कहानी : विद्या गुप्ता

7 months ago
446

▪️
सज़ा एक सदी की…
– विद्या गुप्ता
[ छत्तीसगढ़-दुर्ग ]

एक कहानी सुनिए -एक नानी थी, उसकी एक बेटी और उसकी एक बेटी थी. यानी सत्यवती की बेटी मैनावती और मैनावती की बेटी रानी.यानि एक पूरी सदी. ‘औरत’ की एक सदी की यात्रा………. नानी की ज़िन्दगी को बचपन से ही ग्रहण लग गया था. पूरी ज़िन्दगी जंग लगे लोहे सी सुरसुराती अंततः जहाँ की तहां बिखर कर भूमिसात हो गयी.अस्सी साल की पहाड़ सी इंसानी जिंदगी तिल तिल कटते पूरी हुई……!!

एक साठ साल के पुरुष की मृत्यु हुई, उसी दिन मात्र पन्द्रह वर्ष की अर्ध यौवना भी मृत घोषित कर दी गयी…… अब उसे इच्छाओं के साथ जीने का हक नहीं था. अब वह केवल दूसरों की दया पर, याचनाओं और समझौतों के साथ ही जी सकती थी. …..’नानी की जिंदगी ‘..एक सामान्य घटना का असामान्य परिणाम बनकर पथरा गई. कोरे कागज सी हो गई थी. जिसकी सफेदी बचाना भी उसकी शक्ति और अधिकार से बाहर था. और न्याय के लिए आवाज उठाना, इन निरीह पंखों के लिए असम्भव था……..

‘बाल विधवा’ हो जाना उस युग की उतनी ही सामान्य बात थी, जितनी एक अधेड़ से अधिक उम्र के आदमी की मौत. अलबत्ता अधेड़ की मृत्यु के अफ़सोस का पक्ष बाल विधवा की तुलना में अधिक भारी था.
-जैसे- ‘सेठ सुखलाल जी मर गये,
-अरे कैसे ?…. कल ही तो मिले थे, बड़े भले आदमी थे …… अच्छा पैसा कमाया था ….. कंजूस थे, पर बेटों के लिए खूब धन छोड़ गये. बहुत जीवट मजबूत आदमी थे तीन- तीन ब्याह किये,आठ दस बच्चों का भरा पूरा परिवार ……..वो तो सिर में चोट लगने से मरे, नहीं तो तीसरी के भी बाल बच्चे होते ही.बेचारे सेठ सुखलाल जी ……जिंदगी भर कमाया ,मगर जब सुख भोगने का समय आया तो चले गये…..

किन्तु, इस सारे स्यापे में सत्यवती के वैधव्य या उसकी शेष बची ज़िन्दगी अब कैसे कटेगी ? इसका कहीं कोई अफ़सोस या चर्चा नही थी.जैसे सत्यवती का वैधव्य एक क्रिया की प्रतिक्रिया भर था . बस अब आगे कहने को इतना ही है कि, उसकी उम्र से बड़े, सौतेले बच्चों द्वारा निर्वासित कर दी गई सत्यवती को अंतत: उन भाइयों के साथ ही सारी जिंदगी जीना पड़ी ,जिनके पास सुबह शाम की रोटी ही सबसे बड़ा सवाल थी. चार कौर रोटी और छत के लिए पूरी जिंदगी को रहन रखना पड़ी……सूरज के उगने से ढलने तक ,सिर्फ काम ही काम…!!और ऐसे ही खटते घिसटते जीवन की शाम हो गई .
हां एक छोटी सी घटना का जिक्र और जरूरी है कि, सत्यवती के साथ एक करीबी रिश्तेदार ने उसकी निरीहता का फायदा उठाकर जबरदस्ती की और नाम उजागर करने पर जान से मार देने की धमकी…..एक डरी हुई औरत, अर्धविक्षिप्त सी हो गई,….. क्योंकि वह चीख भी नहीं पाई…..!! ऊँगली नहीं उठा पाई उसकी ओर …..!!क्योंकि उस आदमी का गिरेबान उसकी उगंलियों की पहुंच से बाहर था. और ऐसे हुआ सदी की दूसरी औरत का जन्म हुआ|

दूसरी औरत यानि सत्यवती की बेटी मैनावती……!! एक अर्धविक्षिप्त, कुलटा और अभागन माँ की बेटी के भाग्य को किस गज से नापे !! उसके भाग्य की थाली में इतना बड़ा छेद था कि, उसमें से आंसुओं के अलावा सब चू जाता था. उसके पैदा होने पर घर में थाल बजाने की परम्परा चू गई ,क्योंकि कुकर्म का फल थी…..तुतलाते बचपन पर न्योछावर होने वाली ऑंखें चू गई …… डिठौना लगाती और बलाएं लेती नजरें चू गई ….डगमगाते पैरों ने चलना सीखा, मगर आंगन ने देखा तक नहीं ….किशोर होती उम्र को देहरी ने टोका नहीं ……और जवानी की खुशबु महसूस हो उसके पहले ही नफरत और घृणा से भरे एक अहसास निट्ठले बौने गोपाल को जिंदगी भर के लिए उसके तन मन और आत्मा के साथ बांध दिया गया.जवान होती मैनावती ऐसा कमल थी जिसके साथ उपर तक कीचड़ लिपटा हुआ था.

मैना जवानी की खिलन को कुछ समझे उससे पहले ही गोपाल जैसे सर्द कोहरे ने उसे आपादमस्तक ढांक दिया. मैना का ब्याह….!! कैसे होगा ?कौन करेगा इससे ब्याह, जिसके बाप का ही पता न हो.माँ विधवा उपर से कुल्टा……हर प्रश्नों का हल लेकर गोपाल मिला. कद और बुद्धि से बौना गोपाल किसी भी प्रश्न के जवाब में फिस्स से हँस देना या अपने बड़े से सिर को हिला कर झुका लेना ,बस इतनी ही भाषा जानता था. उसकी सबसे बड़ी विशेषता थी कि, वह सजातीय वर था. मैना कुछ कह नहीं सकती थी. जन्म के साथ सिर पर महापाप का काला टीका जो लगा था,….. क्योंकि उसके अवांछित बाप ने उसे अपना नाम नहीं दिया ….क्योंकि बलात शिकार हुई उसकी मां, उस रात चीख कर, उस आदमी को सरे बाजार उजागर ना कर सकी, इसलिए ये सज़ा तो उसे कर्म फलके रूप में भोगनी ही थी .दस दरवाजों पर सिर झुकाकर खींसे निपोरता सजातीय गोपाल सबको उसकी सज़ा का सहीं मापदंड लगा. किसीने गोपाल से पूछा- ‘ब्याह करेगा रे’,गोपाल ने खीसें निपोरते हुए सिर हिलाकर, झुका लिया,
कहा- हां, बस उसी दिन से, उस घर के कानून ने मैनावती की सश्रम उम्रकैद की सज़ा जारी कर दी.
गोपाल पानी ला …..गोपाल न्हानी खोली में गर्म पानी रख …गोपाल गाय भेंस का दूध दुह ले…..गोपाल उपर से सूखे कपड़े उतर ला …गोपाल कोठार साफ क्यों नहीं किया ….जैसे पचासों काम गोपाल को ख़ुशी देते थे, मगर, मैनावती हर बार जी कर मरती थी….हर आवाज ,एक बेआवाज खरोंच को दागती थी. कई बार उसने रेगिस्तान को सींचने की कोशिश की ……कई बार गोपाल को अपने वजूद के लिए जिन्दा करने की कोशिश की…मगर हर बार नतीजा सिफर. गोपाल मैना की बहुत अधिक रोक टोक से बचता, हमेशा उससे दूर भागता. दिनभर सबको खुश करने का बीड़ा उठाए , कभी मैना के पास भी नहीं फटकता और रात सबके पैर हाथ दबाता मालिश करता ,वहीं बाहर ओसारे में नीम बेहोश सा सो जाता.

दुःख ,अपमान, उपेक्षा और कुंठा के घने अँधेरे में डूबी मैना, गोपाल को लेकर कभी कभी विक्षिप्त सी, अजीब हरकतों पर उतर आती थी. एक दिन आधी रात को शोर उठा,….क्या हुआ …क्या हुआ ?
शोर ….खुसफुसाहट में बदला,…अरे वही….. जैसी कुलच्छनी माँ, वैसी ही बेटी….बिल्कुल अपनी माँ पर गई हें फुसफुसाते इशारों ने शोर को समझा, उपेक्षा से देखा और मैना के चरित्र पर पिच्च से थूंका……बेहया कही की…..!! मैना की उसी बेहयाई की परिणति रानी के जन्म के रूप में हुई, जो सुलगती, धुंधआती अर्धशती की कथा में एक पृष्ठ और जोड़ गई.

तोड़ने, और ठोकर मारने के लिए फिर एक औरत का जन्म हो गया. बेजुबान सत्यवती की जिंदगी चुप के अंधेरो में चुप हो गई. मैना मरी नहीं, जिन्दा लाश सी खुद को ढोती, कभी अपने पक्ष में बगावत नहीं कर सकी. रानी के जन्म के बाद, मैना ने शायद ही गोपाल का मुख देखा हो. अपने हिस्से का जहर तो उसने नसीब मान कर पी लिया, मगर बेटी के सामने फिर एक बार भाग्यहीनता विष पात्र भर कर ले आये, यह मैना को किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं था.अपने वजूद से निर्वासित सत्यवती और उसकी बेटी को अपने घर में आश्रय देने के दम्भ में भाइयों ने रोटी के चंद कौरों के एवज में उनकी ज़िदगी खरीद ली.मगर अब नहीं ……!!

धुंधआते उपले ने लकड़ी को जलना सिखाया…. अंगारों को तड़कना और शोला बनना सिखाया….. सदी के शर्तनामे में नई शर्ते लिखना चाही ….गर्भ की ठंडी शिला की तह में आक्रोश के अंगारों ने रानी को ‘निर्णय’ बनाकर ही पैदा किया ….चार साल की रानी ,’मैं भी स्कूल जाउंगी’ ज़िद्द और गुस्से में आटे के कनस्तर में पानी डाल दी,
अरे अरे…..!!मरी नासपीटी…तेरा सत्यानाश हो.रानी पिट कर भी विजयी होती रही, उसके बाद तो पिटाई कुटाई ने रानी को और मजबूत बना दिया … नई स्लेट किताब के लिए,बाल्टी कुंए में फेंक कर हंगामा किया …किसी की दाल में नमक घोल कर अपने आक्रोश को जाहिर किया, तो किसी के नये कपड़े को गोबर में फेंक कर अपने वजूद की गवाही देती, अपने ‘होने’ को स्थापित करती रही. रानी को मार खाकर भी बड़ा संतोष मिलता था. मगर अपने कारनामों का सारा भार माँ पर उलटते देख, एक दिन चौदह बरस की रानी, माँ के लिए गालियों का जखीरा खड़ा कर,पड़ोसी के बेटे को अगवा कर घर से भाग गई.
कहाँ गई ?, कैसे ?क्यों? बहुत सी बौखलहटों ने जमीन खोद डाली ….गालियों से आकाश छलनी कर डाला मगर रानी को नहीं मिलना था, वह नहीं मिली.

पूरे सात साल बाद एक दिन आंधी की तरह रानी लौटी तो,….! सारा घर जडवत देखता रह गया …..मांग में सिंदूर ,हाथ भर चूड़ियाँ ….आँखों में गणित के खतरनाक हल ……जोड़ बाकि गुणा भाग की तीरंदाजी करती ऑंखें ……..
-कौन ?…अरे रानी तू ,अरे कुलच्छनी कहाँ थी अब तक, और तेरी हिम्मत कैसे हुई घर में घुसने की,…. खटिया पे पड़ी डोकरी चीखी !
-यह क्या !! ब्याह कर लिया तूने ?…नाक कटवा दी हमारी ….सहन की देहरी ने कुछ भाले उछाले ….हमारा मुंह काला कर दिया ….कुछ मर्दानी दीवारे गरजी, जैसी नानी कुलच्छनी थी ,वैसी ही माँ और वैसी ही ये कलमुही भी ,कडवी बेल में मीठे फल थोड़े ही लगेंगे…!!

-बस….चुप.. !! ……अधूरे स्यापे पर विराम लगाते हुए रानी ने तरकश सम्हालते कहा – क्या किया मैंने ? ब्याह ही तो किया है ना !!, इसमें किसी का मुंह काला कैसे हो गया.
-अरे कौन जातपात का है !! जानती भी है
-हां जानती हूँ, आदमी जात है उसकी, ऐसा जानवर नहीं की, पत्नी को जानवरों सा पीटे और घर से निकाल दे. रानी ने सदी के पूर्वार्ध पर वार किया. माहौल में बारूद की चिंगारियां छूट रही थी….. जो पिछले बीस बरस से रानी के अचेतन में लगातार दहक रही थी.
तभी किसी ने तीखे स्वर में भर्त्सना की- ,’अरी कोई जात समाज का नहीं मिला तुझे, ‘,अपने से छोटी उमर के लड़के से ब्याहकर लिया …..करमजली !!
-रानी ने ऑंखें फैला कर उस कोने की ओर देखा – हां गलती हो गई, अपनी उमर से चालिस साल बड़े आदमी से ब्याहना था मुझे, है ना !! और मेरे सजातीय पिता जैसे एक गोपाल से ब्याह करना चाहिये था, ताकि सजातीयता की भट्टी में एक आहुती और पड़ जाती. सात साल संघर्ष के काँटों पर चलती रानी अब मजबूत पेड़ की तरह अपनी जड़ों के साथ खड़ी थी.

एक अभिशप्त सदी सी खम्बे के पीछे खड़ी मैनावती अवाक् सी, एक स्त्री के अदम्य साहस को विस्फारित आँखों से देख रही थी. दुःख और सुख के मिले जुले बादलों में डूबती उतरती, बेटी के निर्णायक स्वरों को कानों में सहेजती जा रही थी. उसकी देह से आत्मा तक गोपाल को नकारती चेतना हलचल मचाने लगी. उपेक्षा और अपमान के कीचड़ में आकंठ डूबी अपनी पीड़ा के आवेग को आंचल मुंह में ठूंस कर रोक रही थी.अपनी निर्दोषिता पर बेटी की थपक पड़ते ही ऑंखें बहने लगी. बेटी को सामने पा पूरी सदी की पीड़ा उसके रोम रोम में करवट लेने लगी…….कुछ कहने के लिए शब्द खोजने लगी,…मगर चुप रहने की आदत या कुछ बोल पाने की अनाधिकृता बस हुलस कर रह गई…..उसके कानों में, माँ सत्यवती के फुसफुसाते स्वर स्पष्ट आवाज में गूंजने लगे – … उसका जी चाहा चीख चीख कर ,अपनी माँ सत्यवती की फुसफुसाहट को सरे बाजार कर दे जिसे, एक बार माँ ने बहुत धीरे से फुसफुसाकर कर बताया था-
‘ मैना मैं उस आदमी को पहचान गई थी री,जिसने मेरे साथ कुकर्म किया था, मगर कैसे बताती !! कौन मेरी बात पर विश्वास करता की,वह दुष्ट बड़े पिताजी का बेटा सोहन था.वह मार मारकर जान ही ले लेता.’
सहसा वही रहस्य आज मैनावती के होंठों की बंदिशों को फाड़कर बाहर निकला ..वह चीख कर बोली- माँ कुलटा नहीं थी…वह राक्षस बड़े पिताजी का बेटा सोहन था, जिसने माँ के साथ कुकर्म किया था.
क्या????,सारी दिशाएं एक साथ चीखी …….
समय ने ढेर सारी कालिख सोहन के चेहरे पर मल दी,खूब छी:छी:..थूंथू हुई मगर बूढी हो चुकी सदी की आँखों में ढेर सारे सवाल थे – यह कैसी सज़ा ??

तभी मैना के गोबर सने हाथों को हाथों से सहेजते हुए रानी की आवाज उसे बिलकुल समीप सुनाई दी -चलो माँ !!
कहाँ !!!!
जहाँ तुम्हारी आत्मा ,इन सड़ी गली परम्पराओं की बेड़ियों से मुक्ति पा सकें ,……..जहाँ तुम गोपाल जैसे लिजलिजे अहसास का विरोध कर सको ……जहाँ तुम अस्मत पर हाथ डालने वाले का मुंह नोच सको …..!!

मैना को लगा उसका अंग प्रत्यंग पिघल कर गिर रहा है ….उसकी जगह नये अंग उग रहे है ….ठंडी हवा के झोंके उसे छू कर,उसके जिन्दा होने की गवाही दे रहे थे…….वह कभी बाहर की दुनिया देख पाएगी ये उसकी कल्पना से बाहर की बात थी.

अपने बैग से रंगीन किनारी की साड़ी निकाल ,माँ की देह पर लपेटती रानी ने एक बार सबको तीखी नजर देखा और बाहर दरवाजे की ओर मुड़ गई. किसीमें हिम्मत नहीं थी की पूछे वह कहाँ जा रही है या ‘रांड पिछले सात साल कहाँ रही, मगर रानी को लग रहा था आज …..आकाश कुछ नीचे झुक आया ,दिशाएँ मुस्कुरा रही थी.ताजी,खुली हवा ने रानी का स्वागत करते हुए तालियाँ बजाई..!!
….अभी अभी एक औरत एक सदी की सज़ा से मुक्त हुई.

[ • विद्या गुप्ता प्रगतिशील विचारधारा की सुपरीचित लेखिका व कवयित्री हैं. • हाल ही में विद्या जी की कथा संग्रह ‘मैं हस्ताक्षर हूँ’ प्रकाशित हुई है और बेहद लोकप्रिय संग्रह है. • ‘मैं हस्ताक्षर हूँ’ कथा संग्रह से एक कहानी ‘सज़ा एक सदी की…’ ‘छत्तीसगढ़ आसपास’ के पाठकों के लिए इस अंक में प्रकाशित कर रहे हैं. – संपादक ]

• लेखिका संपर्क-
• 96170 01222

🟥🟥🟥

विज्ञापन (Advertisement)

ब्रेकिंग न्यूज़

छत्तीसगढ़ की महिलाओं के लिए खुशखबरी! जल्द शुरू होगी महतारी वंदन योजना के नए आवेदन की प्रक्रिया
breaking Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ की महिलाओं के लिए खुशखबरी! जल्द शुरू होगी महतारी वंदन योजना के नए आवेदन की प्रक्रिया

Amazon CEO पीएम मोदी से मिले, भारत में 4.1 लाख करोड़ निवेश करने का ऐलान किया
breaking National

Amazon CEO पीएम मोदी से मिले, भारत में 4.1 लाख करोड़ निवेश करने का ऐलान किया

IPS बद्रीनारायण मीणा बनाए गए बस्तर रेंज के आईजी, आदेश जारी
breaking Chhattisgarh

IPS बद्रीनारायण मीणा बनाए गए बस्तर रेंज के आईजी, आदेश जारी

छत्तीसगढ़ में 25 तक पहाड़े रटवाने, बारहखड़ी कंठस्थ करने और हिंदी अंग्रेजी की धारावाहिक रीडिंग के लिए चलेगा विशेष अभियान
breaking Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ में 25 तक पहाड़े रटवाने, बारहखड़ी कंठस्थ करने और हिंदी अंग्रेजी की धारावाहिक रीडिंग के लिए चलेगा विशेष अभियान

छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए खुशखबरी: CM साय ने दिल्ली में जेपी नड्डा से की मुलाकात, प्रदेश के विकास को मिलेगी नई रफ्तार
breaking Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए खुशखबरी: CM साय ने दिल्ली में जेपी नड्डा से की मुलाकात, प्रदेश के विकास को मिलेगी नई रफ्तार

छत्तीसगढ़ में कुत्तों की नसबंदी अभियान पर गंभीर सवाल, ऑपरेशन के बाद मौतें और अनियमितताओं के आरोप
breaking Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ में कुत्तों की नसबंदी अभियान पर गंभीर सवाल, ऑपरेशन के बाद मौतें और अनियमितताओं के आरोप

वन मंत्री केदार कश्यप की पहल, उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में शुरू होगी ‘हॉर्नबिल सफारी’
breaking Chhattisgarh

वन मंत्री केदार कश्यप की पहल, उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में शुरू होगी ‘हॉर्नबिल सफारी’

एक जुलाई से लागू होगी VB-G RAM G योजना, ग्रामीण क्षेत्रों में उत्साह, ग्राम सभाओं में दे रहे योजना की जानकारी
breaking Chhattisgarh

एक जुलाई से लागू होगी VB-G RAM G योजना, ग्रामीण क्षेत्रों में उत्साह, ग्राम सभाओं में दे रहे योजना की जानकारी

दुर्ग में भीम का मैंगो आईस कैंडी पर प्रतिबंध, असुरक्षित पाए जाने के बाद खाद्य विभाग की कार्रवाई
breaking Chhattisgarh

दुर्ग में भीम का मैंगो आईस कैंडी पर प्रतिबंध, असुरक्षित पाए जाने के बाद खाद्य विभाग की कार्रवाई

छत्तीसगढ़ में अल-नीनो संकट, 49 लाख हेक्टेयर मे होनी है बुआई अब तक महज दो प्रतिशत
breaking Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ में अल-नीनो संकट, 49 लाख हेक्टेयर मे होनी है बुआई अब तक महज दो प्रतिशत

छत्तीसगढ़ में हीरे की पुष्टि, महासमुंद में मिले 5 हीरे, मुख्यमंत्री साय ने खुशी जताते हुए कह दी यह बड़ी बात
breaking Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ में हीरे की पुष्टि, महासमुंद में मिले 5 हीरे, मुख्यमंत्री साय ने खुशी जताते हुए कह दी यह बड़ी बात

साय कैबिनेट की बैठक संपन्न, ग्रामीणों को 125 दिन रोजगार की गारंटी, ‘अटल आजीविका समृद्धि हाट’ और CBG नीति को मंजूरी, पढ़िए सभी फैसले
breaking Chhattisgarh

साय कैबिनेट की बैठक संपन्न, ग्रामीणों को 125 दिन रोजगार की गारंटी, ‘अटल आजीविका समृद्धि हाट’ और CBG नीति को मंजूरी, पढ़िए सभी फैसले

डिजिटल गवर्नेंस की दिशा में 1076 सीएम हेल्पलाइन साबित हो रहा बड़ा कदम
breaking Chhattisgarh

डिजिटल गवर्नेंस की दिशा में 1076 सीएम हेल्पलाइन साबित हो रहा बड़ा कदम

सहारा निवेशकों को रिफंड पोर्टल के माध्यम से मिलेगी राशि : छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट
breaking Chhattisgarh

सहारा निवेशकों को रिफंड पोर्टल के माध्यम से मिलेगी राशि : छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट

छत्तीसगढ़ में 8 मर्डर का खुलासा, मजाक और छोटी-छोटी शिकायतों से नाराज होकर बना साइको किलर
breaking Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ में 8 मर्डर का खुलासा, मजाक और छोटी-छोटी शिकायतों से नाराज होकर बना साइको किलर

PM मोदी ने देश को समर्पित किए तीन स्वदेशी युद्धपोत, अरब सागर से बंगाल की खाड़ी तक और मजबूत हुई भारत की समुद्री सुरक्षा
breaking National

PM मोदी ने देश को समर्पित किए तीन स्वदेशी युद्धपोत, अरब सागर से बंगाल की खाड़ी तक और मजबूत हुई भारत की समुद्री सुरक्षा

छत्तीसगढ़ में मानसून की एंट्री, दंतेवाड़ा से प्रदेश में पहुंचा बारिश का मौसम, रायपुर में हो रही झमाझम बारिश
breaking Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ में मानसून की एंट्री, दंतेवाड़ा से प्रदेश में पहुंचा बारिश का मौसम, रायपुर में हो रही झमाझम बारिश

छत्तीसगढ़ में अब OTP से नहीं मिलेगा राशन, सिर्फ बायोमेट्रिक से मिलेगा राशन, नियम तोड़ने पर होगी FIR
breaking Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ में अब OTP से नहीं मिलेगा राशन, सिर्फ बायोमेट्रिक से मिलेगा राशन, नियम तोड़ने पर होगी FIR

चेन्नई में फंसी छत्तीसगढ़ की तीन युवतियां : ‘हमें घर वापस लाओ’… युवतियों ने विधायक को फोन कर मदद की लगाई गुहार
breaking Chhattisgarh

चेन्नई में फंसी छत्तीसगढ़ की तीन युवतियां : ‘हमें घर वापस लाओ’… युवतियों ने विधायक को फोन कर मदद की लगाई गुहार

मीना बाजार परमिशन विवाद: वायरल ऑडियो से गरमाई अंबिकापुर की राजनीति, मेयर मंजूषा भगत पहुंचीं थाने; कांग्रेस ने SIT जांच की रखी मांग
breaking Chhattisgarh

मीना बाजार परमिशन विवाद: वायरल ऑडियो से गरमाई अंबिकापुर की राजनीति, मेयर मंजूषा भगत पहुंचीं थाने; कांग्रेस ने SIT जांच की रखी मांग

कविता

साहित्यिक ‘आरंभ’ : सुरभि ताम्रकार ‘शावि’
poetry

साहित्यिक ‘आरंभ’ : सुरभि ताम्रकार ‘शावि’

विश्व पर्यावरण दिवस पर विशेष दोहावली : ठाकुर दशरथ सिंह भुवाल सोनपांडर
poetry

विश्व पर्यावरण दिवस पर विशेष दोहावली : ठाकुर दशरथ सिंह भुवाल सोनपांडर

गीत – डॉ. दीक्षा चौबे
poetry

गीत – डॉ. दीक्षा चौबे

इस माह की नवाकुंर कवयित्री – सुरभि ताम्रकार ‘शावि’
poetry

इस माह की नवाकुंर कवयित्री – सुरभि ताम्रकार ‘शावि’

इस माह के बाल साहित्यकार : कमलेश चंद्राकर
poetry

इस माह के बाल साहित्यकार : कमलेश चंद्राकर

साहित्यनामा – अमृता मिश्रा
poetry

साहित्यनामा – अमृता मिश्रा

इस माह के ग़ज़लकार : शुभेंदु बागची ‘मुन्तज़िर’
poetry

इस माह के ग़ज़लकार : शुभेंदु बागची ‘मुन्तज़िर’

कवि और कविता : हरिप्रकाश गुप्ता ‘सरल’
poetry

कवि और कविता : हरिप्रकाश गुप्ता ‘सरल’

इस माह के कवि : प्रकाशचंद्र मण्डल
poetry

इस माह के कवि : प्रकाशचंद्र मण्डल

कवि और कविता : दशरथ सिंह भुवाल सोनपांडर
poetry

कवि और कविता : दशरथ सिंह भुवाल सोनपांडर

कवि और कविता : पल्लव चटर्जी
poetry

कवि और कविता : पल्लव चटर्जी

कवि और कविता : कमलेश चंद्राकर
poetry

कवि और कविता : कमलेश चंद्राकर

कवि और कविता : पल्लव चटर्जी
poetry

कवि और कविता : पल्लव चटर्जी

कविता श्रृंखला आरंभ : डॉ. शिरोमणि माथुर
poetry

कविता श्रृंखला आरंभ : डॉ. शिरोमणि माथुर

कविता श्रृंखला ‘आरंभ’ में : दीप्ति श्रीवास्तव
poetry

कविता श्रृंखला ‘आरंभ’ में : दीप्ति श्रीवास्तव

कृति आरंभ : कविता आसपास- दीप्ति श्रीवास्तव
poetry

कृति आरंभ : कविता आसपास- दीप्ति श्रीवास्तव

स्तम्भ ‘आरंभ’ : इस माह की कवयित्री- दीप्ति श्रीवास्तव
poetry

स्तम्भ ‘आरंभ’ : इस माह की कवयित्री- दीप्ति श्रीवास्तव

कविता आसपास स्तम्भ ‘आरंभ’ – संजय एम तरानेकर
poetry

कविता आसपास स्तम्भ ‘आरंभ’ – संजय एम तरानेकर

रचना और रचनाकार- पल्लव चटर्जी
poetry

रचना और रचनाकार- पल्लव चटर्जी

होली विशेष [दो फागुनी रचना यें] – तारकनाथ चौधुरी
poetry

होली विशेष [दो फागुनी रचना यें] – तारकनाथ चौधुरी

कहानी

लेख : कैलाश जैन बरमेचा
story

लेख : कैलाश जैन बरमेचा

कहानी : दीप्ति श्रीवास्तव
story

कहानी : दीप्ति श्रीवास्तव

लघु कथा : डॉ. प्रेमकुमार पाण्डेय
story

लघु कथा : डॉ. प्रेमकुमार पाण्डेय

लघुकथा : सरस सलिला – दीप्ति श्रीवास्तव
story

लघुकथा : सरस सलिला – दीप्ति श्रीवास्तव

आलेख : ‘बहकता बचपन’ – साजिद अली ‘सतरंगी’
story

आलेख : ‘बहकता बचपन’ – साजिद अली ‘सतरंगी’

स्वर्ग का न्याय : महेश की आत्मकथा – लेखक शायर नावेद रज़ा दुर्गवी
story

स्वर्ग का न्याय : महेश की आत्मकथा – लेखक शायर नावेद रज़ा दुर्गवी

कहानी : ‘पीहू’ – डॉ. दीक्षा चौबे
story

कहानी : ‘पीहू’ – डॉ. दीक्षा चौबे

संदेशप्रद लघु कथा : ‘पुकार’ – कैलाश बरमेचा जैन
story

संदेशप्रद लघु कथा : ‘पुकार’ – कैलाश बरमेचा जैन

लेखिका विद्या गुप्ता की कृति ‘मैं हस्ताक्षर हूँ’ की समीक्षा लेखक कवि विजय वर्तमान के शब्दों में – ‘मैं हस्ताक्षर हूँ’ यह विद्या गुप्ता की सच्ची, निर्भीक और सर्व स्वीकार्य घोषणा है
story

लेखिका विद्या गुप्ता की कृति ‘मैं हस्ताक्षर हूँ’ की समीक्षा लेखक कवि विजय वर्तमान के शब्दों में – ‘मैं हस्ताक्षर हूँ’ यह विद्या गुप्ता की सच्ची, निर्भीक और सर्व स्वीकार्य घोषणा है

मास्टर स्ट्रोक [व्यंग्य] : राजशेखर चौबे
story

मास्टर स्ट्रोक [व्यंग्य] : राजशेखर चौबे

लघु कथा : डॉ. सोनाली चक्रवर्ती
story

लघु कथा : डॉ. सोनाली चक्रवर्ती

सत्य घटना पर आधारित कहानी : ‘सब्जी वाली मंजू’ :  ब्रजेश मल्लिक
story

सत्य घटना पर आधारित कहानी : ‘सब्जी वाली मंजू’ : ब्रजेश मल्लिक

लघुकथा : डॉ. सोनाली चक्रवर्ती
story

लघुकथा : डॉ. सोनाली चक्रवर्ती

कहिनी : मया के बंधना – डॉ. दीक्षा चौबे
story

कहिनी : मया के बंधना – डॉ. दीक्षा चौबे

🤣 होली विशेष :प्रो.अश्विनी केशरवानी
story

🤣 होली विशेष :प्रो.अश्विनी केशरवानी

चर्चित उपन्यासत्रयी उर्मिला शुक्ल ने रचा इतिहास…
story

चर्चित उपन्यासत्रयी उर्मिला शुक्ल ने रचा इतिहास…

story

रचना आसपास : उर्मिला शुक्ल

story

रचना आसपास : दीप्ति श्रीवास्तव

story

कहानी : संतोष झांझी

story

कहानी : ‘ पानी के लिए ‘ – उर्मिला शुक्ल

लेख

विशेष : भाईदूज, भाई-बहन के परस्पर प्रेम और दायित्व का त्योहार : भाईदूज और रक्षा बंधन की सनातनी मान्यताएं – श्रीमती संजीव ठाकुर
Article

विशेष : भाईदूज, भाई-बहन के परस्पर प्रेम और दायित्व का त्योहार : भाईदूज और रक्षा बंधन की सनातनी मान्यताएं – श्रीमती संजीव ठाकुर

Article

तीन लघुकथा : रश्मि अमितेष पुरोहित

व्यंग्य : देश की बदनामी चालू आहे ❗ – राजेंद्र शर्मा
Article

व्यंग्य : देश की बदनामी चालू आहे ❗ – राजेंद्र शर्मा

Article

लघुकथा : डॉ. प्रेमकुमार पाण्डेय [केंद्रीय विद्यालय वेंकटगिरि, आंध्रप्रदेश]

जोशीमठ की त्रासदी : राजेंद्र शर्मा
Article

जोशीमठ की त्रासदी : राजेंद्र शर्मा

18 दिसंबर को जयंती के अवसर पर गुरू घासीदास और सतनाम परम्परा
Article

18 दिसंबर को जयंती के अवसर पर गुरू घासीदास और सतनाम परम्परा

जयंती : सतनाम पंथ के संस्थापक संत शिरोमणि बाबा गुरु घासीदास जी
Article

जयंती : सतनाम पंथ के संस्थापक संत शिरोमणि बाबा गुरु घासीदास जी

व्यंग्य : नो हार, ओन्ली जीत ❗ – राजेंद्र शर्मा
Article

व्यंग्य : नो हार, ओन्ली जीत ❗ – राजेंद्र शर्मा

🟥 अब तेरा क्या होगा रे बुलडोजर ❗ – व्यंग्य : राजेंद्र शर्मा.
Article

🟥 अब तेरा क्या होगा रे बुलडोजर ❗ – व्यंग्य : राजेंद्र शर्मा.

🟥 प्ररंपरा या कुटेव  ❓ – व्यंग्य : राजेंद्र शर्मा
Article

🟥 प्ररंपरा या कुटेव ❓ – व्यंग्य : राजेंद्र शर्मा

▪️ न्यायपालिका के अपशकुनी के साथी : वैसे ही चलना दूभर था अंधियारे में…इनने और घुमाव ला दिया गलियारे में – आलेख बादल सरोज.
Article

▪️ न्यायपालिका के अपशकुनी के साथी : वैसे ही चलना दूभर था अंधियारे में…इनने और घुमाव ला दिया गलियारे में – आलेख बादल सरोज.

▪️ मशहूर शायर गीतकार साहिर लुधियानवी : ‘ जंग तो ख़ुद ही एक मसअला है, जंग क्या मसअलों का हल देगी ‘ : वो सुबह कभी तो आएगी – गणेश कछवाहा.
Article

▪️ मशहूर शायर गीतकार साहिर लुधियानवी : ‘ जंग तो ख़ुद ही एक मसअला है, जंग क्या मसअलों का हल देगी ‘ : वो सुबह कभी तो आएगी – गणेश कछवाहा.

▪️ व्यंग्य : दीवाली के कूंचे से यूँ लक्ष्मी जी निकलीं ❗ – राजेंद्र शर्मा
Article

▪️ व्यंग्य : दीवाली के कूंचे से यूँ लक्ष्मी जी निकलीं ❗ – राजेंद्र शर्मा

25 सितंबर पितृ मोक्ष अमावस्या के उपलक्ष्य में… पितृ श्राद्ध – श्राद्ध का प्रतीक
Article

25 सितंबर पितृ मोक्ष अमावस्या के उपलक्ष्य में… पितृ श्राद्ध – श्राद्ध का प्रतीक

Article

🟢 आजादी के अमृत महोत्सव पर विशेष : डॉ. अशोक आकाश.

Article

🟣 अमृत महोत्सव पर विशेष : डॉ. बलदाऊ राम साहू [दुर्ग]

Article

🟣 समसामयिक चिंतन : डॉ. अरविंद प्रेमचंद जैन [भोपाल].

⏩ 12 अगस्त-  भोजली पर्व पर विशेष
Article

⏩ 12 अगस्त- भोजली पर्व पर विशेष

Article

■पर्यावरण दिवस पर चिंतन : संजय मिश्रा [ शिवनाथ बचाओ आंदोलन के संयोजक एवं जनसुनवाई फाउंडेशन के छत्तीसगढ़ प्रमुख ]

Article

■पर्यावरण दिवस पर विशेष लघुकथा : महेश राजा.

राजनीति न्यूज़

breaking Politics

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने उदयपुर हत्याकांड को लेकर दिया बड़ा बयान

Politics

■छत्तीसगढ़ :

Politics

भारतीय जनता पार्टी,भिलाई-दुर्ग के वरिष्ठ कार्यकर्ता संजय जे.दानी,लल्लन मिश्रा, सुरेखा खटी,अमरजीत सिंह ‘चहल’,विजय शुक्ला, कुमुद द्विवेदी महेंद्र यादव,सूरज शर्मा,प्रभा साहू,संजय खर्चे,किशोर बहाड़े, प्रदीप बोबडे,पुरषोत्तम चौकसे,राहुल भोसले,रितेश सिंह,रश्मि अगतकर, सोनाली,भारती उइके,प्रीति अग्रवाल,सीमा कन्नौजे,तृप्ति कन्नौजे,महेश सिंह, राकेश शुक्ला, अशोक स्वाईन ओर नागेश्वर राव ‘बाबू’ ने सयुंक्त बयान में भिलाई के विधायक देवेन्द्र यादव से जवाब-तलब किया.

breaking Politics

भिलाई कांड, न्यायाधीश अवकाश पर, जाने कब होगी सुनवाई

धमतरी आसपास
Politics

धमतरी आसपास

Politics

स्मृति शेष- बाबू जी, मोतीलाल वोरा

Politics

छत्तीसगढ़ कांग्रेस में हलचल

breaking Politics

राज्यसभा सांसद सुश्री सरोज पाण्डेय ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से कहा- मर्यादित भाषा में रखें अपनी बात

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल  ने डाॅ. नरेन्द्र देव वर्मा पर केन्द्रित ‘ग्रामोदय’ पत्रिका और ‘बहुमत’ पत्रिका के 101वें अंक का किया विमोचन
Politics

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने डाॅ. नरेन्द्र देव वर्मा पर केन्द्रित ‘ग्रामोदय’ पत्रिका और ‘बहुमत’ पत्रिका के 101वें अंक का किया विमोचन

मरवाही उपचुनाव
Politics

मरवाही उपचुनाव

Politics

प्रमोद सिंह राजपूत कुम्हारी ब्लॉक के अध्यक्ष बने

Politics

ओवैसी की पार्टी ने बदला सीमांचल का समीकरण! 11 सीटों पर NDA आगे

breaking Politics

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, ग्वालियर में प्रेस वार्ता

breaking Politics

अमित और ऋचा जोगी का नामांकन खारिज होने पर बोले मंतूराम पवार- ‘जैसी करनी वैसी भरनी’

breaking Politics

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री, भूपेश बघेल बिहार चुनाव के स्टार प्रचारक बिहार में कांग्रेस 70 सीटों में चुनाव लड़ रही है

सियासत- हाथरस सामूहिक दुष्कर्म
breaking National Politics

सियासत- हाथरस सामूहिक दुष्कर्म

breaking Politics

हाथरस गैंगरेप के घटना पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने क्या कहा, पढ़िए पूरी खबर

breaking Politics

पत्रकारों के साथ मारपीट की घटना के बाद, पीसीसी चीफ ने जांच समिति का किया गठन