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अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस पर बलदाऊ राम साहू की तीन कृति ‘पहाती के सुकवा’, ‘अब पलाश में अंगार कहाँ’ और ‘छत्तीसगढ़ी बाल कहानी’ का विमोचन : बलदाऊ राम साहू की रचनाओं में कबीर की तरह सपाट बयानी करते हैं- रवि श्रीवास्तव

👉 • ‘पहाती के सुकवा’, अब ‘पलाश में अंगार कहाँ’ और ‘छत्तीसगढ़ी बाल कहानी’ का विमोचन करते अतिथि
• छत्तीसगढ़ आसपास
• छत्तीसगढ़ [दुर्ग]
अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के अवसर पर 21 फरवरी, 2026 को ‘ज्येष्ठ नागरिक संघ’ के सभागार में ‘दुर्ग जिला हिंदी साहित्य समिति’ के तत्वावधान में छत्तीसगढ़ के सुप्रसिद्ध बाल साहित्यकार बलदाऊ राम साहू की नवीनतम तीन कृति ‘पहाती के सुकवा’, ‘अब पलाश में अंगार कहाँ’ और ‘छत्तीसगढ़ी बाल कहानी’ का विमोचन कार्यक्रम सम्पन्न हुआ.
मुख्य अतिथि प्रख्यात भाषाविद् डॉ. चितरंजन कर और अध्यक्षता की ‘छत्तीसगढ़ हिंदी साहित्य सम्मेलन’ के राज्य अध्यक्ष व वरिष्ठ साहित्यकार रवि श्रीवास्तव. विशिष्ट अतिथि ‘संकेत साहित्य समिति’ के प्रांत अध्यक्ष व कवि डॉ. माणिकलाल विश्वकर्मा ‘नवरंग’ थे.

👉 • साहित्यकार बलदाऊ राम साहू साहित्य के माध्यम से समाज में चेतना पैदा करते हैं- डॉ. चितरंजन कर
प्रारंभ में बलदाऊ राम साहू ने कृतियों पर प्रकाश डाला और कुछ चुनिंदा रचनाओं का पाठ किया.

👉 • बलदाऊ राम साहू कृतियों पर प्रकाश डालते हुए…
विमोचन के अवसर पर डॉ. चितरंजन कर ने कहा कि-

बलदाऊ राम साहू अपने साहित्य के माध्यम से समाज चेतना पैदा करते हैं. उनकी तमाम रचना समसामयिक होती हैं.
रवि श्रीवास्तव ने कहा कि-
बलदाऊ राम साहू अपनी रचनाओं में कबीर की तरह सपाट बयानी करते हैं. कहीं तीखा व्यंग्य है तो कहीं समाज की सापेक्ष बातें भी है.
डॉ. माणिकलाल विश्वकर्मा ‘नवरंग’ ने कहा कि-
बलदाऊ राम साहू की रचनाओं में सहजता है. वे गंभीर विषयों को भी इस तरह प्रस्तुत करते हैं कि सामान्य पाठक भी समझ सके.
कृति पर ‘ज्येष्ठ नागरिक संघ’ के सीएस पाण्डेय और स्व. मुकुंद कौशल की धर्मपत्नी हीरा कौशल ने भी विचार रखे.

• बलदाऊ राम साहू द्वारा लिखित हिंदी व छत्तीसगढ़ी ग़ज़लों का सस्वर गायन कर डॉ. चितरंजन कर ने बड़ी संख्या में उपस्थित साहित्यप्रेमी एवं प्रबुद्ध प्रबुद्धजनों को भावविभोर कर दिया.

कार्यक्रम में विशेष रूप से वरिष्ठ कथाकार गुलबीर सिंह भाटिया, डॉ. संजय दानी, सरिता शर्मा, सुशील यदु, जयनारायण श्रीवास्तव, संजीव तिवारी, सीताराम साहू, दादूलाल जोशी, राजकुमार चौधरी, डॉ. अय्यूब खान, ‘पेंशनर संघ’ के महासचिव पुनाराम साहू, बंशीलाल मंडावी, मधुसूदन, मुकुंद, रामेश्वर, गणेश, ‘ज्येष्ठ नागरिक संघ’ के उपाध्यक्ष नित्यानंद पाण्डेय, दयालूराम साहू, साहेब सिंह, जेएस पदमवार और भिलाई, दुर्ग, राजनांदगांव, मोहला, बालोद सहित ‘ज्येष्ठ नागरिक संघ’, ‘पेंशनर संघ’, ‘हिंदी साहित्य भारती’ एवं ‘दुर्ग जिला हिंदी साहित्य समिति’ के अनेकों लेखक, कवि, प्रबुद्धजन उपस्थित थे.
मंच संचालन ‘दुर्ग जिला हिंदी साहित्य समिति’ के सचिव राकेश गुप्ता ‘रुसिया’ और आभार व्यक्त ‘हिंदी साहित्य भारती’ के महामंत्री चंद्रकांत साहू ने किया.
ये जानकारी राकेश गुप्ता ‘रुसिया’ ने ‘छत्तीसगढ़ आसपास’ को दी.
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