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भिलाई इस्पात मजदूर संघ की कार्यकारिणी बैठक : यूनियन ‘बी’ ग्रेड पर प्रमोशन रोकने का नियम वापस ले प्रबंधन

👉 • ‘बीएमएस’ की इस बैठक में महामंत्री- चन्ना केशवलू, वरिष्ठ उपाध्यक्ष- सन्नी ईप्पन, सुधीर गड़ेवाल, मृगेंद्र कुमार, जगजीत सिंह, संयुक्त महामंत्री- प्रदीप कुमार पाल, अनिल गजभिये, जोगेंद्र कुमार, भूपेंद्र बंजारे, सचिव- गंगाराम चौबे, ए. वेंकट रमैया, अखिलेश उपाध्याय, संतोष सिंह, राकेश उपाध्याय, संतोष सिंह, राकेश उपाध्याय, पूरनलाल साहू, नागराजू, संजय कुमार साकुरे, कोषाध्यक्ष- रवि चौधरी, घनश्याम साहू, संतोष जगन्नाथ नाले, अनिल शुक्ला, प्रशांत क्षीरसागर और अनिल राय
• छत्तीसगढ़ आसपास
• भिलाई
भिलाई [05 मई, 2026] : भिलाई इस्पात मजदूर संघ के कार्यकारिणी की आवश्यक बैठक यूनियन कार्यालय सेक्टर 6 में संघ के महामंत्री चन्ना केशवलू की अध्यक्षता में संपन्न हुई । जिसमें कर्मचारियों को मनमाने तरीके से ग्रेडिंग देने का विरोध किया गया एवं ‘बी’ ग्रेड के कारण प्रमोशन रोकने के नियम पर रोक लगाने एवं कर्मचारियों को उनका ग्रेड दिखाने की मांग प्रबंधन से किया गया l
बैठक में कार्यकारिणी सदस्यों को संबोधित करते हुए यूनियन के महामंत्री चन्ना केसवलू ने कहा कि यूनियन के संज्ञान में यह बात आई है कि विभागीय प्रबंधन द्वारा कर्मचारियों को जो ग्रीडिंग दिया गया उसे उच्च प्रबंधन ने दबाव पूर्वक बदलवा रहा है l इसका भिलाई इस्पात मजदूर संघ कड़ा विरोध करेगा l भिलाई के उच्च प्रबंधन ने लगभग 25% कर्मचारियों को बी ग्रेड देने की अनिवार्यता रखी है इससे कर्मचारी का प्रमोशन तो रुकेगा ही भविष्य में उनकी नौकरी जाने का खतरा बना रहेगा l
इंटक के एग्रीमेंट से होगा बड़ा नुकसान
महामंत्री चन्ना केशवलू ने कहा कि 25 जून 2021 को उस समय की मान्यता प्राप्त इंटक यूनियन के साथ भिलाई प्रबंधन ने एग्रीमेंट कर जो नान एग्जीक्यूटिव प्रमोशन पॉलिसी (एन ई पी पी) लागू किया l जिसके पैरा 18 में स्पष्ट उल्लेख है कि यदि किसी कर्मचारी को लगातार 3 साल तक बी ग्रेड मिलता है तो उसका प्रमोशन रोक दिया जाएगा l यह पूरी तरह से कर्मचारियों को प्रताड़ित करने वाला एवं उनके पदोन्नति के रास्ते को रोकने वाला कदम है, जिसका भारतीय मजदूर संघ ने विरोध किया एवं इसे समाप्त करने की मांग करता रहा है
उन्होंने कहा कि जिस तरह से सेल प्रबंधन का रवैया है उसे देखते हुए यह आशंका है कि प्रबंधन यदि दबाव देकर कर्मचारियों को ‘बी ‘ग्रेड देता है तो भविष्य में तीन ‘बी’ ग्रेड पाये कर्मचारियों का प्रमोशन तो रुकेगा ही उसे कंपलसरी रिटायरमेंट (सी आर) के लिए भी प्रबंधन आधार बना सकता है l उन्होंने कहा कि जल्द से जल्द प्रबंधन ‘बी’ ग्रेड की अनिवार्यता समाप्त करे एवं एनईपीपी के कर्मचारी विरोधी नियमों को वापस ले एवं कर्मचारियों को उनका ग्रेड दिखाने की व्यवस्था किया जाए.
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