• Chhattisgarh
  • नरेंद्र नाथ तो याद रहे, लेकिन हरिनाथ ❓ स्मारक बनता डे भवन और हरिनाथ डे

नरेंद्र नाथ तो याद रहे, लेकिन हरिनाथ ❓ स्मारक बनता डे भवन और हरिनाथ डे

3 years ago
353

[ रायपुर के बूढ़ापारा के जिस घर में 1877 से 1879 तक विवेकानंद रहे वह अब स्मारक का रूप लेने जा रहा है। देर से ही सही शासन ने सुध ली है तो सराहना के साथ वह बधाई की अधिकारी भी है। हमारी धारणा है कि किशोर नरेंद्र को विवेकानंद बनाने में रायपुर के संस्कारों की भी भूमिका रही है। वह घर ‘डे भवन’सिर्फ इसलिए ही ऐतिहासिक नहीं कहा जा सकता कि वहां विवेकानंद रहे, बल्कि इसलिए भी क्योंकि वह हरिनाथ डे का पैतृक निवास था। लेकिन ये हरिनाथ डे थे कौन?-आशीष सिंह)
रायपुर को इस बात का गर्व है कि उसने उन्नीसवीं शताब्दी में विश्व को एक ऐसा बहुभाषाविद् दिया जिसने 34 वर्ष के अपने संक्षिप्त जीवनकाल में अठारह भाषाओं का न केवल ज्ञान अर्जित किया वरन् उन भाषाओं में सफलतापूर्वक लेखन भी किया। हरिनाथ डे ऐसी ही विलक्षण बौद्धिक सम्पदा के स्वामी थे।

पिता रायबहादुर, माता विदुषी

हरिनाथ डे के पिता भूतनाथ डे रायपुर के प्रतिष्ठित वकील थे। वे रायपुर म्युनिसिपल कमेटी के उपाध्यक्ष भी रहे। उन्होंने ही राजनांदगांव के राजा महंत बलराम दास को रायपुर में नलघर बनाने के लिए दान करने को प्रेरित किया था। समाज सेवा और रचनात्मक कार्यों के लिए ब्रिटिश सरकार ने उन्हें ‘रायबहादुर’ की पदवी प्रदान की थी। 12 अगस्त 1877 को नाना के घर चौबीस परगना के आरियादाबा गांव में हरिनाथ का जन्म हुआ था। उनकी माता माता एलोकेशी को बंगला, हिंदी, मराठी तथा अंग्रेजी का अच्छा ज्ञान था। विविध भाषाओं के ज्ञान की पिपासा हरिनाथ को अपनी माता से ही प्राप्त हुई थी।

स्कॉलरशिप और पुरस्कारों का तांता

हरिनाथ की प्राथमिक शिक्षा मिशन स्कूल रायपुर में सन् 1887 में सम्पन्न हुई। उन्होंने मिडिल की शिक्षा गवर्नमेंट हाईस्कूल रायपुर से प्राप्त की। वे प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण हुए तथा उन्हें स्कॉलरशिप प्राप्त हुआ। इन्हीं दिनों वे एक ईसाई संगठन के सम्पर्क में आये और उन्होंने बाइबिल का अंग्रेजी से हिन्दी में अनुवाद किया। इसी समय उन्होंने लैटिन भाषा भी सीख ली। आगे चलकर उनकी गणना लैटिन भाषा के विद्वानों में की जाने लगी।

मिडिल स्कूल की शिक्षा समाप्त कर हरिनाथ आगे की पढ़ाई के लिये कलकत्ता गए। वहां उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज में प्रवेश लिया। सन् 1892 में कलकत्ता विश्वविद्यालय से प्रथम श्रेणी में इंटरमीडियेट की परीक्षा पास तथा अंग्रेजी और लैटिन भाषाओं में श्रेष्ठता प्रदर्शित की। इस वर्ष प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण होने वाले वे अकेले छात्र थे। उन्हें स्कॉलरशिप भी प्राप्त हुई।

इंटरमीडियेट के पश्चात उन्होंने प्रेसिडेंसी कॉलेज में प्रवेश लिया। सन् 1896 में उन्होंने प्रथम श्रेणी में स्नातक परीक्षा उत्तीर्ण की। उनका चयन आगे की पढ़ाई के लिये इंग्लैंड जाने के लिए हुआ।

सन् 1896 में स्वाध्यायी छात्र के रूप में उन्होंने लैटिन में एम. ए. की परीक्षा में प्रावीण्य सूची में प्रथम स्थान प्राप्त किया। उन्हें स्वर्ण पदक प्राप्त हुआ। सन् 1897 में उन्होंने इटैलियन कवि दांते के काव्य पर शोध पत्र प्रस्तुत किया। इंग्लैंड में हरिनाथ क्राइस्ट कॉलेज कैम्ब्रिज में प्रवेश लिया था। कॉलेज की पढ़ाई के साथ-साथ उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय से ग्रीक भाषा में एम. ए. की परीक्षा भी उत्तीर्ण कर ली। इस भाषा में एम. ए. की परीक्षा उत्तीर्ण होने वाले वे प्रथम छात्र थे।

जब वे क्राइस्ट कॉलेज कैम्ब्रिज में शिक्षा प्राप्त कर रहे थे तब सन् 1989 में उन्होंने ‘दक्षिण अफ्रीका’ पर ग्रीक तथा लैटिन भाषा में कविताएं लिखी जिसके लिये उन्हें पुरस्कृत किया गया। सन् 1899 में उनका चयन ‘सीनियर क्लासिकल स्कॉलर’ के रूप में किया गया सन् 1990 में उन्होंने क्राइस्ट कॉलेज कैम्ब्रिज के स्नातक की उपाधि अर्जित की। आनर्स कोर्स उत्तीर्ण करने वाले वे दूसरे भारतीय छात्र थे। उनके पहले प्रथम भारतीय छात्र अरविंदो घोष थे जिन्होंने 1892 में यह कोर्स पास किया था। सन् 1900 में हरिनाथ ने आई. सी. एस. की परीक्षा उत्तीर्ण की। उन्हें ब्रिटिश शासन ने उच्च पद पर पदस्थ करने की पेशकश भी की थी। किंतु उन्होंने उसे ठुकरा दिया।

प्रख्यात विद्वान मोहित थे उन पर

सन् 1901 में हरिनाथ ने मध्यकालीन तथा आधुनिक भाषाओं में कैम्ब्रिज से आनर्स का कोर्स उत्तीर्ण किया। उसी वर्ष उन्हें शेक्सपीयर तथा चौसर के काव्यगत विशेषताओं में प्रवीणता प्राप्त करने के लिये क्राइस्ट कॉलेज के ‘स्कीट पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया। इसके तुरंत पश्चात् उन्हें ‘एलेन रिसर्च स्कॉलरशिप’ के लिये चयनित कर लिया गया। कैम्ब्रिज में शिक्षा प्राप्त करते समय वे छुट्टियों में फ्रांस तथा जर्मनी चले जाया करते थे। सन् 1898 में उन्होंने संस्कृत का शास्त्रीय अध्ययन किया। उसी वर्ष उन्होंने इन दोनों देशों की लोकभाषाओं तथा साहित्यिक भाषाओं का भी अध्ययन किया। उसी वर्ष उन्होंने अरबी भाषा की शिक्षा के लिए इजिप्ट की भी यात्रा की। प्रख्यात विद्वान एडवर्ड बाइल्स कावेल तो हरिनाथ के ऋग्वेद ज्ञान पर मुग्ध थे तो एडवर्ड सीमर व थामसन उनके ग्रीक तथा लैटिन के छंदबद्ध काव्य पर मोहित थे।

प्रेसिडेंसी कॉलेज में प्राध्यापक

कैम्ब्रिज से शिक्षा प्राप्त कर हरिनाथ डे प्रेसिडेंसी कॉलेज में प्राध्यापक नियुक्त हुए। परंतु भाषाएं सीखने की उनकी महत्वाकांक्षा कम नहीं हुई। उन्होंने सन् 1905 में संस्कृत, अरबी और उडिय़ा में परीक्षाएं उत्तीर्ण की। इन परीक्षाओं में उत्तीर्ण होने पर उन्हें तीन हजार रुपये पुरस्कार प्राप्त हुए।

हुगली कॉलेज के प्राचार्य

सन् 1906 में उन्हें हुगली कॉलेज के प्राचार्य के पद पर नियुक्त किया गया। इस पद पर कार्य करते हुए उन्होंने पाली भाषा में एम. ए. की परीक्षा पास की। उल्लेखनीय है कि पाली भाषा की परीक्षा में उन्होंने ‘धनिया सुधा’ का अनुवाद छंदबद्ध काव्य में किया जो किसी भी छात्र के लिये असंभव था। उन्हें स्वर्ण पदक से पुरस्कृत किया गया।

इम्पीरियल लायब्रेरी के लायब्रेरियन

सन् 1907 में हरिनाथ डे कलकत्ता के इम्पीरियल लायब्रेरी के लायब्रेरियन नियुक्त किये गये। उनके पूर्व इस पद पर केवल अंग्रेज अफसर ही नियुक्त किए जाते थे। इस पद पर कार्य करते हुए उन्होंने अरबी भाषा में भी प्रथम श्रेणी में डिग्री प्राप्त की जिसके लिये उन्हें पांच हजार रुपये पुरस्कार प्राप्त हुए। सन् 1908 में उन्होंने संस्कृत में भी डिग्री प्राप्त की जिसके लिये उन्हें स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया। संस्कृत में ही उन्होंने ऑनर्स उत्तीर्ण किया और पुन: पांच हजार रुपये का पुरस्कार प्राप्त किया। सन् 1910 में उन्होंने चीनी भाषा का अध्ययन किया।

भाषाएं सीखने का जुनून

हरिनाथ डे को भाषाएं सीखने का पागलपन की सीमा तक शौक था। किसी भी भाषा को सीखने में उन्हें कुछ महीनों से अधिक समय नहीं लगता था। जिन भाषाओं को उन्होंने सीखा, उनके साहित्य का गहन अध्ययन भी उन्होंने किया। हरिनाथ को इंग्लिश, ग्रीक, लैटिन, पोर्तुगीज, इटैलियन, स्पेनिश, फ्रेंच, रूमानियन, डच, जर्मन, एंग्लो सेक्शन आदि योरोपीय तथा संस्कृत, पाली, तिब्बती, चीनी, तुर्की, हिब्रु, अरबी, फारसी, हिंदी, बंगला आदि भारतीय तथा एशियाई भाषाओं पर विशेष दक्षता प्राप्त थी।

धुरंधर लेखक भी

हरिनाथ डे जितने बड़े भाषाशास्त्री थे, भाषाविद् थे, विभिन्न भाषाओं के साहित्य के जानकार थे, उतने ही बड़े वे चिंतक और धुरंधर लेखक भी थे। अपने संक्षिप्त जीवनकाल में उन्होंने पचास से भी अधिक कृतियों का सफलतापूर्वक सृजन कर अपनी अद्भुत क्षमता और दक्षता का परिचय दिया।

प्रकाशित कृतियां

राखालदास की जीवनी तथा उनकी कृतियां (1903), इब्न बतूता की पुस्तक बंगला का विवरण का अनुवाद (1904), मोहम्मदि हफीज द्वारा सुल्तान गयासुद्दीन पर लिखे काव्य का अरबी से अंग्रेजी में अनुवाद (1905), कलतुम इब्न उमर अल अतबी, अहमद इब्न अल हुसैन अल मुतनबी, इम्र अल कैस, अल बिलिदबिन अब्दुल मलिक तथा याजिद इब्न मुआवैयाह की अरबी कविताओं का छंदबद्ध अनुवाद (1905), बंकिमचंद्र के उपन्यासों की समीक्षा (1905), मौलवी रजा अली वहसत की फारसी कविताओं का अंग्रेजी में छंदबद्ध अनुवाद (1905), पंकजनी बसु के सूर्यमुखी तथा रानी मृणालिनी के डेके छे केनो का अंग्रेजी में छंदबद्ध अनुवाद (1906), देवेन्द्रचंद्र द्वारा अनुदित चंद्रशेखर की आलोचना तथा अंग्रेजी में अनुवाद (1906), आनंद मठ तथा वंदेमातरम् कविता का अंग्रेजी तथा लैटिन में अनुवाद (1906), पाणिनी तथा बुद्ध घोष पर व्याख्यात्मक समीक्षा (1906), अंग्रेजों द्वारा बौद्ध ग्रंथों के अंग्रेजी में त्रुटिपूर्ण अनुवादों की आलोचना तथा उनका समुचित संशोधन, महाकवि कालिदास के अभिज्ञान शाकुंतल के दो अंकों का अंग्रेजी में अनुवाद, (उन्होंने इस ग्रंथ की इतालवी में लिखे नए ग्रंथों अमिन्ता तथा द ट्रस्टेड शेफर्ड के साथ अभिज्ञान शाकुंतल के योरोपीय भाषाओं के लिये किये गये विभिन्न अनुवादों की तुलनात्मक समीक्षा भी प्रस्तुत की-1907), तारीख-ए-नुसरत जंगी (लेखक-नुसरत जंग) नामक इतिहास ग्रंथ का फारसी से अनुवाद (1907), ताज महल के निर्माता (द बिल्डर्स ऑफ ताज) पर शोध निबंध (1908), ताज, मोती मस्जिद, आगरे का किला, फतेहपुर सीकरी पर शोध निबंध, इन निबंधों में मुस्लिम स्थापत्य शिल्प पर प्रकाश डाला गया है (1908) दानियासुत (सुत्तानिपात) पाली ग्रंथ का छंदबद्ध अनुवाद (1908), सुबंधु का समय (द डेट ऑफ सुबंधु) पर कोपेन हेगन में आयोजित ओरियंटल कांफ्रेंस में पठित शोध पत्र, राजेन्द्रनाथ विद्याभूषण कृत कालिदास (1908) की भूमिका। इस भूमिका में उन्होंने योरोप तथा एशिया के विद्वानों द्वारा विभिन्न भाषाओं में कालिदास पर लिखी समालोचनाओं की समीक्षा की है (1909), वासवदत्ता का अंग्रेजी में अनुवाद (यह किसी भी भाषा में किया गया प्रथम अनुवाद है) (1909) निर्वाण व्याख्यान शास्त्रम् (बौद्ध दर्शन शास्त्र) का संपादन (1909), लंकावतार सूत्र (बौद्ध ग्रंथ) का सम्पादन (1909), तिब्बती लैटिन शब्दकोष (अप्रकाशित) पर शोध पत्र जो एशियाटिक सोसायटी के अधिवेशन में पढ़ा गया (1910), हेराल्ड नामक अंग्रेजी मासिक पत्रिका में प्रकाशित पांच लेखों का संकलन (1911)।

अनुवाद

बोधिसत्व नागार्जुन के माध्यमिक कारिका के 16 अध्यायों का चीनी भाषा से अंग्रेजी में अनुवाद (1911), तिब्बती इतिहासकार तारानाथ द्वारा लिखित बौद्ध धर्म का इतिहास का तिब्बती से अंग्रेजी में अनुवाद (1911), बौद्ध दार्शनिक और उनके दर्शन (1911), बंकिमचंद्र के कृष्णकांत का वसीयतनामा मुचीराम गुर की जीवनी तथा देने गिल की फ्रांसिसी कविताओं का अंग्रेजी में अनुवाद (1911), चेतन तथा अचेतन के प्रति बोधिसत्व नागार्जुन के विचार, विद्यापति के कुछ पदों का अनुवाद तथा मिखाइल यूरोचिव लार्मोन्तोव की कविताओं का रूसी में अनुवाद (1911)। हरिनाथ स्वयं की बंगला कविताओं का अंग्रेजी अनुवाद सहित (1911), नागार्जुन कृत माध्यमिक शा के 27 वें अध्याय का अनुवाद (1911) आत्मा पर नागार्जुन के विचार (1911), येरगाथा की कुछ कविताओं का पाली से अंग्रेजी अनुवाद (1911) पुश्किन के दे कफिन मेकर का रूसी से अंग्रेजी अनुवाद (1911), विद्यापति, प्रियंवदा देवी, गिरीशचंद्र घोष तथा लियोपार्डी की कविताएं का अनुवाद अमृतलाल बसु के बाबू का अनुवाद (1911), शाह आलमनामा का फारसी अनुवाद (1911) जीन लॉ की स्मृतियां का फ्रेंच से अनुवाद (1911), अरबी भाषा का व्याकरण सन् (1911), संस्कृत शब्द कोष (1911), अंग्रेजी फारसी शब्दकोश (1911), अरबी में लिखी अलफख्री का अंग्रेजी अनुवाद (1913), अनेक ताम्रपत्रों तथा अरबी शिलालेखों का पाठोद्धार, नैषध चरित्र का अंग्रेजी अनुवाद, वाल्मीकि रामायण तथा विशाखादत्ता के मुद्राराक्षस का अनुवाद, ऋग्वेद का अनुवाद, गिरिशचंद्र घोष के सिराजुद्दौला तथा अमृतलाल बसु के राजा बहादुर का अनुवाद, तिब्बती, चीनी, फारसी, संस्कृत, पाली, प्राकृत आदि भाषाओं तथा उनके साहित्य पर लिखी उनकी अनेक कृतियां, ग्रीक भाषा की अनेक कविताओं का अंग्रेजी में छंदबद्ध अनुवाद (प्रकाशित)।

दिन रात कठोर परिश्रम और विश्राम के अभाव में दिनांक 15 अगस्त 1917 को हरिनाथ डे मोतीझीरा (Enteric Fever) रोग से ग्रस्त हो गये। डॉक्टरों के अथक प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया न जा सका। दिनांक 30 अगस्त 1911 को प्रात:काल ज्ञान का यह प्रखर सूर्य अस्त हो गया।

[ हरि ठाकुर छत्तीसगढ़ गौरव गाथा से साभार/संपादित अंश – हरि ठाकुर ]

🟥🟥🟥

विज्ञापन (Advertisement)

ब्रेकिंग न्यूज़

छत्तीसगढ़ की महिलाओं के लिए खुशखबरी! जल्द शुरू होगी महतारी वंदन योजना के नए आवेदन की प्रक्रिया
breaking Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ की महिलाओं के लिए खुशखबरी! जल्द शुरू होगी महतारी वंदन योजना के नए आवेदन की प्रक्रिया

Amazon CEO पीएम मोदी से मिले, भारत में 4.1 लाख करोड़ निवेश करने का ऐलान किया
breaking National

Amazon CEO पीएम मोदी से मिले, भारत में 4.1 लाख करोड़ निवेश करने का ऐलान किया

IPS बद्रीनारायण मीणा बनाए गए बस्तर रेंज के आईजी, आदेश जारी
breaking Chhattisgarh

IPS बद्रीनारायण मीणा बनाए गए बस्तर रेंज के आईजी, आदेश जारी

छत्तीसगढ़ में 25 तक पहाड़े रटवाने, बारहखड़ी कंठस्थ करने और हिंदी अंग्रेजी की धारावाहिक रीडिंग के लिए चलेगा विशेष अभियान
breaking Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ में 25 तक पहाड़े रटवाने, बारहखड़ी कंठस्थ करने और हिंदी अंग्रेजी की धारावाहिक रीडिंग के लिए चलेगा विशेष अभियान

छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए खुशखबरी: CM साय ने दिल्ली में जेपी नड्डा से की मुलाकात, प्रदेश के विकास को मिलेगी नई रफ्तार
breaking Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए खुशखबरी: CM साय ने दिल्ली में जेपी नड्डा से की मुलाकात, प्रदेश के विकास को मिलेगी नई रफ्तार

छत्तीसगढ़ में कुत्तों की नसबंदी अभियान पर गंभीर सवाल, ऑपरेशन के बाद मौतें और अनियमितताओं के आरोप
breaking Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ में कुत्तों की नसबंदी अभियान पर गंभीर सवाल, ऑपरेशन के बाद मौतें और अनियमितताओं के आरोप

वन मंत्री केदार कश्यप की पहल, उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में शुरू होगी ‘हॉर्नबिल सफारी’
breaking Chhattisgarh

वन मंत्री केदार कश्यप की पहल, उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में शुरू होगी ‘हॉर्नबिल सफारी’

एक जुलाई से लागू होगी VB-G RAM G योजना, ग्रामीण क्षेत्रों में उत्साह, ग्राम सभाओं में दे रहे योजना की जानकारी
breaking Chhattisgarh

एक जुलाई से लागू होगी VB-G RAM G योजना, ग्रामीण क्षेत्रों में उत्साह, ग्राम सभाओं में दे रहे योजना की जानकारी

दुर्ग में भीम का मैंगो आईस कैंडी पर प्रतिबंध, असुरक्षित पाए जाने के बाद खाद्य विभाग की कार्रवाई
breaking Chhattisgarh

दुर्ग में भीम का मैंगो आईस कैंडी पर प्रतिबंध, असुरक्षित पाए जाने के बाद खाद्य विभाग की कार्रवाई

छत्तीसगढ़ में अल-नीनो संकट, 49 लाख हेक्टेयर मे होनी है बुआई अब तक महज दो प्रतिशत
breaking Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ में अल-नीनो संकट, 49 लाख हेक्टेयर मे होनी है बुआई अब तक महज दो प्रतिशत

छत्तीसगढ़ में हीरे की पुष्टि, महासमुंद में मिले 5 हीरे, मुख्यमंत्री साय ने खुशी जताते हुए कह दी यह बड़ी बात
breaking Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ में हीरे की पुष्टि, महासमुंद में मिले 5 हीरे, मुख्यमंत्री साय ने खुशी जताते हुए कह दी यह बड़ी बात

साय कैबिनेट की बैठक संपन्न, ग्रामीणों को 125 दिन रोजगार की गारंटी, ‘अटल आजीविका समृद्धि हाट’ और CBG नीति को मंजूरी, पढ़िए सभी फैसले
breaking Chhattisgarh

साय कैबिनेट की बैठक संपन्न, ग्रामीणों को 125 दिन रोजगार की गारंटी, ‘अटल आजीविका समृद्धि हाट’ और CBG नीति को मंजूरी, पढ़िए सभी फैसले

डिजिटल गवर्नेंस की दिशा में 1076 सीएम हेल्पलाइन साबित हो रहा बड़ा कदम
breaking Chhattisgarh

डिजिटल गवर्नेंस की दिशा में 1076 सीएम हेल्पलाइन साबित हो रहा बड़ा कदम

सहारा निवेशकों को रिफंड पोर्टल के माध्यम से मिलेगी राशि : छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट
breaking Chhattisgarh

सहारा निवेशकों को रिफंड पोर्टल के माध्यम से मिलेगी राशि : छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट

छत्तीसगढ़ में 8 मर्डर का खुलासा, मजाक और छोटी-छोटी शिकायतों से नाराज होकर बना साइको किलर
breaking Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ में 8 मर्डर का खुलासा, मजाक और छोटी-छोटी शिकायतों से नाराज होकर बना साइको किलर

PM मोदी ने देश को समर्पित किए तीन स्वदेशी युद्धपोत, अरब सागर से बंगाल की खाड़ी तक और मजबूत हुई भारत की समुद्री सुरक्षा
breaking National

PM मोदी ने देश को समर्पित किए तीन स्वदेशी युद्धपोत, अरब सागर से बंगाल की खाड़ी तक और मजबूत हुई भारत की समुद्री सुरक्षा

छत्तीसगढ़ में मानसून की एंट्री, दंतेवाड़ा से प्रदेश में पहुंचा बारिश का मौसम, रायपुर में हो रही झमाझम बारिश
breaking Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ में मानसून की एंट्री, दंतेवाड़ा से प्रदेश में पहुंचा बारिश का मौसम, रायपुर में हो रही झमाझम बारिश

छत्तीसगढ़ में अब OTP से नहीं मिलेगा राशन, सिर्फ बायोमेट्रिक से मिलेगा राशन, नियम तोड़ने पर होगी FIR
breaking Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ में अब OTP से नहीं मिलेगा राशन, सिर्फ बायोमेट्रिक से मिलेगा राशन, नियम तोड़ने पर होगी FIR

चेन्नई में फंसी छत्तीसगढ़ की तीन युवतियां : ‘हमें घर वापस लाओ’… युवतियों ने विधायक को फोन कर मदद की लगाई गुहार
breaking Chhattisgarh

चेन्नई में फंसी छत्तीसगढ़ की तीन युवतियां : ‘हमें घर वापस लाओ’… युवतियों ने विधायक को फोन कर मदद की लगाई गुहार

मीना बाजार परमिशन विवाद: वायरल ऑडियो से गरमाई अंबिकापुर की राजनीति, मेयर मंजूषा भगत पहुंचीं थाने; कांग्रेस ने SIT जांच की रखी मांग
breaking Chhattisgarh

मीना बाजार परमिशन विवाद: वायरल ऑडियो से गरमाई अंबिकापुर की राजनीति, मेयर मंजूषा भगत पहुंचीं थाने; कांग्रेस ने SIT जांच की रखी मांग

कविता

साहित्यिक ‘आरंभ’ : सुरभि ताम्रकार ‘शावि’
poetry

साहित्यिक ‘आरंभ’ : सुरभि ताम्रकार ‘शावि’

विश्व पर्यावरण दिवस पर विशेष दोहावली : ठाकुर दशरथ सिंह भुवाल सोनपांडर
poetry

विश्व पर्यावरण दिवस पर विशेष दोहावली : ठाकुर दशरथ सिंह भुवाल सोनपांडर

गीत – डॉ. दीक्षा चौबे
poetry

गीत – डॉ. दीक्षा चौबे

इस माह की नवाकुंर कवयित्री – सुरभि ताम्रकार ‘शावि’
poetry

इस माह की नवाकुंर कवयित्री – सुरभि ताम्रकार ‘शावि’

इस माह के बाल साहित्यकार : कमलेश चंद्राकर
poetry

इस माह के बाल साहित्यकार : कमलेश चंद्राकर

साहित्यनामा – अमृता मिश्रा
poetry

साहित्यनामा – अमृता मिश्रा

इस माह के ग़ज़लकार : शुभेंदु बागची ‘मुन्तज़िर’
poetry

इस माह के ग़ज़लकार : शुभेंदु बागची ‘मुन्तज़िर’

कवि और कविता : हरिप्रकाश गुप्ता ‘सरल’
poetry

कवि और कविता : हरिप्रकाश गुप्ता ‘सरल’

इस माह के कवि : प्रकाशचंद्र मण्डल
poetry

इस माह के कवि : प्रकाशचंद्र मण्डल

कवि और कविता : दशरथ सिंह भुवाल सोनपांडर
poetry

कवि और कविता : दशरथ सिंह भुवाल सोनपांडर

कवि और कविता : पल्लव चटर्जी
poetry

कवि और कविता : पल्लव चटर्जी

कवि और कविता : कमलेश चंद्राकर
poetry

कवि और कविता : कमलेश चंद्राकर

कवि और कविता : पल्लव चटर्जी
poetry

कवि और कविता : पल्लव चटर्जी

कविता श्रृंखला आरंभ : डॉ. शिरोमणि माथुर
poetry

कविता श्रृंखला आरंभ : डॉ. शिरोमणि माथुर

कविता श्रृंखला ‘आरंभ’ में : दीप्ति श्रीवास्तव
poetry

कविता श्रृंखला ‘आरंभ’ में : दीप्ति श्रीवास्तव

कृति आरंभ : कविता आसपास- दीप्ति श्रीवास्तव
poetry

कृति आरंभ : कविता आसपास- दीप्ति श्रीवास्तव

स्तम्भ ‘आरंभ’ : इस माह की कवयित्री- दीप्ति श्रीवास्तव
poetry

स्तम्भ ‘आरंभ’ : इस माह की कवयित्री- दीप्ति श्रीवास्तव

कविता आसपास स्तम्भ ‘आरंभ’ – संजय एम तरानेकर
poetry

कविता आसपास स्तम्भ ‘आरंभ’ – संजय एम तरानेकर

रचना और रचनाकार- पल्लव चटर्जी
poetry

रचना और रचनाकार- पल्लव चटर्जी

होली विशेष [दो फागुनी रचना यें] – तारकनाथ चौधुरी
poetry

होली विशेष [दो फागुनी रचना यें] – तारकनाथ चौधुरी

कहानी

लेख : कैलाश जैन बरमेचा
story

लेख : कैलाश जैन बरमेचा

कहानी : दीप्ति श्रीवास्तव
story

कहानी : दीप्ति श्रीवास्तव

लघु कथा : डॉ. प्रेमकुमार पाण्डेय
story

लघु कथा : डॉ. प्रेमकुमार पाण्डेय

लघुकथा : सरस सलिला – दीप्ति श्रीवास्तव
story

लघुकथा : सरस सलिला – दीप्ति श्रीवास्तव

आलेख : ‘बहकता बचपन’ – साजिद अली ‘सतरंगी’
story

आलेख : ‘बहकता बचपन’ – साजिद अली ‘सतरंगी’

स्वर्ग का न्याय : महेश की आत्मकथा – लेखक शायर नावेद रज़ा दुर्गवी
story

स्वर्ग का न्याय : महेश की आत्मकथा – लेखक शायर नावेद रज़ा दुर्गवी

कहानी : ‘पीहू’ – डॉ. दीक्षा चौबे
story

कहानी : ‘पीहू’ – डॉ. दीक्षा चौबे

संदेशप्रद लघु कथा : ‘पुकार’ – कैलाश बरमेचा जैन
story

संदेशप्रद लघु कथा : ‘पुकार’ – कैलाश बरमेचा जैन

लेखिका विद्या गुप्ता की कृति ‘मैं हस्ताक्षर हूँ’ की समीक्षा लेखक कवि विजय वर्तमान के शब्दों में – ‘मैं हस्ताक्षर हूँ’ यह विद्या गुप्ता की सच्ची, निर्भीक और सर्व स्वीकार्य घोषणा है
story

लेखिका विद्या गुप्ता की कृति ‘मैं हस्ताक्षर हूँ’ की समीक्षा लेखक कवि विजय वर्तमान के शब्दों में – ‘मैं हस्ताक्षर हूँ’ यह विद्या गुप्ता की सच्ची, निर्भीक और सर्व स्वीकार्य घोषणा है

मास्टर स्ट्रोक [व्यंग्य] : राजशेखर चौबे
story

मास्टर स्ट्रोक [व्यंग्य] : राजशेखर चौबे

लघु कथा : डॉ. सोनाली चक्रवर्ती
story

लघु कथा : डॉ. सोनाली चक्रवर्ती

सत्य घटना पर आधारित कहानी : ‘सब्जी वाली मंजू’ :  ब्रजेश मल्लिक
story

सत्य घटना पर आधारित कहानी : ‘सब्जी वाली मंजू’ : ब्रजेश मल्लिक

लघुकथा : डॉ. सोनाली चक्रवर्ती
story

लघुकथा : डॉ. सोनाली चक्रवर्ती

कहिनी : मया के बंधना – डॉ. दीक्षा चौबे
story

कहिनी : मया के बंधना – डॉ. दीक्षा चौबे

🤣 होली विशेष :प्रो.अश्विनी केशरवानी
story

🤣 होली विशेष :प्रो.अश्विनी केशरवानी

चर्चित उपन्यासत्रयी उर्मिला शुक्ल ने रचा इतिहास…
story

चर्चित उपन्यासत्रयी उर्मिला शुक्ल ने रचा इतिहास…

story

रचना आसपास : उर्मिला शुक्ल

story

रचना आसपास : दीप्ति श्रीवास्तव

story

कहानी : संतोष झांझी

story

कहानी : ‘ पानी के लिए ‘ – उर्मिला शुक्ल

लेख

विशेष : भाईदूज, भाई-बहन के परस्पर प्रेम और दायित्व का त्योहार : भाईदूज और रक्षा बंधन की सनातनी मान्यताएं – श्रीमती संजीव ठाकुर
Article

विशेष : भाईदूज, भाई-बहन के परस्पर प्रेम और दायित्व का त्योहार : भाईदूज और रक्षा बंधन की सनातनी मान्यताएं – श्रीमती संजीव ठाकुर

Article

तीन लघुकथा : रश्मि अमितेष पुरोहित

व्यंग्य : देश की बदनामी चालू आहे ❗ – राजेंद्र शर्मा
Article

व्यंग्य : देश की बदनामी चालू आहे ❗ – राजेंद्र शर्मा

Article

लघुकथा : डॉ. प्रेमकुमार पाण्डेय [केंद्रीय विद्यालय वेंकटगिरि, आंध्रप्रदेश]

जोशीमठ की त्रासदी : राजेंद्र शर्मा
Article

जोशीमठ की त्रासदी : राजेंद्र शर्मा

18 दिसंबर को जयंती के अवसर पर गुरू घासीदास और सतनाम परम्परा
Article

18 दिसंबर को जयंती के अवसर पर गुरू घासीदास और सतनाम परम्परा

जयंती : सतनाम पंथ के संस्थापक संत शिरोमणि बाबा गुरु घासीदास जी
Article

जयंती : सतनाम पंथ के संस्थापक संत शिरोमणि बाबा गुरु घासीदास जी

व्यंग्य : नो हार, ओन्ली जीत ❗ – राजेंद्र शर्मा
Article

व्यंग्य : नो हार, ओन्ली जीत ❗ – राजेंद्र शर्मा

🟥 अब तेरा क्या होगा रे बुलडोजर ❗ – व्यंग्य : राजेंद्र शर्मा.
Article

🟥 अब तेरा क्या होगा रे बुलडोजर ❗ – व्यंग्य : राजेंद्र शर्मा.

🟥 प्ररंपरा या कुटेव  ❓ – व्यंग्य : राजेंद्र शर्मा
Article

🟥 प्ररंपरा या कुटेव ❓ – व्यंग्य : राजेंद्र शर्मा

▪️ न्यायपालिका के अपशकुनी के साथी : वैसे ही चलना दूभर था अंधियारे में…इनने और घुमाव ला दिया गलियारे में – आलेख बादल सरोज.
Article

▪️ न्यायपालिका के अपशकुनी के साथी : वैसे ही चलना दूभर था अंधियारे में…इनने और घुमाव ला दिया गलियारे में – आलेख बादल सरोज.

▪️ मशहूर शायर गीतकार साहिर लुधियानवी : ‘ जंग तो ख़ुद ही एक मसअला है, जंग क्या मसअलों का हल देगी ‘ : वो सुबह कभी तो आएगी – गणेश कछवाहा.
Article

▪️ मशहूर शायर गीतकार साहिर लुधियानवी : ‘ जंग तो ख़ुद ही एक मसअला है, जंग क्या मसअलों का हल देगी ‘ : वो सुबह कभी तो आएगी – गणेश कछवाहा.

▪️ व्यंग्य : दीवाली के कूंचे से यूँ लक्ष्मी जी निकलीं ❗ – राजेंद्र शर्मा
Article

▪️ व्यंग्य : दीवाली के कूंचे से यूँ लक्ष्मी जी निकलीं ❗ – राजेंद्र शर्मा

25 सितंबर पितृ मोक्ष अमावस्या के उपलक्ष्य में… पितृ श्राद्ध – श्राद्ध का प्रतीक
Article

25 सितंबर पितृ मोक्ष अमावस्या के उपलक्ष्य में… पितृ श्राद्ध – श्राद्ध का प्रतीक

Article

🟢 आजादी के अमृत महोत्सव पर विशेष : डॉ. अशोक आकाश.

Article

🟣 अमृत महोत्सव पर विशेष : डॉ. बलदाऊ राम साहू [दुर्ग]

Article

🟣 समसामयिक चिंतन : डॉ. अरविंद प्रेमचंद जैन [भोपाल].

⏩ 12 अगस्त-  भोजली पर्व पर विशेष
Article

⏩ 12 अगस्त- भोजली पर्व पर विशेष

Article

■पर्यावरण दिवस पर चिंतन : संजय मिश्रा [ शिवनाथ बचाओ आंदोलन के संयोजक एवं जनसुनवाई फाउंडेशन के छत्तीसगढ़ प्रमुख ]

Article

■पर्यावरण दिवस पर विशेष लघुकथा : महेश राजा.

राजनीति न्यूज़

breaking Politics

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने उदयपुर हत्याकांड को लेकर दिया बड़ा बयान

Politics

■छत्तीसगढ़ :

Politics

भारतीय जनता पार्टी,भिलाई-दुर्ग के वरिष्ठ कार्यकर्ता संजय जे.दानी,लल्लन मिश्रा, सुरेखा खटी,अमरजीत सिंह ‘चहल’,विजय शुक्ला, कुमुद द्विवेदी महेंद्र यादव,सूरज शर्मा,प्रभा साहू,संजय खर्चे,किशोर बहाड़े, प्रदीप बोबडे,पुरषोत्तम चौकसे,राहुल भोसले,रितेश सिंह,रश्मि अगतकर, सोनाली,भारती उइके,प्रीति अग्रवाल,सीमा कन्नौजे,तृप्ति कन्नौजे,महेश सिंह, राकेश शुक्ला, अशोक स्वाईन ओर नागेश्वर राव ‘बाबू’ ने सयुंक्त बयान में भिलाई के विधायक देवेन्द्र यादव से जवाब-तलब किया.

breaking Politics

भिलाई कांड, न्यायाधीश अवकाश पर, जाने कब होगी सुनवाई

धमतरी आसपास
Politics

धमतरी आसपास

Politics

स्मृति शेष- बाबू जी, मोतीलाल वोरा

Politics

छत्तीसगढ़ कांग्रेस में हलचल

breaking Politics

राज्यसभा सांसद सुश्री सरोज पाण्डेय ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से कहा- मर्यादित भाषा में रखें अपनी बात

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल  ने डाॅ. नरेन्द्र देव वर्मा पर केन्द्रित ‘ग्रामोदय’ पत्रिका और ‘बहुमत’ पत्रिका के 101वें अंक का किया विमोचन
Politics

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने डाॅ. नरेन्द्र देव वर्मा पर केन्द्रित ‘ग्रामोदय’ पत्रिका और ‘बहुमत’ पत्रिका के 101वें अंक का किया विमोचन

मरवाही उपचुनाव
Politics

मरवाही उपचुनाव

Politics

प्रमोद सिंह राजपूत कुम्हारी ब्लॉक के अध्यक्ष बने

Politics

ओवैसी की पार्टी ने बदला सीमांचल का समीकरण! 11 सीटों पर NDA आगे

breaking Politics

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, ग्वालियर में प्रेस वार्ता

breaking Politics

अमित और ऋचा जोगी का नामांकन खारिज होने पर बोले मंतूराम पवार- ‘जैसी करनी वैसी भरनी’

breaking Politics

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री, भूपेश बघेल बिहार चुनाव के स्टार प्रचारक बिहार में कांग्रेस 70 सीटों में चुनाव लड़ रही है

सियासत- हाथरस सामूहिक दुष्कर्म
breaking National Politics

सियासत- हाथरस सामूहिक दुष्कर्म

breaking Politics

हाथरस गैंगरेप के घटना पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने क्या कहा, पढ़िए पूरी खबर

breaking Politics

पत्रकारों के साथ मारपीट की घटना के बाद, पीसीसी चीफ ने जांच समिति का किया गठन