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‘रामायण समिति’ : वर्ष-1982 से ग्राम ‘जिया’ बेमेतरा में रामलीला का मंचन एवं रावण दहन

बेमेतरा [ग्राम-जिया से ‘छत्तीसगढ़ आसपास’ के लिए प्रेषित समाचार दाऊ उमराव सिंह वर्मा]
विजयदशमी के अवसर पर जिला मुख्यालय के नजदीक ग्राम जिया में ग्रामीण युवकों के द्वारा निस्वार्थ भाव से 21 फीट का रावण का पुतला तैयार किया गया, जो पिछले 42 वर्षों से नियमित रूप से चला आ रहा है इस परंपरा को ग्राम के बच्चे, युवा तथा बड़े बुजुर्ग सभी आगे बढ़ाने का बीड़ा उठाए हुए हैं । व्यास देव के रूप में श्री राजकुमार वर्मा के सतत प्रयासों से ग्राम के बच्चों को रामलीला का मंचन सिखाया जाता है इससे बच्चों में नैतिक गुणों का विकास हो रहा है, इस मंचीय कार्यक्रम में सहयोगी के रूप में साहाराम वर्मा, अध्यक्ष, रामायण समिति, उज्जवल वर्मा, शिवकुमार साहू, राधे साहू, सुखराम वर्मा, शिवकुमार विश्वकर्मा, भुवन चौहान आदि सतत रूप से सहयोग प्रदान करते हैं.
इस अवसर पर रामायण के प्रमुख पात्र के रूप में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम जी की भूमिका में दयाराम साहू, लक्ष्मण के रूप में तामेश्वर पाल, हनुमान जी के रूप में प्रकाश विश्वकर्मा, लंकापति रावण के रूप में संदीप तिवारी जी, विभीषण के रूप में राजेंद्र वर्मा, आशीष वर्मा, दीपेश वर्मा, गीतांशु वर्मा, रोशन वर्मा, आकृत साहू आदि के अथक प्रयासों से कार्यक्रम सफल रहा। इस अवसर पर विशेष रूप से रावण का पुतला बनाने में उतरा वर्मा, सनत वर्मा, भोजेन्द वर्मा, आत्मा वर्मा, मनोज वर्मा, किशुन यादव ( कोंदा ), दिनेश वर्मा, टेकन वर्मा आदि विशेष सहयोग प्रदान किए और जिया ग्रामवासियों के साथ साथ आसपास के गांव जैसे बहिंगा, करही, जेवरा, पथर्रा, डोकला, ताला, अर्जूनी आदि गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचकर बुराई पर अच्छाई की जीत और अधर्म पर धर्म की जीत का प्रतीक रूपी इस विजयादशमी के त्योहार को बड़े ही धूमधाम से मनाया, इस तरह इस संस्कृति को आगे बढ़ाते हुए बच्चों को तमाम बुराईयों का अंत करके अच्छे मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किए।
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