कार्यक्रम में कुमारी रिया, कक्षा 11, भिलाई विद्यालय सेक्टर-2 ने राष्ट्रीय खेल दिवस पर अपने विचार व्यक्त किए। समापन सत्र में प्रधानाचार्या श्रीमती सुमिता सरकार (सीनीयर सेकेंडरी स्कूल, सेक्टर-10) ने धन्यवाद ज्ञापित किया। संचालन वरिष्ठ व्याख्याता श्रीमती आर. सिसली छाया दिनकर और वरिष्ठ शिक्षिका सुश्री महुवा चटर्जी ने निभाया। बीएसपी संचालित सभी विद्यालयों तथा अन्य विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने कार्यक्रम की सफलता में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
इसी कड़ी में खेल, सांस्कृतिक एवं नागरिक सुविधाएँ विभाग द्वारा भी 29 अगस्त को राष्ट्रीय खेल दिवस मनाया गया। इस दौरान कर्मचारियों के लिए दिनभर विविध खेल एवं फिटनेस गतिविधियाँ आयोजित की गईं। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः 7 बजे मरोदा सेक्टर मैदान में फुटबॉल मैच से हुआ। इसके बाद सीआईएसएफ ग्राउंड सेक्टर-3 में एथलेटिक्स प्रतियोगिताएँ—100 मीटर दौड़, भाला फेंक, गोला फेंक एवं लंबी कूद—आयोजित की गईं। समापन सत्र में सायं 4 बजे पंत स्टेडियम सेक्टर-1 में बास्केटबॉल मैच का आयोजन हुआ। इनमें पुरुषों एवं महिलाओं दोनों वर्गों की टीमों की सक्रिय भागीदारी रही।
▪️
‘शक्ति-आन्या लीडरशिप कैस्के डिंग कार्यक्रम’ : महिला पेशेवरों को सशक्त बनाने की पहल : सहायक महाप्रबंधक [आरसीएल] सुश्री विनीता वर्मा ने ‘शक्ति-आन्या 2.0’ पहल से प्रतिभागियों का परिचय और संक्षिप्त सारांश प्रस्तुत किया


भिलाई इस्पात संयंत्र के मानव संसाधन विकास विभाग द्वारा महिला कर्मचारियों हेतु “शक्ति – आन्या लीडरशिप कैस्केडिंग कार्यक्रम” के तहत अर्ध-दिवसीय सत्र का आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य महिला पेशेवरों को आवश्यक प्रबंधकीय एवं पारस्परिक क्षमताओं से सशक्त बनाना था।
कार्यक्रम के प्रारंभ में सहायक महाप्रबंधक (आरसीएल) सुश्री विनीता वर्मा ने “शक्ति – आन्या 2.0 पहल से प्रतिभागियों को परिचित कराते हुए कार्यक्रम का संक्षिप्त सारांश प्रस्तुत किया। इस अवसर पर सत्र विशेषज्ञ के रूप में उपस्थित महाप्रबंधक (इंस्ट्रुमेंटेशन) श्रीमती सिम्मी गोस्वामी, सहायक महाप्रबंधक (ईडीडी) सुश्री प्रभा, सहायक महाप्रबंधक (ओ एंड एम) सुश्री राखी तिवारी तथा सहायक महाप्रबंधक (आरसीएल) सुश्री विनीता वर्मा ने अपने व्याख्यान से महिला कर्मचारियों को अपने करियर विषय में सोचने तथा उच्च पद तक पहुंचने हेतु प्रेरित किया।
इस कार्यक्रम में चार सहभागिता आधारित प्रस्तुतियों के माध्यम से नेतृत्व के महत्वपूर्ण पहलुओं पर चर्चा की गई। प्रत्येक सत्र को आन्या 2.0 से प्रशिक्षित वक्ताओं ने प्रस्तुत किया और अंत में आयोजित प्रश्नोत्तरी सत्र ने प्रतिभागियों को आत्मचिंतन, संवाद और गहन समझ का अवसर प्रदान किया।
कार्यक्रम में आयोजित सत्रों की शुरुआत श्रीमती सिम्मी गोस्वामी द्वारा “स्टैंड टाल, स्पीक ट्रू – आत्म-जागरूकता की शक्ति” से हुई, इसके बाद सुश्री प्रभा ने “नेविगेटिंग चेंज– कार्य की माँगों और व्यक्तिगत जीवन के बीच संतुलन” विषय पर अपने विचार साझा किए। तीसरे सत्र में श्रीमती विनिता ने “द रिवोल्युनशरी पाथ टू बिग चेंज- छोटे-छोटे आदतों से बड़ा बदलाव” पर प्रेरक विचार प्रस्तुत किए, जबकि समापन सत्र में सुश्री राखी तिवारी ने “फ्रॉम पैसिव टू पॉवरफुल– आत्म-पक्षधरता और नेटवर्किंग की भूमिका” पर प्रतिभागियों का मार्गदर्शन किया।
इन सभी सत्रों ने प्रभावशाली दृष्टिकोण प्रस्तुत किए व ऐसे व्यावहारिक उपकरण भी दिए जिन्हें प्रतिभागी अपने व्यक्तिगत और पेशेवर जीवन में लागू कर सकते हैं। कार्यक्रम का इंटरैक्टिव स्वरूप और प्रश्नोत्तर संवाद ने इस संदेश और प्रबल किया कि नेतृत्व की शुरुआत व्यक्ति के भीतर से होती है।
▪️
बीएसपी के जेएलएनएच हॉस्पिटल के ब्लड सेंटर को मिली ‘एनएबीएच’ मान्यता : छत्तीसगढ़ और सेल में पहला चिकित्सालय : ऐतिहासिक उपलब्धि : यह सफलता कार्यपालक निदेशक [चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं] डॉ. एम. रविंद्रनाथ और मुख्य चिकित्सा अधिकारी [चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं] डॉ. विनीता द्विवेदी एवं अस्पताल के विशेषज्ञ चिकित्सकों की समर्पित टीम के मार्गदर्शन और सतत प्रयासों से संभव हुई

सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र के मुख्य चिकित्सालय पं जवाहरलाल नेहरू अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र (जेएलएनएच एंड आरसी), सेक्टर-9 भिलाई के ब्लड सेंटर ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज करते हुए राष्ट्रीय प्रत्यायन बोर्ड फॉर हॉस्पिटल्स एंड हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स (एनएबीएच) से मान्यता प्राप्त की है। यह उपलब्धि न केवल छत्तीसगढ़ राज्य में बल्कि पूरे सेल के अस्पतालों में पहली बार किसी ब्लड सेंटर को प्राप्त हुई है।
यह सफलता कार्यपालक निदेशक (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएँ) डॉ. एम. रविंद्रनाथ और मुख्य चिकित्सा अधिकारी (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएँ) डॉ. विनीता द्विवेदी सहित अस्पताल के अन्य विशेषज्ञ चिकित्सकों की समर्पित टीम के मार्गदर्शन और सतत प्रयासों से संभव हुई।
इस परियोजना का कानूनी निष्पादन एवं प्रलेखन डॉ. दीपक कुमार दासमोहपात्रा द्वारा किया गया, जिन्होंने एमओयू तैयार कर एनएबीएच पोर्टल पर आवश्यक विवरण अपलोड किया। आवेदन की संपूर्ण प्रक्रिया एसीएमओ डॉ. निली एस. कुजूर एवं कंसल्टेंट डॉ. दासमोहपात्रा के मार्गदर्शन में, एसीएमओ डॉ. अनिरुद्ध मेने और क्यूएमडी टीम की मदद से पूरी की गई। 20-21 जून 2025 को मूल्यांकनकर्ताओं द्वारा अंतिम मूल्यांकन किया गया और सभी गैर-अनुपालनों के समाधान के उपरांत 11 अगस्त 2025 को औपचारिक रूप से मान्यता हेतु अनुमोदन किया गया। इसके साथ ही जेएलएनएच एंड आरसी का ब्लड सेंटर अब देशभर के 4,200 से अधिक ब्लड सेंटरों में से चुनिंदा 100 मान्यता प्राप्त केंद्रों में शामिल हो गया है।
एनएबीएच भारतीय गुणवत्ता परिषद (क्यूसीआई) का एक घटक बोर्ड है, जो स्वास्थ्य सेवा संगठनों के लिए गुणवत्ता और सुरक्षा के कठोर मानक निर्धारित करता है। ब्लड सेंटर के संदर्भ में यह मान्यता इस बात की पुष्टि करती है कि सभी प्रक्रियाएँ वैज्ञानिक रूप से मान्य और मानक दिशा-निर्देशों के अनुरूप पूरी की जा रही हैं। इसमें दाताओं के स्वास्थ्य और पात्रता की जाँच कर उनकी स्क्रीनिंग करना, रक्त संग्रह की प्रत्येक प्रक्रिया में उचित प्रोटोकॉल का पालन करना, दान किए गए रक्त को पैक्ड रेड ब्लड सेल्स, फ्रेश फ्रोजन प्लाज़्मा और प्लेटलेट्स जैसे विभिन्न घटकों में संसाधित करना, संक्रामक रोगों की पहचान हेतु व्यापक परीक्षण करना तथा रक्त के सुरक्षित भंडारण और समय पर वितरण के लिए उपयुक्त परिस्थितियाँ बनाए रखना शामिल है।
यह मान्यता जेएलएनएच अस्पताल एवं अनुसन्धान केंद्र की स्वास्थ्य सेवाओं में नेतृत्वकारी भूमिका को और सशक्त बनाती है, जो की छत्तीसगढ़ सहित पूरे सेल संगठन के लिए गौरव का विषय है। एनएबीएच मान्यता से यह सुनिश्चित होता है कि मरीजों को सुरक्षित और सर्वोत्तम गुणवत्ता का रक्त एवं रक्त उत्पाद उपलब्ध हो, साथ ही ब्लड सेंटर का संचालन अधिक कुशल, सुव्यवस्थित और निरंतर निगरानी में रहे। इस उपलब्धि से न केवल सुरक्षा और कार्यप्रणाली में वृद्धि सुनिश्चित होगा, बल्कि अस्पताल की विश्वसनीयता भी बढ़ेगी, जिससे स्वैच्छिक रक्तदान को प्रोत्साहन मिलेगा। इसके अतिरिक्त जेएलएनएच चिकित्सालय के ब्लड सेंटर ने छत्तीसगढ़ और सभी सेल इकाइयों में सर्वप्रथम इस प्रकार की मान्यता प्राप्त कर स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में नेतृत्व स्थापित करते हुए अन्य संस्थानों के लिए एक मिसाल कायम किया है।
इस उपलब्धि को हासिल करने में श्री शाहिद अहमद, डॉ. अनिरुद्ध मेने, डॉ. अमित अग्रवाल, डॉ. राजू भैंसारे, डॉ. मनीषा कांगो, डॉ. निली एस. कुजूर, डॉ. गुरमीत सिंह, डॉ. प्रिया साहू, डॉ. गायत्री नट्टी, डॉ. आकांक्षा शर्मा, डॉ. प्रतीक शिवप्पा, श्री राजीव शर्मा, सुश्री रीता भटनागर, श्री सुधीर पांडे, ब्लड सेंटर विभाग की टीम सुश्री साजी, श्री संजय फुलज़ेले, श्री अजय कुमार आर्य, श्री कुलदीपक तिवारी, सुश्री मिनाक्षी चरण व श्री जितेंद्र, पैथोलॉजी विभाग और क्यूएमडी टीम (सुश्री रेजी, सुश्री बीना, सुश्री लता) ने अहम योगदान दिया है।
यह उपलब्धि ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन के क्षेत्र में गुणवत्ता और रोगी सुरक्षा के प्रति जेएलएनएच एंड आरसी ब्लड सेंटर की अग्रणी भूमिका को और सुदृढ़ करती है।
▪️
सिंटर प्लांट-2 में आरएमपी अराइजिंग हैंडलिंग फेसिलिटी का उद्घाटन : शुभारंभ कार्यपालक निदेशक [संकार्य] राकेश कुमार ने 29 अगस्त, 2025 को किया


सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र के सिंटर प्लांट में आरएमपी अराइजिंग हैंडलिंग फेसिलिटी का शुभारंभ कार्यपालक निदेशक (संकार्य) श्री राकेश कुमार द्वारा 29 अगस्त 2025 को किया गया। आरएमपी अराइजिंग सुविधा के शुरू होने से आरएमपी-2 एवं आरएमपी-3 से निकलने वाले लगभग 50 से 60 प्रतिशत 5 मि.मी. सामग्री को हैमर क्रशर में भेजने की आवश्यकता नहीं रहेगी। परिणामस्वरूप सिंटर प्लांट-2 के हैमर क्रशर क्षेत्र में बेहतर हाउसकीपिंग, उत्पादन लागत में कमी, कोक खपत दर तथा कार्बन उत्सर्जन में भी में कमी सुनिश्चित होगी। साथ ही आपूर्ति विभाग में समस्या के दौरान फ्लक्स की आपूर्ति भी इस सुविधा से संभव होगी।
कार्यपालक निदेशक (संकार्य) श्री राकेश कुमार ने सिंटर प्लांट-2 की टीम को शुभकामनाएँ दीं और कहा कि इस प्रकार के नवाचारों से सिंटर उत्पादन में निरंतरता बनी रहेगी और कार्यकुशलता में और वृद्धि होगी।
इस अवसर पर मुख्य महाप्रबंधक प्रभारी (सिंटर प्लांट्स) श्री अनूप कुमार दत्ता, महाप्रबंधक प्रभारी (सिंटर प्लांट-2) श्री जगेन्द्र कुमार, महाप्रबंधक (विद्युत, सिंटर प्लांट-3) श्री राहुल बिजुरकर, महाप्रबंधक (प्रचालन, सिंटर प्लांट-3) श्री ए.के. बेडेकर, महाप्रबंधक (प्रचालन, सिंटर प्लांट-2) श्री एम.एम. अनीस, महाप्रबंधक (विद्युत, सिंटर प्लांट-2) श्री शंकर सिंह मौर्य, महाप्रबंधक (यांत्रिकी, सिंटर प्लांट-2) श्री धीरज सिंह परिहार, सहायक महाप्रबंधक (यांत्रिकी, सिंटर प्लांट-2) श्री आनंद कुमार वर्मा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी व कर्मचारीगण उपस्थित थे।
▪️
राष्ट्रीय खेल दिवस पर भिलाई इस्पात संयंत्र में खेल प्रतियोगिताएं एवं सम्मान समारोह आयोजित


सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र ने राष्ट्रीय खेल दिवस 2025 का उत्साहपूर्वक आयोजन किया। फिटनेस, मित्रता और उत्कृष्टता की भावना को समर्पित इस अवसर पर खेल प्रतियोगिताएँ, फिटनेस गतिविधियाँ और सम्मान समारोह आयोजित हुए, जिनमें कर्मचारियों तथा खेल प्रेमियों ने सक्रिय भागीदारी की। इस आयोजन का संचालन क्रीड़ा, सांस्कृतिक एवं नागरिक सुविधाएँ विभाग द्वारा किया गया। लगभग 50 कर्मचारियों, जिनमें 15 महिला कर्मचारी भी शामिल थीं, ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम की शुरुआत प्रातः मारोदा सेक्टर मैदान में मैत्रीपूर्ण फुटबॉल मैच से हुई। इसके उपरांत सेक्टर-3 स्थित सीआईएसएफ मैदान में एथलेटिक्स स्पर्धाएँ जैसे 100 मीटर दौड़, भाला फेंक, और शॉट पुट का आयोजन किया गया। दिनभर चले इन खेल आयोजनों का समापन सेक्टर-1 स्थित पंत स्टेडियम बास्केटबॉल ग्राउंड में रोमांचक बास्केटबॉल मैच से हुआ।
उदघाटन एवं सम्मान समारोह में उप महाप्रबंधक (क्रीड़ा, सांस्कृतिक एवं नागरिक सुविधाएँ) ओलंपियन श्री राजेन्द्र प्रसाद मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, वहीं उपाध्यक्ष (भिलाई इस्पात संयंत्र एथलेटिक्स क्लब) एवं महासचिव (बीएसपी-ओपीए) श्री परविंदर सिंह ने विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित हो कर प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया।
प्रतियोगिताओं में पुरुषों की 100 मीटर दौड़ में बीआरएम के बंशी ने पहला स्थान प्राप्त किया, जबकि सीओ एंड सीसीडी के प्रवीण चाफले द्वितीय और एम एंड एचएस के ज्ञान सिंह तृतीय रहे। महिलाओं की 100 मीटर दौड़ में एसएमएस-3 की सरस्वती ने प्रथम स्थान पाया, जबकि मार्केटिंग की लता पिल्लई द्वितीय और एफ एंड ए की सरोज तृतीय रहीं।
भाला फेंक स्पर्धा में यूआरएम के वेंकट रमणा विजयी रहे। द्वितीय स्थान राजहरा माइंस के प्रशांत और तृतीय स्थान बीएफ के राजवन्ना ने हासिल किया। महिलाओं की भाला फेंक प्रतियोगिता में प्लेट मिल की नीता ने पहला स्थान प्राप्त किया, जबकि एसएमएस-2 की मोनिका और मार्केटिंग की लता क्रमशः द्वितीय और तृतीय स्थान पर रहीं।
इस अवसर को और भी विशेष बनाया भिलाई पीजी नर्सिंग कॉलेज की छात्राओं ने, जो भिलाई इस्पात संयंत्र की सीएसआर योजना अंतर्गत महाविद्यालय में अध्ययनरत हैं। विशेष श्रेणी में आयोजित 100 मीटर दौड़ में गायत्री साहू, आकांक्षा साहू और किरण ने क्रमशः पहला, दूसरा और तीसरा स्थान प्राप्त किया। वहीं, शॉट पुट प्रतियोगिता में पूर्णिमा प्रथम, किरण द्वितीय और सुष्मिता तृतीय रहीं।


खेलों के सफल आयोजन में क्रीड़ा, सांस्कृतिक एवं नागरिक सुविधाएँ विभाग के कर्मियों का उल्लेखनीय योगदान रहा। विशेष सहयोग उप प्रबंधक (क्रीड़ा, सांस्कृतिक एवं नागरिक सुविधाएँ) श्री अभिजीत भौमिक, एनआईएस कोच श्री अनिरुद्ध, तथा कर्मचारियों दामोदरन, रोहित साहू, तुकाराम साहू, दीपक पटेल, शिव कुमार, ज्ञान सिंह, एन.के. मनिकपुरी, रजनीश सिंह और सुधीर यादव ने दिया। इसके अतिरिक्त मनसा कॉलेज के बीपीएड विद्यार्थियों ने भी प्रतियोगिताओं के संचालन में सराहनीय सहयोग प्रदान किया।
गौरतलब है कि राष्ट्रीय खेल दिवस प्रत्येक वर्ष 29 अगस्त को हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद की जयंती पर मनाया जाता है। इसी दिन फिट इंडिया मूवमेंट की वर्षगांठ भी होती है। इस वर्ष युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय ने इस दिवस को ओलंपिक भावना और उसके कालातीत मूल्यों – उत्कृष्टता, मित्रता और सम्मान – को भारत की श्रद्धांजलि के रूप में समर्पित किया।
▪️
सेवानिवृत्त पर बीएसपी प्रबंधन ने दी भावभीनी विदाई : अगस्त, 2025 माह में कुल-73 कर्मचारी रिटायर्ड हुए : निदेशक प्रभारी सभागार [इस्पात भवन] में निदेशक प्रभारी चित्तरंजन महापात्र ने कार्यपालकों को सेवानिवृत्त का आदेश प्रदान किया : इस अवसर पर चित्तरंजन महापात्र, एके चक्रवर्ती, प्रवीण निगम, पवन कुमार, बिपिन कुमार गिरी, डॉ. रविंद्रनाथ एम., अनुराग उपाध्याय और तापस दासगुप्ता उपस्थित रहे


सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र की सेवा से अगस्त 2025 माह में कुल 73 कर्मचारी सेवानिवृत्त हुए, जिसमें खदान बिरादरी के सदस्यों सहित 10 कार्यपालक व 63 गैर-कार्यपालक शामिल हैं। अगस्त 2025 में सेवानिवृत्त हो रहे कार्यपालकों हेतु विदाई समारोह का आयोजन इस्पात भवन स्थित निदेशक प्रभारी सभागार में 30 अगस्त 2025 को किया गया। निदेशक प्रभारी श्री चित्त रंजन महापात्र ने कार्यपालकों को सेवानिवृत्ति आदेश प्रदान किया तथा उनके कार्यकाल की सराहना करते हुए उन्हें स्वस्थ एवं सुखद भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी।
इस अवसर पर भिलाई इस्पात संयंत्र के निदेशक प्रभारी श्री चित्त रंजन महापात्र, कार्यपालक निदेशक (सामग्री प्रबंधन) श्री ए के चक्रवर्ती, कार्यपालक निदेशक (वित्त एवं लेखा) श्री प्रवीण निगम, कार्यपालक निदेशक (मानव संसाधन) श्री पवन कुमार, कार्यपालक निदेशक (खदान) श्री बिपिन कुमार गिरी, कार्यपालक निदेशक (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं) डॉ रवींद्रनाथ एम, कार्यकारी कार्यपालक निदेशक (परियोजनाएं) श्री अनुराग उपाध्याय तथा कार्यकारी कार्यपालक निदेशक (संकार्य) श्री तापस दासगुप्ता उपस्थित थे।
कार्यपालकों हेतु आयोजित विदाई समारोह में निदेशक प्रभारी श्री चित्त रंजन महापात्र ने सेवानिवृत्त हो रहे अधिकारियों से आत्मीय संवाद कर संयंत्र के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में उनके अनुभवजन्य सुझाव आमंत्रित किए, जिन पर निदेशक प्रभारी तथा कार्यपालक निदेशकों ने विस्तार से चर्चा की। सेवानिवृत्त हो रहे अधिकारियों ने अपने कार्यकाल की यात्रा साझा करते हुए अनुभवों एवं विचारों को व्यक्त किया।
निदेशक प्रभारी ने कहा कि “हम सब एक परिवार है, आप सबके महत्वपूर्ण सुझाव भविष्य में विकास के लिए मार्गदर्शक सिद्ध होंगे, हम निश्चित ही और बेहतर करेंगे। कार्यपालक निदेशकों ने अंत में सभी सेवानिवृत्त अधिकारियों को जीवन की नई पड़ाव के लिए अपनी शुभकामनाएँ दी।


30 अगस्त, 2025 को भिलाई निवास में आयोजित समारोह में संयंत्र के गैर-कार्यपालकों को भावभीनी विदाई दी गई। भिलाई इस्पात संयंत्र के मुख्य महाप्रबंधक प्रभारी (एम एंड यू) श्री बी के बेहेरा, मुख्य महाप्रबंधक (मानव संसाधन) श्री संदीप माथुर, महाप्रबंधक (मानव संसाधन-गैर संकार्य) श्री जे एन ठाकुर और उप महाप्रबंधक (मानव संसाधन-एससीसीए) श्री राजेंद्र प्रसाद ने कार्मिकों को सेवानिवृत्ति आदेश प्रदान किया। संयंत्र प्रबंधन ने विदा होने वाले इस्पात बिरादरी के सदस्यों के योगदान को रेखांकित करते हुए उनके स्वस्थ एवं सुखी जीवन की कामना की।
🟥🟥🟥
chhattisgarhaaspaas
विज्ञापन (Advertisement)