रचना और रचनाकार- पल्लव चटर्जी

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• सुरक्षा कवच हेलमेट

सड़क पर चलते हुए
दो पहिया वाहन चालक को
हेलमेट पहनने का महत्व
बेहद स्पष्ट है ।
दुर्घटना के लिए न देश,न धर्म न सरहदें
जिम्मेदार होते हैं वल्कि असुरक्षित ड्राइविन्ग्स ही
आकस्मिकताओं का कारण होती हैं
ऐसे में यह केवल चालकों की
व्यक्तिगत जिम्मेदारी नहीं है बल्कि पालकों,
प्रसाशन, यातायात विभाग और शैक्षणिक संस्थाओं की भी
महत्वपूर्ण भुमिका होती है ताकि
अनमोल जिंदगियां सुरक्षित रहे।
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• संघर्ष

सपनों,आकाँक्षाओं,अभिलाषाओं के लटकते हुए रंग-बिरंगे लालीपाॉप को
हासिल करने हेतु
इंसान आपस में संघर्ष की नीति अपनाते हैं,
एक लड़ाई से निकल कर दूसरी में उलझ जाते हैं
ऐसी बेमानी जंगो से ही मनुष्यता का क्रमशं: नाश हो रहा है
वास्तविकता से परे नहीं जाकर
लडा़ई से कुछ आगे निकल कर सोचें
निर्माण कार्य पर पहल करें।
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• दर्द मज़हबी नहीं होता

ताहिर हुसैन की कमर का दर्द
जब नाका़बिले बर्दाश्त होने लगा
तो शब्बीर की सलाह मानकर
गफू़र मियाँ से- ताबीज बँधवाने को राजी़ हो गया।
खु़द को अल्लाह का नेक बंदा
ऐलान करने वाले गफू़र मियाँ
कलमा पढ़कर ताहीर के कमर में
ताबीज़ बाँधी और हफ्ते भर में
कमाल होने का भरोसा दिलाया..
हफ्ता हफ्तों में तब्दील होने लगा
और दर्द पहले से दूना…
अब अब्दुल के कहने पर
आम बागान के रहवासी- हिंदू ओझा के पास जाकर- फूँका हुआ जल पी आया ताहिर….
सुना है ताहिर रफ्ता रफ्ता
दर्द से निजात पा रहा है।
तो क्या इस बार वो
ईद के मुबारक़ मौके़ पर
ओझा के घर सेवँइया और
ईदी देने जायेगा?
दर्द मज़हबी नहीं होता
उसका रिश्ता तो हर एक
हमदर्द से होता है।
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• सच

आंखों के सामने
दिखता हुआ सच को
हथियार न बनाएं
आदेश पारित न करें
सच्चाई की तह तक जाना चाहिए
सलीके से पेश आएं तो
जुड़ाव बढ़ेगा अपने आप ही
जमीन तैयार होगी ।
निगरानी बना कर रखें
कठोरता छोड़े
भरोसे,योजनाओं के
क्रियान्वयन से
और भी बेहतर कल का निर्माण संभव है।
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• खूब खेलों होली मुहल्ले में

खुब होली खेलों रंग उड़ाओ
बुरा न मानो का सुरक्षा कवच पहन कर ,
होली से पहले अपराधियों का
धर-पकड़ हों चुका है
उन्हें जेल भेज दिया गया है ।
यह सरकारी दावां है
खूब रंग उड़ाओ
आपात स्थितियों के लिए
सरकारी अस्पतालों में डॉक्टर मिलेंगे ,
इलाज भी मुफ्त रहेगा ।
दिन भर पानी का नल चालु रहेगा
उपयोग करके सहयोग करें
यहां तक रेलवे स्टेशन पर भी
इलाज की सुविधा व सुरक्षा रहेगा
ट्रेन से यात्रा करना भी आसान होगा
टिकट सीटों पर वितरित करने का
व्यवस्था किया गया है।
क्लिंकिट द्वारा तरल पदार्थ का
घर पहुंच निरंतर सेवा का वादा व दावा
किया जाता है बन्धुओं सिर्फ तुम्हारे लिए।
बुरा न मानो का सुरक्षा कवच पहन कर
लग जाओ होली का त्योहार मनाने के लिए।
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👉 • प्रगतिशील जन-विचारधारा की साहित्यिक संस्था ‘आरंभ’ के अध्यक्ष एवं प्रगतिशील कवि प्रदीप भट्टाचार्य के साथ बांग्ला के देशव्यापी कवि एवं ‘आरंभ’ के संस्थापक सदस्य पल्लव चटर्जी. ]
• कवि संपर्क-
• 81093 03936
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chhattisgarhaaspaas
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