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- बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर जयंती [14 अप्रैल 1891-6 दिसंबर 1956] : समता और न्याय के प्रणेता एवं संविधान के निर्माता की जयंती मनाई गई
बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर जयंती [14 अप्रैल 1891-6 दिसंबर 1956] : समता और न्याय के प्रणेता एवं संविधान के निर्माता की जयंती मनाई गई

👉 मैं किसी समुदाय की प्रगति का आकलन इस आधार पर करता हूँ कि महिलाओं ने कितनी प्रगति हासिल की है- बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर

👉 • छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्य मंत्री भूपेश बघेल ने इस अवसर पर कहा कि “बाबा साहेब ने जातिविहीन समाज की कल्पना की थी”
• छत्तीसगढ़ आसपास
• कुम्हारी, जिला- दुर्ग
“बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर ने ऊँच-नीच, छुआछूत से परे जातिविहीन समाज की कल्पना की थी। इसके लिए उन्होंने लाखों अनुयायियों के साथ बौद्ध धर्म की दीक्षा ली। बुद्ध की करूणा की जरूरत ट्रंप और नेतन्याहू को भी है। देश को गुलामी से बचाने के लिए हमें बाबा साहब के संविधान की रक्षा करनी होगी।”
पंचशील बुद्ध विहार कुम्हारी में अंबेडकर जयंती के अवसर पर भूपेश बघेल, पूर्व मुख्यमंत्री व विधायक पाटन ने उक्ताशय का विचार रखा। उन्होंने डॉ. अम्बेडकर के छायाचित्र के समक्ष केक काटकर बौद्ध समाज को अंबेडकर जयंती की बधाई दी। उन्होंने बौद्ध समाज के सामुदायिक भवन निर्माण के लिए भूमि पूजन भी किया।
सुबह कुम्हारी नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती मीना वर्मा तथा वार्ड क्र. 9 के पार्षद लेखराम साहू ने पंचशील झंडा फहराकर कार्यक्रम का आगाज किया। श्रीमती मीना वर्मा ने बाबा साहब की जयंती पर बधाई देते हुए कहा कि हमें बाबा साहब के बताए मार्ग पर चलते हुए देश और समाज का कल्याण करना है।
भारतीय बौद्ध महासभा की अध्यक्ष प्रेमलता डोंगरे के नेतृत्व में उपासक-उपासिकाओं ने सामूहिक पंचशील ग्रहण कर, पूजा-वंदना की। इस अवसर पर उन्होंने बाबा साहब के जीवन संघर्ष पर प्रकाश डाला और बुद्ध के मार्ग पर चलने का आह्वान किया।
मंच से राकेश पाण्डेय, इमरान रिजवी, आयुषी पाण्डेय, अश्वनी देशलहरे, रागिनी निषाद आदि प्रबुद्ध नागरिकों व जनप्रतिनिधियों ने भी संबोधित किया।
दोपहर को खेलकूद का आयोजन रखा गया, जिसमें महिलाओं ने अपनी भागीदारी दी।
संध्या पंचशील बुद्ध विहार शिवनगर से संगठन सचिव किशन बोरकर के नेतृत्व में रैली निकाली गई, जो कुम्हारी के विभिन्न मार्गों से होते हुए पुनः बुद्ध विहार में विसर्जित हुई।
विशेष योगदान देने के लिए सामाजिक कार्यकर्ताओं का सम्मान अध्यक्ष प्रेमलता डोंगरे व विशेष अतिथि मुकुंद राठोड ने किया। वरिष्ठ कार्यकर्ता अनिल टेंभेकर, प्रीति पाटिल, संध्या भसगौरी, सावित्री बाई सहारे, सुनिता साखरे, अनिता जनबंधु का स्मृति चिन्ह व पुष्पगुच्छ भेंटकर सम्मान किया गया।
रात्रि निरामिष मैत्री भोज का आयोजन रखा गया, जिसमें बौद्ध समाज के साथ नगर के प्रबुद्धजनों ने भाग लिया।

👉 • ‘भारतीय बौद्ध महासभा’ के उपासक-उपासिकाएं एवं जनप्रतिनधि

👉 • नगर पालिका अध्यक्ष [कुम्हारी] मीना वर्मा दीप प्रज्ज्वलित कर एवं वार्ड क्र. 9 पार्षद लेखराम साहू ने झंडा फहराकर कार्यक्रम का आगाज किया
इस कार्यक्रम में भारतीय बौद्ध महासभा के पदाधिकारी, उपासक-उपासिकाएँ, जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे, जिसमें मुख्य रूप से अन्नू शिवनकर, सावित्री बाई सहारे, सुरेश वाहने, हंसराज गजभिए, डिगाम्बर टेंभेकर, वंदना पाटिल, सुनिता साखरे, ललिना जाम्बुलकर, पूजा जनबंधु, पंचशीला सहारे, दुर्गा वाहने, अनिता जनबंधु, ओएसडी आशीष वर्मा, नगर पालिका उपाध्यक्ष प्रमोद सिंह राजपूत, सामाजिक कार्यकर्ता मुकुंद राठोड, दीपक चतुर्वेदी, रामकुमार सोनी, राजू निषाद, धर्मेन्द्र सिन्हा, योगिता वर्मा, विरेन्द्र सिंह, जूली सिंह, सुनिता कुर्रे, नलिनी पारेकर आदि शामिल हैं।
[ • रपट : सुरेश वाहने ]
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