• Chhattisgarh
  • ■कविता संग्रह : सिधवा झन समझव 【 कवि दुर्गा प्रसाद पारकर 】

■कविता संग्रह : सिधवा झन समझव 【 कवि दुर्गा प्रसाद पारकर 】

4 years ago
1741

♀ मौन से मुखर होने का संकेत – ‘सिधवा झन समझव’

दुर्गा प्रसाद पारकर द्वारा लिखित कविता संग्रह ‘सिधवा झन समझव’- छत्तीसगढ़ी में छंदमुक्त कविताओं का सुंदर संकलन है। हिंदी बेल्ट में जनपदीय भाषा में पद रचना तुकांत, गेय या छंद में बांधकर होती है। छंदमुक्त कविता कभी-कभी ही लिखी जाती रही। दुर्गा प्रसाद पारकर का यह सम्पूर्ण कविता संग्रह ही छंदमुक्त कविताओं का संकलन है। छत्तीसगढ़ी भाषा साहित्य में इस कविता संग्रह का स्वागत है।
समय की धारा के साथ कविता की धारा, शैली व शिल्प में भी परिवर्तन होता रहता है। जीवन, रहन-सहन, भौतिक घटनाएं भी परिवर्तित होती रहती है। उसके अनुसार विषय वस्तु भी बदलता है।
छत्तीसगढ़ के कृषि जीवन में अब उद्योग-व्यापार ने प्रवेश कर लिया है। राजनीति हावी हो गयी है। जीवन में दोहरापन आ गया है। छत्तीसगढ़ का सीधा, सहज, सरल व्यक्ति अभी तक शोषित होता रहा है, पर अब शनै: शनै: जागरण की लहर आने लगी है। ऐसी स्थिति में कवि का मनोभाव चुनौती की मुद्रा बना लेता है और कहता है ‘मोला सिधवा झन समझव’! अर्थात ‘मुझे सीधा (बुद्धू) मत समझना’!
अभी तक वह मूक की तरह था, अब मौन से मुखर होने का संकेत करते हुए कवि ने लिखा-‘सिधवा झन समझव’!, काव्य संकलन का शीर्षक ही सब समझा देता है। ‘सिधवा झन समझव’ संकलन में 54 कविताएं संकलित हैं। छत्तीसगढ़ की माटी से जुड़ी कविताएं छत्तीसगढ़ कहां हे?, छत्तीसगढ़ फेर कब आबे?, हरियर छत्तीसगढ़, मोर गंवई गांव-बारम्बार मातृभूमि की याद दिलाती है। यह छत्तीसगढ़ यानी कोसल प्रदेश, भगवान श्रीरामचन्द्र जी का ननिहाल है। वही छत्तीसगढ़ आज शराब की लत से बेहाल है।

कवि की पीड़ा इन पंक्तियों में देखें-

दारू कस जहर ले
मुक्ति देवाय बर
ममा मन ल तारे बर
भांचा के धरम निभाये बर
हे राम!
छत्तीसगढ़ फेर कब आबे?

कवि ने युवा पीढ़ी के भटकाव को लव कुश का उदाहरण देते हुए प्रश्न किया है –

कलयुग के लव कुश मन
पढ़े लिखे के उमर म
रद्दा ले भटके बर धर ले हे
इमन ल संस्कार के पाठ पढ़ाय बर
अश्वमेध यज्ञ के घोड़ा ल
खोजत-खोजत
हे राम!
वाल्मीकि के आश्रम डाहर
तुरतुरिया फेर कब आबे?

कैसा है यह छत्तीसगढ़? आज छत्तीसगढ़ के नाम का शोर विदेश में भी है, पर उसकी पहचान क्या है? जहां गरीबी, अशिक्षा है, वहां छत्तीसगढ़ है।
जैसे –

जउन ल जेन जघा
कांटा गड़ जही
मान लेबे रे बेटा
छत्तीसगढ़ उही पांव म हे!

जिहां जिहां जाबे
तंय मोला पाबे
गरीबी, उपेक्षा अउ अशिक्षा
जिहां-जिहां हे,
मान लेबे रे, मोर दुलरुवा
उही अभागिन के कोख म
छत्तीसगढ़ हे!

कवि पारकर भारत की विशेषता बहुत सुंदर ढंग से परिभाषित करते हैं-अनेकता में एकता की उपमा, सबके गुण धर्म को मिलाकर रंगहीन पानी सा कर देते हैं-

बादर ह घुम घुम के
अलग-अलग प्रान्त म
एके रंग के पानी गिराथे
अपन-अपन भाषा संस्कृति संग
रेला ह
नदिया म संघरथे,
बोहावत-बोहावत नदिया ह
समुंद म समा जाथे
समाय के बाद सबके गुन धर्म ह
हो जथे पानी कस एक
अइसन आय हमर भारत देश!

छत्तीसगढ़ का प्यारा किसान केवल ‘बासी’ खाकर खेत खलिहान में अन्न उपजाने व संजोकर रखने का काम करता है। जिस तरह बूढ़े व्यक्ति को केवल लाठी का सहारा होता है, उसी तरह छत्तीसगढ़ को केवल किसान का ही सहारा है। ‘आसरा’ कविता इसी आशा की रचना है।
‘केवट’ का क्या काम है? विषम परिस्थिति में जीवन रूपी नदी को पार कराना। समुंदर के शब्दकोश में केवट के लिए ‘हार’ जैसा शब्द नहीं लिखा है। कवि पारकर ने बहुत सुंदर व्याख्या की है ‘केवट’ की-

शौर्य अउ भक्ति के
संगे संग
जिनगी के जंग ल लड़ के
जीते बर
दुनिया ल-कवि पारकर ह
‘विजयी भव’ के पाठ पढ़ाथे

दुर्गा प्रसाद पारकर की यह नई दृष्टि केवट को साहस, आत्मविश्वास से भरा पराक्रमी, अजेय योद्धा बना देती है।
अभी तक केवट को हमने केवल सेवक व श्रमिक के रूप में देखा है, गुण ग्राहक भक्त के रूप में देखा है, पर कवि पारकर ने केवट को-‘विजयी भव’ का पाठ पढ़ाने वाला गुरु बना दिया। यह नई दृष्टि कवि का पाथेय है। छत्तीसगढ़ी कविता में नया उन्मेष है। कवि पारकर ने ‘एकलव्य’ को भी फटकारा है-द्रोणाचार्य को कब तक गुरु दक्षिणा में अपना अंगूठा देते रहोगे? अशिक्षा के कालिया नाग को कृष्ण की तरह नाथना पड़ेगा। कथन की नई शैली व नई उपमा। स्वागत है।
फसल चक्र की समाप्ति के पश्चात किसानों का पलायन आम बात है, पर कवि पारकर इस पलायन को शकुनि की चाल बताकर पूछते हैं-खाय कमाय के नाम म, शकुनि के चाल अउ पलायन के तिरी पासा म, सरबस हार के कब तक आंसू ढरकावत रहू?
नई दृष्टि, नई उपमा, नई शैली में मुक्तछंद की कविता हमें आल्हादित करती है।
नारी और वृक्षारोपण पर एक नई सोच के साथ कवि पारकर का विचार है-
नारी तपस्या, भक्ति, सेवा, प्रकृति के समान माता का नाम है, पर वह क्रोधित होने पर महामाया बन जाती है लेकिन वृद्ध होने पर यदि, पति व बेटे ने छोड़ दिया तो वह किसके सहारे जियेगी? एक छांव चाहिए तो वह क्या करे? कवि का कथन-

उमर के आखरी
पड़ाव म बेटा भले संग नइ दिही
फेर लउठी (सहारा) बर
एक ठन रुख घलो लगा लेबे
वृद्धा आश्रम म घलो जघा
नइ मिलही ते
कम से कम
आमा कस बेटा के छइँहा म
छीन भर बर
सुकून के सुख तो पाबे।

वर्तमान स्थिति में बेटा भी दूर चला जाता है, पर अपना लगाया हुआ आम का वृक्ष सदा छांव देता है। यह वृक्षारोपण का कारण व लाभ कवि ने बता दिया।
देशज या जनपदीय भाषा की रचनाओं में आज की स्थिति के अनुकूल विचार कम मिलते हैं, पर कवि पारकर की प्रगतिशीलता, समसामयिक चिंतन उनकी कविताओं में झलकती है।

आज तालाब व नदी के प्रदूषित होते जल पर भी कवि का चिंतन देखें-

पहिली
शिवनाथ के पानी ल
पियत रेहेन
डुबक-डुबक के नहावत रेहेन
ओह
अब कहानी बनगे
समंदर कस जलरंग
पानी तो हे
फेर पानी पीयई तो दूर
ओला छू नई सकन।
शिवनाथ म पानी तो हे
फेर पानी रहिके
प्यासे रहिगेन।

पारकर की कविता-‘रद्दा के पीरा’ राष्ट्रीय एकता का संदेश देती व क्रांति का आव्हान करती कविता है-रद्दा अर्थात सड़क या मार्ग।
सड़क में सब चलते हैं, बिना भेदभाव के। सड़क मूकबधिर की तरह सब सहता है। मनुष्य को भी सड़क की तरह बनना होगा। पारकर का कहना है-

हे मनखे!
मंय निर्जीव होके घलो
सबो ल अपनावत हंव
कौमी एकता के पाठ पढ़ावत हंव,
त तुमन समझदार होके
संसार ल
धर्म, जाति अउ भाषा के नाम ले
काबर बाँटत हव?

सहनशीलता की भी एक सीमा होती है तो कवि आव्हान करता है-

अन्याय के विरोध म
आवाज उठाय बर परही
नही ते
कोंदा मन ल
रद्दा बरोबर
रोज अइसने
पीरा भोगे बर परही।

एक कलाकार/नर्तक की पीड़ा का मर्मान्तक वर्णन कवि ने ‘नचकार’ कविता में किया है। दुनिया को हंसाने वाला ‘नचकार’ रात भर नाचता है ताकि जवान बेटा की रात भर घर में रखी लाश के अंतिम संस्कार के लिए पैसा मिल सके। कफन का इंतजाम हो सके। कलाकार उधार नहीं लेता, अपना बचपन खो देता है।

कलाकार के लिए सच्ची श्रद्धाजंलि तभी होगी,
जे दिन, कलाकार मन अभाव म नई मरही।

कवि ने राजनीति के मसखरेपन का सुंदर नमूना दिखाया है। ‘टोपी’ के प्रतीक बदल गए हैं। ‘टोपी’ आत्म कथात्मक शैली की रोचक कविता है-

मोर नांव टोपी हे
मंय खादी के बनथंव
मोर असली रंग सादा हे
राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी जी ह
चरखा के सूत कातके
मोला सिरजाये हे।

लेकिन आजादी के बाद न जाने कितने रंग के, कितनी पार्टी के, कितनी तरह की टोपियां बन गई? आज ये टोपियां केवल खास मौके पर ही पहनी जाकर तकिए के नीचे रख दी जाती है। टोपी की आत्म पीड़ा यह है-

मंय सोचे रहेंव
कि
एक देश एक रंग के टोपी पहिरही
मंय नई जानत रहेंव
टोपी ह देखे भर बर
बन के रही जहि कही के

टोपी की अंतर्व्यथा-

अवइया पीढ़ी तो
टोपी के त्याग अउ बलिदान ल
जब जानबे नई करही
त कहां ले
सत्य अहिंसा अउ परमो धर्म के
पाठ ल पढ़ाही?

बचपन में पिता व गुरुजी के थप्पड़ ने ही काबिल बनाया, यह मान्यता है कवि पारकर की। बालक इधर-उधर बहक नहीं पाता, सही राह पर चलता है, यह थप्पड़ का महत्व है।

कवि ने झोलाछाप डॉक्टर, लालबत्ती का सपना, जड़, ढेखरा, अमरबेल, डुहड़ू, चतुरा, सत्संग, कागज के डोंगा-जैसी कविताएं आम जिंदगी के व्यवहार को लेकर लिखी हैं, जो चिंतन योग्य है।

संग्रह की अंतिम कविता-‘तंय कान दे के सुन’ बहुत मर्मभेदी है जिसमें कवि की पुकार है –

हे भगवान!
फेर जनम म मोला
गरीब घर जनम झन देबे
काबर कि
सबो दुख के जड़ गरीबी आय।

इस कविता में बिसाहिन के माध्यम से कवि शिक्षा का महत्व बतला रहा है। कविता में लोकोक्ति भी है, सूक्ति भी है-

कुछ करम, कुछ करम गति,
कुछ पूर्वज के भाग
गरीबी ल भगाय बर
तोला मंत्र बतावत हंव आज।

क्या है वह मंत्र?

बड़े बने बर
बड़े सपना देखे बर परही
बड़े सपना ल पूरा करे बर
दुख तकलीफ सहिके
अपन लईका मन ल
बिक्कट पढ़ाय लिखाय बर परही।
लईका मन ल पढ़ाय लिखाय बर
चाहे कतको पानी गिरय
चाहे कतको भोंभरा तिपय
झन बिलमबे छांव म।
जाना हे ते गांव
अभी बिक्कट दूरिहा हे।

उक्त संदेश देती हुई सकारात्मक कविता के साथ संकलन पूरा होता है।
दुर्गा प्रसाद पारकर की ये मुक्तछंद की कविताएं छत्तीसगढ़ी भाषा में अपना विशिष्ट स्थान बनाएंगी, ऐसा विश्वास है। मेरी शुभकामनाएं व आशीष है, दुर्गा प्रसाद पारकर के लिए। वे निरन्तर यश अर्जित करें।

[ ●समीक्षा : डॉ. सत्यभामा आडिल,रायपुर-छत्तीसगढ़ ]

●●● ●●● ●●●

विज्ञापन (Advertisement)

ब्रेकिंग न्यूज़

विधानसभा में गूंजा प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना में भ्रष्टाचार का मुद्दा, 1400 महिलाओं के 61 लाख रुपये गबन का आरोप; विपक्ष का वॉकआउट
breaking Chhattisgarh

विधानसभा में गूंजा प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना में भ्रष्टाचार का मुद्दा, 1400 महिलाओं के 61 लाख रुपये गबन का आरोप; विपक्ष का वॉकआउट

IPS जयंत वैष्णव बने मुख्यमंत्री सुरक्षा के नए SP, DGP अरुण देव गौतम ने जारी किया आदेश
breaking Chhattisgarh

IPS जयंत वैष्णव बने मुख्यमंत्री सुरक्षा के नए SP, DGP अरुण देव गौतम ने जारी किया आदेश

‘सरकार से कहिए ऐसा न करें’, SC ने कहा- 9वीं कक्षा में तीसरी भाषा पढ़ने से तनाव बढ़ेगा
breaking National

‘सरकार से कहिए ऐसा न करें’, SC ने कहा- 9वीं कक्षा में तीसरी भाषा पढ़ने से तनाव बढ़ेगा

होर्मुज रूट पर भारतीय नाविकों की तैनाती पर सरकार ने लिया बड़ा फैसला, DGMA ने जारी की एडवाइजरी
breaking international

होर्मुज रूट पर भारतीय नाविकों की तैनाती पर सरकार ने लिया बड़ा फैसला, DGMA ने जारी की एडवाइजरी

आउटसोर्सिंग कर्मचारियों पर घिरे स्वास्थ्य मंत्री, भाजपा विधायकों ने कहा, चरित्र सत्यापन क्यों नहीं, मंत्री ने दिलाया शत प्रतिशत सत्यापन का भरोसा
breaking Chhattisgarh

आउटसोर्सिंग कर्मचारियों पर घिरे स्वास्थ्य मंत्री, भाजपा विधायकों ने कहा, चरित्र सत्यापन क्यों नहीं, मंत्री ने दिलाया शत प्रतिशत सत्यापन का भरोसा

जो गुजरात में बैन, वो दवा छत्तीसगढ़ में खरीदी गई ? स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने सदन में किया स्पष्ट
breaking Chhattisgarh

जो गुजरात में बैन, वो दवा छत्तीसगढ़ में खरीदी गई ? स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने सदन में किया स्पष्ट

रथ यात्रा स्पेशल: घर में बनाएं भगवान जगन्नाथ का प्रिय खाजा, जानें आसान रेसिपी
breaking Chhattisgarh

रथ यात्रा स्पेशल: घर में बनाएं भगवान जगन्नाथ का प्रिय खाजा, जानें आसान रेसिपी

सदन में गूंजा नकटी में बुलडोजर कार्रवाई का मामला, स्थगन प्रस्ताव खारिज होने पर नाराज़ विपक्ष ने गर्भगृह में जाकर की नारेबाजी, सभी विपक्षी विधायक निलंबित
breaking Chhattisgarh

सदन में गूंजा नकटी में बुलडोजर कार्रवाई का मामला, स्थगन प्रस्ताव खारिज होने पर नाराज़ विपक्ष ने गर्भगृह में जाकर की नारेबाजी, सभी विपक्षी विधायक निलंबित

पोलैंड के उप विदेश मंत्री का बड़ा दावा, कहा- PM मोदी के कहने पर पुतिन ने यूक्रेन पर परमाणु हमला रोका
breaking international

पोलैंड के उप विदेश मंत्री का बड़ा दावा, कहा- PM मोदी के कहने पर पुतिन ने यूक्रेन पर परमाणु हमला रोका

विधानसभा में बीज संकट को लेकर जोरदार हंगामा, स्पीकर ने स्थगन प्रस्ताव ठुकराया, गर्भगृह में नारेबाजी के बाद 34 विपक्षी विधायक निलंबित
breaking Chhattisgarh

विधानसभा में बीज संकट को लेकर जोरदार हंगामा, स्पीकर ने स्थगन प्रस्ताव ठुकराया, गर्भगृह में नारेबाजी के बाद 34 विपक्षी विधायक निलंबित

औद्योगिक दुर्घटनाओं पर विधानसभा में बवाल, वेदांता डायरेक्टर पर FIR का मुद्दा गरमाया, मंत्री के जवाब से नाराज़ विपक्ष ने किया वॉकआउट
breaking Chhattisgarh

औद्योगिक दुर्घटनाओं पर विधानसभा में बवाल, वेदांता डायरेक्टर पर FIR का मुद्दा गरमाया, मंत्री के जवाब से नाराज़ विपक्ष ने किया वॉकआउट

अब AI करेगा जंगल की चौकीदारी, उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में स्मार्ट सर्विलांस सिस्टम का ट्रायल शुरू
breaking Chhattisgarh

अब AI करेगा जंगल की चौकीदारी, उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में स्मार्ट सर्विलांस सिस्टम का ट्रायल शुरू

E20 पेट्रोल को लेकर मोदी सरकार सख्त हुई, ऐसे लोगों के खिलाफ कड़े एक्शन का आदेश दिया
breaking Chhattisgarh

E20 पेट्रोल को लेकर मोदी सरकार सख्त हुई, ऐसे लोगों के खिलाफ कड़े एक्शन का आदेश दिया

आओ ‘सेक्स’ पर बात करेंः प्राइमरी क्लास से दी जाएगी सेक्स एजुकेशन, हफ्ते में दो दिन चलेगी क्लास, जानें बच्चों को यौन शिक्षा देना क्यों जरूरी?
breaking National

आओ ‘सेक्स’ पर बात करेंः प्राइमरी क्लास से दी जाएगी सेक्स एजुकेशन, हफ्ते में दो दिन चलेगी क्लास, जानें बच्चों को यौन शिक्षा देना क्यों जरूरी?

भाडे़ के NRI नहीं लाए गए…ऑस्ट्रेलिया में पीएम मोदी के कार्यक्रम पर आयोजकों की सफाई, कहा- माफ़ी मांगे राहुल और मल्लिकार्जुन खड़गे’
breaking international

भाडे़ के NRI नहीं लाए गए…ऑस्ट्रेलिया में पीएम मोदी के कार्यक्रम पर आयोजकों की सफाई, कहा- माफ़ी मांगे राहुल और मल्लिकार्जुन खड़गे’

विधानसभा में विधायक रिकेश की पहल, शहरी क्षेत्रों में पट्टा वितरण की प्रक्रिया होगी शुरू
breaking Chhattisgarh

विधानसभा में विधायक रिकेश की पहल, शहरी क्षेत्रों में पट्टा वितरण की प्रक्रिया होगी शुरू

छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने शिक्षिका की बर्खास्तगी का आदेश किया निरस्त, बिना विभागीय जांच हटाना असंवैधानिक, सेवा बहाली के निर्देश
breaking Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने शिक्षिका की बर्खास्तगी का आदेश किया निरस्त, बिना विभागीय जांच हटाना असंवैधानिक, सेवा बहाली के निर्देश

धान के साथ वैकल्पिक फसलों को बढ़ावा, किसानों को मिलेंगे ₹15 हजार प्रति एकड़ की सहायता
breaking Chhattisgarh

धान के साथ वैकल्पिक फसलों को बढ़ावा, किसानों को मिलेंगे ₹15 हजार प्रति एकड़ की सहायता

छत्तीसगढ़ को मिले 5 नए शासकीय मेडिकल कॉलेजों की सौगात, 250 सीटों को मिली स्वीकृति, सीएम साय ने पीएम मोदी मोदी और स्वास्थ्य मंत्री का जताया आभार
breaking Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ को मिले 5 नए शासकीय मेडिकल कॉलेजों की सौगात, 250 सीटों को मिली स्वीकृति, सीएम साय ने पीएम मोदी मोदी और स्वास्थ्य मंत्री का जताया आभार

राज्य पुलिस सेवा के तीन वरिष्ठ अधिकारियों के तबादले, तारकेश्वर पटेल ADCP से बने DCP
breaking Chhattisgarh

राज्य पुलिस सेवा के तीन वरिष्ठ अधिकारियों के तबादले, तारकेश्वर पटेल ADCP से बने DCP

कविता

आरंभ साहित्यिक मंच : सोनिया नायडू
poetry

आरंभ साहित्यिक मंच : सोनिया नायडू

‘आरंभ साहित्यिक मंच’ : हरि प्रकाश गुप्ता ‘सरल’
poetry

‘आरंभ साहित्यिक मंच’ : हरि प्रकाश गुप्ता ‘सरल’

‘आरंभ’ साहित्यिक मंच : दीप्ति श्रीवास्तव
poetry

‘आरंभ’ साहित्यिक मंच : दीप्ति श्रीवास्तव

कवि और कविता : पल्लव चटर्जी
poetry

कवि और कविता : पल्लव चटर्जी

साहित्यिक पटल : सुरभि ताम्रकर ‘शावि’
poetry

साहित्यिक पटल : सुरभि ताम्रकर ‘शावि’

साहित्यिक ‘आरंभ’ : सुरभि ताम्रकार ‘शावि’
poetry

साहित्यिक ‘आरंभ’ : सुरभि ताम्रकार ‘शावि’

विश्व पर्यावरण दिवस पर विशेष दोहावली : ठाकुर दशरथ सिंह भुवाल सोनपांडर
poetry

विश्व पर्यावरण दिवस पर विशेष दोहावली : ठाकुर दशरथ सिंह भुवाल सोनपांडर

गीत – डॉ. दीक्षा चौबे
poetry

गीत – डॉ. दीक्षा चौबे

इस माह की नवाकुंर कवयित्री – सुरभि ताम्रकार ‘शावि’
poetry

इस माह की नवाकुंर कवयित्री – सुरभि ताम्रकार ‘शावि’

इस माह के बाल साहित्यकार : कमलेश चंद्राकर
poetry

इस माह के बाल साहित्यकार : कमलेश चंद्राकर

साहित्यनामा – अमृता मिश्रा
poetry

साहित्यनामा – अमृता मिश्रा

इस माह के ग़ज़लकार : शुभेंदु बागची ‘मुन्तज़िर’
poetry

इस माह के ग़ज़लकार : शुभेंदु बागची ‘मुन्तज़िर’

कवि और कविता : हरिप्रकाश गुप्ता ‘सरल’
poetry

कवि और कविता : हरिप्रकाश गुप्ता ‘सरल’

इस माह के कवि : प्रकाशचंद्र मण्डल
poetry

इस माह के कवि : प्रकाशचंद्र मण्डल

कवि और कविता : दशरथ सिंह भुवाल सोनपांडर
poetry

कवि और कविता : दशरथ सिंह भुवाल सोनपांडर

कवि और कविता : पल्लव चटर्जी
poetry

कवि और कविता : पल्लव चटर्जी

कवि और कविता : कमलेश चंद्राकर
poetry

कवि और कविता : कमलेश चंद्राकर

कवि और कविता : पल्लव चटर्जी
poetry

कवि और कविता : पल्लव चटर्जी

कविता श्रृंखला आरंभ : डॉ. शिरोमणि माथुर
poetry

कविता श्रृंखला आरंभ : डॉ. शिरोमणि माथुर

कविता श्रृंखला ‘आरंभ’ में : दीप्ति श्रीवास्तव
poetry

कविता श्रृंखला ‘आरंभ’ में : दीप्ति श्रीवास्तव

कहानी

लेख : कैलाश जैन बरमेचा
story

लेख : कैलाश जैन बरमेचा

कहानी : दीप्ति श्रीवास्तव
story

कहानी : दीप्ति श्रीवास्तव

लघु कथा : डॉ. प्रेमकुमार पाण्डेय
story

लघु कथा : डॉ. प्रेमकुमार पाण्डेय

लघुकथा : सरस सलिला – दीप्ति श्रीवास्तव
story

लघुकथा : सरस सलिला – दीप्ति श्रीवास्तव

आलेख : ‘बहकता बचपन’ – साजिद अली ‘सतरंगी’
story

आलेख : ‘बहकता बचपन’ – साजिद अली ‘सतरंगी’

स्वर्ग का न्याय : महेश की आत्मकथा – लेखक शायर नावेद रज़ा दुर्गवी
story

स्वर्ग का न्याय : महेश की आत्मकथा – लेखक शायर नावेद रज़ा दुर्गवी

कहानी : ‘पीहू’ – डॉ. दीक्षा चौबे
story

कहानी : ‘पीहू’ – डॉ. दीक्षा चौबे

संदेशप्रद लघु कथा : ‘पुकार’ – कैलाश बरमेचा जैन
story

संदेशप्रद लघु कथा : ‘पुकार’ – कैलाश बरमेचा जैन

लेखिका विद्या गुप्ता की कृति ‘मैं हस्ताक्षर हूँ’ की समीक्षा लेखक कवि विजय वर्तमान के शब्दों में – ‘मैं हस्ताक्षर हूँ’ यह विद्या गुप्ता की सच्ची, निर्भीक और सर्व स्वीकार्य घोषणा है
story

लेखिका विद्या गुप्ता की कृति ‘मैं हस्ताक्षर हूँ’ की समीक्षा लेखक कवि विजय वर्तमान के शब्दों में – ‘मैं हस्ताक्षर हूँ’ यह विद्या गुप्ता की सच्ची, निर्भीक और सर्व स्वीकार्य घोषणा है

मास्टर स्ट्रोक [व्यंग्य] : राजशेखर चौबे
story

मास्टर स्ट्रोक [व्यंग्य] : राजशेखर चौबे

लघु कथा : डॉ. सोनाली चक्रवर्ती
story

लघु कथा : डॉ. सोनाली चक्रवर्ती

सत्य घटना पर आधारित कहानी : ‘सब्जी वाली मंजू’ :  ब्रजेश मल्लिक
story

सत्य घटना पर आधारित कहानी : ‘सब्जी वाली मंजू’ : ब्रजेश मल्लिक

लघुकथा : डॉ. सोनाली चक्रवर्ती
story

लघुकथा : डॉ. सोनाली चक्रवर्ती

कहिनी : मया के बंधना – डॉ. दीक्षा चौबे
story

कहिनी : मया के बंधना – डॉ. दीक्षा चौबे

🤣 होली विशेष :प्रो.अश्विनी केशरवानी
story

🤣 होली विशेष :प्रो.अश्विनी केशरवानी

चर्चित उपन्यासत्रयी उर्मिला शुक्ल ने रचा इतिहास…
story

चर्चित उपन्यासत्रयी उर्मिला शुक्ल ने रचा इतिहास…

story

रचना आसपास : उर्मिला शुक्ल

story

रचना आसपास : दीप्ति श्रीवास्तव

story

कहानी : संतोष झांझी

story

कहानी : ‘ पानी के लिए ‘ – उर्मिला शुक्ल

लेख

विशेष : भाईदूज, भाई-बहन के परस्पर प्रेम और दायित्व का त्योहार : भाईदूज और रक्षा बंधन की सनातनी मान्यताएं – श्रीमती संजीव ठाकुर
Article

विशेष : भाईदूज, भाई-बहन के परस्पर प्रेम और दायित्व का त्योहार : भाईदूज और रक्षा बंधन की सनातनी मान्यताएं – श्रीमती संजीव ठाकुर

Article

तीन लघुकथा : रश्मि अमितेष पुरोहित

व्यंग्य : देश की बदनामी चालू आहे ❗ – राजेंद्र शर्मा
Article

व्यंग्य : देश की बदनामी चालू आहे ❗ – राजेंद्र शर्मा

Article

लघुकथा : डॉ. प्रेमकुमार पाण्डेय [केंद्रीय विद्यालय वेंकटगिरि, आंध्रप्रदेश]

जोशीमठ की त्रासदी : राजेंद्र शर्मा
Article

जोशीमठ की त्रासदी : राजेंद्र शर्मा

18 दिसंबर को जयंती के अवसर पर गुरू घासीदास और सतनाम परम्परा
Article

18 दिसंबर को जयंती के अवसर पर गुरू घासीदास और सतनाम परम्परा

जयंती : सतनाम पंथ के संस्थापक संत शिरोमणि बाबा गुरु घासीदास जी
Article

जयंती : सतनाम पंथ के संस्थापक संत शिरोमणि बाबा गुरु घासीदास जी

व्यंग्य : नो हार, ओन्ली जीत ❗ – राजेंद्र शर्मा
Article

व्यंग्य : नो हार, ओन्ली जीत ❗ – राजेंद्र शर्मा

🟥 अब तेरा क्या होगा रे बुलडोजर ❗ – व्यंग्य : राजेंद्र शर्मा.
Article

🟥 अब तेरा क्या होगा रे बुलडोजर ❗ – व्यंग्य : राजेंद्र शर्मा.

🟥 प्ररंपरा या कुटेव  ❓ – व्यंग्य : राजेंद्र शर्मा
Article

🟥 प्ररंपरा या कुटेव ❓ – व्यंग्य : राजेंद्र शर्मा

▪️ न्यायपालिका के अपशकुनी के साथी : वैसे ही चलना दूभर था अंधियारे में…इनने और घुमाव ला दिया गलियारे में – आलेख बादल सरोज.
Article

▪️ न्यायपालिका के अपशकुनी के साथी : वैसे ही चलना दूभर था अंधियारे में…इनने और घुमाव ला दिया गलियारे में – आलेख बादल सरोज.

▪️ मशहूर शायर गीतकार साहिर लुधियानवी : ‘ जंग तो ख़ुद ही एक मसअला है, जंग क्या मसअलों का हल देगी ‘ : वो सुबह कभी तो आएगी – गणेश कछवाहा.
Article

▪️ मशहूर शायर गीतकार साहिर लुधियानवी : ‘ जंग तो ख़ुद ही एक मसअला है, जंग क्या मसअलों का हल देगी ‘ : वो सुबह कभी तो आएगी – गणेश कछवाहा.

▪️ व्यंग्य : दीवाली के कूंचे से यूँ लक्ष्मी जी निकलीं ❗ – राजेंद्र शर्मा
Article

▪️ व्यंग्य : दीवाली के कूंचे से यूँ लक्ष्मी जी निकलीं ❗ – राजेंद्र शर्मा

25 सितंबर पितृ मोक्ष अमावस्या के उपलक्ष्य में… पितृ श्राद्ध – श्राद्ध का प्रतीक
Article

25 सितंबर पितृ मोक्ष अमावस्या के उपलक्ष्य में… पितृ श्राद्ध – श्राद्ध का प्रतीक

Article

🟢 आजादी के अमृत महोत्सव पर विशेष : डॉ. अशोक आकाश.

Article

🟣 अमृत महोत्सव पर विशेष : डॉ. बलदाऊ राम साहू [दुर्ग]

Article

🟣 समसामयिक चिंतन : डॉ. अरविंद प्रेमचंद जैन [भोपाल].

⏩ 12 अगस्त-  भोजली पर्व पर विशेष
Article

⏩ 12 अगस्त- भोजली पर्व पर विशेष

Article

■पर्यावरण दिवस पर चिंतन : संजय मिश्रा [ शिवनाथ बचाओ आंदोलन के संयोजक एवं जनसुनवाई फाउंडेशन के छत्तीसगढ़ प्रमुख ]

Article

■पर्यावरण दिवस पर विशेष लघुकथा : महेश राजा.

राजनीति न्यूज़

breaking Politics

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने उदयपुर हत्याकांड को लेकर दिया बड़ा बयान

Politics

■छत्तीसगढ़ :

Politics

भारतीय जनता पार्टी,भिलाई-दुर्ग के वरिष्ठ कार्यकर्ता संजय जे.दानी,लल्लन मिश्रा, सुरेखा खटी,अमरजीत सिंह ‘चहल’,विजय शुक्ला, कुमुद द्विवेदी महेंद्र यादव,सूरज शर्मा,प्रभा साहू,संजय खर्चे,किशोर बहाड़े, प्रदीप बोबडे,पुरषोत्तम चौकसे,राहुल भोसले,रितेश सिंह,रश्मि अगतकर, सोनाली,भारती उइके,प्रीति अग्रवाल,सीमा कन्नौजे,तृप्ति कन्नौजे,महेश सिंह, राकेश शुक्ला, अशोक स्वाईन ओर नागेश्वर राव ‘बाबू’ ने सयुंक्त बयान में भिलाई के विधायक देवेन्द्र यादव से जवाब-तलब किया.

breaking Politics

भिलाई कांड, न्यायाधीश अवकाश पर, जाने कब होगी सुनवाई

धमतरी आसपास
Politics

धमतरी आसपास

Politics

स्मृति शेष- बाबू जी, मोतीलाल वोरा

Politics

छत्तीसगढ़ कांग्रेस में हलचल

breaking Politics

राज्यसभा सांसद सुश्री सरोज पाण्डेय ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से कहा- मर्यादित भाषा में रखें अपनी बात

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल  ने डाॅ. नरेन्द्र देव वर्मा पर केन्द्रित ‘ग्रामोदय’ पत्रिका और ‘बहुमत’ पत्रिका के 101वें अंक का किया विमोचन
Politics

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने डाॅ. नरेन्द्र देव वर्मा पर केन्द्रित ‘ग्रामोदय’ पत्रिका और ‘बहुमत’ पत्रिका के 101वें अंक का किया विमोचन

मरवाही उपचुनाव
Politics

मरवाही उपचुनाव

Politics

प्रमोद सिंह राजपूत कुम्हारी ब्लॉक के अध्यक्ष बने

Politics

ओवैसी की पार्टी ने बदला सीमांचल का समीकरण! 11 सीटों पर NDA आगे

breaking Politics

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, ग्वालियर में प्रेस वार्ता

breaking Politics

अमित और ऋचा जोगी का नामांकन खारिज होने पर बोले मंतूराम पवार- ‘जैसी करनी वैसी भरनी’

breaking Politics

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री, भूपेश बघेल बिहार चुनाव के स्टार प्रचारक बिहार में कांग्रेस 70 सीटों में चुनाव लड़ रही है

सियासत- हाथरस सामूहिक दुष्कर्म
breaking National Politics

सियासत- हाथरस सामूहिक दुष्कर्म

breaking Politics

हाथरस गैंगरेप के घटना पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने क्या कहा, पढ़िए पूरी खबर

breaking Politics

पत्रकारों के साथ मारपीट की घटना के बाद, पीसीसी चीफ ने जांच समिति का किया गठन