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▪️ छत्तीसगढ़ आसपास ▪️ संयंत्र की खबरें…

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भिलाई इस्पात संयंत्र के उद्यानिकी विभाग द्वारा वन्य प्राणी संरक्षण के अंतर्गत कार्यक्रमों श्रृंखला का समापन : डॉ. एनके जैन के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों और नागरिकों के बीच वन्य प्राणियों एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति संवेदनशीलता और जन- जागरूकता को बढ़ावा देना है
सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र के नगर सेवाएं विभाग के अधीन उद्यानिकी विभाग द्वारा अक्टूबर माह के द्वितीय सप्ताह में वन्य प्राणी संरक्षण सप्ताह 2025 के अंतर्गत विद्यालय स्तरीय विविध जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। महाप्रबंधक (उद्यानिकी-नगर सेवाएं) डॉ. एन. के. जैन के नेतृत्व में आयोजित इन कार्यक्रमों का उद्देश्य बच्चों और नागरिकों के बीच वन्य प्राणियों एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति संवेदनशीलता और जन-जागरूकता को बढ़ावा देना था।
कार्यक्रम श्रृंखला के अंतर्गत 5 अक्टूबर को स्कूली बच्चों के मध्य चित्रकला प्रतियोगिता, 7 एवं 8 अक्टूबर को भाषण प्रतियोगिता तथा 9 से 11 अक्टूबर तक “एक सफर मैत्री का” पहल के अंतर्गत स्कूली बच्चों के लिए चिड़ियाघर का नि:शुल्क भ्रमण आयोजित किया गया।
इन आयोजनों का समापन 12 अक्टूबर 2025 को मैत्री बाग के मोमबत्ती लॉन में एक रंगारंग सांस्कृतिक समारोह के साथ हुआ। समारोह के मुख्य अतिथि कार्यपालक निदेशक (मानव संसाधन) श्री पवन कुमार थे व विशिष्ठ अतिथि के रूप में वन मंडलाधिकारी (दुर्ग) श्री दिपेश कपिल उपस्थित रहे।
समारोह की शुरुआत स्कूली बच्चों द्वारा स्वागत गीत से हुई, जिसके पश्चात अतिथियों ने बच्चों द्वारा बनाई गई आकर्षक चित्रकला प्रदर्शनी का अवलोकन किया।
मुख्य अतिथि श्री पवन कुमार ने अपने उद्बोधन में कहा कि “प्रकृति ने हमें वन्य पर्यावरण और वन्य प्राणियों के रूप में अमूल्य धरोहर दी है, जिनका संरक्षण करना केवल विभागीय नहीं बल्कि सामूहिक दायित्व है। ऐसे आयोजन जन-जागरूकता और भावी पीढ़ी में संरक्षण की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।” उन्होंने बच्चों की सहभागिता की सराहना करते हुए कहा कि भिलाई इस्पात संयंत्र पर्यावरण एवं वन्य प्राणी संरक्षण के लिए सदैव प्रतिबद्ध और सजग है।
इस अवसर पर विशेष अतिथि श्री दिपेश कपिल ने कहा कि “किसी भी कार्यक्रम की सफलता जनभागीदारी और जागरूकता से ही संभव होती है, और आज बच्चों ने इस तथ्य को साक्षात प्रमाणित किया है।”
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे मुख्य महाप्रबंधक (नगर सेवाएं एवं सी.एस.आर.) श्री उत्पल दत्ता ने कहा कि “प्रकृति के संतुलन में वन्य प्राणियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उनका संरक्षण एक सतत् सामूहिक जिम्मेदारी है, जिसका निर्वहन उद्यानिकी विभाग निरंतर कर रहा है।”
विभाग की ओर से स्वागत भाषण एवं वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए महाप्रबंधक प्रभारी (उद्यानिकी, भूमि एवं विद्युत विभाग) श्री एस. बी. श्रीनिवास ने उद्यानिकी विभाग द्वारा वर्षभर में किए गए कार्यों का विवरण प्रस्तुत किया और उपस्थित अतिथियों का स्वागत किया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि एवं अन्य अतिथियों द्वारा चित्रकला एवं भाषण प्रतियोगिता के विजेता बच्चों को पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया। भाषण प्रतियोगिता के विजेता बच्चों ने वन्य प्राणी संरक्षण पर अपने विचार प्रस्तुत किए, जिन्हें अतिथियों और उपस्थित जनसमूह ने सराहा।
इसके पश्चात बच्चों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रम में स्वागत गीत, एकल गायन, तथा छत्तीसगढ़ी और राजस्थानी लोकनृत्यों की मनमोहक प्रस्तुतियाँ दी गई।
कार्यक्रम का संचालन क्रीड़ा सांस्कृतिक एवं नागरिक सुविधाएं विभाग के श्री सुप्रियो सेन ने किया व धन्यवाद ज्ञापन महाप्रबंधक (उद्यानिकी-नगर सेवाएं) डॉ. एन. के. जैन ने दिया। निर्णायक मंडल में चित्रकला प्रतियोगिता के लिए श्री शत्रुघन स्वर्णकार एवं श्री मोहन बरल, तथा भाषण प्रतियोगिता के लिए सुश्री अर्पणा बेनर्जी एवं सुश्री मीता रॉय सम्मिलित थीं।
आयोजन को सफल बनाने में श्री मृदुल गुप्ता, श्री गफ्फार खान, श्री राजेश शर्मा, श्री आरिफ खान, श्री ललित कुमार, श्री ए.के. सिन्हा, श्री संदीप नायडू, श्री योगेश कुमार चंद्राकर, श्री शंकरलाल अग्रवाल, श्री खीरु प्रसाद, श्री चंद्रमणि चंद्राकर, सुश्री किरण, श्री हरिंदर, श्री मदनगोपाल सिंह, श्री प्रेम साहू सहित विभाग के अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों का विशेष योगदान रहा।
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भिलाई इस्पात संयंत्र में ‘सेफ्टी सर्कल पहल-सुरक्षा 2025’ के तहत उल्लेखनीय उपलब्धि

सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र ने कार्यस्थल सुरक्षा, कर्मचारी सहभागिता और सतत सुधार को सशक्त करने के उद्देश्य से अपनी ‘सेफ्टी सर्कल’ पहल को और मजबूती प्रदान की है। पिछले वर्ष प्रारंभ की गई इस पहल के अंतर्गत 39 टीमों ने भाग लिया था, जबकि वर्ष 2025 में यह संख्या उल्लेखनीय रूप से बढ़कर 81 टीमों तक पहुँच गई। यह 108 प्रतिशत की वृद्धि संयंत्र के भीतर सुरक्षा संस्कृति और टीम भावना को और मजबूत बनाती है। भिलाई इस्पात संयंत्र की इस उत्कृष्ट सहभागिता और प्रभावी प्रदर्शन के लिए उसे ‘क्यूसीएफआई भिलाई चैप्टर कन्वेंशन 2025’ में ‘सेफ्टी सर्कल में सर्वाधिक सहभागिता पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया।
‘सुरक्षा 2025’ कार्यक्रम के अंतर्गत 83 पंजीकृत टीमों में से 81 टीमों ने सक्रिय रूप से भाग लेते हुए नवीन सुरक्षा समाधान प्रस्तुत किए। इसमें 400 से अधिक कर्मचारियों और ठेका कार्मिकों, जिनमें 81 अधिकारी भी शामिल थे, ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। उच्च जोखिम वाले विभागों जैसे कि एसएमएस-2, एसएमएस-3 तथा पीबीएस में टीमों ने विशेष जोश दिखाया।
यह आयोजन 17 से 19 जून 2025 तक एचआरडीसी के चार हॉलों में संपन्न हुआ, जिसमें आठ विशेषज्ञों की मूल्यांकन समिति ने दो चरणों में प्रतियोगिता का आकलन किया। टीमों का मूल्यांकन 100 अंकों के पैमाने पर किया गया — 70 अंक केस स्टडी और 30 अंक प्रस्तुतीकरण के लिए निर्धारित थे। इनमें से शीर्ष 20 टीमों को फाइनल चरण में प्रवेश मिला।
स्ट्रक्चर्ड मेंटरिंग के माध्यम से टीमों ने जोखिम कारकों की पहचान की, 150 से अधिक सुरक्षा सुधार प्रस्तावित किए तथा उनमें से 120 को सफलतापूर्वक लागू भी किया। इससे संयंत्र में जोखिम में उल्लेखनीय कमी आई तथा समग्र सुरक्षा प्रदर्शन में दृश्यमान सुधार दर्ज किया गया।
सुरक्षा गतिविधियों में कर्मचारियों की सहभागिता पिछले वर्ष की तुलना में 50 प्रतिशत से अधिक बढ़ी। सभी प्रतिभागी टीमों को सम्मानित किया गया, जबकि विजेता टीमों को क्रमशः 25,000, 15,000 और 10,000 रुपयों के पुरस्कार प्रदान किए गए।
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भिलाई इस्पात संयंत्र में सुरक्षा जागरूकता हेतु प्रेरक सुरक्षा रैली का आयोजन : इस पहल का नेतृत्व कार्यपालक निदेशक राकेश कुमार ने किया

सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र में कार्यस्थल पर सतत विकास एवं सुरक्षा जागरूकता को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से एक प्रेरणादायक सुरक्षा रैली का आयोजन किया गया। इस पहल का नेतृत्व कार्यपालक निदेशक (वर्क्स) श्री राकेश कुमार द्वारा किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में अधिकारी, कर्मचारी एवं संविदा कर्मी उत्साहपूर्वक शामिल हुए।
दिनांक 11 अक्टूबर 2025 को अपराह्न 3:40 बजे ब्लास्ट फर्नेस विभाग में आयोजित इस सुरक्षा रैली का शुभारंभ श्री राकेश कुमार वर्क्स बिल्डिंग-8 से किया गया और इसका समापन ब्लास्ट फर्नेस-6 पर किया गया। रैली में बड़ी संख्या में अधिकारी, कर्मचारी एवं संविदा कर्मियों ने सक्रिय रूप से भाग लेकर कार्यस्थल सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का प्रदर्शन किया।
रैली के समापन अवसर पर कार्यपालक निदेशक (वर्क्स) श्री राकेश कुमार ने सुरक्षित कार्य प्रणाली को अपनाने तथा सहकर्मियों की सुरक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि प्रत्येक कार्य को करते समय स्वयं की सुरक्षा के साथ-साथ सहकर्मी की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रत्येक कर्मी का दायित्व है। इस अवसर पर उपस्थित सभी कर्मियों को सुरक्षा शपथ भी दिलाई गई।
कार्यक्रम में उपस्थित वरिष्ठ अधिकारियों ने सुरक्षा नियमों के सतत पालन पर बल देते हुए सभी कर्मचारियों से “सुरक्षा-प्रथम” की संस्कृति को कार्यस्थल पर आत्मसात करने का आह्वान किया।
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रावघाट खनन परियोजना हेतु सेल एवं कलिंगा कमर्शियल के बीच माइनिंग सर्विसेज एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर : एग्रीमेंट पर मुख्य महाप्रबंधक [रावघाट] अनुपम बिष्ट और सेल की ओर से निदेशक [वित्त] मनोज रंजन सामल ने मेसर्स कलिंगा कमर्शियल कॉर्पोरेशन की ओर से हस्ताक्षर किए

स्टील ऑथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) की रावघाट लौह अयस्क परियोजना के विकास में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए सेल एवं भुवनेश्वर स्थित मेसर्स कलिंगा कमर्शियल कॉर्पोरेशन लिमिटेड के बीच ‘14 एमटीपीए क्षमता वाली रावघाट खनन परियोजना के विकास एवं संचालन हेतु नए माइन डेवलपर-कम-ऑपरेटर (एमडीओ) के चयन’ के लिए माइनिंग सर्विसेज एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर किए गए।
यह समझौता 28 वर्षों की अवधि के लिए किया गया है, जिसमें प्रारंभिक तीन वर्ष निर्माण अवधि के रूप में निर्धारित हैं। इस अवधि में नया एमडीओ खदान के सर्वांगीण विकास और संचालन का दायित्व संभालेगा, जिससे सेल के एकीकृत इस्पात संयंत्रों के लिए लौह अयस्क की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित होगी और संगठन की दीर्घकालीन कच्चे माल की सुरक्षा सुदृढ़ होगी।
इस समझौते पर मुख्य महाप्रबंधक (रावघाट) श्री अनुपम बिष्ट ने सेल की ओर से तथा निदेशक (वित्त) श्री मनोज रंजन सामल ने मेसर्स कलिंगा कमर्शियल कॉर्पोरेशन लिमिटेड की ओर से हस्ताक्षर किए।
एग्रीमेंट हस्ताक्षर समारोह में कार्यपालक निदेशक (परियोजनाएं) श्री एस. मुखोपाध्याय, कार्यपालक निदेशक (वित्त एवं लेखा) श्री प्रवीण निगम, कार्यपालक निदेशक (मानव संसाधन) श्री पवन कुमार, कार्यपालक निदेशक (खदान) श्री बिपिन कुमार गिरी तथा कार्यपालक निदेशक (रावघाट) श्री अरुण कुमार सहित भिलाई इस्पात संयंत्र के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों, परामर्शदाता सीईटी एवं मेसर्स कलिंगा कमर्शियल कॉर्पोरेशन लिमिटेड के प्रतिनिधियों की उपस्थिति रही।
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‘मेरा भिलाई-मेरा अभिमान’ विषय पर आयोजित निबंध प्रतियोगिता के प्रतिभागी हुए पुरुस्कृत





कार्यक्रम का संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन जितेंद्र दास मानिकपुरी ने किया.
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निदेशक प्रभारी द्वारा बीएसपी के सिंटर प्लांट-3 में टॉप फायरड कर्टन फ्लेम इग्निशन एवं कोक-ओवन गैस इंजेक्शन सिस्टम का शुभारंभ : शुभारंभ भिलाई इस्पात संयंत्र के निदेशक प्रभारी चित्तरंजन महापात्र ने किया


भिलाई इस्पात संयंत्र ने ऊर्जा दक्षता और परिचालन क्षमता में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। सिंटर प्लांट-3 के सिंटर मशीन-2 में टॉप फायरड कर्टन फ्लेम इग्निशन सिस्टम एवं कोक ओवन गैस (सीओजी) इंजेक्शन सिस्टम का शुभारंभ भिलाई इस्पात संयंत्र के निदेशक प्रभारी श्री चित्त रंजन महापात्र द्वारा 11 अक्टूबर 2025 को किया गया।
यह आधुनिक टॉप फायरड कर्टन फ्लेम इग्निशन फर्नेस को 2 से 11 सितंबर 2025 तक संचालित कैपिटल रिपेयर के दौरान सफलतापूर्वक स्थापित किया गया। इस दौरान पुराने साइड बर्नर सिस्टम को हटाकर नया अत्याधुनिक इग्निशन फर्नेस लगाया गया। नए फर्नेस की संपूर्ण डिज़ाइन एवं ड्रॉइंग आरडीसीआईएस की टीम द्वारा तैयार की गई है।
स्थापना और स्टेबलाइजेशन के उपरान्त इस उन्नत प्रणाली ने उल्लेखनीय परिणाम दिए हैं। गैस की खपत 1250–1300 नॉर्मल घन मीटर/घंटा से घटकर अब 850–900 नॉर्मल घन मीटर/घंटा रह गई है। साथ ही, पेलेट-साइड इग्निशन में भी सुधार हुआ है, जिससे सिंटर की गुणवत्ता में वृद्धि हुई और सिंटर रिटर्न में 1 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। इसके अतिरिक्त, फर्नेस की आयु में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
ऊर्जा दक्षता बढ़ाने और परिचालन में स्थायित्व लाने की दिशा में, कैपिटल रिपेयर के इसी चरण में कोक ओवन गैस (सीओजी) इंजेक्शन सिस्टम भी शुरू किया गया। इस प्रणाली से सिंटर की गुणवत्ता में सुधार हुआ तथा प्रति टन सिंटर में 1.5 किलोग्राम कोक ब्रीज़ की बचत संभव हुई, जो संयंत्र के लिए ऊर्जा संरक्षण और पर्यावरणीय स्थिरता दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण है।
इन दोनों प्रणालियों का औपचारिक उद्घाटन निदेशक प्रभारी, श्री चित्त रंजन महापात्र द्वारा किया गया। इस अवसर पर कार्यपालक निदेशक (संकार्य)श्री राकेश कुमार एवं तत्कालीन मुख्य महाप्रबंधक प्रभारी (सिंटर प्लांट्स) श्री अनुप कुमार दत्त भी उपस्थित थे। कार्यक्रम में मुख्य महाप्रबंधक (आरईडी) श्री प्रोसेनजीत दास, मुख्य महाप्रबंधक (मैकेनिकल) श्री पी. के. सिंह, मुख्य महाप्रबंधक (शॉप्स) श्री हरीश सचदेव, मुख्य महाप्रबंधक (ओएचपी) श्री एस. वर्गीज़ सहित एसपी-3, एसपी-2 एवं केंद्रीय एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। आरडीसीआईएस तथा सेल की अन्य इकाइयों के प्रतिनिधि इस कार्यक्रम में ऑनलाइन ज़ूम माध्यम से जुड़े।
दोनों परियोजनाओं का नेतृत्व तत्कालीन मुख्य महाप्रबंधक प्रभारी (सिंटर प्लांट्स), श्री अनुप कुमार दत्त द्वारा किया गया। परियोजना की तैयारी एवं क्रियान्वयन कार्य में महाप्रबंधक (मैकेनिकल), श्री आई. वी. रामन्ना; उपमहाप्रबंधक (मैकेनिकल), श्री एम. यू. राव; वरिष्ठ प्रबंधक, श्री ओम नमः शर्मा, श्री जितेश शाहनी, श्री विपिन मौर्य; महाप्रबंधक (ऑपरेशन), श्री ए. के. बेडेकर एवं श्री आर. डी. शर्मा; सहायक महाप्रबंधक, श्री विकास पिपरानी; सहायक महाप्रबंधक (इलेक्ट्रिकल), श्री दीपक गुप्ता; वरिष्ठ प्रबंधक (इलेक्ट्रिकल), श्री अरूणेश शर्मा; महाप्रबंधक (स्ट्रक्चरल शॉप), श्री जे. मोटवानी; उपमहाप्रबंधक (आरईडी), श्री जीतेंद्र शर्मा; उपप्रबंधक (आरईडी), श्री एस. भट्टाचार्य; वरिष्ठ प्रबंधक (इंस्ट्रुमेंटेशन), श्री एस. के. पाटिल एवं श्री वी. के. चौधरी; महाप्रबंधक (ईडीडी), श्री मेजी मेजर सिंह; तथा उपमहाप्रबंधक (ईडीडी), श्री देवेंद्र सोनार की सक्रिय भूमिका रही।
इस परियोजना में तकनीकी सहयोग आरडीसीआईएस, रांची की टीम द्वारा प्रदान किया गया, जिसका नेतृत्व महाप्रबंधक, श्री आई. एन. पी. गुप्ता ने किया। उनके साथ महाप्रबंधक, श्री मनीष कुजुर; सहायक महाप्रबंधक, श्री श्याम जी एवं श्री मिथिलेश ने महत्वपूर्ण तकनीकी सहयोग प्रदान किया।▪️
विद्यार्थी तथा भिलाई इस्पात संयंत्र के अधिकारियों ने आई आईटी भिलाई में ‘इंटीग्रेटेड मैनेजमेंट सिस्टम’ पर कार्यशाला में भाग लिया


आईआईटी भिलाई एवं इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मेटल्स [आईआईएम] भिलाई चैप्टर के संयुक्त तत्वावधान में “इंटीग्रेटेड मैनेजमेंट सिस्टम (आईएमएस)” पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन 11 अक्टूबर 2025 को आईआईटी भिलाई परिसर में किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य विभिन्न अंतरराष्ट्रीय प्रबंधन मानकों जैसे ISO 9001, ISO 14001, ISO 45001, ISO 50001 तथा SA 8000 के प्रति जागरूकता बढ़ाना और उनके समन्वित अनुप्रयोग को समझना था, ताकि गुणवत्ता, पर्यावरण, सुरक्षा, ऊर्जा दक्षता एवं सामाजिक उत्तरदायित्व के क्षेत्र में उत्कृष्टता प्राप्त की जा सके। इस अवसर पर आईआईटी भिलाई के संकाय सदस्य, विद्यार्थी तथा भिलाई इस्पात संयंत्र के अधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भिलाई इस्पात संयंत्र के निदेशक प्रभारी श्री चित्त रंजन महापात्र रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ भिलाई इस्पात संयंत्र के निदेशक प्रभारी श्री चित्त रंजन महापात्र तथा आईआईटी भिलाई के निदेशक श्री राजीव प्रकाश ने किया।
मुख्य अतिथि श्री चित्त रंजन महापात्र ने अपने संबोधन में संगठनों में एकीकृत प्रबंधन प्रणाली के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह प्रणाली गुणवत्ता सुधार, सतत विकास एवं वैश्विक प्रतिस्पर्धा की दिशा में अत्यंत आवश्यक है।
अपने स्वागत भाषण में श्री राजीव प्रकाश ने उद्योग एवं अकादमिक जगत के मध्य सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया। वहीं आईआईटी भिलाई के डीन (फैकल्टी अफेयर्स) प्रो. सौम्य गांगोपाध्याय ने कार्यशाला की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए इसके उद्देश्य एवं प्रतिभागियों के लिए इसकी प्रासंगिकता बताई।
उद्घाटन सत्र के पश्चात “ग्रीन स्टील निर्माण हेतु नवीन प्रौद्योगिकियों में सहयोग के अवसर” विषय पर एक संवादात्मक सत्र आयोजित किया गया, जिसमें एमएसएमई उद्योगपतियों, आईआईटी भिलाई के प्राध्यापकों तथा भिलाई इस्पात संयंत्र के विशेषज्ञों ने भाग लिया। इस सत्र में सस्टेनेबल इस्पात निर्माण के क्षेत्र में अनुसंधान एवं तकनीकी नवाचार के लिए सहयोग के विभिन्न अवसरों पर विचार-विमर्श किया गया।
कार्यशाला के दौरान पाँच तकनीकी सत्र आयोजित किए गए, जिनमें विशेषज्ञ वक्ताओं ने अपने विचार साझा किए। महाप्रबंधक (बिजनेस एक्सीलेंस) श्री एम. के. दुबे ने क्वालिटी मैनेजमेंट सिस्टम (ISO 9001) पर, उप प्रबंधक (जनसंपर्क) सुश्री शालिनी चौरसिया ने सोशल अकाउंटेबिलिटी (SA 8000) पर, उप महाप्रबंधक (पर्यावरण प्रबंधन) सुश्री बी. अनुराधा ने एनवायरनमेंट मैनेजमेंट सिस्टम (ISO 14001) पर, उप महाप्रबंधक (एमआरडी) श्री अवनीश दुबे ने ऑक्यूपेशनल हेल्थ एंड सेफ्टी मैनेजमेंट सिस्टम (ISO 45001) पर तथा वरिष्ठ प्रबंधक (ईएमडी) सुश्री पारुल दीवान ने एनर्जी मैनेजमेंट सिस्टम (ISO 50001) पर विस्तार से चर्चा की।
समापन सत्र में महाप्रबंधक (क्वालिटी) एवं मानद सचिव, आईआईएम भिलाई चैप्टर श्री के. वी. शंकर ने समापन संबोधन देते हुए प्रतिभागियों एवं आयोजकों को धन्यवाद दिया। इसके पश्चात डॉ. यज्ञेश शडांगी, सहायक प्रोफेसर, पदार्थ-विज्ञान एवं धातुकर्म अभियांत्रिकी विभाग, आईआईटी भिलाई ने औपचारिक धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।
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भिलाई इस्पात संयंत्र में ‘विज क्वेस्ट-2025’ मेगा सतर्कता क्विज़ का आयोजन


सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र के सतर्कता विभाग द्वारा 18 अगस्त से 17 नवम्बर 2025 तक संचालित तीन माह व्यापी सतर्कता जागरूकता अभियान के अंतर्गत मानव संसाधन – ज्ञानार्जन एवं विकास विभाग के सहयोग से विगत दिनों में “विज क्वेस्ट–2025” मेगा क्विज़ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। यह प्रतियोगिता भिलाई इस्पात संयंत्र के कार्यपालकों एवं गैर-कार्यपालकों के लिए आयोजित की गई थी, जिसका उद्देश्य केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी), सतर्कता कार्यप्रणाली, संगठनात्मक प्रणाली, नियमावली, प्रक्रियाओं एवं मानकों जैसे आईएसओ 37001:2016 (एबीएमएस), पीसीपी–2020 तथा सेल सीडीए नियमों के प्रति ज्ञान एवं जागरूकता बढ़ाना है। इस प्रतियोगिता में 15 टीमों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
अंतिम परिणामों में विजेता टीम में वरिष्ठ प्रबंधक (मानव संसाधन) श्री निवेश विजयन, तथा एडमिनिस्ट्रेटीव एसोसिएट (जनरल एस्टेब्लिशमेंट) श्री के. वेंकट प्रसाद राव शामिल रहे। प्रथम उपविजेता टीम में सहायक महाप्रबंधक (परियोजनाएं) श्री उमेश कुमार साहू, एवं इंजीनियर एसोसिएट (एमएआर-1) श्री रंजन गोस्वामी थे, जबकि द्वितीय उपविजेता टीम में वरिष्ठ प्रबंधक (आरसीएल) श्री सोनल श्रीवास्तव, एवं इंजीनियर एसोसिएट (आरसीएल) सुश्री प्रीति रावत सम्मिलित रहीं। शीर्ष तीन विजेताओं के अतिरिक्त तीन प्रोत्साहन पुरस्कार तथा दर्शक सहभागिता पुरस्कार भी प्रदान किए गए।
कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य महाप्रबंधक (सतर्कता) एवं एसीवीओ श्री सुनील सिंघल द्वारा किया गया। उन्होंने प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए सतर्कता जागरूकता सप्ताह 2025 के अंतर्गत संचालित विभिन्न पहलों की जानकारी दी। इस अवसर पर महाप्रबंधक (सतर्कता) श्री संदीप गुप्ता एवं सुश्री रेणू गुप्ता भी उपस्थित थीं। कार्यक्रम के आरंभ में उप महाप्रबंधक (सतर्कता) श्री अंशुमन सिंह द्वारा सत्यनिष्ठा की प्रतिज्ञा दिलाई गई।
प्रतियोगिता के मेगा फिनाले के लिए शीर्ष छह टीमों का चयन प्रारंभिक स्क्रीनिंग राउंड के माध्यम से किया गया। क्विज़ मास्टर के रूप में सहायक महाप्रबंधक (सिंटर प्लांट-3) श्री विकास पिपरानी तथा सहायक महाप्रबंधक (टी एंड डी) श्री आशीष अग्रवाल ने संचालन किया।
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भिलाई इस्पात संयंत्र द्वारा झीट काटोला ग्राम पंचायत में नि:शुल्क चिकित्सा जांच शिविर का आयोजन


सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र के निगमित सामाजिक उत्तरदायित्व विभाग द्वारा कलवर खदान क्षेत्र के झीटकाटोला ग्राम पंचायत में दिनांक 14 अक्टूबर, 2025 को निःशुल्क चिकित्सा जांच शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर संयंत्र के निगमित सामाजिक उत्तरदायित्व के अंतर्गत आयोजित मासिक स्वास्थ्य जांच श्रृंखला का हिस्सा था। शिविर में नियमित स्वास्थ्य परीक्षण के साथ-साथ एनीमिया और सिकल सेल एनीमिया की भी जांच की गई। शिविर में कुल 54 ग्रामीणों ने स्वास्थ्य परीक्षण का लाभ उठाया एवं मरीजों को आवश्यक दवाइयाँ निःशुल्क प्रदान की गईं।
इस अवसर पर महाप्रबंधक (निगमित सामाजिक उत्तरदायित्व) श्री शिवराजन, उप प्रबंधक (निगमित सामाजिक उत्तरदायित्व) श्री कमल वर्मा, श्री बुधेलाल तथा राजहरा माइंस की ओर से श्री प्रवीन राय उपस्थित रहे। माइंस हॉस्पिटल से डॉ. पांडेय और जिला चिकित्सालय कांकेर की ओर से आए नर्सिंग स्टाफ ने सहयोग प्रदान किया।
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बीएसपी को ‘सबसे पुराना बी आईएस लाइसेंसी’ सम्मान से नवाजा गया : वर्ल्ड स्टैंडर्ड्स डे 2025 पर मिला प्रतिष्ठित अवार्ड

भिलाई इस्पात संयंत्र को ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स (बीआईएस), रायपुर शाखा द्वारा ‘सबसे पुराना बीआईएस लाइसेंसी’ होने के नाते सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार वर्ल्ड स्टैंडर्ड्स डे 2025 के अवसर पर पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम, रायपुर में आयोजित समारोह में प्रदान किया गया। इस वर्ष का थीम “शेयरड विज़न फॉर अ बेटर वर्ल्ड – स्टैंडर्ड्स फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स” था।
माननीय मुख्यमंत्री, श्री विष्णु देव साय ने भिलाई इस्पात संयंत्र के प्रतिनिधियों को यह प्रतिष्ठित पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया। भिलाई इस्पात संयंत्र की ओर से मुख्य महाप्रबंधक (गुणवत्ता), श्री राहुल श्रीवास्तव ने यह पुरस्कार ग्रहण किया। इस कार्यक्रम में औद्योगिक क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हुए कार्यपालक निदेशक (सामग्री प्रबंधन), श्री ए. के. चक्रवर्ती उपस्थित रहे और मुख्य औद्योगिक गणमान्य अतिथि के रूप में समारोह में भाग लिया।
यह आयोजन साइंटिस्ट ई, डायरेक्टर एवं हेड, बीआईएस रायपुर शाखा, श्री एस. के. गुप्ता के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। समारोह में राज्य के मुख्यमंत्री सहित माननीय खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री, श्री दयालदास बघेल व अन्य गणमान्य अतिथि भी उपस्थित थे।
उल्लेखनीय है कि भिलाई इस्पात संयंत्र के पास प्लेट्स, टीएमटी बार्स, स्ट्रक्चरल स्टील और सेमी-फिनिश्ड उत्पाद जैसे स्लैब और ब्लूम्स सहित कुल 10 बीआईएस लाइसेंस हैं। भिलाई इस्पात संयंत्र 1963 से बीआईएस के साथ जुड़ा हुआ है और लगातार प्रमाणन मानकों का पालन करते हुए गुणवत्ता में उत्कृष्टता सुनिश्चित करता रहा है। बीएसपी ने राष्ट्रीय महत्व की अनेक परियोजनाओं में स्टील की आपूर्ति कर महत्वपूर्ण योगदान दिया है, जिनमें बुनियादी ढांचा, परिवहन, रक्षा और औद्योगिक विकास शामिल हैं।
उत्पादन में उत्कृष्टता के अलावा, बीएसपी बीआईएस तकनीकी समितियों में सक्रिय भूमिका निभाता है और विभिन्न स्टील उत्पादों के लिए राष्ट्रीय मानकों के विकास और अद्यतन में योगदान देता है। प्लांट की तकनीकी विशेषज्ञता भारत में स्टील गुणवत्ता ढांचे को मजबूत करती है और पूरे उद्योग में मानकीकरण को बढ़ावा देती है।
वर्ल्ड स्टैंडर्ड्स डे समारोह में तकनीकी सत्र और सतत औद्योगिक विकास पर चर्चाएं भी आयोजित की गईं और उन उद्योगों को सम्मानित किया गया जिन्होंने क्षेत्र में गुणवत्ता संवर्धन में महत्वपूर्ण योगदान दिया। विश्व स्तर पर 14 अक्टूबर को मनाया जाने वाला वर्ल्ड स्टैंडर्ड्स डे उन विशेषज्ञों और संगठनों के प्रयासों को मान्यता देता है, जो यह सुनिश्चित करते हैं कि उत्पाद और सेवाएं सुरक्षित, भरोसेमंद और उच्च गुणवत्ता वाली बनी रहें।
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डॉ. नंदिता राजश्री की। चित्रकला प्रदर्शनी ‘कथा’ का सफल समापन : कला और साहित्य का अद्भुत संगम बना आकर्षण का केंद्र


सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र के जनसंपर्क विभाग द्वारा संचालित इंदिरा प्लेस, सिविक सेंटर स्थित नेहरू आर्ट गैलरी में आयोजित डॉ. नन्दिता राजश्री की समकालीन एकल चित्रकला प्रदर्शनी ‘कथा’ का समापन 15 अक्टूबर 2025 को हुआ। यह तीन दिवसीय प्रदर्शनी 13 से 15 अक्टूबर 2025 तक आयोजित की गई थी, जिसका उद्घाटन कार्यपालक निदेशक (मानव संसाधन) श्री पवन कुमार द्वारा किया गया था।
डॉ. नन्दिता राजश्री, जो मूलतः कवयित्री हैं, ने इस प्रदर्शनी में साहित्य और चित्रकला का अद्भुत संगम प्रस्तुत किया। उन्होंने ख्यातिप्राप्त साहित्यकार श्री विनोद कुमार शुक्ल को समर्पित तीन विशिष्ट पेंटिंग्स प्रदर्शित कीं, जिनके शीर्षक उनके प्रसिद्ध उपन्यास ‘दीवार पर एक खिड़की रहती है’ , जिसे ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है, से प्रेरित थे। डॉ. राजश्री की दो पेंटिंग्स में श्री शुक्ल की कविताओं का दृश्यात्मक रूपांतरण करते हुए साहित्य और रंगों के बीच गहन संवाद स्थापित किया गया था।
इस तीन-दिवसीय प्रदर्शनी के अवसर पर कला-साहित्य अकादमी, छत्तीसगढ़ के सौजन्य से दो बाल कलाकारों ने भी तीनों दिन अपनी सांगीतिक प्रतिभा का परिचय दिया। समापन समारोह के अवसर पर संयंत्र के महाप्रबंधक (सम्पर्क, प्रशासन एवं जनसंपर्क) श्री अमूल्य प्रियदर्शी ने डॉ. नन्दिता राजश्री एवं बाल कलाकारों का सम्मान किया।
स्वामी आत्मानंद गवर्नमेंट इंग्लिश मीडियम स्कूल, रिसाली के कक्षा 9 के 14 वर्षीय मास्टर पियूष सिन्हा ने बांसुरी वादन तथा दिल्ली पब्लिक स्कूल, दुर्ग के कक्षा 9 के 14 वर्षीय मास्टर अरित्र चौधरी ने सिंथेसाइज़र कीबोर्ड पर प्रस्तुति दी। इन दोनों बाल कलाकारों को उनकी उत्कृष्ट प्रस्तुतियों के लिए प्रशस्ति पत्र भेंट कर सम्मानित किया गया। साथ ही दिल्ली पब्लिक स्कूल, भिलाई की कक्षा 6 की छात्रा सुश्री देवलीना प्रियदर्शी (धरा) को भी इस प्रदर्शनी में प्रदर्शित उनकी चुनिंदा पेंटिंग्स के लिए सम्मानित किया गया।
उल्लेखनीय है कि प्रदर्शनी के दूसरे दिन भिलाई अंचल के कई गणमान्य व्यक्तियों ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इनमें बीएसपी के मुख्य महाप्रबंधक (मानव संसाधन) श्री संदीप माथुर, महाप्रबंधक (सेट) सुश्री परिमिता मोहंती, महाप्रबंधक (विजिलेंस) सुश्री रेणु गुप्ता, पूर्व निदेशक (कार्मिक), शिपिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया श्री एस. पी. एस. जग्गी, तथा छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी की कार्यपालक अभियंता सुश्री ममता कश्यप और सुश्री श्रद्धा देवांगन विशेष रूप से शामिल हुईं। सभी अतिथियों ने चित्रों का अवलोकन किया और आगंतुक पुस्तिका में डॉ. राजश्री की कलाकृतियों की सराहना में अपने भाव अंकित किए।


तीन दिनों तक चली इस प्रदर्शनी ने कला प्रेमियों, साहित्य रसिकों और सामान्य दर्शकों का विशेष आकर्षण बना रखा। बड़ी संख्या में आगंतुकों ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया और कलाकार की रचनात्मक दृष्टि की प्रशंसा की।
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