रंग पर्व पर विशेष- डॉ. नौशाद अहमद सिद्दीकी ‘सब्र’
4 days ago
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• होली का त्योहार मनाना है
– डॉ. नौशाद अहमद सिद्दीकी ‘सब्र’
[ छत्तीसगढ़-भिलाई ]

होली का त्यौहार मनाना है,,,
हंसना है और सबको हंसाना है,
प्यार के रंग में डूब जाना है।
मौज मस्ती करना है और कराना है,
प्यार से रंग गुलाल अबीर लगाना है।
सभी को गिले शिकवे भूल जाना है,
फिर प्यार से गले मिल जाना है।
हम एक हैं एक ही रहेंगे,
दुनिया को ये बताना है।
अनेकता में एकता का रंग
सबको लगाना है
होली का त्यौहार
धूमधाम से मनाना है।
हंसना है और सबको हंसाना है,
प्यार के रंग में रंगा जाना है,,,
सरा रा रा रा,,
बुरा न मानो होली है।

[ • प्रगतिशील जन-विचारधारा की साहित्यिक संस्था ‘आरंभ’ के संस्थापक सदस्य डॉ. नौशाद अहमद सिद्दीकी ‘सब्र’ समिति के मीडिया प्रमुख हैं और मंचीय कवि के रूप में चर्चित हैं. • संपर्क- 93015 84627 ]
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chhattisgarhaaspaas
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