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- ‘बंगीय साहित्य संस्था’ के तत्वावधान में ‘कॉफी विथ साहित्यिक विचार-विमर्श आड्डा-109’ में शामिल हुए- स्मृति दत्त, दुलाल समाद्दार, प्रकाशचंद्र मण्डल, प्रदीप भट्टाचार्य, आलोक कुमार चंदा, पं. बासुदेब भट्टाचार्य, सोमाली शर्मा, विपुल सेन और सुजॉशा सेन : वैचारिक प्रतिबद्धता से लैस विलक्षण कथाकार रहे प्रख्यात साहित्यकार प्रो. ज्ञानरंजन को श्रद्धांजलि दी गई और काव्य पाठ हुआ
‘बंगीय साहित्य संस्था’ के तत्वावधान में ‘कॉफी विथ साहित्यिक विचार-विमर्श आड्डा-109’ में शामिल हुए- स्मृति दत्त, दुलाल समाद्दार, प्रकाशचंद्र मण्डल, प्रदीप भट्टाचार्य, आलोक कुमार चंदा, पं. बासुदेब भट्टाचार्य, सोमाली शर्मा, विपुल सेन और सुजॉशा सेन : वैचारिक प्रतिबद्धता से लैस विलक्षण कथाकार रहे प्रख्यात साहित्यकार प्रो. ज्ञानरंजन को श्रद्धांजलि दी गई और काव्य पाठ हुआ

👉 [बाएँ से] सुजॉशा सेन, पं. बासुदेब भट्टाचार्य, आलोक कुमार चंदा, प्रदीप भट्टाचार्य, प्रकाशचंद्र मण्डल, स्मृति दत्त, विपुल सेन और सोमाली शर्मा
• छत्तीसगढ़ आसपास
• भिलाई निवास [इंडियन कॉफी हाउस : 10 जनवरी, 2026]
‘बंगीय साहित्य संस्था’ के तत्वावधान में ‘कॉफी विथ साहित्यिक विचार-विमर्श आड्डा-109’ विगत दिनों भिलाई निवास के इंडियन कॉफी हाउस में सम्पन्न हुई. अध्यक्षता संस्था की उप सभापति एवं बांग्ला की सुप्रसिद्ध लेखिका श्रीमती स्मृति दत्त ने की. ‘आड्डा’ में शामिल हुए- ‘मध्यबलय’ के संपादक व बांग्ला-हिंदी के कवि दुलाल समाद्दार, बांग्ला-हिंदी के सुपरिचित कवि प्रकाशचंद्र मण्डल, प्रगतिशील जन-विचारधारा की साहित्यिक संस्था ‘आरंभ’ के अध्यक्ष व प्रगतिशील कवि, संपादक प्रदीप भट्टाचार्य, ‘आरंभ’ के सचिव आलोक कुमार चंदा, हिंदुत्ववादी कवि पं. बासुदेब भट्टाचार्य, बांग्ला कवयित्री सोमाली शर्मा, सुजॉशा सेन और विपुल सेन.

👉 [बाएँ से] सुजॉशा सेन, पं. बासुदेब भट्टाचार्य, आलोक कुमार चंदा, प्रदीप भट्टाचार्य, प्रकाशचंद्र मण्डल, स्मृति दत्त, दुलाल समाद्दार और विपुल सेन
प्रारंभ में ‘बंगीय साहित्य संस्था’ के सदस्यों ने हिंदी के प्रख्यात कथाकार ज्ञानरंजन को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित कर दो मिनट का मौन रखा-
प्रगतिशील जन-विचारधारा की साहित्यिक संस्था ‘आरंभ’ के अध्यक्ष प्रदीप भट्टाचार्य ने कहा कि-
देश के सुप्रसिद्ध कथाकार, आलोचक प्रतिष्ठित साहित्यिक पत्रिका ‘पहल’ के संपादक ज्ञानरंजन का निधन बीते दिनों 90 वर्ष की उम्र में अपनी कर्मभूमि गृहनगर छत्तीसगढ़ [जबलपुर] में हो गया. इनकी चर्चित कृतियाँ है- ‘पिता के साथ सपना नहीं’/’फ़ैंस के इधर-उधर’/’अमरुद का पेड़’/ ‘क्षणजीवी’/’यात्रा व कबाड़खाना’ और ‘बहिष्कार’ सहित 26 कहानियां लिखकर समाज की विषमताओं और अभिव्यक्तियों को रचनात्मक स्वर दिया. उन्हें मध्यप्रदेश साहित्य परिषद् द्वारा दिया जाने वाला सुभद्रा कुमारी चौहान सम्मान और मैथिलीशरण गुप्त शिखर सम्मान मिला. 90 के दशक में ज्ञानरंजन तीन दिनों के लिए [16-18 दिसम्बर, 1995] ‘प्रगतिशील लेखक संघ’ द्वारा आयोजित राज्य सम्मेलन में भिलाई आए थे. साहित्य व संगठन को छ: दशक तक दिशा देने वाले स्व. प्रो. ज्ञानरंजन प्रेमचंद द्वारा स्थापित ‘प्रगतिशील लेखक संघ’ के स्तम्भ थे. उनके निधन से साहित्य के एक युग का अंत हो गया. शत् शत् नमन. “उनका होना बना रहेगा/उनके न होने पर भी/वे दो शताब्दियों के पार भी/हमसे मिलते रहेंगे.”
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विपुल सेन, सुजॉशा सेन, पं. बासुदेब भट्टाचार्य, आलोक कुमार चंदा, दुलाल समाद्दार, प्रदीप भट्टाचार्य, प्रकाशचंद्र मण्डल, स्मृति दत्त और सोमाली शर्मा ने अपनी-अपनी प्रतिनिधि रचनाओं का पाठ किया-
• विपुल सेन ने ‘नुतून बछोर’ और ‘बंगजन’/ • सुजॉशा सेन ने रविंद्रनाथ टैगोर की रचना ‘पत्रलेखा’/ • पं. बासुदेब भट्टाचार्य ने ‘ना बोला ओ सीखते होए… एवं ‘शीत प्रशंसा’ कबिर मोनोर कॉथा… / • आलोक कुमार चंदा ने ऋणाल गांगुली रचित कविता ‘तोमाके कखोन लिखी…’ • दुलाल समाद्दार ने ‘निर्वाचित कविता’ संग्रह से ‘श्रीति’/ • प्रदीप भट्टाचार्य ने छोटी-छोटी मुक्तक/ • प्रकाशचंद्र मण्डल ने अनु गोलपो [लघु कथा] ‘किछु श्रति कोनो दिन मिटानो जाए ना…’/ • स्मृति दत्त ने सोमाली शर्मा के जन्मदिन पर समर्पित कविता ‘सोमाली गो.. सोमाली गो..’ और प्रतिवेदन ‘शीत आमार बन्धु’/ • सोमाली शर्मा ने ‘आगामी सपनो बुनी’

👉 • ‘बंगीय साहित्य संस्था’ की उप सभापति ने ‘आड्डा-109’ की अध्यक्षता करते हुए कहा कि “हम ऐसे विचार-विमर्श बैठक में शहर ही नहीं देश-विदेश में हो रहे साहित्यिक, विशेषकर बांग्ला साहित्य की चर्चा करते हैं और हम क्या लिख रहे हैं, इस पर आपस में पाठ भी करते हैं और सुधार भी”
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‘आड्डा-109’ की कुछ और सचित्र झलकियाँ-

👉 • इस अवसर पर स्मृति दत्त का जन्मोउत्सव मनाया गया [बाएँ से] प्रदीप भट्टाचार्य, प्रकाशचंद्र मण्डल, स्मृति दत्त और दुलाल समाद्दार

👉 • ‘बंगीय साहित्य संस्था’ ने सोमाली शर्मा का भी जन्मोउत्सव मनाया. [बाएँ से] प्रदीप भट्टाचार्य, प्रकाशचंद्र मण्डल, स्मृति दत्त, दुलाल समाद्दार, विपुल सेन, सुजॉशा सेन और सोमाली शर्मा

👉 [बाएँ से] • प्रदीप भट्टाचार्य, प्रकाशचंद्र मण्डल, पं. बासुदेब भट्टाचार्य, दुलाल समाद्दार, स्मृति दत्त, आलोक कुमार चंदा, सोमाली शर्मा, सुजॉशा सेन और विपुल सेन

👉 • बंगीय साहित्यकार

👉 • बंगीय आड्डाबाज़
• ‘कॉफी विथ साहित्यिक विचार-विमर्श आड्डा-109’ का संचालन प्रकाशचंद्र मण्डल और आभार व्यक्त आलोक कुमार चंदा ने किया.
[ • प्रस्तुति/रिपोर्ट- प्रदीप भट्टाचार्य और फोटो क्लिक- दुलाल समाद्दार ]
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