• Chhattisgarh
  • विशेष : गाज़ा में युद्ध विराम- नाज़ुक, दर्दनाक और अनिश्चित – लेखक मुरलीधरन, अनुवाद संजय पराते

विशेष : गाज़ा में युद्ध विराम- नाज़ुक, दर्दनाक और अनिश्चित – लेखक मुरलीधरन, अनुवाद संजय पराते

9 months ago
224

अक्टुबर 2025 की शुरुआत में गाज़ा में युद्ध विराम की घोषणा हुई। यह नवीनतम घोषणा लगभग दो वर्षों से घेरेबंदी में जकड़े लाखों फ़िलिस्तीनियों के लिए राहत का एक दुर्लभ क्षण था, जो रोज़ाना बमबारी, भूख और विस्थापन की मार झेल रहे थे। इसने कुछ राहत दी, लगातार हो रही हत्याओं पर कुछ रोक लगी, गाज़ा में सहायता ट्रकों को प्रवेश मिलने और घायलों के इलाज होने की कुछ उम्मीद जगाई। लेकिन यह युद्ध विराम नाज़ुक साबित हुआ है। इज़राइली सेना ने, अपनी आदत के अनुसार, समझौते के बाद भी हमले और घुसपैठ किए है। मानवीय सहायता अभी भी बेहद सीमित है। गाज़ा के लोगों के लिए, यह शांति नहीं है — ट्रम्प या उनके ढिंढोरची चाहे जो भी कहें — यह एक शांत पीड़ा है।

फ़िलिस्तीनी और दुनिया भर में उनके समर्थक इस योजना से मिली राहत का स्वागत करते हुए भी संशयी हैं और यह सही भी है। पुलित्ज़र पुरस्कार विजेता, अमेरिकी पत्रकार और लेखक क्रिस हेजेज इस युद्धविराम को एक “व्यावसायिक विराम” कहते हैं… “एक ऐसा क्षण जब आरोपित व्यक्ति को गोलियों की बौछार में मार गिराए जाने से पहले सिगरेट पीने की इजाज़त दी जाती है।”

उल्लंघनों की भरमार

इज़राइल स्याही सूखने से पहले ही ‘शांति योजनाओं’ का उल्लंघन करने के लिए कुख्यात है। रंगभेदी इज़राइल द्वारा दर्जनों उल्लंघनों की सूचना पहले ही मिल चुकी है। अल जज़ीरा की रिपोर्ट के अनुसार, गाजा में, 10 अक्टूबर को युद्धविराम शुरू होने के बाद से, 25 अक्टूबर, 2025 तक, कम से कम 93 फ़िलिस्तीनी मारे जा चुके हैं। फ़िलिस्तीनी सूत्रों का कहना है कि इससे पहले भी, 19 जनवरी 2025 से 12 फ़रवरी तक, छह-सप्ताह के चरण के युद्धविराम के दौरान, इज़राइल ने कम से कम 265 उल्लंघन किए थे।

शर्म अल शेख समझौते के तहत, इज़राइल ने गिरफ्तारी के बाद अपनी हिरासत में मारे गए लोगों के शव वापस करने का वादा किया था। बहरहाल, फ़िलिस्तीनी अधिकारियों के अनुसार, 16 अक्टूबर, 2025 तक केवल 120 शव ही वापस किए गए हैं। इन शवों की फोरेंसिक जाँच से पता चलता है कि कई पीड़ितों की हत्या हिरासत के दौरान ही की गई थी, जो कब्ज़ा करने वाले बलों की क्रूरता को ही रेखांकित करता है। उन्हें फाँसी पर लटकाया गया था ; बंधनों का इस्तेमाल किया गया था या उनके शरीर पर गोली लगने के घाव थे। कई लोगों के हाथ टूटे हुए थे या जल गए थे और उन्हें गंभीर शारीरिक यातनाएँ दी गईं थीं। कुछ को सैन्य वाहनों के नीचे कुचला गया था। आईडीएफ और इज़राइली आबादी का एक बड़ा हिस्सा, जिसे नफरत की भावना भरकर पाला गया है, फ़िलिस्तीनियों को यातना देने, उन्हें अपंग बनाने और उनकी हत्या करने में परपीड़क आनंद प्राप्त करता है। छोटे से गाज़ा में पूरी दुनिया की तुलना में सबसे ज़्यादा विकलांग बच्चे हैं!

खामियों से भरी योजना

कई टिप्पणीकारों ने बताया है कि इस युद्ध विराम में ऐसे कई प्रावधान हैं, जो इज़राइल को समझौते को रद्द करने या उससे पीछे हटने की अनुमति देते हैं। इस हास्यास्पद योजना की घोषणा के कुछ ही दिनों के भीतर, इज़राइल ने राफ़ा सीमा को खोलने से इनकार कर दिया और सहायता ट्रकों की संख्या को घटाकर 300 प्रतिदिन कर दिया, जबकि सहमति 600 ट्रकों की थी। यहां तक कि, इज़राइली जनता भी नहीं मानती कि यह युद्धविराम कायम रहेगा। इस बात को सबसे ज़्यादा प्रसारित इज़राइली अख़बार इज़राइल हायोम ने भी कहा है, जिसने ट्रम्प की योजना को सिर्फ़ बयानबाज़ी बताया है।

इज़राइल का कलंकित रिकॉर्ड

जहाँ तक पहले के समझौतों के उल्लंघन का सवाल है, जिसका इज़राइल पर अभियोग लगाया गया है। कैंप डेविड समझौते के पहले चरण में इज़राइल और मिस्र ने 1979 में एक शांति संधि पर हस्ताक्षर किए थे। फिलिस्तीन मुक्ति संगठन (पीएलओ) ने इसका बहिष्कार किया था। बाद के चरणों में इज़राइल ने पाँच वर्षों के भीतर गाजा और पश्चिमी तट पर फिलिस्तीनियों को स्वशासन देने और पश्चिमी तट तथा पूर्वी यरुशलम में इज़राइली बस्तियों के निर्माण को रोकने का वादा किया था। क्या इस पर अमल हुआ?

1993 में ओस्लो में, इज़राइल ने पीएलओ को फ़िलिस्तीनी जनता के वैध प्रतिनिधि के रूप में मान्यता दी थी और बदले में पीएलओ ने भी इज़राइल के अस्तित्व के अधिकार को मान्यता दी। लेकिन इसका नतीजा क्या हुआ?

1995 में ओस्लो में फिर से एक समझौता हुआ। लेकिन इज़राइल अपने कब्ज़े वाले पश्चिमी तट से हटने के अपने वादे से मुकर गया। यहाँ तक कि फ़िलिस्तीनी प्राधिकरण, जिसकी स्थापना की गई थी, का भी A और B चिह्नित दो क्षेत्रों पर बहुत सीमित अधिकार था। C तीसरा चिह्नित क्षेत्र था, जो पश्चिमी तट का 60 प्रतिशत था, यह भी पूरी तरह से इज़राइल के नियंत्रण में था। इस समझौते से पीएलओ और उसके सबसे बड़े नेता यासर अराफ़ात को एक बड़ा धक्का पहुंचा और हमास का उदय हुआ। यही इज़राइल का उद्देश्य था, जो पूरा हो गया।

यहाँ तक कि जनवरी, 2025 का युद्ध विराम भी दो महीने से ज़्यादा नहीं चला। और इसका उल्लंघन किसने किया? इसकी शुरुआत इज़राइल द्वारा 18 मार्च को एक भीषण सैन्य अभियान चलाने से हुई, जिसमें रातों रात 400 लोग मारे गए। दरअसल, इस अभियान के कारण समझौते का दूसरा चरण भी विफल हो गया, जिसमें अन्य बातों के अलावा, शेष पुरुष बंधकों की रिहाई भी शामिल थी।

आईसीजे की सलाह

समझौते में इज़राइल के अवैध कब्जे के मुद्दे पर पूरी तरह से चुप्पी साध ली गई है और इस कब्जे को समाप्त किया जाना चाहिए। यही बात जुलाई 2024 में अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय (आईसीजे) ने भी दोहराई थी। क्या फ़िलिस्तीनियों को आत्मनिर्णय का अधिकार नहीं है? क्या इस जनसंहार के लिए इज़राइल को ज़िम्मेदार ठहराया जाएगा? क्या समझौते में इन बातों को स्वीकार भी किया गया है?

इस बीच, 22 अक्टूबर, 2025 को अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय ने एक परामर्श जारी कर इज़राइल को एक कब्ज़ाधारी ताकत के रूप में उसके दायित्वों की याद दिलाई। अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय ने इस बात पर ज़ोर दिया है कि एक कब्ज़ाधारी ताकत के रूप में इज़राइल, चौथे जिनेवा कन्वेंशन के प्रावधानों सहित, कब्ज़ा कानून के अनुसार, अपने दायित्वों का निर्वहन करने के लिए बाध्य है और अपने सुरक्षा हितों की रक्षा के लिए कोई भी कार्रवाई सद्भावनापूर्वक की जानी चाहिए और यह अधिकृत आबादी के अधिकारों की रक्षा और उनके सर्वोत्तम हितों को बढ़ावा देने के अनुरूप होनी चाहिए।

पश्चिमी तट पर बसने वालों का आतंकवाद हुआ तेज़

जबकि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ध्यान गाज़ा पर केंद्रित था, पूर्वी यरुशलम सहित, अधिकृत पश्चिमी तट पर बसने वालों का फ़िलिस्तीनियों पर आतंकवाद तेज़ हो गया। उपनिवेशीकरण और दीवार प्रतिरोध आयोग का अनुमान है कि अक्टूबर की शुरुआत से 21 अक्टूबर, 2025 के बीच, इज़राइली सेना और बसने वालों ने फ़िलिस्तीनी जैतून किसानों पर 158 हमले किए हैं। इनमें से 17 हमले सेना द्वारा और 141 सशस्त्र बसने वालों द्वारा किए गए। इनमें मारपीट, फसलों में आग लगाना, जैतून के पेड़ों को उखाड़ना, सामूहिक गिरफ़्तारियाँ और धमकी शामिल हैं।

इज़राइल ने “सुरक्षा” के नाम पर ज़मीन के बड़े हिस्से को “राज्य की ज़मीन” या “सैन्य क्षेत्र” घोषित करके ज़ब्त कर लिया है। इस कब्ज़े वाली ज़मीन पर वह केवल बसने वालों के लिए सड़कें और सैन्य प्रतिष्ठान बना रहा है। धीरे-धीरे, कब्ज़े वाले पश्चिमी तट पर, वह व्यवस्थित रूप से फ़िलिस्तीनियों को विस्थापित कर रहा है, उनकी कृषि अर्थव्यवस्था को नष्ट कर रहा है और उनकी ज़मीन का स्वरूप बदल रहा है।

संदेश

इज़राइल की खून और ज़मीन की प्यास अभी भी शांत नहीं हुई है। समझौते सिर्फ़ कागज़ के टुकड़े हैं। समझौते के अपने हिस्से का सम्मान करने का उसका कोई इरादा नहीं है। यह युद्ध विराम गाज़ा का जातीय सफ़ाया करने और पूरे “इरेट्ज़ इज़राइल” पर कब्ज़ा करने के उसके लक्ष्य की लालसा को कम नहीं करता। इसे भी वह केवल उसी माध्यम से करना चाहता है, जिसमें वह सक्षम है। और वह है क्रूर बल, केवल जिसका वह उपयोग करना जानता है। और यहूदीवादियों को अनुमानित 62 प्रतिशत इज़राइली आबादी का समर्थन प्राप्त है। अपने क़ब्ज़े वाले पश्चिमी तट पर इज़राइली संप्रभुता लागू करने वाले एक विधेयक को प्रारंभिक मंज़ूरी देने के लिए हुए अक्टूबर में हुए नेसेट वोट से भी यही बात झलकती है।

बेंजामिन नेतन्याहू ने 2014 में 51 दिनों के आक्रमण के ज़रिए, जो हासिल करने कोशिश की थी और जिसमें वह नाकाम रहे थे, आज उन्होंने वह हासिल कर लिया है। आज भी उसकी सेना, असैन्य कर्मचारियों के साथ मिलकर, फ़िलिस्तीनी नागरिकों के उस हिस्से के पीछे की अधोसरंचना को ध्वस्त कर रही है, जिसे इज़राइल “येलो लाइन” कहता है और जो गाज़ा के आधे से ज़्यादा हिस्से पर फैली है। क्या लगातार हत्याएँ और बचे हुए बुनियादी ढाँचे को ध्वस्त करना युद्ध विराम का उल्लंघन नहीं है? कोई यह कैसे मान सकता है कि जब वह सहायता ट्रकों को प्रवेश देने से इंकार कर रहा है, तो पुनर्निर्माण सामग्री को अंदर जाने की अनुमति देगा? गाज़ा का जनसंहार न केवल उस क्षेत्र को पूरी तरह से नष्ट करने, फ़िलिस्तीनी प्रतिरोध को हराने और सामूहिक जनसंहार के ज़रिए उनका मनोबल तोड़ने के लिए रचा गया था, बल्कि इसका उद्देश्य अरब जगत को भी यह संदेश देना है — इज़राइल को चुनौती दोगे, तो तुम्हारा भी यही हश्र होगा।

[ • लेखक मुरलीधरन ‘माकपा’ के केंद्रीय सचिव मंडल सदस्य हैं. ]

🟥🟥🟥

विज्ञापन (Advertisement)

ब्रेकिंग न्यूज़

विधानसभा में गूंजा प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना में भ्रष्टाचार का मुद्दा, 1400 महिलाओं के 61 लाख रुपये गबन का आरोप; विपक्ष का वॉकआउट
breaking Chhattisgarh

विधानसभा में गूंजा प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना में भ्रष्टाचार का मुद्दा, 1400 महिलाओं के 61 लाख रुपये गबन का आरोप; विपक्ष का वॉकआउट

IPS जयंत वैष्णव बने मुख्यमंत्री सुरक्षा के नए SP, DGP अरुण देव गौतम ने जारी किया आदेश
breaking Chhattisgarh

IPS जयंत वैष्णव बने मुख्यमंत्री सुरक्षा के नए SP, DGP अरुण देव गौतम ने जारी किया आदेश

‘सरकार से कहिए ऐसा न करें’, SC ने कहा- 9वीं कक्षा में तीसरी भाषा पढ़ने से तनाव बढ़ेगा
breaking National

‘सरकार से कहिए ऐसा न करें’, SC ने कहा- 9वीं कक्षा में तीसरी भाषा पढ़ने से तनाव बढ़ेगा

होर्मुज रूट पर भारतीय नाविकों की तैनाती पर सरकार ने लिया बड़ा फैसला, DGMA ने जारी की एडवाइजरी
breaking international

होर्मुज रूट पर भारतीय नाविकों की तैनाती पर सरकार ने लिया बड़ा फैसला, DGMA ने जारी की एडवाइजरी

आउटसोर्सिंग कर्मचारियों पर घिरे स्वास्थ्य मंत्री, भाजपा विधायकों ने कहा, चरित्र सत्यापन क्यों नहीं, मंत्री ने दिलाया शत प्रतिशत सत्यापन का भरोसा
breaking Chhattisgarh

आउटसोर्सिंग कर्मचारियों पर घिरे स्वास्थ्य मंत्री, भाजपा विधायकों ने कहा, चरित्र सत्यापन क्यों नहीं, मंत्री ने दिलाया शत प्रतिशत सत्यापन का भरोसा

जो गुजरात में बैन, वो दवा छत्तीसगढ़ में खरीदी गई ? स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने सदन में किया स्पष्ट
breaking Chhattisgarh

जो गुजरात में बैन, वो दवा छत्तीसगढ़ में खरीदी गई ? स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने सदन में किया स्पष्ट

रथ यात्रा स्पेशल: घर में बनाएं भगवान जगन्नाथ का प्रिय खाजा, जानें आसान रेसिपी
breaking Chhattisgarh

रथ यात्रा स्पेशल: घर में बनाएं भगवान जगन्नाथ का प्रिय खाजा, जानें आसान रेसिपी

सदन में गूंजा नकटी में बुलडोजर कार्रवाई का मामला, स्थगन प्रस्ताव खारिज होने पर नाराज़ विपक्ष ने गर्भगृह में जाकर की नारेबाजी, सभी विपक्षी विधायक निलंबित
breaking Chhattisgarh

सदन में गूंजा नकटी में बुलडोजर कार्रवाई का मामला, स्थगन प्रस्ताव खारिज होने पर नाराज़ विपक्ष ने गर्भगृह में जाकर की नारेबाजी, सभी विपक्षी विधायक निलंबित

पोलैंड के उप विदेश मंत्री का बड़ा दावा, कहा- PM मोदी के कहने पर पुतिन ने यूक्रेन पर परमाणु हमला रोका
breaking international

पोलैंड के उप विदेश मंत्री का बड़ा दावा, कहा- PM मोदी के कहने पर पुतिन ने यूक्रेन पर परमाणु हमला रोका

विधानसभा में बीज संकट को लेकर जोरदार हंगामा, स्पीकर ने स्थगन प्रस्ताव ठुकराया, गर्भगृह में नारेबाजी के बाद 34 विपक्षी विधायक निलंबित
breaking Chhattisgarh

विधानसभा में बीज संकट को लेकर जोरदार हंगामा, स्पीकर ने स्थगन प्रस्ताव ठुकराया, गर्भगृह में नारेबाजी के बाद 34 विपक्षी विधायक निलंबित

औद्योगिक दुर्घटनाओं पर विधानसभा में बवाल, वेदांता डायरेक्टर पर FIR का मुद्दा गरमाया, मंत्री के जवाब से नाराज़ विपक्ष ने किया वॉकआउट
breaking Chhattisgarh

औद्योगिक दुर्घटनाओं पर विधानसभा में बवाल, वेदांता डायरेक्टर पर FIR का मुद्दा गरमाया, मंत्री के जवाब से नाराज़ विपक्ष ने किया वॉकआउट

अब AI करेगा जंगल की चौकीदारी, उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में स्मार्ट सर्विलांस सिस्टम का ट्रायल शुरू
breaking Chhattisgarh

अब AI करेगा जंगल की चौकीदारी, उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में स्मार्ट सर्विलांस सिस्टम का ट्रायल शुरू

E20 पेट्रोल को लेकर मोदी सरकार सख्त हुई, ऐसे लोगों के खिलाफ कड़े एक्शन का आदेश दिया
breaking Chhattisgarh

E20 पेट्रोल को लेकर मोदी सरकार सख्त हुई, ऐसे लोगों के खिलाफ कड़े एक्शन का आदेश दिया

आओ ‘सेक्स’ पर बात करेंः प्राइमरी क्लास से दी जाएगी सेक्स एजुकेशन, हफ्ते में दो दिन चलेगी क्लास, जानें बच्चों को यौन शिक्षा देना क्यों जरूरी?
breaking National

आओ ‘सेक्स’ पर बात करेंः प्राइमरी क्लास से दी जाएगी सेक्स एजुकेशन, हफ्ते में दो दिन चलेगी क्लास, जानें बच्चों को यौन शिक्षा देना क्यों जरूरी?

भाडे़ के NRI नहीं लाए गए…ऑस्ट्रेलिया में पीएम मोदी के कार्यक्रम पर आयोजकों की सफाई, कहा- माफ़ी मांगे राहुल और मल्लिकार्जुन खड़गे’
breaking international

भाडे़ के NRI नहीं लाए गए…ऑस्ट्रेलिया में पीएम मोदी के कार्यक्रम पर आयोजकों की सफाई, कहा- माफ़ी मांगे राहुल और मल्लिकार्जुन खड़गे’

विधानसभा में विधायक रिकेश की पहल, शहरी क्षेत्रों में पट्टा वितरण की प्रक्रिया होगी शुरू
breaking Chhattisgarh

विधानसभा में विधायक रिकेश की पहल, शहरी क्षेत्रों में पट्टा वितरण की प्रक्रिया होगी शुरू

छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने शिक्षिका की बर्खास्तगी का आदेश किया निरस्त, बिना विभागीय जांच हटाना असंवैधानिक, सेवा बहाली के निर्देश
breaking Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने शिक्षिका की बर्खास्तगी का आदेश किया निरस्त, बिना विभागीय जांच हटाना असंवैधानिक, सेवा बहाली के निर्देश

धान के साथ वैकल्पिक फसलों को बढ़ावा, किसानों को मिलेंगे ₹15 हजार प्रति एकड़ की सहायता
breaking Chhattisgarh

धान के साथ वैकल्पिक फसलों को बढ़ावा, किसानों को मिलेंगे ₹15 हजार प्रति एकड़ की सहायता

छत्तीसगढ़ को मिले 5 नए शासकीय मेडिकल कॉलेजों की सौगात, 250 सीटों को मिली स्वीकृति, सीएम साय ने पीएम मोदी मोदी और स्वास्थ्य मंत्री का जताया आभार
breaking Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ को मिले 5 नए शासकीय मेडिकल कॉलेजों की सौगात, 250 सीटों को मिली स्वीकृति, सीएम साय ने पीएम मोदी मोदी और स्वास्थ्य मंत्री का जताया आभार

राज्य पुलिस सेवा के तीन वरिष्ठ अधिकारियों के तबादले, तारकेश्वर पटेल ADCP से बने DCP
breaking Chhattisgarh

राज्य पुलिस सेवा के तीन वरिष्ठ अधिकारियों के तबादले, तारकेश्वर पटेल ADCP से बने DCP

कविता

आरंभ साहित्यिक मंच : सोनिया नायडू
poetry

आरंभ साहित्यिक मंच : सोनिया नायडू

‘आरंभ साहित्यिक मंच’ : हरि प्रकाश गुप्ता ‘सरल’
poetry

‘आरंभ साहित्यिक मंच’ : हरि प्रकाश गुप्ता ‘सरल’

‘आरंभ’ साहित्यिक मंच : दीप्ति श्रीवास्तव
poetry

‘आरंभ’ साहित्यिक मंच : दीप्ति श्रीवास्तव

कवि और कविता : पल्लव चटर्जी
poetry

कवि और कविता : पल्लव चटर्जी

साहित्यिक पटल : सुरभि ताम्रकर ‘शावि’
poetry

साहित्यिक पटल : सुरभि ताम्रकर ‘शावि’

साहित्यिक ‘आरंभ’ : सुरभि ताम्रकार ‘शावि’
poetry

साहित्यिक ‘आरंभ’ : सुरभि ताम्रकार ‘शावि’

विश्व पर्यावरण दिवस पर विशेष दोहावली : ठाकुर दशरथ सिंह भुवाल सोनपांडर
poetry

विश्व पर्यावरण दिवस पर विशेष दोहावली : ठाकुर दशरथ सिंह भुवाल सोनपांडर

गीत – डॉ. दीक्षा चौबे
poetry

गीत – डॉ. दीक्षा चौबे

इस माह की नवाकुंर कवयित्री – सुरभि ताम्रकार ‘शावि’
poetry

इस माह की नवाकुंर कवयित्री – सुरभि ताम्रकार ‘शावि’

इस माह के बाल साहित्यकार : कमलेश चंद्राकर
poetry

इस माह के बाल साहित्यकार : कमलेश चंद्राकर

साहित्यनामा – अमृता मिश्रा
poetry

साहित्यनामा – अमृता मिश्रा

इस माह के ग़ज़लकार : शुभेंदु बागची ‘मुन्तज़िर’
poetry

इस माह के ग़ज़लकार : शुभेंदु बागची ‘मुन्तज़िर’

कवि और कविता : हरिप्रकाश गुप्ता ‘सरल’
poetry

कवि और कविता : हरिप्रकाश गुप्ता ‘सरल’

इस माह के कवि : प्रकाशचंद्र मण्डल
poetry

इस माह के कवि : प्रकाशचंद्र मण्डल

कवि और कविता : दशरथ सिंह भुवाल सोनपांडर
poetry

कवि और कविता : दशरथ सिंह भुवाल सोनपांडर

कवि और कविता : पल्लव चटर्जी
poetry

कवि और कविता : पल्लव चटर्जी

कवि और कविता : कमलेश चंद्राकर
poetry

कवि और कविता : कमलेश चंद्राकर

कवि और कविता : पल्लव चटर्जी
poetry

कवि और कविता : पल्लव चटर्जी

कविता श्रृंखला आरंभ : डॉ. शिरोमणि माथुर
poetry

कविता श्रृंखला आरंभ : डॉ. शिरोमणि माथुर

कविता श्रृंखला ‘आरंभ’ में : दीप्ति श्रीवास्तव
poetry

कविता श्रृंखला ‘आरंभ’ में : दीप्ति श्रीवास्तव

कहानी

लेख : कैलाश जैन बरमेचा
story

लेख : कैलाश जैन बरमेचा

कहानी : दीप्ति श्रीवास्तव
story

कहानी : दीप्ति श्रीवास्तव

लघु कथा : डॉ. प्रेमकुमार पाण्डेय
story

लघु कथा : डॉ. प्रेमकुमार पाण्डेय

लघुकथा : सरस सलिला – दीप्ति श्रीवास्तव
story

लघुकथा : सरस सलिला – दीप्ति श्रीवास्तव

आलेख : ‘बहकता बचपन’ – साजिद अली ‘सतरंगी’
story

आलेख : ‘बहकता बचपन’ – साजिद अली ‘सतरंगी’

स्वर्ग का न्याय : महेश की आत्मकथा – लेखक शायर नावेद रज़ा दुर्गवी
story

स्वर्ग का न्याय : महेश की आत्मकथा – लेखक शायर नावेद रज़ा दुर्गवी

कहानी : ‘पीहू’ – डॉ. दीक्षा चौबे
story

कहानी : ‘पीहू’ – डॉ. दीक्षा चौबे

संदेशप्रद लघु कथा : ‘पुकार’ – कैलाश बरमेचा जैन
story

संदेशप्रद लघु कथा : ‘पुकार’ – कैलाश बरमेचा जैन

लेखिका विद्या गुप्ता की कृति ‘मैं हस्ताक्षर हूँ’ की समीक्षा लेखक कवि विजय वर्तमान के शब्दों में – ‘मैं हस्ताक्षर हूँ’ यह विद्या गुप्ता की सच्ची, निर्भीक और सर्व स्वीकार्य घोषणा है
story

लेखिका विद्या गुप्ता की कृति ‘मैं हस्ताक्षर हूँ’ की समीक्षा लेखक कवि विजय वर्तमान के शब्दों में – ‘मैं हस्ताक्षर हूँ’ यह विद्या गुप्ता की सच्ची, निर्भीक और सर्व स्वीकार्य घोषणा है

मास्टर स्ट्रोक [व्यंग्य] : राजशेखर चौबे
story

मास्टर स्ट्रोक [व्यंग्य] : राजशेखर चौबे

लघु कथा : डॉ. सोनाली चक्रवर्ती
story

लघु कथा : डॉ. सोनाली चक्रवर्ती

सत्य घटना पर आधारित कहानी : ‘सब्जी वाली मंजू’ :  ब्रजेश मल्लिक
story

सत्य घटना पर आधारित कहानी : ‘सब्जी वाली मंजू’ : ब्रजेश मल्लिक

लघुकथा : डॉ. सोनाली चक्रवर्ती
story

लघुकथा : डॉ. सोनाली चक्रवर्ती

कहिनी : मया के बंधना – डॉ. दीक्षा चौबे
story

कहिनी : मया के बंधना – डॉ. दीक्षा चौबे

🤣 होली विशेष :प्रो.अश्विनी केशरवानी
story

🤣 होली विशेष :प्रो.अश्विनी केशरवानी

चर्चित उपन्यासत्रयी उर्मिला शुक्ल ने रचा इतिहास…
story

चर्चित उपन्यासत्रयी उर्मिला शुक्ल ने रचा इतिहास…

story

रचना आसपास : उर्मिला शुक्ल

story

रचना आसपास : दीप्ति श्रीवास्तव

story

कहानी : संतोष झांझी

story

कहानी : ‘ पानी के लिए ‘ – उर्मिला शुक्ल

लेख

विशेष : भाईदूज, भाई-बहन के परस्पर प्रेम और दायित्व का त्योहार : भाईदूज और रक्षा बंधन की सनातनी मान्यताएं – श्रीमती संजीव ठाकुर
Article

विशेष : भाईदूज, भाई-बहन के परस्पर प्रेम और दायित्व का त्योहार : भाईदूज और रक्षा बंधन की सनातनी मान्यताएं – श्रीमती संजीव ठाकुर

Article

तीन लघुकथा : रश्मि अमितेष पुरोहित

व्यंग्य : देश की बदनामी चालू आहे ❗ – राजेंद्र शर्मा
Article

व्यंग्य : देश की बदनामी चालू आहे ❗ – राजेंद्र शर्मा

Article

लघुकथा : डॉ. प्रेमकुमार पाण्डेय [केंद्रीय विद्यालय वेंकटगिरि, आंध्रप्रदेश]

जोशीमठ की त्रासदी : राजेंद्र शर्मा
Article

जोशीमठ की त्रासदी : राजेंद्र शर्मा

18 दिसंबर को जयंती के अवसर पर गुरू घासीदास और सतनाम परम्परा
Article

18 दिसंबर को जयंती के अवसर पर गुरू घासीदास और सतनाम परम्परा

जयंती : सतनाम पंथ के संस्थापक संत शिरोमणि बाबा गुरु घासीदास जी
Article

जयंती : सतनाम पंथ के संस्थापक संत शिरोमणि बाबा गुरु घासीदास जी

व्यंग्य : नो हार, ओन्ली जीत ❗ – राजेंद्र शर्मा
Article

व्यंग्य : नो हार, ओन्ली जीत ❗ – राजेंद्र शर्मा

🟥 अब तेरा क्या होगा रे बुलडोजर ❗ – व्यंग्य : राजेंद्र शर्मा.
Article

🟥 अब तेरा क्या होगा रे बुलडोजर ❗ – व्यंग्य : राजेंद्र शर्मा.

🟥 प्ररंपरा या कुटेव  ❓ – व्यंग्य : राजेंद्र शर्मा
Article

🟥 प्ररंपरा या कुटेव ❓ – व्यंग्य : राजेंद्र शर्मा

▪️ न्यायपालिका के अपशकुनी के साथी : वैसे ही चलना दूभर था अंधियारे में…इनने और घुमाव ला दिया गलियारे में – आलेख बादल सरोज.
Article

▪️ न्यायपालिका के अपशकुनी के साथी : वैसे ही चलना दूभर था अंधियारे में…इनने और घुमाव ला दिया गलियारे में – आलेख बादल सरोज.

▪️ मशहूर शायर गीतकार साहिर लुधियानवी : ‘ जंग तो ख़ुद ही एक मसअला है, जंग क्या मसअलों का हल देगी ‘ : वो सुबह कभी तो आएगी – गणेश कछवाहा.
Article

▪️ मशहूर शायर गीतकार साहिर लुधियानवी : ‘ जंग तो ख़ुद ही एक मसअला है, जंग क्या मसअलों का हल देगी ‘ : वो सुबह कभी तो आएगी – गणेश कछवाहा.

▪️ व्यंग्य : दीवाली के कूंचे से यूँ लक्ष्मी जी निकलीं ❗ – राजेंद्र शर्मा
Article

▪️ व्यंग्य : दीवाली के कूंचे से यूँ लक्ष्मी जी निकलीं ❗ – राजेंद्र शर्मा

25 सितंबर पितृ मोक्ष अमावस्या के उपलक्ष्य में… पितृ श्राद्ध – श्राद्ध का प्रतीक
Article

25 सितंबर पितृ मोक्ष अमावस्या के उपलक्ष्य में… पितृ श्राद्ध – श्राद्ध का प्रतीक

Article

🟢 आजादी के अमृत महोत्सव पर विशेष : डॉ. अशोक आकाश.

Article

🟣 अमृत महोत्सव पर विशेष : डॉ. बलदाऊ राम साहू [दुर्ग]

Article

🟣 समसामयिक चिंतन : डॉ. अरविंद प्रेमचंद जैन [भोपाल].

⏩ 12 अगस्त-  भोजली पर्व पर विशेष
Article

⏩ 12 अगस्त- भोजली पर्व पर विशेष

Article

■पर्यावरण दिवस पर चिंतन : संजय मिश्रा [ शिवनाथ बचाओ आंदोलन के संयोजक एवं जनसुनवाई फाउंडेशन के छत्तीसगढ़ प्रमुख ]

Article

■पर्यावरण दिवस पर विशेष लघुकथा : महेश राजा.

राजनीति न्यूज़

breaking Politics

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने उदयपुर हत्याकांड को लेकर दिया बड़ा बयान

Politics

■छत्तीसगढ़ :

Politics

भारतीय जनता पार्टी,भिलाई-दुर्ग के वरिष्ठ कार्यकर्ता संजय जे.दानी,लल्लन मिश्रा, सुरेखा खटी,अमरजीत सिंह ‘चहल’,विजय शुक्ला, कुमुद द्विवेदी महेंद्र यादव,सूरज शर्मा,प्रभा साहू,संजय खर्चे,किशोर बहाड़े, प्रदीप बोबडे,पुरषोत्तम चौकसे,राहुल भोसले,रितेश सिंह,रश्मि अगतकर, सोनाली,भारती उइके,प्रीति अग्रवाल,सीमा कन्नौजे,तृप्ति कन्नौजे,महेश सिंह, राकेश शुक्ला, अशोक स्वाईन ओर नागेश्वर राव ‘बाबू’ ने सयुंक्त बयान में भिलाई के विधायक देवेन्द्र यादव से जवाब-तलब किया.

breaking Politics

भिलाई कांड, न्यायाधीश अवकाश पर, जाने कब होगी सुनवाई

धमतरी आसपास
Politics

धमतरी आसपास

Politics

स्मृति शेष- बाबू जी, मोतीलाल वोरा

Politics

छत्तीसगढ़ कांग्रेस में हलचल

breaking Politics

राज्यसभा सांसद सुश्री सरोज पाण्डेय ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से कहा- मर्यादित भाषा में रखें अपनी बात

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल  ने डाॅ. नरेन्द्र देव वर्मा पर केन्द्रित ‘ग्रामोदय’ पत्रिका और ‘बहुमत’ पत्रिका के 101वें अंक का किया विमोचन
Politics

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने डाॅ. नरेन्द्र देव वर्मा पर केन्द्रित ‘ग्रामोदय’ पत्रिका और ‘बहुमत’ पत्रिका के 101वें अंक का किया विमोचन

मरवाही उपचुनाव
Politics

मरवाही उपचुनाव

Politics

प्रमोद सिंह राजपूत कुम्हारी ब्लॉक के अध्यक्ष बने

Politics

ओवैसी की पार्टी ने बदला सीमांचल का समीकरण! 11 सीटों पर NDA आगे

breaking Politics

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, ग्वालियर में प्रेस वार्ता

breaking Politics

अमित और ऋचा जोगी का नामांकन खारिज होने पर बोले मंतूराम पवार- ‘जैसी करनी वैसी भरनी’

breaking Politics

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री, भूपेश बघेल बिहार चुनाव के स्टार प्रचारक बिहार में कांग्रेस 70 सीटों में चुनाव लड़ रही है

सियासत- हाथरस सामूहिक दुष्कर्म
breaking National Politics

सियासत- हाथरस सामूहिक दुष्कर्म

breaking Politics

हाथरस गैंगरेप के घटना पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने क्या कहा, पढ़िए पूरी खबर

breaking Politics

पत्रकारों के साथ मारपीट की घटना के बाद, पीसीसी चीफ ने जांच समिति का किया गठन