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- ‘स्वामी विवेकानंद विचार मंच’ : राष्ट्रीय युवा दिवस [12 जनवरी, 2026] के अवसर पर स्वामी विवेकानंद जी की जयंती पर विशेष आयोजन में अतिथियों ने कहा कि “स्वामी विवेकानंद के दिखाए मार्ग पर चलें युवा पीढ़ी”
‘स्वामी विवेकानंद विचार मंच’ : राष्ट्रीय युवा दिवस [12 जनवरी, 2026] के अवसर पर स्वामी विवेकानंद जी की जयंती पर विशेष आयोजन में अतिथियों ने कहा कि “स्वामी विवेकानंद के दिखाए मार्ग पर चलें युवा पीढ़ी”

• छत्तीसगढ़ आसपास
• भिलाई-3 [डॉ. नौशाद अहमद सिद्दीकी ‘सब्र’]
“उठो, जागो और तब तक मत रुको, जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए” युवाओं के प्रेरणास्रोत स्वामी विवेकानंद जी की जयंती को प्रति वर्ष 12 जनवरी को राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाया जाता है. भारत सरकार ने 1984 से स्वामी विवेकानंद के जन्म दिवस को ‘युवा दिवस’ के रूप में मना रहा है. स्वामी विवेकानंद का जन्म 12 जनवरी, 1863 को कोलकाता में हुआ था. इनके पिता अधिवक्ता विश्वासनाथ दत्त एवं माता भुवनेश्वरी देवी थीं. बाल्याकाल में स्वामी विवेकानंद, नरेंद्रनाथ दत्त के नाम से जाने जाते थे. स्वामी रामकृष्ण परमहंस से दीक्षा लेने के बाद ‘विले’ एवं ‘नरेन’ से जाने, जानेवाले विश्वभर में ‘स्वामी विवेकानंद’ के नाम से प्रसिद्ध हुए.

‘स्वामी विवेकानंद विचार मंच’ ने आज ‘युवा दिवस’ के अवसर पर मंच अध्यक्ष हेमंत मढ़रिया के निवास [मानसरोवर दीनदयाल उपाध्याय कॉलोनी, पदूम नगर, भिलाई-3] में मनाया. मुख्य अतिथि विवेकानंद विचारों के अनुगामी हिमालय मढ़रिया और अध्यक्षता की देवेंद्र बंछोर ने.
प्रारंभ में अतिथि एवं उपस्थित जनों ने स्वामी विवेकानंद जी के तैल चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्प गुच्छ अर्पित किए.
हिमालय मढ़रिया ने अपने व्यक्तत्व में कहा कि-
आज आवश्यकता है, हम सबको चारित्र निर्माण की है. स्वामी विवेकानंद जी कहा करते थे कि सर्वधर्म समभाव होना चाहिए. बच्चों में संस्कारों की आवश्यकता है. शरीर बलिष्ठ हो इसलिए भोजन स्वास्थ्यवर्धक होनी चाहिए. जिससे मन बेहतर हो सके, हम सबको एक दूसरे की मदद करनी चाहिए. राष्ट्र का सर्वांगीण विकास हो सके. आज सभी व्यक्तियों में परोपकारिता और मानव हित का गुण होना चाहिए, तभी भारत स्वामी विवेकानंद जी के सपनों का देश बन सकेगा.
देवेंद्र कुमार बन्छोर ने कहा कि-
स्वामी विवेकानंद जी ने युवाओं को आव्हान करते हुए कहा था कि ‘उठो, जागो और लक्ष्य प्राप्ति से पहले मत रुको’.मेरा विश्वास युवा पीढ़ी में है. युवाओं से ही राष्ट्र निर्माण की मशाल निकलेगी.
शायर कवि डॉ. नौशाद अहमद सिद्दीकी ‘सब्र’ ने अपने विचार प्रगट करते हुए कहा कि-
स्वामी विवेकानंद जी युवाओं के प्रेरणास्रोत महापुरुष थे. हम उनके बताए हुए विचारों को आत्मसात कर अपने जीवन को सफल कर सकते हैं.
‘स्वामी विवेकानंद विचार मंच’ के अध्यक्ष, कार्यक्रम संयोजक हेमंत मढ़रिया ने कहा कि-
उनका प्रसिद्ध वाक्य है ‘हम पाप के कारण से नहीं जन्में-हम अमरत्व की संतान हैं’ उन्होंने मंत्र दिया था ‘गर्व से कहो-मैं भारतीय हूँ, प्रत्येक भारतीय मेरा भाई है-कहो भारत की मिट्टी मेरा सर्वोच्च स्वर्ग है’. आज उनके जन्म दिवस पर शत् शत् नमन.
हिमाचल मढ़रिया ने संस्था के लिए विवेकानंद के विचारों से संबंधित पुस्तकें भेंट में दिया.
हेमंत मढ़रिया ने भी अपनी कृति ‘पाँव शिखर तक’ हिमाचल मढ़रिया को भेंट में दिया.
इस अवसर पर अंजनी मढ़रिया, दुष्यंत वर्मा, सुधा वर्मा, आशी आरव वर्मा, सपना मढ़रिया, आँचल मढ़रिया, कान्हा मढ़रिया, चंचल, आरुष, शीतल, बेगम हमीदून सिद्दीकी, शहनवाज, जिशान सिद्दीकी, मो. हुसैन, नीलू, सूफी, आयन हुसैन सहित ‘विवेकानंद विचार मंच’ के सदस्य उपस्थित हुए.

👉 • स्वामी विवेकानंदजी से संबंधित पुस्तकें भेंट करते हुए…
संचालन हेमंत मढ़रिया ने किया.
[ • रिपोर्ट- डॉ. नौशाद अहमद सिद्दीकी ‘सब्र’ ]
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