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टीम यूआरएम ने जीता संविदा कर्मियों हेतु प्लांट स्तरीय सेफ्टी क्विज़ प्रतियोगिता : 29 विभागों और 4 ज़ोन से 1200 प्रतिभागियों की सहभागिता : ‘उत्पादन में विलम्ब या व्यवधान की भरभाई संभव, लेकिन जीवन की हानि अपूरणीय’ – राकेश कुमार, कार्यपालक निदेशक


सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र के संविदा कर्मियों हेतु ईडी (वर्क्स) इंटर-ज़ोनल ट्रॉफी के अंतर्गत आयोजित द्वितीय तिमाही की क्रॉस-ज़ोनल प्लांट स्तरीय सेफ्टी क्विज़ प्रतियोगिता का समापन समारोह 12 सितम्बर 2025 को संपन्न हुआ। इस अवसर पर कार्यपालक निदेशक (वर्क्स) राकेश कुमार मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे, जबकि कार्यपालक निदेशक (एसएसओ-रांची) अनूप कुमार एवं मुख्य महाप्रबंधक प्रभारी (आयरन) तापस दासगुप्ता विशेष अतिथि के रूप में शामिल हुए।
प्रतियोगिता में मिल ज़ोन की टीम यूआरएम, जिसमें शुभम केवट, मुकेश साहू एवं लता देवांगन शामिल थे, ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। आयरन ज़ोन की सिंटर संयंत्र की टीम – मोहम्मद इरशाद, करण कुर्रे एवं कुमारी बाई साहू ने द्वितीय स्थान हासिल किया, वहीं स्टील ज़ोन की टीम एसएमएस-2 – सुमित द्विवेदी एवं राजेश्वर प्रसाद वर्मा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
इस प्रतियोगिता में चारों ज़ोन – स्टील ज़ोन, आयरन ज़ोन, मिल ज़ोन और मिसलेनियस ज़ोन – के 29 विभागों से लगभग 1200 संविदा कर्मियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस वर्ष की विशेष उपलब्धि यह रही कि अकुशल श्रमिक (यूएसडब्लू) श्रेणी की महिला कर्मियों ने भी इसमें भाग लेकर समावेशिता और विविधता की दिशा में एक नई पहल को रेखांकित किया।
कार्यक्रम में विभिन्न ज़ोनल हेड्स, विभागाध्यक्षों, मुख्य महाप्रबंधकों, वरिष्ठ अधिकारियों तथा सेफ्टी इंजीनियरिंग विभाग (एसईडी) के अधिकारियों व कर्मियों के साथ-साथ ज़ोनल स्तर के फ़ाइनलिस्ट भी उपस्थित थे। इस अवसर पर ज़ोनल मेंटर्स, क्विज़ मास्टर्स, ज़ोनल राउंड के विजेता तथा आयोजन समिति के सदस्यों को अतिथियों द्वारा सम्मानित किया गया। ज़ोनल राउंड की झलकियों पर आधारित लघु वीडियो प्रस्तुतियों के साथ-साथ संविदा कर्मियों द्वारा सुरक्षा जागरूकता पर केंद्रित सांगीतिक प्रस्तुतियाँ भी हुईं।
अपने संबोधन में कार्यपालक निदेशक (वर्क्स) राकेश कुमार ने सुरक्षा के महत्व पर बल देते हुए कहा – “उत्पादन में विलंब या व्यवधान की भरपाई संभव है, लेकिन जीवन की हानि अपूरणीय है।” उन्होंने कहा कि संविदा कर्मि संयंत्र की अग्रिम पंक्ति की कार्यशक्ति का हिस्सा हैं, जिन्हें सुरक्षा संबंधी समुचित जानकारी उपलब्ध कराना अत्यावश्यक है ताकि एसओपी एवं एसएमपी का प्रभावी क्रियान्वयन जमीनी स्तर तक हो सके।
कार्यपालक निदेशक (एसएसओ-रांची) अनूप कुमार ने इस पहल के लिए एसईडी टीम की सराहना करते हुए कहा कि यह संविदा कर्मियों को सशक्त बनाने वाला मंच है, जो नैतिक एवं सुरक्षित इस्पात उत्पादन में कंधे से कंधा मिलाकर योगदान देते हैं। उन्होंने कहा – “संविदा कर्मि चाहे कुछ वर्षों बाद किसी अन्य प्रोजेक्ट हेतु किसी और संयंत्र में चले जाएँगे, परंतु जब तक वे कार्यरत हैं, हर दिन सुरक्षित और प्रसन्नचित्त होकर घर लौटें, यही हमारी प्राथमिकता है। नैतिक और सुरक्षित इस्पात ही बीएसपी का सर्वोच्च लक्ष्य है।” उन्होंने आगे कहा कि भिलाई के सुरक्षा मानकों की सराहना पूरे सेल इकाइयों में होती है और इस कारण किसी भी प्रकार की लापरवाही अस्वीकार्य है।
मुख्य महाप्रबंधक प्रभारी (आयरन) तापस दासगुप्ता ने इस आयोजन को संविदा कर्मियों को सुरक्षा के प्रति संवेदनशील बनाने की दिशा में एक सार्थक प्रयास बताते हुए प्रतिभागियों एवं विजेताओं को बधाई दी।
कार्यक्रम की शुरुआत में मुख्य महाप्रबंधक (सेफ्टी एवं फायर सर्विसेज) देबदत्त सतपथी ने स्वागत उद्बोधन दिया, जबकि महाप्रबंधक एवं डीएसओ (एसएमएस-3) पुष्पा एम्ब्रोज़ ने क्विज़ की रूपरेखा प्रस्तुत की। कार्यक्रम का संचालन सहायक प्रबंधक (एसईडी) सुरज वर्मा तथा मेसर्स इनोमोटिक्स से आकाश उपाध्याय ने निभाया, वहीं महाप्रबंधक प्रभारी (एसईडी) एस.के. अग्रवाल ने आभार प्रदर्शन किया। इस क्विज़ कि पहल के सफल आयोजन में सहायक महाप्रबंधक (एसईडी) शअजय टल्लु, सहायक महाप्रबंधक (ब्लास्ट फर्नेस) पीके वर्मा, सहायक महाप्रबंधक पीके दत्ता, व वरिष्ठ प्रबंधक (एसईडी) एनके गुप्ता सहित विभागीय टीम का विशेष योगदान रहा।
उल्लेखनीय है कि यह प्रतियोगिता कार्यपालक निदेशक (वर्क्स) राकेश कुमार के मार्गदर्शन तथा संबंधित ज़ोन के मुख्य महाप्रबंधकों के नेतृत्व में आयोजित की गई।

संविदा कर्मियों में सुरक्षा जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित इस क्विज़ में एसओपी, एसएमपी एवं महत्वपूर्ण सुरक्षा मानकों पर आधारित प्रश्न सम्मिलित किए गए। प्रतियोगिता में शॉप एवं विभागीय स्तर से लेकर अंतर-ज़ोनल और अंततः प्लांट स्तरीय फ़ाइनल तक विभिन्न चरण आयोजित हुए।
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बीएसपी-जेएलएन चिकित्सालय एवं अनुसंधान केंद्र में पद्मभूषण कार्डियक सर्जन डॉ. देवी शेट्टी द्वारा ‘हेल्थ टाक’ : डॉ. देवी शेट्टी ने वर्चुअल माध्यम से जुड़कर ‘प्रिवेंटिव हेल्थकेयर डिलिवरी इन इंडिया’ विषय पर व्याख्यान दिया


सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र के जवाहरलाल नेहरू चिकित्सालय एवं अनुसंधान केंद्र में 13 सितम्बर 2025 को प्रख्यात कार्डियक सर्जन, व नारायणा हृदयालय लिमिटेड के संस्थापक एवं चेयरमैन, पद्मभूषण डॉ. देवी प्रसाद शेट्टी द्वारा “हेल्थ टॉक” का आयोजन किया गया। इस अवसर पर डॉ. शेट्टी ने वर्चुअल माध्यम से जुड़कर “प्रिवेंटिव हेल्थकेयर, लाइफस्टाइल मैनेजमेंट एंड द फ्यूचर ऑफ हेल्थकेयर डिलीवरी इन इंडिया” विषय पर ज्ञानवर्धक व्याख्यान प्रस्तुत किया।
इस कार्यक्रम में कार्यपालक निदेशक (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं) डॉ. एम. रविंद्रनाथ ने डॉ. शेट्टी का स्वागत किया। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. कौशलेंद्र ठाकुर, डॉ. विनीता द्विवेदी, डॉ.सौरभ मुखर्जी, डॉ. उदय कुमार व डीएनबी छात्र डॉक्टर सहित चिकित्सालय के वरिष्ठ चिकित्सक एवं विशेषज्ञ उपस्थित रहे।
अपने व्याख्यान में डॉ. देवी प्रसाद शेट्टी ने जीवनशैली आधारित रोगों की रोकथाम और स्वस्थ जीवन के लिए उपयोगी सुझाव दिए। उन्होंने सभी को स्वास्थ्य की निरंतर निगरानी के लिए स्मार्ट वॉच पहनने की सलाह दी और प्रतिदिन कम से कम 10,000 कदम चलने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि जहाँ संभव हो, लिफ्ट की जगह सीढ़ियों का उपयोग करना चाहिए। डॉ. शेट्टी ने योग के महत्व को रेखांकित करते हुए बताया कि योग को किसी भी उम्र में जीवनशैली का हिस्सा बनाया जा सकता है। उन्होंने स्वयं के जीवन में योग से मिले लाभों को भी साझा किया। उन्होंने सभी को प्रत्येक घंटे में कम से कम आधा गिलास पानी पीने की आदत डालने का सुझाव दिया, जिससे शरीर फिट और ऊर्जावान बना रहता है। साथ ही, उन्होंने नियमित स्वास्थ्य परीक्षण पर भी जोर दिया और कहा कि इससे असमय मृत्यु दर को कम किया जा सकता है।

कार्यक्रम के अंत में अस्पताल के चिकित्सकों ने डॉ. शेट्टी से विभिन्न प्रश्न पूछे, जिनका उन्होंने विस्तारपूर्वक उत्तर दिया। इस वर्चुअल आयोजन ने चिकित्सकों एवं विशेषज्ञों को स्वास्थ्य प्रबंधन के नए आयामों से अवगत कराया और सभी को प्रेरित किया कि वे इन सुझावों को अपनी दिनचर्या में अपनाकर दीर्घकालिक स्वास्थ्य लाभ प्राप्त करें।
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बीएसपी के ‘मर्चेंट मिल’ में रोल लाइफ बढ़ाने पर केंद्रित ‘समाधान’ कार्यशाला आयोजित : ‘समाधान’ श्रृंखगला का उद्देश्य संयंत्र की जटिल एवं महत्वपूर्ण चुनौतियों का व्यावहारिक समाधान निकालना


भिलाई इस्पात संयंत्र के मानव संसाधन विकास केंद्र में 12 सितम्बर, 2025 को “समाधान” श्रृंखला के अंतर्गत “मर्चेंट मिल के हॉट आवर्स बढ़ाने हेतु रोल लाइफ बढ़ाना” विषय पर एक परफॉरमेंस इम्प्रूवमेंट वर्कशॉप (पीआईडब्लू) का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में मर्चेंट मिल, वायर रॉड मिल, आरएसएम, आरडीसीआईएस, आरसीएल एवं आरटीएस से 28 प्रतिनिधियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया।
“समाधान” श्रृंखला का उद्देश्य संयंत्र की जटिल एवं महत्वपूर्ण चुनौतियों का व्यावहारिक समाधान निकालना है। वित्त वर्ष 2024-25 में आठ पीआईडब्ल्यू विभिन्न संचालन संबंधी चुनौतियों पर आयोजित किए गए थे, वहीं वर्ष 2025-26 के लिए दस विशेष अंत:क्रियात्मक कार्यक्रमों की योजना बनाई गई है, जिनमें पीआईडब्ल्यू, एलईओ और दस ओएसएलओ कार्यक्रम शामिल हैं।
कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में मुख्य महाप्रबंधक (आरएसएम एवं आरटीएस) श्री. टी. दस्तीदार, मुख्य महाप्रबंधक (एमडब्ल्यूआरएम) श्री. एम. के. गोयल तथा डोमेन विशेषज्ञ एवं भूतपूर्व महाप्रबंधक प्रभारी (यूआरएम) श्री. के. जी. मुरलीधरन ने अपनी उपस्थिती दर्ज की और अपने महत्वपूर्ण तकनीकी अनुभव साझा किए।
अवसर पर संबोधित करते हुए मुख्य महाप्रबंधक (आरएसएम एवं आरटीएस) श्री. टी. दस्तीदार ने कहा कि पीआईडब्ल्यू के बढ़ते आयोजन से शॉप-फ्लोर टीमें व्यावहारिक समाधान विकसित करने में सक्षम होंगी, जिससे उत्पादन प्रदर्शन में निरंतर सुधार होगा।
मुख्य महाप्रबंधक (एमडब्ल्यूआरएम) श्री. एम. के. गोयल ने मर्चेंट मिल बिरादरी की आकांक्षाओं और इसके कार्यबल के उत्साह को रेखांकित करते हुए कहा कि यह प्रयास वार्षिक व्यवसाय योजना (एबीपी) लक्ष्यों की प्राप्ति में सहायक होगा।
कार्यशाला के दौरान क्रॉस-फंक्शनल समूहों ने विचार-विमर्श कर अपने सुझाव वरिष्ठ अधिकारियों तथा शॉप/सेक्शन इंचार्जों की पैनल के समक्ष प्रस्तुत किए। इन विचार-विमर्शों का मार्गदर्शन महाप्रबंधक (एमडब्ल्यूआरएम) श्री. एस. के. हरिरमानी एवं भूतपूर्व महाप्रबंधक प्रभारी (यूआरएम-बीएसपी) श्री. के. जी. मुरलीधरन ने किया, जिन्होंने अपने तकनीकी दृष्टिकोण से चर्चाओं को सरल व ज्ञानवर्धक बनाया।
कार्यशाला में प्रारंभ में स्वागत उद्बोधन महाप्रबंधक प्रभारी (एचआर-एलएंडडी) श्री. संजीव श्रीवास्तव ने दिया। उन्होंने संयंत्र संबंधी विशिष्ट चुनौतियों के समाधान हेतु पीआईडब्ल्यू की महत्ता को रेखांकित किया और कहा कि एचआर-एलएंडडी ऐसी कार्यशालाओं का अधिकाधिक आयोजन कर समस्या-समाधान के लिए संरचित मंच उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
कार्यशाला का संचालन एवं समन्वयन तथा आभार प्रदर्शन महाप्रबंधक (एचआर-एलएंडडी) श्री. मुकुल सहारिया ने किया।
श्री. सहारिया ने इससे पूर्व एमडब्ल्यूआरएम के वरिष्ठ सहयोगियों के साथ संवाद कर महत्वपूर्ण समस्या क्षेत्रों की पहचान की थी और उसी के आधार पर कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार की गयी।
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भिलाई इस्पात संयंत्र में ‘रण- नीति 2025’ : डायरेक्टर [पर्सनल] कप हेतु बिजनेस सिमुलेशन प्रतियोगिता की घोषणा : प्रतियोगिता का आयोजन 7-8 अक्टूबर, 2025 को सुबह 9.30 बजे ‘एचआरडीसी’ सभागार में होगा.

सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र में “रण-नीति 2025” इंटर-प्लांट मैनेजमेंट सिमुलेशन प्रतियोगिता की घोषणा की गई है। यह प्रतियोगिता प्रतिष्ठित डायरेक्टर (पर्सनल) कप के लिए आयोजित की जाएगी। इस पहल का उद्देश्य सेल के अधिकारियों में रणनीतिक नेतृत्व क्षमताओं को विकसित करना और उन्हें अभिनव बिजनेस सिमुलेशन गेम्स के माध्यम से परखना है।
प्रतियोगिता दो चरणों में आयोजित होगी। प्रथम चरण संयंत्र/इकाई स्तर पर होगा, जिसमें विजेता दो टीमें द्वितीय चरण यानी राष्ट्रीय स्तर की फाइनल प्रतियोगिता के लिए क्वालीफाई करेंगी। फाइनल प्रतियोगिता प्रबंधन प्रशिक्षण संस्थान (एमटीआई), रांची में ऑल इंडिया मैनेजमेंट एसोसिएशन (एआईएमए) के सहयोग से आयोजित होगी।
भिलाई इस्पात संयंत्र में प्रथम चरण की प्रतियोहिता का आयोजन 07 से 08 अक्टूबर 2025 को सुबह 9:30 बजे, एचआरडीसी सभागार में भौतिक स्वरूप में किया जाएगा। इस स्तर पर विशेष पुरस्कार भी दिए जाएंगे। प्रत्येक संयंत्र/इकाई से चयनित विजेता टीमें एमटीआई, रांची में आयोजित होने वाले सेल-स्तरीय फाइनल के लिए क्वालीफाई करेंगी।
प्रतियोगिता में सभी अधिकारी तीन सदस्यीय टीमों के रूप में भाग ले सकते हैं। विशेष परिस्थितियों में कार्यपालक निदेशक (एचआर) की स्वीकृति से दो सदस्यीय टीम को भी अनुमति दी जा सकती है। सिमुलेशन एक्सरसाइज में वित्त, विपणन, संचालन, मानव संसाधन तथा निर्णय की क्षमता एवं दक्षता जैसे व्यवसाय प्रबंधन के सभी पहलुओं को शामिल किया जाएगा।
फाइनल चरण में विजेता टीम को डायरेक्टर (पर्सनल) कप, ट्रॉफी तथा रू.20,000 प्रति सदस्य का नकद पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। प्रथम उपविजेता टीम को ट्रॉफी एवं रू.15,000 प्रति सदस्य, जबकि द्वितीय उपविजेता टीम को ट्रॉफी एवं रू.10,000 प्रति सदस्य पुरस्कार के साथ प्रशस्ति पत्र भी दिया जाएगा।
इच्छुक अधिकारी अपना आवेदन निर्धारित प्रारूप में 04 अक्टूबर 2025 तक सुश्री सुष्मिता पाटला, डीएम (एचआर-एलएंडडी) (ईमेल: sushmitapatla@sail.in / rekha72@sail.in) को प्रेषित कर सकते हैं। किसी भी प्रकार की जानकारी हेतु उनसे कार्यालयीन समय में संपर्क किया जा सकता है। “रण-नीति 2025” प्रतियोगिता का आवेदन फॉर्म एवं परिपत्र बीएसपी इंट्रानेट होमपेज से डाउनलोड किया जा सकता है।
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