- Home
- Chhattisgarh
- ‘बंगीय साहित्य संस्था’ की ‘कॉफी विथ साहित्यिक विचार-विमर्श आड्डा-123’ में ‘जी-बांग्ला’ सा रे गा मा लिटील चैंप के प्रतिभागी शुभोजीत खासनवीस शामिल हुए और आड्डा पर एक सु-मधुर गीत गाकर समा बाँधा
‘बंगीय साहित्य संस्था’ की ‘कॉफी विथ साहित्यिक विचार-विमर्श आड्डा-123’ में ‘जी-बांग्ला’ सा रे गा मा लिटील चैंप के प्रतिभागी शुभोजीत खासनवीस शामिल हुए और आड्डा पर एक सु-मधुर गीत गाकर समा बाँधा

👉 • ‘बंगीय साहित्य संस्था’ के तत्वावधान में प्रति सप्ताह आयोजित ‘कॉफी विथ साहित्यिक विचार-विमर्श आड्डा-123’ में शुभोजीत खासनवीस के साथ शामिल हुए- संस्था के महासचिव शुभेंदु बागची, ‘मध्यबलय’ के संपादक दुलाल समाद्दार, उप सचिव प्रकाशचंद्र मण्डल, ‘आरंभ’ के अध्यक्ष प्रदीप भट्टाचार्य, आलोक कुमार चंदा, ब्रजेश मल्लिक, विपुल सेन, सुजॉशा सेन, पं. बासुदेब भट्टाचार्य, तापस किरण रॉय, संध्या रॉय, कृष्णचंद्र रॉय और रविंद्रनाथ देबनाथ

👉 • ‘बंगीय साहित्य संस्था’ की सक्रिय सदस्य एवं बांग्ला गायिका कवयित्री सुजॉशा सेन का जन्मदिवस बंगीय सदस्यों ने हर्षोल्लास के साथ मनाया और उन्हें मुंह मीठा कर दीर्घायु होने की कामना की 🎂
• छत्तीसगढ़ आसपास
• भिलाई निवास
विगत 65 वर्षों से संचालित ‘बंगीय साहित्य संस्था’ इस्पात नगरी भिलाई में बांग्ला भाषा और इसकी संस्कृति- सांस्कृतिक एवं बांग्ला साहित्य को जीवंत रखने के लिए बांग्ला आयोजन के जरिए साल भर अनेकों अनुष्ठान कर रही है. इस कड़ी में ‘कॉफी विथ साहित्यिक विचार-विमर्श आड्डा’ प्रति सप्ताह भिलाई निवास के इंडियन कॉफी हाउस में किया जा रहा है. इस सप्ताह आड्डा-123 {18 अप्रैल, 2026} में ‘जी बांग्ला’ सा रे गा मा लिटिल चैंप 2007 एवं 2009 के प्रतिभागी शुभोजीत खासनवीस विशेष आमंत्रण पर शामिल हुए.
आज के आड्डा-123 के सभापति रहे-बांग्ला साहित्य व संस्कृति की संस्था ‘पूबेर हावा’ के अध्यक्ष एवं ‘बंगीय साहित्य संस्था’ के महासचिव शुभेंदु बागची. विशेष आमंत्रित अतिथि शुभोजीत खासनवीस थे.
प्रारंभ में उपस्थित बंगीय सदस्यों ने सुजॉशा विपुल सेन का जन्मदिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया.
आड्डा का संचालन बांग्ला-हिंदी के कवि प्रकाशचंद्र मण्डल ने किया.

▪️
‘बंगीय साहित्य संस्था’ के महासचिव शुभेंदु बागची ने 7 अप्रैल,2026 को हुए गूगल सांगठनिक बैठक में जिन बिंदुओं पर विचार-विमर्श एवं सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया था, उसी बिंदुओं को पढ़कर सुनाया-
* सर्वप्रथम गूगल मीट में संस्था के संस्थापक स्व. शिबव्रत देवानजी को उनके जन्मदिवस [7 अप्रैल] पर विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की गई.
* ‘बंगीय साहित्य संस्था’ का पंजीयन छत्तीसगढ़ राज्य स्तरीय किया जायेगा. • दो माह में एक बार नियमित रूप से ‘साहित्य सभा’ किया जाएगा. इच्छुक सदस्य के निवास पर अन्यथा कॉफी हाउस के सभागार में. स्थान चयन का दायित्व बीरेंद्रनाथ सरकार को दिया गया. • प्रतिमाह बांग्ला साहित्यिक बुलेटिन का प्रकाशन पुन: प्रारंभ किया जाना है. • संस्था का गौरवपूर्ण इतिहास नए सदस्यों को ‘साहित्य सभा’ के माध्यम से अवगत कराया जाय. • संस्था का अपना एक साउंड सिस्टम हो. • वार्षिक सदस्यता राशि अनिवार्य रूप से सदस्य जमा करें. • ‘सर्वभारतीय साहित्य सभा’ का आयोजन प्रति एक वर्ष के अंतराल में आयोजित करने का प्रयास रहेगा, ताकि देश-दुनिया के प्रसिद्ध साहित्यकार से संवाद हो. • ‘बंगीय साहित्य संस्था’ की वर्तमान प्रबंध- कार्यकारिणी कमेटी यथावत रहेगी. • संस्था का बायलॉज तैयार किया जाएगा, इसकी जिम्मेदारी शुभेंदु बागची को दी गई है. • ‘बंगीय साहित्य संस्था’ का वेबसाइट तैयार किया जाएगा ताकि विश्व पटल पर संस्था का नाम अंकित हो.
▪️
उपस्थित सदस्यों में शुभेंदु बागची, दुलाल समाद्दार, प्रकाशचंद्र मण्डल, प्रदीप भट्टाचार्य, आलोक कुमार चंदा, ब्रजेश मल्लिक, विपुल सेन, सुजॉशा सेन, पं. बासुदेब भट्टाचार्य, तापस किरण रॉय, संध्या रॉय ने बांग्ला-हिंदी में काव्य पाठ किया…


शुभेंदु बागची ने हिंदी ग़ज़ल ‘आँखों में अश्क..’ और बांग्ला कविता ‘आमी तोमाके भालो बासी…’ दुलाल समाद्दार ने ‘कविता’ शीर्षक से कविता का पाठ किया. प्रकाशचंद्र मण्डल ‘भालो बासार दास’ प्रदीप भट्टाचार्य ने हिंदी में मुक्तक पढ़ा. आलोक कुमार चंदा ने शक्ति चट्टोपाध्याय रचित एक रचना ‘सम्पर्क’ को पढ़कर सुनाया. ब्रजेश मल्लिक ने हिंदी कविता ‘बेटी की शादी’ और ‘छोटी सी जिंदगी’ एवं एक बांग्ला कविता ‘बांग्लार दुर्दशा’ को मार्मिक प्रस्तुति के साथ पढ़ा. विपुल सेन ‘अश्रु स्वसती’ और ‘श्रीती दाग’. सुजॉशा सेन ने ‘ओ नुतून बोछोर…’ पं. बासुदेब भट्टाचार्य ने ‘दूरे थाको’ तापस किरण रॉय ने ‘तोमार कठोर मन’ एवं ‘सोबुछ गाछ’ संध्या रॉय ने ‘उड़छी आमी’.
▪️
गायक शुभोजीत खासनवीस ने ‘बंगीय साहित्य संस्था’ के कार्यों की प्रशंसा की. उन्होंने कहा- अहिंदी भाषा क्षेत्र में बांग्ला साहित्य को लेकर नियमित चर्चा एवं ‘साहित्य सभा’ हो रही है यह बड़ा योगदान है. शुभोजीत ने एक बांग्ला गीत भी सुनाकर सबका दिल जीत लिया.
👉 • शुभोजीत खासनवीस द्वारा एक मधुर गीत की प्रस्तुति…
▪️
आड्डा-123 की कुछ प्रमुख झलकियाँ-

👉 • शुभोजीत खासनवीस के साथ प्रदीप भट्टाचार्य और आलोक कुमार चंदा

👉 [बाएँ से] • विपुल सेन, शुभोजीत खासनवीस, शुभेंदु बागची और दुलाल समाद्दार

👉 [बाएँ से] • शुभेंदु बागची, प्रकाशचंद्र मण्डल, ब्रजेश मल्लिक, रविंद्रनाथ देबनाथ, दुलाल समाद्दार, कृष्णचंद्र रॉय, सुजॉशा सेन, विपुल सेन और आलोक कुमार चंदा

👉 • संध्या तापस किरण रॉय कविता पाठ करती हुई…

👉 • आड्डा-123 में उपस्थित साहित्यिक आड्डाबाज़
आभार व्यक्त कृष्णचंद्र रॉय ने किया.
[ • परिकल्पना रपट : प्रदीप भट्टाचार्य ]
🟥🟥🟥
chhattisgarhaaspaas
विज्ञापन (Advertisement)