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रजिस्टर और पेन का जमाना गया… भारत की पहली डिजिटल जनगणना 2027 में युवाओं के लिए नौकरियों का अवसर

रजिस्टर और पेन का जमाना गया… भारत की पहली डिजिटल जनगणना 2027 में युवाओं के लिए नौकरियों का अवसर
भारत में जनगणना 2027 की प्रक्रिया 1 अप्रैल 2026 से शुरू हो चुकी है। यह देश की पहली पूरी तरह डिजिटल जनगणना है, जिसमें पारंपरिक कागज-पेन की जगह मोबाइल ऐप और सेल्फ एन्यूमरेशन पोर्टल का इस्तेमाल किया जाएगा। नागरिक अपनी जानकारी खुद ऑनलाइन भर सकेंगे (16 भाषाओं में उपलब्ध)।
जनगणना की खास बातें:
• दो चरणों में होगी:
• पहला चरण (House Listing Operation – HLO): अप्रैल से सितंबर 2026 तक — घरों की लिस्टिंग, आवास की स्थिति, सुविधाएं आदि।
• दूसरा चरण (Population Enumeration – PE): फरवरी 2027 में — विस्तृत जनसांख्यिकीय, सामाजिक-आर्थिक जानकारी।
• सेल्फ एन्यूमरेशन: पहले 15 दिनों में नागरिक पोर्टल (se.census.gov.in) पर खुद डेटा भर सकते हैं।
• डेटा कलेक्शन: एन्यूमरेटर्स अपना स्मार्टफोन इस्तेमाल करके मोबाइल ऐप से रियल-टाइम डेटा दर्ज करेंगे।
• कुल बजट: लगभग ₹11,718 करोड़।
युवाओं के लिए कितनी नौकरियां और कितनी सैलरी/मानदेय?
यह पूर्णकालिक स्थायी नौकरी नहीं है, बल्कि अस्थायी ड्यूटी है। मुख्य रूप से सरकारी कर्मचारी (जैसे स्कूल टीचर, अन्य अधिकारी) को ही प्रगणक
(Enumerator) और पर्यवेक्षक (Supervisor) के रूप में लगाया जाता है। कुल 31 लाख से ज्यादा (लगभग 30-32 लाख) एन्यूमरेटर्स और सुपरवाइजर्स देशभर में काम करेंगे। 
• मानदेय (Honorarium): अलग से फुल सैलरी नहीं मिलती, बल्कि अतिरिक्त काम के लिए मानदेय दिया जाता है।
• प्रगणक और पर्यवेक्षक को कुल ₹25,000 तक:
• पहला चरण (HLO): ₹9,000
• दूसरा चरण (PE): ₹16,000
• ट्रेनिंग के दौरान अतिरिक्त भत्ता: ₹350 से ₹600 प्रति दिन तक (कुछ रिपोर्ट्स में ₹600/दिन का जिक्र)।
• उच्च पदों पर (जैसे राज्य नोडल अधिकारी): ₹30,000 से ₹75,000 तक मानदेय। 
नोट: यह मौजूदा सरकारी नौकरी वाले लोगों के लिए अतिरिक्त कमाई का मौका है। युवाओं के लिए सीधे बड़े पैमाने पर नई भर्ती नहीं है, लेकिन ट्रेनिंग और फील्ड वर्क के जरिए अनुभव मिल सकता है। कुछ जगहों पर टेक्निकल सपोर्ट स्टाफ के लिए कॉन्ट्रैक्ट/आउटसोर्सिंग भी हो सकती है। कुल मिलाकर यह 10 मिलियन से ज्यादा ह्यूमन-डे के रोजगार का अवसर पैदा कर रहा है।
युवाओं को फायदा कैसे?
• डिजिटल स्किल्स सीखने का मौका (मोबाइल ऐप, डेटा कलेक्शन)।
• सरकारी काम का अनुभव, जो भविष्य की नौकरियों में मदद कर सकता है।
• कुछ युवा शिक्षित बेरोजगारों को ट्रेनिंग या सहायक भूमिकाओं में शामिल होने का अवसर मिल सकता है (राज्य स्तर पर विविधता हो सकती है)।
रजिस्टर-पेन वाला पुराना जमाना अब गया — अब सब कुछ ऐप और पोर्टल पर। अगर आप जनगणना में अपना डेटा खुद भरना चाहते हैं तो se.census.gov.in चेक करें। स्थानीय कलेक्टर/जनगणना कार्यालय से भी संपर्क कर सकते हैं।
chhattisgarhaaspaas
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