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‘बंगीय साहित्य संस्था’ : के तत्वावधान में ‘कॉफी विथ साहित्यिक विचार-विमर्श आड्डा’, ‘आड्डाबाज़’-100 में शामिल हुए- बानी चक्रवर्ती, दीपाली दासगुप्ता, दुलाल समाद्दार, पल्लव चटर्जी, प्रकाशचंद्र मण्डल, वीरेंद्रनाथ सरकार, प्रदीप भट्टाचार्य, सोमाली शर्मा,आलोक कुमार चंदा, विपुल सेन, सुजॉशा सेन, जीबोन हालदार, बृजेश मल्लिक और मिहिर समाद्दार : ‘आड्डाबाज़-100’ शतकीय जश्न मनाया गया और ‘मध्यबलय’ अंक- 60 का विमोचन हुआ

👉 • आड्डाबाज़-100 में शामिल ‘बंगीय साहित्य संस्था’ के सक्रिय सदस्य
भिलाई [छत्तीसगढ़ आसपास के लिए प्रस्तुति रपट- प्रदीप भट्टाचार्य एवं फोटो क्लिक- पल्लव चटर्जी]
भिलाई निवास [इंडियन कॉफी हाउस : छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 01 नवम्बर, 2025] जहाँ उम्मीद है, वहाँ आरंभ है. लगभग 65 वर्ष पूर्व [1955-56] को स्व. शिबव्रत देवानजी दादा ने बांग्ला भाषी साहित्यकारों को एकजुट कर, संकल्प की नींव रखी थी बंगीय साहित्य संस्था.
इस्पात नगरी में बांग्ला भाषा को एक नई पहचान मिली बंगीय साहित्य संस्था के माध्यम से. उनमें [शिबव्रत देवानजी] सादगी और भाषा की गहराई थी. साहित्यिक विरासत, संस्कृति को बचाने के लिए उन्होंने गठित किया था बंगीय साहित्य संस्था. आज भी उन्हें स्मरण करते हुए हम बांग्ला रचनाकार इस परंपरा को जीवंत बनाए हुए हैं.
‘बंगीय साहित्य संस्था’ सालभर कई साहित्यिक आयोजन कर रही है. संस्था द्वारा प्रति सप्ताह ‘कॉफी विथ साहित्यिक विचार-विमर्श आड्डा’ का 01 नवम्बर, 2025 को 100वां शतक आयोजन सम्पन्न हुआ, भिलाई निवास के इंडियन कॉफी हाउस में. कॉफी हाउस में ‘आड्डा’ की शुरुआत बांग्ला के सुप्रसिद्ध लेखक कवि समरेंद्र विश्वास ने किया.‘आड्डाबाज़-100’ के मुख्य अतिथि ‘बंगीय साहित्य संस्था’ की सभापति एवं बांग्ला की चर्चित लेखिका व कवयित्री श्रीमती बानी चक्रवर्ती थीं. विशिष्ट अतिथि ‘मध्यबलय’ के संपादक व कवि दुलाल समाद्दार एवं राष्ट्रवादी कवि बृजेश मल्लिक थे. संचालन संस्था के उप सचिव व बांग्ला-हिंदी के कवि नाट्यकार प्रकाशचंद्र मण्डल ने किया.
आड्डाबाज़-100 में शामिल हुए-
‘बंगीय साहित्य संस्था’ की सभापति श्रीमती बानी चक्रवर्ती, संस्था की उप सभापति दीपाली दासगुप्ता, कोषाध्यक्ष पल्लव चटर्जी, उपसचिव प्रकाशचंद्र मण्डल, चिंतनशील कवि बीरेंद्रनाथ सरकार,’छत्तीसगढ़ आसपास’ के संपादक व प्रगतिशील कवि प्रदीप भट्टाचार्य, बांग्ला कवयित्री श्रीमती सोमाली शर्मा, श्रीमती सुजॉशा सेन,’मध्यबलय’ के संपादक दुलाल समाद्दार, साहित्यिक चिंतक आलोक कुमार चंदा, बांग्ला कवि विपुल सेन, जीबोन हालदार, राष्ट्रवादी कवि बृजेश मल्लिक, ‘मध्यबलय’ के प्रकाशक मिहिर समाद्दार और एसके भट्टाचार्य.
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‘मध्यबलय’ अंक-60′

बांग्ला में प्रकाशित लिटिल पत्रिका ‘मध्यबलय’ अंक-60 का विमोचन हुआ. पत्रिका के संपादक हैं दुलाल समाद्दार. ‘मध्यबलय’ पत्रिका को कोलकाता में कई साहित्यिक संस्थाओं से अनेकों बार सम्मानित किया जा चुका है. इस अंक में देश-विदेश में रह रहे अनेक बांग्ला रचनाकारों के साथ ‘बंगीय साहित्य संस्था’ के सदस्यों की भी रचनाएँ प्रकाशित हुई है.
आड्डाबाज़-100 में शामिल हुए सभी रचनाकारों को सभापति एवं विशिष्ट अतिथियों के करकमलों द्वारा मोमंटों एवं सम्मान पत्र देकर सम्मानित किया गया.

👉 [प्रथम चित्र] दुलाल समाद्दार का अभिवादन करते हुए बृजेश मल्लिक
👉 [द्वितीय चित्र] बानी चक्रवर्ती का पुष्पमाला पहनाकर स्वागत करती हुई सोमाली शर्मा
👉 [तृतीय चित्र] बृजेश मल्लिक का स्वागत करते हुए प्रकाशचंद्र मण्डल

👉 • प्रदीप भट्टाचार्य का स्वागत करते हुए

👉 • आलोक कुमार चंदा का अभिवादन करते हुए बानी चक्रवर्ती

👉 • सोमाली शर्मा का अभिवादन करते हुए दुलाल समाद्दार और बानी चक्रवर्ती

👉 • वीरेंद्रनाथ सरकार का आत्मीय अभिवादन किया दुलाल समाद्दार ने

👉 • पल्लव चटर्जी को मोमेंटों प्रदान किया दुलाल समाद्दार ने

👉 • दीपाली दासगुप्ता का आत्मीय अभिवादन ‘आड्डाबाज़-100’ में

👉 • सुजॉशा सेन का स्वागत बानी चक्रवर्ती के करकमलों से हुआ

👉 • जीबोन हालदार का अभिनंदन ‘आड्डाबाज़-100’ में बानी चक्रवर्ती ने किया

👉 • मिहिर समाद्दार का स्वागत करते हुए बृजेश मल्लिक

👉 • विपुल सेन का ‘आड्डाबाज़-100’ में अभिवादन करते हुए बानी चक्रवर्ती
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‘आड्डाबाज़-100’ में आयोजन की कुछ और सचित्र प्रमुख झलकियाँ-

👉 ‘मध्यबलय’ अंक-60 का विमोचन

👉 • ‘बंगीय साहित्य संस्था’ की चार सक्रिय स्तम्भ [बाएँ से] दीपाली दासगुप्ता, बानी चक्रवर्ती, सोमाली शर्मा और सुजॉशा सेन

👉 [बाएँ से] आलोक कुमार चंदा, प्रदीप भट्टाचार्य, बृजेश मल्लिक, प्रकाशचंद्र मण्डल, पल्लव चटर्जी, एसके भट्टाचार्य और वीरेंद्रनाथ सरकार

👉 • बानी चक्रवर्ती ने कोलकाता से प्रकाशित बांग्ला त्रि-मासिक पत्रिका ‘PLABAN’ का लोकार्पण किया. पत्रिका के संपादक हैं, सपन दत्ता

👉 • लोकार्पण ‘PLABAN’

👉 • ‘मध्यबलय’-60 का अवलोकन करती हुई ‘बंगीय साहित्य संस्था’ की अध्यक्ष श्रीमती बानी चक्रवर्ती

👉 • हम हैं साहित्यिक ‘आड्डाबाज़’
आभार व्यक्त ‘मध्यबलय’ के प्रकाशक मिहिर समाद्दार ने किया.
[ • रपट प्रस्तुति- प्रदीप भट्टाचार्य और फोटो सौजन्य पल्लव चटर्जी ]
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