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- ‘बंगीय साहित्य संस्था’ के तत्वावधान में ‘कॉफी विथ साहित्यिक विचार-विमर्श आड्डा-113’ में शामिल हुए- स्मृति दत्त, दीपाली दासगुप्त, समरेंद्र विश्वास, दुलाल समाद्दार, प्रकाशचंद्र मण्डल, पल्लव चटर्जी, प्रदीप भट्टाचार्य, आलोक कुमार चंदा, ब्रजेश मल्लिक, विपुल सेन, जीबोन हालदार, पं. बासुदेब भट्टाचार्य, कृष्णचंद्र रॉय, रतन सरकार, रविंद्रनाथ देबनाथ और शिवमंगल सिंह. काव्य पाठ एवं साहित्यिक विचार-विमर्श
‘बंगीय साहित्य संस्था’ के तत्वावधान में ‘कॉफी विथ साहित्यिक विचार-विमर्श आड्डा-113’ में शामिल हुए- स्मृति दत्त, दीपाली दासगुप्त, समरेंद्र विश्वास, दुलाल समाद्दार, प्रकाशचंद्र मण्डल, पल्लव चटर्जी, प्रदीप भट्टाचार्य, आलोक कुमार चंदा, ब्रजेश मल्लिक, विपुल सेन, जीबोन हालदार, पं. बासुदेब भट्टाचार्य, कृष्णचंद्र रॉय, रतन सरकार, रविंद्रनाथ देबनाथ और शिवमंगल सिंह. काव्य पाठ एवं साहित्यिक विचार-विमर्श

👉 • ‘आड्डाबाज़’-113 में शामिल ‘बंगीय साहित्य संस्था’ के सदस्य
बांग्ला साहित्य और संस्कृति को समर्पित ‘बंगीय साहित्य संस्था’ के तत्वावधान में आयोजित ‘कॉफी विथ साहित्यिक विचार-विमर्श आड्डा-113’ की अध्यक्षता संस्था की उप सभापति एवं बांग्ला की सुपरीचित कवयित्री दीपाली दासगुप्त ने किया.
‘आड्डाबाज़’-113 में शामिल हुए-
‘बंगीय साहित्य संस्था’ की उप सभापति द्वय स्मृति दत्त एवं दीपाली दासगुप्त, बांग्ला कवि-लेखक समरेंद्र विश्वास, बांग्ला साहित्यिक पत्रिका ‘मध्यबलय’ के संपादक दुलाल समाद्दार, प्रगतिशील जन-विचारधारा की साहित्यिक संस्था ‘आरंभ’ के अध्यक्ष प्रदीप भट्टाचार्य, संस्था के उप सचिव प्रकाशचंद्र मण्डल, बांग्ला कवि पल्लव चटर्जी, आलोक कुमार चंदा, पं. बासुदेब भट्टाचार्य, राष्ट्रवादी कवि ब्रजेश मल्लिक, विपुल सेन, जीबोन हालदार, रतन सरकार, रविंद्रनाथ देबनाथ, कृष्णचंद्र रॉय और प्रगतिशील कवि शिवमंगल सिंह.
सभा के प्रारंभ में देश के बांग्ला चर्चित कवि-लेखक समरेंद्र विश्वास का 68वां जन्मोत्सव मनाया गया. बंगीय सदस्यों ने उन्हें केक खिलाया और मुंह मीठा किया. संस्था की तरफ से पेन डायरी भेंट किया गया.

👉 • ‘बंगीय साहित्य संस्था’ ने समरेंद्र विश्वास का जन्म दिवस मनाकर उनके दीर्घायु होने की कामना की.
काव्य पाठ-
पं. बासुदेब भट्टाचार्य ने ‘कवि और कविता’ शीर्षक से कविता पढ़ी/ • पल्लव चटर्जी ने ‘सुप्रभात कोलकाता’/ हिंदी के चर्चित कवि • शिवमंगल सिंह ने पे ड़ जैसे होती है स्त्रियाँ…’/ • विपुल सेन ने ‘ना बोला कॉथा’/ • जीबोन हालदार ने अनु गोलपो ‘बोतोलेर आंतक’/ • दुलाल समाद्दार ने ‘नूतुन कोरे आबार कोरे आमा के बांध वो…’/• दीपाली दासगुप्त ने ‘सोत्ति का रे मानुष’/ • स्मृति दत्त ने ‘आमार फिरे पाउ या शरतचंद्र’/ • प्रकाशचंद्र मण्डल ने ‘पराण पाखी उड़े जाबे’/ • आलोक कुमार चंदा ‘एलो एलो वंसतो एलो…’/ • ब्रजेश मल्लिक ने ‘आमार छोटो बाला…’/ • समरेंद्र विश्वास ने विभिन्न कवियों की कृति भेंट की और • प्रदीप भट्टाचार्य ने छोटी-छोटी रचना पढ़ी एवं • रतन सरकार • रविंद्रनाथ देबनाथ • कृष्णचंद्र रॉय ने अपने-अपने अनुभवों को साझा किए.
‘आड्डाबाज़’-113 की कुछ प्रमुख फोटो क्लिक-








• संचालन प्रकाशचंद्र मण्डल ने किया और आभार व्यक्त रविंद्रनाथ देबनाथ ने दिया.
[ • रिपोर्ट एवं प्रस्तुति- प्रदीप भट्टाचार्य ]
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chhattisgarhaaspaas
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