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भारतीय शास्त्रीय नृत्य शैली कथक के बदलते स्वरूप पर एक शानदार नृत्य नाटिका ‘आहार्यम’ का मंचन 26 अप्रैल को ‘कला मंदिर’ में

👉 • ‘आहार्यम’ में जीवंत होगा कथक का बदलता दौर, महात्मा गांधी कला मंदिर में नृत्यनाटिका का मंचन 26 अप्रैल,2026 [रविवार] को रात 8.00 बजे से
• छत्तीसगढ़ आसपास
• भिलाई
भारतीय शास्त्रीय नृत्य शैली कथक के बदलते स्वरूप पर एक शानदार नृत्य नाटिका ‘आहार्यम’ का मंचन रविवार 26 अप्रैल को रात 8 बजे से महात्मा गांधी कला मंदिर सिविक सेंटर में होने जा रहा है।

आयोजक ‘कृष्ण प्रिया कथक केंद्र’ की संचालिका उपासना तिवारी ने बताया कि-
इस नृत्य नाटिका में दर्शकों के लिए प्रवेश पूरी तरह नि:शुल्क है।
उन्होंने बताया कि सभी भारतीय शास्त्रीय नृत्यों में ‘आहार्यम’ अभिनय का एक प्रमुख अंग है, जिसका अर्थ सजावट या वेशभूषा से है। यह नर्तक के शारीरिक रूप, वेशभूषा, श्रृंगार और आभूषणों के उपयोग से मंच पर चरित्र को जीवंत करने की कला है।
उन्होंने बताया कि ‘आहार्यम’ के माध्यम से उनके केंद्र के कलाकार कथक नृत्य विधा की ऐतिहासिक यात्रा को मंच पर प्रस्तुत करेंगे।
जिसमें मंदिर काल से आज के आधुनिक काल तक कथक में समय-समय पर आए बदलाव को दर्शाया जाएगा।

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