- Home
- Chhattisgarh
- ‘अच्छा आदमी होता है अच्छा’ के रचनाधर्मी जनवादी कवि नासिर अहमद सिकंदर, हिंदी कविता की प्रगतिशील परंपरा से समकालीन कविता को जोड़ती हुई सार्थक रचनाशीलता की प्रतीक्षा को छोड़कर साहित्यजगत से अलविदा कर गए : आज सुबह 8.00 बजे अंतिम सांस ली और आज शाम 5.00 बजे अंतिम संस्कार [सुपुर्देखाक] होगा
‘अच्छा आदमी होता है अच्छा’ के रचनाधर्मी जनवादी कवि नासिर अहमद सिकंदर, हिंदी कविता की प्रगतिशील परंपरा से समकालीन कविता को जोड़ती हुई सार्थक रचनाशीलता की प्रतीक्षा को छोड़कर साहित्यजगत से अलविदा कर गए : आज सुबह 8.00 बजे अंतिम सांस ली और आज शाम 5.00 बजे अंतिम संस्कार [सुपुर्देखाक] होगा
• छत्तीसगढ़ आसपास
• भिलाई
लगभग दोपहर 12.00 बजे मेरे अज़ीज़ मित्र शायर मुमताज ने फोन में बताया कि ‘सिकन्दर’ नहीं रहे. मैं नि:शब्द हो गया. कुछ दिन पहले ही मैंने उनका हालचाल जानने फोन किया था. खुश थे, पर यूँ ही हम सबको छोड़ जाएंगे इसका जरा भी अंदाजा नहीं था. नासिर भाई की लगभग सभी कृतियाँ मेरे पास है. सभी पुस्तकें नासिर ने मुझे भेंट में दी थी. ‘जो कुछ भी घट रहा है दुनिया में’ [कविता संग्रह], ‘इस वक्त मेरा कहा’ [कविता संग्रह], ‘भूलवश और जानबूझकर’ [कविता संग्रह] ‘अच्छा आदमी होता है अच्छा’ [कविता संग्रह], ‘खोलती है खिड़की’ [काव्य पुस्तिका], ‘चयनित कविताएं’ [संपादन सुधीर सक्सेना], ‘कुछ साक्षात्कार’ [प्रसिद्ध लेखकों से लिया गया साक्षात्कार], ‘बचपन का बाइस्कोप’ [आलोचनात्मक गद्य] और ‘प्रगतिशीलता की पैरवी’ [आलोचना].
15 जून 1961 को जन्में नासिर अहमद सिकन्दर भिलाई इस्पात संयंत्र में थे. वे शहरोज एवं शगुफ्ता के पिता थे. उनकी छ: किताब प्रकाशित हुई, चार कविता संग्रह और दो गद्य. दो कविता संग्रह प्रकाशधीन है.
नासिर अहमद सिकन्दर को राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम ‘केदारनाथ अग्रवाल सम्मान’ [उत्तरप्रदेश, बांदा] और ‘सूत्र सम्मान’ [छत्तीसगढ़] से नवाजा गया था. देश की महत्वपूर्ण पत्र-पत्रिकाओं में आलेख, फीचर, रिपोर्ताज, समीक्षाएं प्रकाशित होती रही है. ‘अभी बिल्कुल अभी’ {युवा कविताओं पर आधारित स्तम्भ} और साक्षात्कारों पर केंद्रित श्रृंखला ‘आमने-सामने’ का संपादन. पत्रिका ‘समकालीन हस्ताक्षर’ के केदारनाथ अग्रवाल तथा चंद्रकांत देवताले पर केंद्रित दो अंकों का संपादन भी किया.
परिवर्तनकामी और जीवनधर्मी पक्षधर कवि नासिर अहमद सिकन्दर को शत् शत् नमन.
विनम्र श्रद्धांजलि
– ‘आरंभ’
[ प्रगतिशील जन-विचारधारा की साहित्यिक संस्था ]
– ‘छत्तीसगढ़ आसपास’
[ लोकशिक्षण-लोकजागरण की पत्रिका ]
🙏
chhattisgarhaaspaas
विज्ञापन (Advertisement)