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- विमोचन : कवि रजत कृष्ण पर केंद्रित कृति ‘साहित्य के स्टीफन हॉकिंग’ का विमोचन : रजत कृष्ण उन कवियों में से हैं जो अपनी कविता से ऊर्जा लेते हैं. कवि और कविता का परस्पर ऊर्जा लेने का यह विरल उदाहरण है- आलोचक जय प्रकाश
विमोचन : कवि रजत कृष्ण पर केंद्रित कृति ‘साहित्य के स्टीफन हॉकिंग’ का विमोचन : रजत कृष्ण उन कवियों में से हैं जो अपनी कविता से ऊर्जा लेते हैं. कवि और कविता का परस्पर ऊर्जा लेने का यह विरल उदाहरण है- आलोचक जय प्रकाश

👉 • ‘साहित्य के स्टीफन हॉकिंग’ का विमोचन करते हुए अतिथि
छत्तीसगढ़ : बागबाहरा [छत्तीसगढ़ आसपास]
कवि रजत कृष्ण पर केंद्रित किताब साहित्य के स्टीफन हॉकिंग’ का विमोचन विगत दिनों सम्पन्न हुआ.
इस आयोजन में देश प्रदेश के तमाम साहित्यप्रेमियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम के पहले सत्र में रजत कृष्ण पर भास्कर चौधुरी और नंदन द्वारा लिखी किताब ‘रजत कृष्ण : साहित्य के स्टीफन हॉकिंग’ का विमोचन हुआ।

कार्यक्रम के पहले सत्र में मंच पर वरिष्ठ कथाकार श्री शीतेंद्र नाथ चौधुरी-रायगढ़, कथाकार संपादक डॉ. परदेशी राम वर्मा-भिलाई, सुप्रसिद्ध कथाकार श्री कामेश्वर पांडेय-कोरबा, ‘समकालीन सूत्र’ पत्रिका के संपादक एवं सूत्र सम्मान के सूत्रधार श्री विजय सिंह, रजत कृष्ण के गुरूजी श्री सी पी तिवारी और वरिष्ठ पत्रकार पीसी रथ की उपस्थिति में पुस्तक का विमोचन हुआ। प्रथम सत्र का संचालन देश के चर्चित कवि भास्कर चौधुरी ने किया.
इसके उपरांत रजत कृष्ण के व्यक्तित्व और कृतित्व पर विभिन्न लोगों ने अपनी बात रखी। विमोचित किताब के लेखक नंदन ने इस किताब की संकल्पना और निर्माण पर प्रकाश डाला वहीं कवि आलोचक पीयूष कुमार ने कृष्ण के व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला। इसके पश्चात बागबाहरा के धनराज साहू ने कहा रजत कृष्णा में हमारे क्षेत्र की संस्कृति को दुनिया तक पहुंचाने का कार्य किया है। वरिष्ठ आलोचक जयप्रकाश ने रजत कृष्ण की कविताओं और उनके जीवन पर विस्तार से और गंभीर टिप्पणी की उन्होंने कहा कि रजत कृष्ण उन कवियों में से हैं जो अपनी कविता से ऊर्जा लेते हैं। कवि और कविता का परस्पर ऊर्जा लेने का यह विरल उदाहरण है।
जगदलपुर के कवि संपादक विजय सिंह ने कहा जब भी हम बागबाहरा की धरती पर आए हैं, रजत कृष्ण की कविताओं में उल्लेखित लोगों और जगहों को हमने देखा है। रजत को रजत कृष्णा उनके भाई शैलेश ने बनाया है। रजत कृष्ण के शिक्षक पीसी तिवारी ने कहा कि जब रजत स्कूल में पढ़ता था तो मुझे कहता था कि मेरे मन में बहुत सारे विचार आते हैं मैं क्या करूं तो मैंने कहा इस कविताओं में फिर आओ निराला की कविताओं को पढ़ो किया और आज वह एक बड़ा कवि बन गया है। भिलाई के कवि अंजन कुमार ने कहा कि रजत कृष्ण की कविता हमारे भीतर शक्ति का संचार करती है। इस अवसर पर रजत कृष्ण की कविताओं और साहित्य में विशिष्ट योगदान को समझने साथ ही उनके कस्बे के साथियों, छात्र-छात्राओं, गुरुजनों और परिजनों के अनुभवों को सुनने का दुर्लभ अवसर मिला।
द्वितीय सत्र में संचालन कवि पीयूष कुमार ने किया। मंच पर लेखक समीक्षक जयप्रकाश जी दुर्ग, स्वराज करुण, दलजीत सिंह कालरा बिलासपुर, अशोक शर्मा महासमुंद, पी सी रथ, रायपुर, तथा रजत कृष्ण मौजूद रहे। इस सत्र में रजत कृष्ण की कविताओं का प्रवीण प्रवाह, निमाई प्रधान, विजय सिंह, नंदन, भास्कर और अनुभूति ने पाठ किया। बागबाहरा के जैन भवन में आयोजित इस आयोजन में कवि-लेखकों के प्रमुख पुस्तकों को भी प्रदर्शनी के लिए रखा गया साथ ही छिंडवाड़ा, मध्यप्रदेश के प्रसिद्ध कवि-कलाकार और गायक रोहित रूसिया के बनाए रजत की चुनिंदा कविताओं पर बनाए पोस्टर्स कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहे.


इस आयोजन में देश प्रदेश के लगभग 200 साहित्य प्रेमियों और साहित्यकारों ने हिस्सा लिया जिनमें बद्रीप्रसाद पुरोहित, कुंजबिहारी शर्मा, सूरज प्रकाश राठौर, सुबोध देवांगन, ओमकुमारी देवांगन, दीपक तिवारी, निमाई प्रधान, शैलेश, सुषमा, सोनू, योगेश, लोकेश आदि अनेक लोग उपस्थित थे.
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