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‘स्वयंसिद्धा’ : ‘स्वयंसिद्धा’ ने आयोजित किया साहित्यिक गोष्ठी ‘बेलन, चक्की और कलम’ : भारतीय स्त्री के गौरवशाली परंपरा की ओर लौटना है ‘प्रत्यावर्तन’

👉 • अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस पर छत्तीसगढ़ की अग्रणी महिला संस्था ‘स्वयंसिद्धा’ द्वारा आयोजित गृहणियों की साहित्यिक गोष्ठी ‘बेलन, चक्की और कलम’ सम्पन्न हुई
• छत्तीसगढ़ आसपास
• छत्तीसगढ़ [भिलाई]
‘स्वयंसिद्धा’ के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि थीं प्रख्यात चित्रकार सुश्री साधना ढांड. प्रेरक वक्ता व विचारक लेखिका सरला शर्मा रही. अध्यक्षता की सुप्रसिद्ध कवयित्री संतोष झांझी और विशेष अतिथि डॉ. सुचित्रा शर्मा थीं

👉 • दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया अतिथियों ने
‘स्वयंसिद्धा’ की प्रमुख डॉ. सोनाली चक्रवर्ती ने स्वागत उद्बोधन में कहा कि-
महिलाओं में पठन-पाठन एवं साहित्यिक रुचि जगाने के लिए बीते सात वर्षों से ऑनलाइन ऑफलाइन कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं. इसी कड़ी में समय-समय पर साहित्यिक गोष्ठियों का आयोजन किया जाता है, जहाँ घरेलु महिलाएं ना केवल साहित्यकारों से रुबरु होती हैं बल्कि ज्ञान के जगत में प्रवेश करती हैं. ऐसे आयोजन से महिलाएं जागरूक होती हैं और पूरे परिवार को दिशा भी देती हैं.
सरला शर्मा ने भाषा की उत्पत्ति से लेकर महिला लेखन तक गंभीर विवेचना पूर्ण बातों को साझा किया. संतोष झांझी ने महिला सशक्तिकरण एवं जागृति का गीत गाया.
आरती तिवारी, रत्ना दुफ़ारे, स्मिता चौहान, राजकुमारी कनोजे, रीता वैष्णव, रंजना सूरज, राजश्री नायर, देबजानी मजूमदार, रुमा डे, प्रियंका सिंह और संगीता जायसवाल ने आलेख पाठ किया. डॉ. सुधीर शर्मा ने वैभव प्रकाशन से प्रकाशित किताबें संस्था को भेंट की.


👉 • इस अवसर पर सुश्री साधना ढांड को ‘स्वयंसिद्धा’ सम्मान एवं माया बनर्जी को ‘तेजस्विनी’ सम्मान से सम्मानित किया गया.
कार्यक्रम में विशेष सहयोग आयुषी दुफारे, रुमा डे, बिंदु नायक, संदीप चक्रवर्ती, योगेश, हतेश कुमार, मिथिलेश, गीता चौधरी, सीमा लदेर, राजश्री नायर, अनीता चक्रवर्ती, इज़ा नेल्सन का रहा.
कार्यक्रम में हेलन धर, किरण ढांड, शोभा खरालकर, पुनीता कौशल, ज्योति गांधी, अनामिका कपूर, कुदसिया अली, लक्ष्मी साहू, डॉ. पूर्णिमा लाल सहित ‘स्वयंसिद्धा’ से जुड़ी अनेकों महिलाएं उपस्थित थीं.
स्वागत वक्तव्य ‘स्वयंसिद्धा’ की कार्यकारी अध्यक्ष रीता वैष्णव एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ. रजनी नेल्सन ने दिया.
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